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बलिया स्पेशल

बलिया में मूर्ति विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, करंट की चपेट में आने से दो की मौत

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बलिया डेस्क :  बलिया में एक ददर्नाक हादसा पेश आया है जहाँ दो लोगों की मौत हो गई वहीँ तीन लोग घायल बताये जा रहे हैं, जानकारी के मुताबिक रसड़ा इलाके  के सुल्तानपुर गांव के पलानी मौजा में मूर्ति विसर्जन के दौरानलटकते तार को हटाते समय कुछ लोग करंट की चपेट में  आगये इनमें दो की मौत हो गई, वहीं एक का उपचार चल रहा है.

खबर के मुताबिक बृहस्पतिवार की शाम मूर्ति विसर्जन के दौरान उस वक़्त हडकंप मच गया जब जब डीजे रखी गाड़ी में हाईटेंशन करंट उतर आया और डीजे संचालक सहित तीन युवक झुलस गए.

आसपास के लोगों ने तीनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. जहां चिकित्सकों ने दो युवकों को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक युवक की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया. वहीँ स्थानीय लोगों का आरोप है की ये हादसा विद्युत विभाग की लापरवाही की वजह से हुआ है.

वहीँ स्थानीय लोगों का आरोप है कि विद्युत तार इतना नीचे था जिससे डीजे पर बैठे युवक द्वारा तार को हटाया जा रहा था.  इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गए.  एक युवक जिंदगी और मौत से जूझ रहा है.  संयोग ही था कि और लोग झुलसने से बच गए.  जबकि ग्रामीण इस लटकते तार को ठीक करने के लिये कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन विद्युत विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं गई.

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बलिया : MP-MLAs की अधिकारियों के साथ बैठक, सिकंदरपुर और बेल्थरा में कोविड अस्पताल खोलने को दिए सुझाव

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बलिया: खेल मंत्री उपेंद्र तिवारी ने सांसद रविंद्र कुशवाहा व विधायक गण की मौजूदगी में प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक कर कोविड तैयारियों को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार सुविधाओं को बेहतर बनाने का लगातार प्रयास कर रही है।

स्थानीय स्तर से उस पर लगातार नजर रखी जाए, ताकि किसी स्तर पर कहीं लापरवाही नही होने पाए। बैठक में मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत व जिलाधिकारी अदिति सिंह भी थीं। वेंटीलेटर के बावत मंत्री के पूछने पर सीएमओ ने बताया कि शुक्रवार से 11वेंटीलेटर चालू हो गए हैं, जबकि जिला अस्प्ताल में आक्सीजन जनरेटर को इंस्टाल करने के लिए इंजीनियर आने वाले हैं। वह भी एकाध दिन में चालू हो जाएगा।

मंत्री संग अन्य जनप्रतिनिधिनियों ने बसंतपुर व फेफना की तरह सिकंदरपुर व बेल्थरारोड में भी एक—एक कोविड अस्पताल खोलने का सुझाव दिया। मंत्री श्री तिवारी ने कहा कि अगर स्टाफ की कमी हो तो आउटसोर्सिग के माध्यम से सीएमओ रख सकते हैं। उन्होंने वैक्सिनेशन की जानकारी ली तो सीएमओ डॉ राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि अब तक कुल 1,41,007 लोगों को वैक्सीन की प्रथम डोज व 39,987 व्यक्तियों को दूसरी डोज लग चुकी है। सैंपलिंग के साथ बसंतपुर व फेफना में संचालित चिकित्सा व्यवस्था के बारे में विस्तार से बताया।

पंजीकरण के तरीकों के प्रति किया जाए जागरूक

मंत्री श्री तिवारी ने वैक्सीनेशन के लक्ष्य में कमी आने का कारण पूछा। बताया गया कि अब कोविड वेबसाईट पर रजिस्ट्रेशन के बाद ही वैक्सीन लग रही है। जानकारी नहीं होने की वजह से लोग रजिस्ट्रेशन नहीं कर पा रहे हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि अखबार व लोकल न्यूज के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करने के तरीकों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए। अगर कोई रजिस्ट्रेशन करें और वैक्सीन की अनुपलब्धता के कारण वैक्सीनेशन नहीं हो पाए तो उनके मोबाइल पर अगली तिथि जरूर मैसेज कर दी जाए, ताकि वे परेशान न हों।

निधि से दिए धनराशि का मांगा व्योरा

मंत्री उपेन्द्र तिवारी ने कहा कि शासन द्वारा कोरोना काल में 2.5 करोड की धनराशि पंचायती विभाग, 1.8 करोड की धनराशि विकास विभाग तथा चिकित्सा विभाग, 1.8 करोड एनएचआरएम के द्वारा प्रदान की गयी। इन सभी धन का पूरा व्यौरा दिया जाए। जनपद में उपलब्ध 18 वेन्टीलेटर के चालू न होने के कारण को भी लिखित में देने को कहा। जिलाधिकारी अदिति सिंह ने बताया कि शासन या विधायक निधि से जो धनराशि मिली है, उसका शत-प्रतिशत उपयोग किया जा रहा है। सक्षम अधिकारियों द्वारा सत्यापित करके बाउचर के रूप में ही कोई भी धनराशि निर्गत की जा रही है। इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाईश नहीं होगी।

बसंतपुर व फेफना में आक्सीजन प्लांट स्वीकृत, हप्ते दिन में होगा चालू

जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में जो 18 वेन्टीलेटर उपलब्ध हैं, जो कुछ सहायक उपकरण तथा मैनपावर के अभाव के कारण चालू नहीं हो सका है। उन उपकरणों को क्रय कर लिया गया है। बीस कार्मिकों की ट्रेनिंग भी हो चुकी है। बहुत जल्द वेंटीलेटर चालू हो जाएंगे। बताया कि जिला​ अस्पताल में आॅक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए आॅक्सीजन कंसंट्रेटर प्लान्ट पीएम केयर्स फंड से आक्सीजन प्लान्ट स्थापित किया जा रहा है। सीएचसी बसन्तपुर व फेफना में एसडीआरएफ की ओर से 500-500 एलपीएम का आक्सीजन प्लान्ट स्वीकृत हुआ है, जो लगभग एक सप्ताह के अन्दर इन्स्टाल कर चालू करा लिया जायेगा। इससे पाईप लाईन के माध्यम से सभी स्थापित बेडों पर आक्सीजन की उपलब्धता हो जाएगी और अन्य जनपदों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मंत्री, सांसद व अन्य जनप्रतिनिधियों ने एकस्वर से कहा कि शीघ्र आरटीपीसीआर लैब को चालू किया जाए, ताकि जांच के बाद समय से रिपोर्ट मिल जाए।

आबादी के हिसाब से मिले वैक्सीन

विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि जिले के अन्य जगहों पर वैक्सीन उपलब्ध कराते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि आबादी के हिसाब से उपलब्ध कराई जाए। उसकी सूचना सम्बन्धित विधायक को जरूर दी जाए, ताकि उनके कार्यकर्ता भी लोगों को वैक्सीन लगवाने में मदद कर सकें। विधायक ने जोर देकर कहा कि उच्चाधिकारी भी लगातार निरीक्षण करते रहें। सीएचसी सोनबरसा पर सुधार लाने को कहा।

दस आईसीयू बेड वाला अस्पताल जल्द चालू हो

सिकंदरपुर विधायक संजय यादव ने कहा कि बलिया में 10 आईसीयू बेड वाले अस्पताल स्थापित किए जाने के निर्देश मुख्यमंत्री जी ने पिछले वर्ष ही दिए थे, लेकिन अभी तक चालू नहीं हो सका है। इसके सम्बन्ध में जांच कर जिम्मेदार की जवाबदेही तय हो। विधायक श्री यादव ने कहा कि सभी विधानसभा क्षेत्र में 2-2 आॅक्सीजन कंसंट्रेटर की व्यवस्था हो। राशन वितरण पर सख्ती से नजर रखी जाए, ताकि हर जरूरतमंद तक यह पारदर्शी तरीके से पहुंच जाए। बेल्थरारोड में दर्जन भर कोटेदारों की शिकायत मिली है, जिनकी जांच कर कार्यवाही हो।

नियमित रूप से हो रही सैंपलिंग व मरीजों की देखभाल: जिलाधिकारी

बैठक में सैंपलिंग की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी अदिति सिंह ने बताया कि लक्ष्य के सापेक्ष सैम्पलिंग नियमित रूप से करायी जा रही है। इसके लिए कुल 42 टीमें लगी है। जनपद में कुल 290 रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) का गठन किया गया है, जो होम आइसोलेशन मरीजों की देखभाल में लगी हैं। वहीं 2830 टीम सर्विलांस कार्य में हैं। आक्सीजन की आपूर्ति के लिए बी टाइप वाले 174 सिलेंडर (जिला चिकित्सालय बलिया में 82 व कोविड चिकित्सालय में 92), डी टाईप वाले 71 (जिला चिकित्सालय 58 में कोविड चिकित्सालय 15) सिलेण्डर उपलब्ध हैं। कुल 77 आॅक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर हैं, जिसमें जिला चिकित्सालय में 24 व कोविड चिकित्सालय में 53 उपलब्ध है। बैठक में सीडीओ प्रवीण वर्मा, एडीएम रामआसरे, सिटी मजिस्ट्रेट नागेंद्र सिंह, डीपीआरओ अजय श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।

लक्ष्य से कम खरीददारी पर जताई नाराजगी

कलेक्ट्रेट सभागार में गुरूवार को आयोजित बैठक में खेल मंत्री उपेंद्र तिवारी ने गेहूं खरीद की समीक्षा की। कहा कि लक्ष्य के काफी कम खरीददारी हो रही है। तीन दिन पहले चितबड़ागांव स्थिति क्रय केंद्रों के निरीक्षण में ऐसा देखने को मिला है। काश्तकार परेशान हो रहे हैं। इस समस्या को भी प्राथमिकता करते हुए व्यवस्था को ठीक कराया जाए। तभी 15 जून तक शासन के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे। सांसद रविंद्र कुशवाहा ने कहा कि बधौली में गेहूॅ क्रय केन्द्र खोलवाने को कहा।

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बलिया- विधायक उमाशंकर ने 40 आक्सीजन सिलेंडर प्रशासन को दिया

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बलिया। जिले में जब-जब कोई आपदा आई हो चाहे बाढ़ हो या कटान या फिर अग्रिकांड तब तब रसड़ा के विधायक उमाशंकर सिंह गरीबों के लिए मसीहा के रूप में खड़े रहते हैं। इस कोरोना काल में आक्सीजन के अभाव में कइयों ने दम तोड़ दिया और विधायक उमाशंकर सिंह को नहीं रहा गया। उन्होंने तत्काल फैसला लिया और ४० सिलेंडर प्रशासन के हवाले किया। जसमें जिला अस्पताल, रसड़ा, चिलकहर क्षेत्र के अस्पताल शामिल है।

ज्ञात हो कि बलिया लगातार कोरोना का कहर झेल रहा है। कहने को जिले में दो मंत्री को छोड़ दिया जाए तो पांच विधायक है, लेकिन अभी तक सिर्फ एक ही विधायक उमाशंकर सिंह ने ऐसा काम किया है। बुधवार को विधायक अपनी पूरी टीम के साथ सिलेंडर लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां पहले से मौजूद सीडीओ . प्रवीण वर्मा, सीएमओ डा. राजेंद्र प्रसाद व सीएमएस डा. बीपी सिंह, डा. मिथिलेश सिंह को ऑक्सीजन सिलेंडर भेंट किया।

इस कार्य को लेकर विधायक को जिला प्रशासन की तरफ से बधाई भी मिली है। बलिया की जनता ने भी क्षेत्रीय विधायक को बधाई दी है। विधायक उमाशंकर सिंह ने कहा कि जीवन बचाना हम लोगों का दायित्व बनता है।

हमारा प्रयास होता है कि जनजीवन सुरक्षित रहे व पूरी तरह से स्वस्थ्य रहे। इसके लिए हमें ही नहीं बल्कि सभी को आगे आना होगा। तभी जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर हो सकती है।

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बलिया: डीएम ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया गंगा में मिले शव, लेकिन संख्या पर सभी अधिकारियों ने साध ली चुप्पी

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बलिया । बक्सर में 10 मई को 60 से अधिक शवों के मिलने पर मचे हड़कंप के बाद अब बलिया डीएम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। डीएम के द्वारा जारी इस विज्ञप्ति में बताया गया है कि बक्सर पुल के नीचे गंगा नदी के तट पर मिले कुछ क्षत-विक्षत शवों की जांच उपजिलाधिकारी बलिया और क्षेत्राधिकारी सदर के द्वारा की गई। साथ ही यह भी कहा गया है कि उक्त शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।

बलिया प्रशासन का क्या कहना है

बलिया जिलाधिकारी की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि 10 मई को बलिया-बक्सर पुल के नीचे गंगा नदी के तट पर कुछ शव मिले, जिनकी जांच उपजिलाधिकारी बलिया तथा क्षेत्राधिकारी सदर के द्वारा की गई और इनका अंतिम संस्कार करा दिया गया। प्रशासन के द्वारा जारी किए गए प्रेस विज्ञप्ति में शवों की संख्या का जिक्र नहीं हैं। इस की जानकारी के लिए हमने सीओ सदर और एसडीएम बलिया से बात की।
बलिया खबर से बातचीत में एसडीएम ने इस विषय पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा, ‘डीएम की तरफ से जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति को ही समझिए या उनसे ही बात कीजिए।’

उक्त मामले में किस जगह पर शव मिले हैं इसकी जानकारी देने से भी इंकार करते हुए एसडीएम ने कहा, ‘इस पर जिलाधिकारी के अलावा कोई बोलने के लिए अधिकृत नहीं है। जिलाधिकारी ने जो बोला है आप उसे ही स्वीकार्य करिये।’

उपरोक्त मामले में नरहीं थानाध्यक्ष ने भी शवों की संख्या पर कोई जानकारी देने में असमर्थता जताई। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति से ही जानकारी लेने को कहा।

कमो बेस यही जवाब सीओ सदर का भी रहा। उन्होंने भी शवों की संख्या और किस जगह पर शव मिले हैं इन बातों की जानकारी प्रेस विज्ञप्ति से लेने को कहा।

प्रेस विज्ञप्ति में क्या लिखा है?

बलिया डीएम की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘जनपद बलिया की तहसील सदर के थाना नरही क्षेत्रान्तर्गत बलिया-बक्सर पुल के नीचे गंगा नदी के तट पर दिनांक 10.05.2021 की शाम को कुछ दिन पुराने क्षत-विक्षत कुछ अज्ञात शव देखे गये, जिसकी जांच उपजिलाधिकारी बलिया तथा क्षेत्राधिकारी सदर के द्वारा की गयी। सभी शवों का उचित तरीके से गंगा नदी के तट पर ही पुलिस एवं प्रशासन की उपस्थिति में अन्तिम संस्कार करा दिया गया। उक्त शवों के आने के स्त्रोत की जांच की जा रही है।’

शवों की संख्या की जानकारी लेने के लिए हमने बलिया डीएम से बात करने की कोशिश की। डीएम के आधिकारिक सीयूजी नंबर पर हमारी बात जिलाधिकारी के स्टेनो से हुई। उन्होंने डीएम से बात कराने में असमर्थता जताई। हमने शवों की संख्या की जानकारी मांगी तो उन्होंने कहा, ‘जो हमको बताया गया हम वो टाइप किए इसकी जांच चल रही है कि कितने शव हैं, आप लगा लीजिए 25 से तो ऊपर हैं’
इसके बाद स्टोने ने कहा कि वह पूछ कर बता रहे हैं कितने शव थे। इसके बाद हमने लगातार बात करने की कोशिश की लेकिन दोबारा उस नंबर पर सपर्क नहीं हो सका। लगातार घंटी बजी और फोन नहीं उठा। खबर लिखे जाने तक ना ही फोन उठा और ना ही जिलाधिकारी कार्यालय की तरफ से कोई रिस्पांस आया।

बक्सर प्रशासन का क्या कहना है

वहीं खबर थी कि 10 मई को बक्सर के चौसा घाट के पास मिले शवों का अंतिम संस्कार बक्सर प्रशासन ने करा दिया है। बलिया खबर ने बक्सर सीएस से जब इस बारे में बात की तो उन्होंने बताया कि बक्सर प्रशासन ने कुल 71 शवों का अंतिम संस्कार करवाया है। उन्होंने कहा, ‘बक्सर प्रशासन ने कुल 71 शवों का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार कराया है। इनका कोविड टेस्ट नहीं हुआ क्योंकि वह प्रोटोकॉल में नहीं था’

अब सवाल है कि जब बलिया जिलाधिकारी के द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है तो उनकी संख्या क्यों नहीं बताई जा रही है? कमाल ही है कि इसकी जानकारी किसी अन्य अधिकारी को भी नहीं है। खबर समाप्त हुई।

रिपोर्ट- शाश्वत उपाध्याय

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