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बलियाः 10 ब्लॉकों के 13 सचिवों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी

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बलिया में विभिन्न ग्राम पंचायतों में जांच जारी है। कुछ सचिवों की तरफ से अधिकारियों को जरुरी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसको लेकर डीपीआरओ ने 10 ब्लॉकों के 13 सचिवों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आदेश संबंधित ब्लॉक के एडीओ पंचायत को दिया है।

जानकारी के मुताबिक नगरा ब्लॉक के कोठिया ग्राम पंचायत में शिकायत गांव के रूपेश यादव ने डीएम से की थी। इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित है लेकिन बार-बार निर्देश के बावजूद सचिव की ओर से अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत कोठिया के सचिव अंशुमान सिंह के खिलाफ एफआईआर कराने का आदेश एडीओ पंचायत को दिया है।शाहपुर के सचिव मनोज कुमार गुप्ता के खिलाफ डीपीआरओ ने मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया है। इसी ब्लॉक के ग्राम पंचायत खरहाटार निवासी नागेंद्र सिंह की शिकायत पर जिलाधिकारी की ओर से जांच कमेटी गठित करने का निर्देश दिया गया है। लेकिन अभिलेख के अभाव में कमेटी गठित करने की कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

उरैनी निवासी तुलसी यादव की शिकायत पर उरैनी के सचिव उमेश कुमार यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया है। गड़वार ब्लॉक के ग्राम पंचायत शाहपुर निवासी पवन कुमार चौहान की शिकायत पर जांच समिति गठित की जानी है लेकिन एक माह से अधिक समय बीतने के बावजूद सचिव की ओर से अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया गया।

खरहाटार के सचिव आशुतोष कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया है। सीयर ब्लॉक के ग्राम पंचायत खूंटा निवासी जगरनाथ यादव की शिकायत पर शुरु हुई जांच पूरी नहीं हो पाई। डीपीआरओ ने खूंटा के सचिव प्रशांत कुमार यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। इसी ब्लॉक के ग्राम पंचायत महेंदुआ निवासी कुंदन सिंह की शिकायत पर जिलाधिकारी की ओर से कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।

महेेंदुआ के सचिव अविनाश कुमार गुप्ता, दुबहड़ ब्लॉक के शेर ग्राम पंचायत के सचिव रविशंकर यादव, रसड़ा के ग्राम पंचायत कोप के सचिव वीरेंद्र राम, मनियर ब्लॉक के ग्राम पंचायत भागीपुर के सचिव मनोज कुमार गुप्ता, रेवती ब्लॉक के हड़िहां कला ग्राम पंचायत के सचिव सुरेंद्र राम, मुरली छपरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत सोनबरसा के सचिव उपेंद्र कुमार यादव, बांसडीह ब्लॉक के ग्राम पंचायत पिठाइच सचिव चंदन कुमार गुप्ता व नवानगर ब्लॉक के ग्राम पंचायत हड़सर के सचिव सूर्य प्रकाश यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी हो चुके हैं।

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उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती पेपर लीक के खिलाफ छात्रों ने किया प्रर्दशन

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उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती के लिए 17 और 18 फरवरी को आयोजित परीक्षा लगातार विवादों में बनी हुई है। अभ्यर्थी लगातार आरोप लगा रहे हैं कि भर्ती का पेपर आउट हो गया था, इसलिए इस परीक्षा को दोबारा आयोजित कराया जाए। वहीं, दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर पेपर लीक के कई वीडियो और स्क्रीनशॉट वायरल हैं, लेकिन अभी तक सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया है। सरकार की कार्यप्रणाली से आहत होकर छात्र जगह जगह प्रदर्शन कर रहे हैं।

इसी बीच समाजवादी छात्र सभा बलिया के तत्वाधान में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के पेपर लीक के खिलाफ़ राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। छात्र सभा बलिया के जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की भ्रष्ट सरकार पेपर लीक कर गरीब छात्रों को भर्ती करने से वंचित करना चाहती हैं। यह कही न कही सरकार की विफलता और उसके भ्रष्टाचार का जीता जागता उदाहरण है। पूरे प्रदेश में समाजवादी छात्र सभा आज एकजुट होकर छात्रों के साथ हो रही नाइंसाफी के खिलाफ है एवं उनके आवाज़ को बुलंद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

वही प्रदेश सचिव आजाद आलम और राघवेंद्र गोलू ने कहा कि यह छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है, सरकार को जल्द पेपर निरस्त कर पुनः परीक्षा कराया जाना चाहिए। छात्रों ने मांगे पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

ज्ञापन सौपने में छात्र नेता साजीद कमाल, जिला महासचिव अखिलेश यादव, मन्नू कुमार, मुलायम खान, प्रभात मौर्या, पिंटू मौर्या, अजय शुक्ला, दिग्विजय पासवान,अमित उपाध्याय, मुकेश, दीपक गुप्ता व समाजवादी छात्र सभा के सभी साथी मौजूद रहे।

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बलिया पुलिस के मनमानीपूर्ण रवैए से परेशान होकर भाजपा नेता ने दी आत्मदाह की चेतावनी

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बलिया में पुलिस के मनमानीपूर्ण रवैया से परेशान होकर भाजपा नेता ने आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। इस मामले ने सभी को चौंका कर रख दिया है। साथ ही साथ बलिया पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं।

बताया जा रहा है कि प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को समझाइश देकर जाम समाप्त करवाने का प्रयास करने वाले भाजपा नेता पर ही पुलिस ने फर्जी मुकदमा दर्ज कर लिया। इससे आहत होकर भाजपा नेता ने इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर करने की मांग करते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी है।

जानकारी के मुताबिक, मामला गढ़वार थाना क्षेत्र का है, जहां गड़वार निवासी भाजपा नेता और वरिष्ठ समाजसेवी मनु सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि तीन दिन पूर्व गड़वार कस्बा के एक मैरिज हॉल में शव मिला था। इसको लेकर परिजन और ग्रामीण ने थाना चौराहे पर मुख्य मार्ग को जाम कर दिए था।

इसके बाद गढ़वाल इंस्पेक्टर संजय शुक्ला ने मनु सिंह के साथ ग्रामीणों को समझाया और जाम समाप्त करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने धन्यवाद देने की जगह मनु सिंह पर ही केस दर्ज कर दिया। मनु सिंह के साथ अन्य लोगों पर भी फर्जी मुकदमा दायर किया गया है। इसको लेकर मनु सिंह का कहना है कि गलत मुकदमा लिखा जाने के जुर्म में इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर किया जाए, नहीं तो मैं 5 तारीख को थाना चौराहे पर आत्मदाह करूंगा और इसका जिम्मेदार प्रशासन होगा।

इस घटना के बाद सवाल खड़े हो रहे हैं कि भाजपा के राज में अगर भाजपा कार्यकर्ता का ये हाल है तो आखिर आम जनता का क्या हाल होगा।

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बलिया: किसान आंदोलन में किसान की मौत से आक्रोशित किसानों ने खरौनी बॉर्डर पर किया प्रदर्शन

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दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में एक किसान की मृत्यु होने के बाद देशभर में तनाव पूर्ण माहौल है। किसान अक्रोशित हो गए हैं और जगह- जगह विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में बलिया के खरौनी बॉर्डर में संयुक्त किसान मोर्चा ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में किसानों ने लिखा है कि 21 फरवरी को करौली बॉर्डर पर पुलिस की फायरिंग में एक किसान की मृत्यु हो गई। किसानों ने कहा कि यह सरकार की सोची समझी रणनीति के तहत इस घटना को अंजाम दिया गया है। यह लोकतंत्र की हत्या है। बॉर्डर पर आंदोलन करने वाले किसानों की बात जनता तक न पहुंचे। इसलिए इंटरनेट, ट्विटर अकाउंट, यूट्यूब सब कुछ बंद कर दिया गया है। यह तानाशाही रवैया किसान सहने को तैयार नहीं है।

बता दें कि संयुक्त किसान मोर्चा बलिया के किसानों ने मांग किया है कि खरौनी में शहीद हुए किसान के परिवार को एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए तथा दोषियों को सजा दी जाए। अभिव्यक्ति की आजादी के सभी संसाधनों पर लगे प्रतिबंध हटाया जाए।उन्होंने मांग की कि पुलिसिया किलेबंदी हरियाणा, पंजाब एवं दिल्ली बॉर्डर से हटाया जाए। संयुक्त किसान मोर्चा के साथ विगत आंदोलन में किए गए वादों को पूरा किया जाए।

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