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जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में SP-DM की भी अग्निपरीक्षा होगी?

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बलिया। जिले में जिला पंचायत के अध्यक्ष चुनाव की गहमागहमी अपने जोर पर है। इन्हीं सब के बीच जिले में जिस तरह की राजनीति खबरें आ रही हैं DM-SP के लिए अग्निपरीक्षा की घड़ी है। सपा और भाजपा के नेता-मंत्रियों ने एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप के साथ-साथ एसपी से मुलाकात कर अपना अपना पक्ष भी रख दिया है। बीते 1 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने एसपी से मुलाकात करके सपा नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री अंबिका चौधरी व नारद राय के गिरफ्तारी की मांग की। खबरों की माने तो भारतीय जनता पार्टी के चार विधायक और राज्यसभा सांसद नीरज शेखर एसपी से मिलने पहुंचे लेकिन मिल नहीं पाए। इससे पहले अंबिका चौधरी के भी पुलिस अधीक्षक से मिलने की खबर थी।

क्या है आरोप प्रत्यारोप– जिला पंचायत सदस्य मनीष सिंह ने अंबिका चौधरी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने कई जिला पंचायत सदस्यों को छत्तीसगढ़ ले जा कर बंधक बना दिया है। वार्ड नंबर 10 से जिला पंचायत सदस्य रमेश वर्मा के पिता ने बांसडीह रोड थाने में तहरीर दी कि उनके बेटे को अंबिका चौधरी और आनंद चौधरी ले गए हैं अब उनकी बेटे से बात नहीं हो पा रही है इस घटना के कुछ ही समय बाद रमेश वर्मा ने एक वीडियो जारी करके बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ बाहर घूमने आए हैं और उनके पिताजी से भारतीय जनता पार्टी के लोगों ने दबाव बनवा कर तहरीर दिलवा दी है।

वहीं बीते दिनों टीवी डिबेट में सपा नेता नारद राय और भाजपा विधायक एवं मंत्री उपेंद्र तिवारी के बीच काफी तनातनी देखी गई। जिले में भाजपा के नेताओं ने सपा और ख़ासकर अम्बिका चौधरी व नारद राय पर जिला पंचायत सदस्यों को अगवा कर लेने तक के आरोप लगाए हैं। अब सवाल यह है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में भाजपा के मंत्री-विधायक अपने ही प्रत्याशियों के अगवा होने की शिकायत कर रहे हैं।

लगातार जिला प्रशासन से मिल रहे हैं। नेताओं के जिला प्रशासन से इस तरह से मिलने को लेकर तमाम अटकलें लगाई जा रही हैं। फिलहाल प्रशासन पर निष्पक्ष चुनाव कराने का दबाव है लेकिन निष्पक्षता कितनी है इसको बताने के लिए जनप्रतिनिधियों के आरोप प्रत्यारोप पर्याप्त है। बाकी जिला प्रशासन के लिए इतनी गहमागहमी के बीच शांतिपूर्ण चुनाव करा लेना बड़ी जिम्मेदारी साबित होने वाली है।

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फेफना के कोल्डस्टोरेज में सरकारी उपकरण मिलने पर पूर्व विधायक ने उठाए सवाल, कही ये बात

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बलिया। फेफना विधानसभा के कनैला गांव स्थित एक कोल्डस्टोरेज में दिव्यांगजनों को दिये जाने वाला उपकरण भारी मात्रा में पकड़े जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कहा जा रहा है कि ये कोल्डस्टोरेज बीजेपी नेता का है। जिसके बाद से राजनैतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। तमाम विपक्षी पार्टियों ने भाजपा पर सवाल भी उठाए हैं।

इसी बीच मामले को लेकर पूर्व विधायक व सपा नेता संग्राम सिंह का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि “चुनाव प्रभावित करने के लिए ट्राई साइकिल रखी गई थी। उन्होंने अधिकारियों पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मामले में अधिकारी भी मिले हैं, निष्पक्ष चुनाव के लिए अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की जाए।”

संग्राम सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि “आखिर सरकारी सामान को प्राइवेट गोदाम में क्यों रखा गया? मंत्री उपेंद्र तिवारी पर वार करते हुए कहा कि उन्होंने दिव्यांगों को भी नहीं छोड़ा।” मामले पर अभी तक ठोस कार्यवाही न होने से भी सपा नेता नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि मामले कार्रवाई ना होना डीएम की मजबूरी है।

बता दें कि बीते दिन कनैला गांव स्थित एक कोल्डस्टोरेज में दिव्यांगजनों को दिये जाने वाला उपकरण भारी मात्रा में पकड़े गए थे। जिसके बाद जांच टीम ने उपकरणों को सोहांव ब्लॉक पर बीडीओ की निगरानी में सौंप दिया है। निजी स्थान पर उपकरण मिलने पर दिव्यांगजन अधिकारी को नोटिस जारी कर रिपोर्ट तलब की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स में कोल्ड स्टोरेज को भाजपा के बड़े नेता और सरकार में एक मंत्री के करीबी का बताया गया था।

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बलिया- फेफना में कोल्डस्टोरेज से सरकारी उपकरण बरामद, बीजेपी नेता का बताया जा रहा स्टोरेज

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बलिया। फेफना विधानसभा में चुनावी सरगर्मियों के बीच क्षेत्र में दिव्यांगों को दिए जाने वाले उपकरण एक निजी कोल्डस्टोरेज से बरामद किए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ये कोल्डस्टोरेज बीजेपी नेता का है। वहीं सदर एसडीएम के निर्देश पर टीम ने उपकरणों को जब्त कर सोहांव ब्लॉक पर वीडीओ की निगरानी में सौंप दिए हैं। साथ ही दिव्यांगजन अधिकारी को नोटिस जारी कर मामले में रिपोर्ट तलब की गई है। मामले में काफी सवाल उठ रहे हैं। जिनका सवाल जांच के बाद ही मिल सकता है।

बता दें कनैला गांव स्थित एक कोल्डस्टोरेज में दिव्यांगजनों को दिये जाने वाला उपकरण भारी मात्रा में पकड़े जाने का मामला सामने आया है। एसडीएम सदर के निर्देश पर टीम ने उपकरणों को सोहांव ब्लॉक पर बीडीओ की निगरानी में सौंप दिया है। निजी स्थान पर उपकरण मिलने पर दिव्यांगजन अधिकारी को नोटिस जारी कर रिपोर्ट तलब की गई है। भारत समाचार ने अपनी रिपोर्ट में इस कोल्ड स्टोरेज को भाजपा के बड़े नेता और सरकार में एक मंत्री के करीबी का बताया है। 

वहीं टीम ने बरामद उपकरणों को ट्रकों पर लदवाकर कर सोहांव ब्लॉक भेजा। जहां सोहांव ब्लॉक के बीडीओ के संरक्षण में सभी उपकरण रखे गए हैं। एसडीएम सदर ने बताया कि शिकायत मिली थी कि कनैला गांव में एक कोल्ड स्टोरेज में दिव्यांगजनों को दिए जाने वाले सरकारी उपकरण रखे हैं। जांच की गई तो सही पाया गया और वहां पर जांच में भारी मात्रा में उपकरण बरामद हुए। दिव्यांगजन अधिकारी को नोटिस भेजा गया है। जिसमें पूछा गया है कि किन परिस्थितियों में ये उपकरण निजी स्थान पर रखे गए थे, यह गैर कानूनी है। क्या सम्बंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी थी? हालांकि जांच के बाद भी सब कुछ साफ हो पाएगा।

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जानें कौन है मेजर रमेश उपाध्यय जिन्हें JDU ने बैरिया से मैदान में उतारा

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बलियाः विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही राजनैतिक पार्टियां धीरे-धीरे अपने पत्ते खोल रही हैं। कल सपा ने प्रदेश की विभिन्न सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा की। अब जनता दल (यूनाइटेड) ने अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है।

जनता दल के द्वारा अभी 20 सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित किए हैं। जिसमें रोहनियां, गोसाईगंज, मडिहोंन, घोरावल, बांगरमऊ, प्रतापपुर, करछना समेत कई विधानसभा शामिल हैं। जदयू के द्वारा बलिया की बैरिया सीट पर भी अपने उम्मीदवार का नाम घोषित किया गया है।

पार्टी के द्वारा बैरिया से मेजर रमेश चंद्र उपाध्याय को चुनावी मैदान में उतारा है। मेजर रमेश चंद्र उपाध्याय के बारे में बात करें तो वह सेना के रिटायर्ड अधिकारी हैं। बीते साल 2020 में रमेश चंद्र उपाध्याय जदयू में शामिल हुए थे। 2019 लोकसभा चुनाव में रमेश चंद्र उपाध्याय ने बलिया से निर्दलीय चुनाव लड़ा था। लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इससे पहले 2012 में भी रमेश चंद्र उपाध्याय हिंदू महासभा की टिकट पर बेरिया सीट से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं।

चूंकि उपाध्याय ब्राम्हण चेहरा हैं, ऐसे में सवर्णों का साथ मिल सकता है। इसी सोच और जातिगत समीकरणों को बैठाते हुए पार्टी ने उन्हें प्रत्याशी बनाया है। इसी के साथ पार्टी ने अन्य विधानसभाओं में भी अपने प्रत्याशियों के चेहरे उजागर किए हैं। जिनकी लिस्ट आप यहां देख सकते हैं।

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