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बलिया स्पेशल

बलिया- वेतन न मिलने से परेशान महिला रोज़गार सेवक ने की खुदकुशी!

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बेरुआरबारी डेस्क : बलिया में रोज़गार सेवक के पद पर तैनात बांसडीह थाना के ग्राम पंचायत जानपुर मुड़ियारी के छितरौली गाव निवासिनी रोजगार सेवक माया पांडेय शुक्रवार को दोपहर के करीब अचानक अपने दो मंजिले घर के एक कमरे को अंदर से बंद कर फाँसी लगा ली । जहा इलाज के दौरान बलिया चिकित्सालय में देर सायं मौत हो गई ।

निधन कि खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार छितरौली निवासी परमात्मा नंद पांडेय की पुत्री माया पांडेय की शादी चंदौली जनपद में हुआ हैं।  वह विवाह के पहले से ही रोजगार सेवक थी। जिससे वह अपने गांव पर ही रहकर इस काम को करती थी मृतका अपने साथ अपने दो बच्चों को भी अपने साथ ही रखती थी जिसमे बड़ा बेटा लगभग सात वर्ष व बेटी पांच साल की है।दोनों बच्चों को कभी कभार अपने ससुराल में जाया करती थी।

ज्ञात हो कि बेरुआरबारी ब्लाक मुख्यालय के ग्राम सभा जानपुर मुड़ियारी की छितरौली निवाशिनी माया पाण्डेय रोजगार सेविका जानपुर मुडियारी ने संदिग्ध परिस्थितियों घर मे लगे जंगले में रस्सी का फंदा बनाकर आत्म हत्या कर लिया गया।मृतक रोजगार सेविका के मृत्यु की सूचना पर ब्लाक मुख्यालय के समस्त रोजगार सेवक ब्लाक मुख्यालय पहुच कर गत आत्मा की शांति के लिए विकास खण्ड बेरुआरबारी मे रोजगार सेवक एवं कार्यालय स्टाफ द्वारा दो मिनट का मौन रखा गया।

शोक सभा मे खण्ड विकाश अधिकारी के न आने से नाराज रोजगार सेवकों ने अपने अधिकारी के दुर्व्यवहार पर रोष जताया।रोजगार सेवकों का आरोप था कि खण्ड विकास अधिकारी ने प्रतिभाग नही किया तथा मृतका के प्रति कोई भी संबेदना ब्यक्त नही की गयी।

उसके साथ काम करने वाले रोजगार सेवकों ने बताया कि वह कुछ दिनों से बीमार थी तथा दो महीने से मानदेय भी नही मिला था साथ ही खण्ड विकास अधिकारी से इलाज के लिए वाराणसी जाने हेतु छुट्टी की भी मांग किया लेकिन उन्होंने मेडिकल की मांग करने लगे और न तो मानदेय ही दिया न ही छुट्टी जिससे वह कुछ परेशान थी। इस घटना के बाद से घर परिवार में मातम छाया हैं।

वहीँ स्थानीय ब्लाक परिसर में एक शोक सभा आयोजित कर मृत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना किया गया । वही खण्ड विकास अधिकारी रणजीत कुमार के शोक सभा न आने तथा उनके दुर्व्यवहार से क्षुब्ध रोजगार सेवकों ने इसकी कड़ी निंदा करने के साथ ही आरोप लगाया कि समय रहते मानदेय के साथ ही इलाज के लिये अगर मृतका रोजगार सेवक माया पांडेय को खण्ड विकास अधिकारी अवकाश दे दिए होते तो वह आज यह दिन नही देखना पड़ता ।

शोक सभा मे मुख्य रूप से एडीओ पंचायत दिग्विजय नाथ तिवारी, लेखा सहायक शिवजी,तुलसी, रामअवतार, रितु वर्मा, सचिव चंद्रशेखर, जयशंकर पांडेय,रोजगार सेवक संघ के ब्लाक अध्यक्ष संतोष पांडेय,मु0 शाहनवाज, अनूप,उमेश सिंह,अरविंद पांडेय,मंजू शर्मा,राजमती देवी,पंकज ओझा, आदि समस्त रोजगार सेवक उपस्थित रहे ।

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बलिया में जब UPTET का एग्जाम देने साले की जगह पहुंचा जीजा…

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बलिया। यूपी टीईटी-2021 की परीक्षा में कड़े इंतजाम के बाद भी गड़बड़ी देखने को मिली। जहां साले की जगह पर उसका शिक्षक जीजा एग्जाम देने पहुंच गया। और किसी को पता तक नहीं चला। हालांकि बाद भी शिक्षा विभाग को सूचना मिली तो हड़कंप मच गया। तत्काल पुलिस को बुलाया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शिक्षा जीजा को तो गिरफ्तार कर लिया लेकिन साला चुपचाप निकल गया। जिसकी तलाश अब की जा रही है। पुलिस ने फेफना थाना पुलिस ने जीजा के साथ ही साले पर भी मामला दर्ज कर लिया है।

दरअसल पकड़ी थाना क्षेत्र के हथौज का रहने वाला घनश्याम सीवानकला प्राइमरी स्कूल में सहाय अध्यापक के पद पर कार्यरत है। पुरुषोत्तम पट्टी थाना मनियर निवासी संगम उसका साला है। जिसका परीक्षा केंद्र अगरसंडा स्थिति सनबीम स्कूल में था। दोनों ने मिलकर जालसाजी की। घनश्याम ने संगम के प्रवेश पत्र पर अपना फोटो लगा लिया। केंद्र के बाहर जांच के दौरान वह बच निकला। उसने टोपी व मास्क लगा रखा था।ऐसे हुआ खुलासा- पहली पाली की परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद ही किसी व्यक्ति ने संगम के केंद्र के बाहर होने की बात शिक्षा विभाग को दी।

इसके बाद सूचना मिलते ही थोड़ी देर में पुलिस पहुंच गई। पुलिस को देखते ही बाहर खड़ा संगम वहां से निकल लिया। घनश्याम का मास्क, टोपी निकलवाकर देखा तो फर्जीवाड़ा सामने आ गया। विद्यालय प्रशासन की तहरीर पर फेफना थाने में मुकदमा कायम हुआ।पुलि स ने आरोपी शिक्षक के साथ ही उसके साले पर भी मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक अमित कुमार सिंह को सौंपी गई है। अपर पुलिस अधीक्षक विजय त्रिपाठी ने बताया कि फरार आरोपित की तलाश में पुलिस की टीमें लगाई गई हैं। उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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बलिया में साहित्य, कला और संस्कृति को उभारने की पहल, ‘संकल्प सृजन’ पत्रिका लॉन्च

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बलिया में साहित्य, कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘संकल्प सृजन’ पात्रिका लॉन्च हुई। जो बलिया की समृद्धशाली साहित्यिक परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए मील पत्थर साबित होगी। यह कहना है, छपरा कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रवक्ता प्रो. पृथ्वीनाथ सिंह का। उन्होंने आगे कहा, आज के दौर में लोग साहित्य, कला और संस्कृति से कटते जा रहे हैं। तकनीक उनपर हावी हो रही है। पत्रिका प्रकाशित करना और उसे लोगों तक पहुंचाना एक चुनौती है, बावजूद ‘संकल्प सृजन’ लक्ष्य को साधेगी, यह उम्मीद और विश्वास है।समाज निर्माण में लघु पत्रिका अहम- इस दौरान मुख्य वक्ता डॉ. जैनेंद्र पाण्डेय ने कहा कि समाज के निर्माण में लघु पत्रिकाओं की अहम भूमिका है। वर्तमान समय में गढ़े जा रहे सत्य और मानवता के मिथक को लघु पत्रिकाएं ही तोड़ेंगी। इस दौरान डॉ. शुभनीत कौशिक ने कहा कि आजादी की लड़ाई में भी बलिया से कई पत्रिकाएं निकलती रहीं हैं। बीच में यह कड़ी टूट गई थी। ऐसे में संकल्प सृजन का प्रकाशन अंधेरे में रोशनी जैसा है।

साहित्य कला से युवा को जोड़ना उद्देश्य– पत्रिका के सम्पादक संस्कृतिकर्मी आशीष त्रिवेदी ने कहा कि युवा पीढ़ी को साहित्य, कला और संस्कृति से जोड़ने के साथ ही उनके अंदर मानवीय संवेदना विकसित करना उद्देश्य है। बलिया की साहित्यिक परम्परा को अगर थोड़ा भी आगे बढ़ा सकें तो यह हमारी सफलता होगी। इसके अलावा साहित्यकार रामजी तिवारी ने पत्रिका की सृजनात्मक और संरचनात्मक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला।

वहीं कार्यक्रम शुरू होते ही संकल्प के रंगकर्मी सोनी, ट्विंकल गुप्ता, आनन्द चौहान, अनुपम पाण्डेय, मुकेश, शुभम ने रंगकविता और जनगीतों की प्रस्तुति की। इस दौरान अशोक पत्रकार, अचिन्त्य त्रिपाठी, डॉ. मनजीत सिंह, नम्रता द्विवेदी, डॉ. इफ़्तेख़ार खां, रणजीत सिंह, डॉ. राजेन्द्र भारती, शिवजी रसराज, संजय मौर्य, डॉ कादम्बिनी सिंह, उपेंद्र सिंह इत्यादि सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।

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बलिया में साम्प्रदायिक सौहार्द्र की मिसाल, हिंदू परिवार ने कब्रिस्तान के लिए दान की 3 डिसमिल जमीन

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बलिया । लालगंज के हृदयपुर ग्राम पंचायत में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को मिली। जहां एक हिंदू परिवार ने मुस्लिम समाज की मांग पर अपनी 3 डिसमिल जमीन कब्रिस्तान के लिए दान में दे दी। और समाज में साम्प्रदायिक सौहार्द्र की मिशाल कायम की। जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। साथ ही महंगाई के दौर में जमीन दान करने पर भी लोग हैरान हैं।

हिंदुस्तान अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक कब्रिस्तान के लिए जमीन के अभाव में ग्राम पंचायत हृदयपुर के लोगों को दूसरे गांव के कब्रिस्तान में जाकर शव को दफनाना पड़ता है। ऐसे में लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। ऐसे में शिवकुमार पाठक और कृष्ण कुमार पाठक से गांव के मुस्लिम समाज के लोगों ने कब्रिस्तान के लिए जमीन की मांग की।

मुस्लिम समाज की मांग पर कृष्ण कुमार पाठक ने अपने परिवार से राय कर मुरारपट्टी मौजे की अपनी निजी भूमि में से तीन डिसमिल भूमि मुसलमानों को दान देकर उसमें शव को दफनाने की अनुमति दे दी। इतना ही नहीं बुधवार को मुस्लिम परिवार की महिला को उसी जमीन में दफनाया भी गया। हिन्दू-मुस्लिम एकता की इस मिसाल की चर्चा क्षेत्र भर में हो रही है।

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