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बलिया का एक गांव- जिसमें न बिजली, न सड़क, गांव वालों ने BJP नेताओं की एंट्री पर रोक लगाई

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बलिया।  जिले के एक गांव में बीजेपी नेताओं के आने पर गाँव वालों ने बैन लगा दिया है। ग्रामीणों ने बीजेपी के विधायकों और सांसद का प्रवेश वर्जित कर दिया है। यही नहीं नाराज़ ग्रामीणों ने हाथ में तख्ती लेकर बड़ा प्रदर्शन भी किया। गाँव वालों का कहना है कि, अगर गाँव में सड़क, बिजली नहीं तो गाँव मे बीजेपी नेताओं का प्रवेश नहीं होगा। गाँववालों का यह कोई पहला प्रदर्शन नहीं है,बल्कि इससे पहले भी रोड नहीं, बिजली नहीं तो वोट नही देने का गांव वाले कर प्रदर्शन कर चुके हैं। इस गाँव की हालत इतनी खराब है कि एक पलती से पगडण्डी पकड़कर चलने को मजबूर हैं।मरीज को चारपाई पर टाँग कर अस्पताल तक ले जाने को मजबूर हैं। नेता जी के बहुत कोशिश करने पर 6 साल में केवल बिजली के खंभे ही गाँववालों को नसीब हुए हैं। यह अभागा गाँव बैरिया विधानसभा के अंतर्गत आता है। गाँव का नाम फिरंगी टोला है। बैरिया के विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह हैं, जिनकी पार्टी की प्रदेश से लेकर केंद्र में सरकार है। विधायक जी की पार्टी बीजेपी दुनिया की सबसे ज्यादा कार्यकर्ता वाली पार्टी है। फिर भी बैरिया का फिरंगी टोला गाँव अपने मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे है।

ग्रामीणों में इतनी नाराजगी है कि भाजपा नेताओं का गांव में प्रवेश वर्जित हो गया है। गावं वालों का कहना है कि जब तक मांग पूरी नही होगी वोट भी इस बार नही देंगे। वहीँ इलाके के सामाजिक कार्यकर्ता सूर्यभान सिंह की माने तो इस गांव में घूमने गए थे तो देखा कि यहाँ के लोग मूल सुविधाओं से वंचित हैं। सूर्यभान सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा है कि योगी आदित्यनाथ सरकार एक जातिविशेष का ज्यादा विकास कर रही है।वहीं  क्षेत्र में बीजेपी के विधायक और सांसद जनता से दूर हैं, चुनाव जीतने के बाद उन्हें यहाँ की याद नहीं कि जनता किस परेशानी से गुजर रही है। इसीलिए जनता का गुस्सा अब भाजपा नेताओं पर फूटने लगा है।

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बलिया के सुखपुरा में तैनात लेखा सहायक हुए गायब, अपहरण की आशंका !

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बलिया। बलिया के सुखपुरा में तैनात पराग डेयरी के लेखा सहायक ज्ञानदेव मिश्रा बुधवार को बैंक जाते समय अचानक लापता हो गए। बलिया पुलिस उनके लापता होने के पोस्टर भी जारी किये हैं और छानबीन कर रही है। गायब होने की खबर मिलते ही बलिया पहुंचे परिजन उनके अगवा होने की आशंका जता रहे हैं। उधर यह खबर जैसे ही आजमगढ़ दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि. के अधिकारियों को हुई चारो तरफ अफरा-तफरी मची हुई है। विभाग में हड़कंप मच गया और अधिकारी उनका पता लगाने में जुट गए है।

जानकारी के मुताबिक बुधवार को पूर्वांह्न दस बजे लेखा सहायक ज्ञानदेव मिश्र डेरी के किसी काम से जिला मुख्यालय स्थित यूनियन बैंक की मुख्य शाखा में किसी काम से जा रहे थे। अचानक रास्ते से गायब हो गए। देर रात तक वह न तो पराग डेरी के कार्यालय पहुंचे और न ही अपने आवास। श्री मिश्र मूलत: कानपुर के रहने वाले हैं। उनके गायब होने की खबर डेयरी के अधिकारियों ने जब घर वालों को दी, तो कानपुर से उनकी पत्नी व बेटे गुरुवार को सीधे बलिया पहुंच गए। परिजनों ने अपहरण की आशंका जताई है।

हालांकि पराग डेरी के अधिकारियों ने तहरीर में उनके लापता होने की बात कही गई है। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। उधर घटना की सूचना पुलिस कप्तान बलिया, क्षेत्राधिकारी नगर तथा थानाध्यक्ष सुखपुरा को दी है। मजे की बात यह है कि गायब लेखा सहायक ज्ञानदेव मिश्र का मोबाइल नंबर भी बंद बता रहा है। इससे तरह-तरह की आशंका जताई जा रही है।

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बलिया में अंतर्धार्मिक शादी को लेकर भड़की करणी सेना, जमकर किया हंगामा, युवक पर केस दर्ज

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बलिया। जिले में एक दलित युवती के साथ मुस्लिम युवक द्वारा कथित तौर पर विवाह करने का मामला सामने आया। करणी सेना ने इसे लव जिहाद बता कर जमकर हंगामा किया और दोनों को थाने ले गए। जहां पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। बताया जा रहा है कि जिले के उभांव थाना क्षेत्र के एक गांव की 18 वर्षीय दलित युवती को लेकर पड़री गांव का निवासी दिलशाद जिला मुख्यालय स्थित कचहरी में विवाह का पंजीकरण कराने गया था।

युवती ने बुरका पहन रखा था। तभी कचहरी में मौजूद करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने युवती से पूछताछ की और बाद में लवजिहाद बताते हुए जमकर हंगामा शुरु कर दिया। करणी सेना के लोग हंगामा करते हुए दलित युवती और मुस्लिम युवक को थाने ले गए। जहां पुलिस ने कार्रवाई की।करणी सेना के हंगामे का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। जिसमें लोग लड़की को हिंदू दलित बताते हुए उसके परिजन को बुलाने और युवक को धमकाते तथा थाने ले जाने की बात कहते दिख रहे हैं।

लड़की करणी सेना से यह कहते हुए साफ दिख रही है कि वह अपनी मर्जी से शादी करने आई है। लेकिन फिर भी करणी सेना वाले नहीं माने और युवक-युवती को बलिया शहर कोतवानी ले गए। इसके बाद उभांव थाना में बुधवार रात दिलशाद के विरुद्ध लड़की के पिता की शिकायत पर अपहरण के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। उभांव थाना के प्रभारी ज्ञानेश्वर मिश्र ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

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सो रहा बलिया का बिजली विभाग, जर्जर तार की चपेट में आकर बुजुर्ग की मौत, हादसे के बाद नहीं पहुंचे अधिकारी

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बलिया। बलिया का बिजली विभाग सो रहा है और जनता रो रही है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि बिजली अधिकारियों की लापरवाही अब लोगों की जान ले रही है। हाल ही में जर्जर तार की चपेट में आने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। मामला नरही के सोहांव गांव का मामला है। जहां खेत में काम करते हुए एक बुजुर्ग जर्जर तार की चपेट में आ गया। जिससे करंट लगने से उनकी मौत हो गई। लेकिन बिजली विभाग की लापरवाही की इंतेहा देखिए कि बुजुर्ग की मौत के बाद भी बिजली विभाग मौके पर नहीं पहुंचा।

बुजुर्ग का शव घटनास्थल पर ही पड़ा रहा।बुजुर्ग की मौत के बाद परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण कई बार बिजली अधिकारियों से इसको लेकर शिकायत कर चुके हैं लेकिन फिर भी बिजली विभाग सोता रहा।अगर बिजली विभाग ने समय पर कार्रवाई करते हुए उस जर्जर तार को हटवा दिया होता तो आज शायद बुजुर्ग की जान बच जाती। लेकिन बिजली विभाग के अधिकारी आंखों और कानों पर पट्टी बांधे बैठे हैं। जिन्हें न तो ग्रामीणों की परेशानी सुनाई देती न दिखाई।

ग्रामीण चीख-चीखकर बिजली जर्जर तार हटाने की मांग करते रहे लेकिन विभाग के अधिकारियों को फर्क नहीं पड़ा। नतीजतन एक बुजुर्ग को अपनी जान गंवाना पड़ी। वहीं बिजली विभाग के इस उदासीन रवैये से साफ जाहिर है कि उसे किसी बड़े हादसे का इंतजार है। ऐसे में उच्च अधिकारियों को जल्द ही ठोस कदम उठाने चाहिए।

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