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बलिया के लाल डॉ. गोपाम्बुज सिंह की बड़ी कामयाबी, इस परीक्षा में हासिल किया गोल्ड मेडल

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बलिया डेस्क : बलिया (Ballia) के होनहार जहां लोक सेवा में कामयाबी के झंडे गाड़ रहे हैं, वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र में भी वह किसी से पीछे नहीं हैं। वह लगातार इस क्षेत्र में बड़ी उप्लब्धियां हासिल कर ज़िले का नाम रौशन कर रहे हैं। अब बलिया के लाल डॉ. गोपाम्बुज सिंह राठौड़ (Dr.Gopambuj Singh Rathore)  ने एमडी (मेडिसिन) की परीक्षा में गोल्ड मेडल (Gold Medal)  हासिल कर ज़िले को गौरवान्वित किया।

उन्होंने ये परीक्षा झांसी के महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज से दी थी। जहां वह सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर के पद पर तौनात हैं। बांसडीह के परिखरा के रहने वाले डॉ. गोपाम्बुज एक मिडिल क्लास फैमिली से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता केशव कुमार सिंह रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी हैं।

वहीं माता सरोज सिंह हाउसफाइफ़ हैं। उन्होंने अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता के साथ ही गुरुओं को दिया है। डॉ. गोपाम्बुज की शुरुआती पढ़ाई बलिया से ही हुई। उन्होंने माल्देपुर के नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर से दसवीं और इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की।

इसके बाद उन्हें एमबीबीएस में पंश्चिम बंगाल के बांकुड़ा मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिल गया। जहां से उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की। एमबीबीएस करने के बाद भी डॉ. गोपाम्बुज का सफ़र नहीं रुका। वह एमडी (मेडिसिन) करने के लिए झांसी के महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज पहुंच गए।

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यहां उन्होंने (मेडिसिन) की परीक्षा दी। जिसका रिज़ल्ट कुछ दिनों पहले ही आया। जिसमें उन्होंने गोल्ड मेडल के साथ टॉप किया। अब उनका इरादा डीएम करने का है। जिसकी वह तैयारी कर रहे हैं। डॉ. गोपाम्बुज कोरोना के खिलाफ़ जंग में भी बतौर डॉक्टर काफी सक्रिय रहे हैं।

मार्च के महीने में ही उन्होंने इसको लेकर एक लेख भी लिखा था, जिसे न्यूज़ वेबसाइट ‘लल्लनटॉप’ ने प्रकाशित किया था। इस लेख में उन्होंने बताया था कि किस तरह से भारत को कोरोना से सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने अपने इस लेख में पहले ही इस बात का अंदेशा जता दिया था कि अगर कोरोना को लेकर एहतियात नहीं बरता गया तो स्थिति भयावाह हो जाएगी।

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बलियाः जिला अस्पताल के फार्मासिस्ट का कारनामा, मरीज को खड़ा कर ही लगा दिया इंजेक्शन

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बलिया जिला अस्पताल की बदतर व्यवस्थाओं के किस्से आपने सुने होंगे। अब अस्पताल की व्यवस्थाओं की पोल खोलती एक तस्वीर सामने आई है। जहां फार्मासिस्ट अशोक सिंह ने मरीज को लेटाकर इंजेक्शन लगाने के बजाय खड़ा कराकर ही इंजेक्शन लगा दिया। फार्मासिस्ट की इस लापरवाही से बुजुर्ग मरीज दर्द से कराहता रहा।

बुजुर्ग को खड़े कर इंजेक्शन लगाने की तस्वीर वायरल हुई है। जिसके बाद तमाम सवाल उठ रहे हैं। जब फार्मासिस्ट से पूछा कि आपने इस तरीके से सुई क्यों लगाई, जिस पर अपनी गलती मानने के बजाए वह पत्रकारों को धमकाया। बता दें कि जिला अस्पताल में अक्सर स्टाफ मरीजों की सही से देखभाल नहीं करते और आए दिन इलाज में लापरवाही करते हैं।

इसी बीच रविवार दोपहर चार बजे फार्मासिस्ट अशोक सिंह वार्ड में गए और मरीज को खड़े-खड़े ही इंजेक्शन लगा दिया। वहां मौजूद पत्रकार ने इस लापरवाही को अपने कैमरे में कैद कर लिया। बस फिर क्या, फार्मासिस्ट अशोक सिंह पत्रकारों पर भड़क गए। उन्होंने कहा कि मेरी मर्जी में कैसे भी इंजेक्शन लगाऊं, आप पत्रकार लोग वीडियो कैसे बनाएं, हम आपकी जिला अस्पताल में इंट्री बंद करवा देंगे। उधर इस संबंध में जब सीएमएस डॉक्टर दिवाकर सिंह से बात की गई तो उन्होंने छुट्टी का हवाला देकर प्रभारी सीएमएस डॉक्टर वीके सिंह के पाले में गेंद डाल दी। वहीं जब पत्रकारों ने डॉक्टर वीके सिंह से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।

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PM जन विकास योजना का विस्तार, बलिया में इन अल्पसंख्यक क्षेत्रों को मिलेगा लाभ

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बलिया। उत्तरप्रदेश में अल्पसंख्यक वर्ग को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। जहां अब अल्पसंख्यक समाज को मजबूत और शिक्षित बनाने के लिए चल रही प्रधानमंत्री जन विकास योजना का दायरा भी बढ़ाया गया है। ऐसे में अब बलिया जिले के भी कुछ क्षेत्रों को योजना का लाभ मिलेगा। इस योजना के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास आदि के क्षेत्र में अल्पसंख्यकों को मजबूत बनाने के लिए भौतिक और सामाजिक ढांचे के विकास पर फोकस रहेगा।

25 फीसदी आबादी पर मिलेगा लाभ- नगरपालिका और नगर पंचायतों में जहां भी अल्पसंख्यकों की आबादी 25 प्रतिशत से अधिक है, वहां 5 किमी परिधि में सबसे अधिक आवश्यकता वाले विकास कार्यों को कराया जाएगा। सब कुछ ब्लॉक स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट पर होगा। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की देख-रेख में उन कस्बों या गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल मैदान, आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक भवन, तकनीकी स्कूल, कॉलेज, लाइब्रेरी, छात्रावास आदि के विकास कार्य कराए जाएंगे। अल्पसंख्यक आबादी की गणना साल 2011 की जनगणना के अनुसार होगी

इन क्षेत्रों को मिलेगी विकास की संजीवनी- बलिया जिले में सदर तहसील, सिकंदरपुर, रसड़ा और बिल्थरारोड में अल्पसंख्यक समाज को विकास की संजीवनी मिल सकती है। क्योंकि इन क्षेत्रों में अल्पसंख्यकों की आबादी 25 प्रतिशत से अधिक है।

हर जिले में होगा विकास- अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी दिव्य दुर्गेश सिन्हा ने बताया कि पहले भारत सरकार अल्पसंख्यक युवाओं को कौशल प्रदान करने के लिए MSDP यानि मल्टी सेक्टोरल डेवलपमेंट के तहत अल्पसंख्यक बाहुल्य नगर, कस्बा और गांवों में बहुक्षेत्रीय विकास करती थी। उसमें जिला शामिल नहीं था । इस वजह से यहां के अल्पसंख्यक समाज को लाभ नहीं मिल पाया। अब इसका विस्तार कर दिया गया है। ब्लॉक स्तरीय रिपोर्ट के आधार पर कार्ययोजना बनाकर विकास कार्य होंगे।

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बलिदानी बलिया के वीरों की दास्तां दुनिया को सुनाएगी ‘द एडमिनिस्ट्रेटर’ बुक

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नई दिल्ली : आजादी के 75 साल पूरे होने पर देश भर में अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। इस दौरान अमर वीर शहीदों की याद में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बलिया के पूर्व जिलाधिकारी जगदीश्वर निगम के पुत्री के द्वारा लिखित पुस्तक ‘द एडमिनिस्ट्रेटर’ का विमोचन किया गया।

1942 में बलिया के जिलाधिकारी जगदीश्वर निगम की बेटी के द्वारा लिखित पुस्तक में बलिया से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं का वर्णन किया गया है। पुस्तक के द्वारा बलिया के क्रांतिवीरों की गाथा दुनिया के सामने लाने का प्रयास है। इस दौरान कार्यक्रम में सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त और कई राष्ट्र्र के राजदूत मौजूद थे। जिलाधिकारी के नातिन जेनिस दरबारी ने बलिया से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं का भी वर्ण किया। साथ ही जिले की कई घटनाओं के किस्से सुनाए। इस कार्यक्रम में गणमान्य नागरिक शामिल हुए।

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