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Ballia- उभांव पुलिस ने 6 साल की गुम हुई बच्ची को परिजनों से मिलाया, मानवीयता की लोग कर रहे तारीफ

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बलिया पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया है। बलिया के पुलिस अधीक्षक डॉक्टर विपिन ताडा के निर्देशन में जिले में गुम हुए व्यक्तियों और बच्चों की शीघ्र तलाशी की जा रही है। गुम हुए लोगों की तलाश कर उनके परिजनों से मिलाने के लिए चलाए जा रहे अभियान की कड़ी में थाना उभांव द्वारा एक 6 वर्ष की बच्ची को उसके परिजनों से मिलाने में अहम भूमिका निभायी है।

दरअसल, 14 जून को प्रभारी निरीक्षक उभांव ज्ञानेश्वर मिश्र के नेतृत्व में थाना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए चौकी प्रभारी सियर अतुल मिश्रा अन्य पुलिसकर्मियों के साथ क्षेत्र में बैंक, ATM, संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। तभी पीएनबी बैंक के पास एक 6 वर्ष की बच्ची अकेली रोती हुई मिली, जो अपने माता-पिता से मिलने के लिए रो रही थी। चौकी प्रभारी सियर अतुल मिश्रा ने तत्काल बच्ची को शांत कराते हुए प्यार पूर्वक

उसका नाम पता पूछा। तो बच्ची ने अपना नाम ईशानी सिंह पुत्री भरत सिंह निवासी टीकोधा थाना उभांव बलिया बताया। चौकी प्रभारी ने फौरन सभी थानों में बने डिजिटल वालंटियर ग्रुप में बच्ची की फोटो भेजी। पुलिस को बच्ची के गाँव भेजकर पता करवाकर सूचना दी गई। इसके बाद बच्ची इशानी की चचेरी बहन अंशिका सिंह पुत्री चन्द्रशेखर सिंह उभांव थाना आ गयीं, जिन्हे चौकी इंचार्ज ने बच्ची को उनके हवाले कर दिया।

थाना उभांव क्षेत्र वासियों ने SHO ज्ञानेश्वर मिश्र और चौकी इंचार्ज सियर अतुल मिश्र व उनकी टीम का दिल से आभार व्यक्त किया।साथ ही परिवार के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों ने बलिया पुलिस की तारीफ की। इस तरह के प्रयास निःसंदेह पुलिस की छवि समाज में सकारात्मक बनाते हैं।

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बलिया के तीन भाजपा नेताओंं को मिली गोरक्ष प्रांत कार्यकारिणी में ये जिम्मेदारी

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भाजपा गोरक्ष प्रांत के क्षेत्रीय कार्यकारिणी में बलिया के तीन युवा नेताओं को जगह मिली है। (फोटो साभार: हिंदुस्तान टाइम्स)

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को प्रदेश की सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी अपनी संगठन मजबूत करने में लगी है। संगठन को मजबूत करने के लिए भाजपा ने गोरक्ष प्रांत की नई क्षेत्रीय कार्यकारिणी घोषित की है। इस क्षेत्रीय कार्यकारिणी में बलिया जिले के तीन युवा नेताओं को जगह मिली है। जिले की सुनीता श्रीवास्तव, साकेत सिंह सोनू और आशुतोष सिंह को कार्यकारिणी में जगह मिली है।

भाजपा गोरक्ष प्रांत के क्षेत्रीय कार्यकारिणी में सुनीता श्रीवास्तव और साकेत सिंह सोनू को उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया है। तो वहीं आशुतोष सिंह को क्षेत्रीय कार्यसमिति का सदस्य बनाया गया है। क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने सुनीता श्रीवास्तव, साकेत सिंह सोनू और आशुतोष सिंह को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी है।

बता दें कि सुनीता श्रीवास्तव इससे पहले भाजपा महिला मोर्चा की क्षेत्रीय अध्यक्ष का पद संभाल चुकी हैं। क्षेत्रीय कार्यकारिणी के सदस्य बने आशुतोष सिंह युवा मोर्चा के महामंत्री रहे हैं। आशुतोष सिंह इसके साथ ही घोसी विधानसभा के प्रभारी की भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

सुनीता श्रीवास्तव, साकेत सिंह सोनू और आशुतोष सिंह के मनोनयन पर जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू ने खुशी जाहिर करते हुए बधाई दी। तीनों युवा नेताओं ने कहा है कि “जब पार्टी की ओर से हम पर भरोसा जताया गया है और इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है तो हम पूरी कोशिश करेंगे की पार्टी के हित में काम करें।” सुनीता श्रीवास्तव ने कहा है कि “विधानसभा का चुनाव नजदीक आ चुका है। हमलोग पूरी मेहनत के साथ दिन-रात पार्टी के लिए काम करेंगे।” कार्यकारिणी के सदस्य बनाए गए आशुतोष सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि “क्षेत्रीय अध्यक्ष ने हम जैसे युवाओं को जगह दिया है। शीर्ष नेतृत्व की ओर से जो भी निर्देश होगा उसके हिसाब से हम काम करेंगे।”

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तृतीय राष्ट्रीय स्तर प्रतियोगिता में बलिया के लाल का कमाल, दौड़ में हासिल किया पहला स्थान

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बलियाः मध्यांचल यूनिवर्सिटी भोपाल में आयोजित तृतीय राष्ट्रीय स्तर 1500 मीटर की दौड़ में जनपद के प्रदीप कुमार ने पहला स्थान हासिल किया। उनकी सफलता से पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। प्रदीप चिलकहर के अंतर्गत पहाड़पुर गांव के निवासी है। जिन्होंने दौड़ प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की।

आपको बता दें कि 21,22,23 अक्टूबर को मध्यांचल यूनिवर्सिटी भोपाल में तृतीय राष्ट्रीय स्तर प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। जिसमें पहाड़पुर निवासी प्रदीप कुमार यादव पुत्र श्याम नारायण यादव ने पहला स्थान प्राप्त कर जीत का परचम लहराया। प्रदीप कुमार को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर गोल्ड मेडल दिया गया।

वहीं गोल्ड मेडल जीतने के बाद प्रदीप कुमार यादव का चिलकहर में जोरदार स्वागत हुआ। इस दौरान मानसिंह सेंगर, लक्ष्मी राम यादव मुद्रिका यादव ग्राम प्रधान अभय कुमार कौशल कामेश्वर यादव अभिषेक यादव रामाश्रय यादव सहित सैकड़ों क्षेत्र वासी उपस्थित रहे। उनकी जीत के बाद से ही गांव में खुशी का माहौल है, प्रदीप कुमार के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

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बलिया के निखिल करेंगे माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई, 2022 में रचेंगे इतिहास, पढ़िए पूरी कहानी

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बलिया जिले के निखिल प्रताप सिंह आगामी साल 2022 में माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई करने की तैयारी कर रहे हैं। निखिल प्रताप सिंह जिले के नगरा थाना क्षेत्र के लहसानी गांव के रहने वाले हैं। 29 वर्षीय निखिल एडवेंचर जंकी और सोशल इंटरप्रेन्योर हैं। निखिल पूर्वांचल के पहले पर्वतारोही हैं जो माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने जा रहे हैं।

2015 में संयुक्त राष्ट्र ने दुनिया भर से गरीबी खत्म करने, धरती की सुरक्षा और यह सुनिश्चित करने का लक्ष्य तय किया था कि 2030 तक दुनया भर के लोग सुखी और समृद्ध हो जाएंगे। इन लक्ष्यों को सतत विकास लक्ष्य या वैश्विक लक्ष्य का नाम दिया गया। इसी के तहत निखिल प्रताप सिंह माउंट एवरेस्ट और अलग-अलग महाद्वीपों के पर्वतों की चढ़ाई करने जा रहे हैं। जिससे भारत और पूरी दुनिया के लोग प्रभावित होंगे।

2022 के अप्रैल महीने में निखिल प्रताप सिंह माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई करेंगे। लेकिन इससे पहले निखिल प्रताप सिंह दक्षिण अफ्रिका के तंजानिया में माउंट किलीमंजारो, यूरोप के माउंट एलब्रस, दक्षिण अमेरिका के माउंट एकोन्कागुआ, उत्तरी अमेरिका के माउंट डेनाली, आस्ट्रेलिया के माउंट कोसिउसको, और आस्ट्रेलिया के जया पीक पर चढ़ेंगे।

निखिल पर्वतारोही तो हैं ही साथ में केकिंग, राफ्टिंग भी करते हैं। उन्हें जंगलों में रहने और सर्वाइवल की विशेषज्ञता भी हासिल है। निखिल प्रताप सिंह प्लानेट ट्रोटर नाम से एक कंपनी चलाते हैं। जो देश के सुदुरवर्ती इलाकों के गांवों में अलग-अलग तरह के कार्यक्रम चलाते हैं। ये कंपनी एडवेंचर को लेकर शिक्षा भी देती है।

निखिल प्रताप सिंह के पिता प्रेम प्रताप सिंह सेंट्रल इंडस्ट्री सुरक्षा बल यानी सीआईएसएफ के जवान हैं। मां मीना सिंह गृहणी हैं। पिता प्रेम प्रताप सिंह की तैनाती फिलहाल झारखंड की राजधानी रांची में है। सीआईएसएफ में काम करने की वजह से प्रेम प्रताप सिंह की की तैनाती देश के अलग-अलग राज्यों में होती रही है। जिसके चलते निखिल की पढ़ाई किसी एक ही राज्य में नहीं हुई।

बलिया खबर से बातचीत में निखिल प्रताप सिंह ने बताया कि “शुरुआती दो सालों की पढ़ाई-लिखाई आंध्र प्रदेश में हुई। लेकिन फिर कक्षा एक से कक्षा पांच तक की शिक्षा केरल के केंद्रीय विद्यालय में पूरी हुई। फिर अगले साल पिता की पोस्टिंग चेन्नई में हो गई। तो निखिल की पढ़ाई चेन्नई के केंद्रीय विद्यालय में शुरू हो गई।”

“कक्षा दस की पढ़ाई छत्तीसगढ़ के केंद्रीय विद्यालय में पूरी हुई। तो वहीं इंटरमीडिएट की शिक्षा हासिल की गुजरात के केंद्रीय विद्यालय में। 2011 में मैंने देहरादुन स्थित उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की। अपनी पढ़ाई के दौरान मेरी दिलचस्पी खेलकूद में भी थी। घर वालों ने भी खेल के क्षेत्र में प्रोत्साहित किया। इंजीनियरिंग के दौरान ही मैंने नार्थ ज़ोन के लिए इंटर यूनिवर्सिटी क्रिकेट टूर्नामेंट खेला।” निखिल ने बताया।

सेना में काम करने को लेकर भी निखिल की दिलचस्पी रही। निखिल कहते हैं कि “मैंने पांच बार नेवी, आर्मी, एयरफोर्स में साक्षात्कार दिया। लेकिन पांचों बार कान्फ्रेंस आउट हो गया।”

इंजीनियरिंग के बाद निखिल को एक नौकरी मिल चुकी थी। लेकिन नौकरी करने में उनका मन नहीं लगा। घर वालों को ये बात बताकर निखिल ने अपनी नौकरी छोड़ दी। उन्होंने बताया कि “2017-18 में मैंने दार्जलिंग के हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीच्युट से माउंटेनियरिंग कोर्स पूरा किया। इसके बाद नदी और समुद्र में तैराकी से लेकर राफ्टिंग तक भी सीखने लगा।”

इसके बाद निखिल प्रताप सिंह ने अपनी कंपनी शुरू की। जो बच्चों की शिक्षा से लेकर उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए जागरूक करना शुरू किया। ये कंपनी मुख्यधारा से कटे गांवों को गोद लेती है। इन गांवों में निखिल प्रताप सिंह की टीम रूरल टूरिज्म को बढ़ावा देती है। इसके अलावा बच्चों की शिक्षा से लेकर गांवों के स्कूल और अस्पताल के लिए काम करती है। महिला सशक्तिकरण को लेकर भी कंपनी काम करती है।

निखिल प्रताप सिंह का एक प्रोडक्शन हाउस भी है।  यह प्रोडक्शन हाउस डाक्यूमेंट्री बनाती है। ज्यादातर डाक्यूमेंट्री फिल्में गांवों में बनाई जाती है जहां कंपनी काम कर रही होती है। फिलहाल निखिल मैंगलोर में अपनी ट्रेनिंग में जुटे हुए हैं। उन्हें एमएमए और कर्माटक के मुएथाई स्पोर्ट स्टेट इंचार्ज नितेश कुमार के तहत ट्रेनिंग मिल रही है।

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