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जिले का गौरव: बलिया के दो मेधावी छात्र सेना में लेफ्टिनेंट बने

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बलिया। जनपद के होनहार छात्र जिले का हर क्षेत्र में नाम रोशन कर रहे हैं। बीपीएससी में कई युवाओं के सफलता हासिल करने के बाद अब बलिया के भोजपुर के रहने वाले आशीष कुमार सिंह भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। बचपन से ही होनहार आशीष ने प्रारंभिक शिक्षा नेवी पब्लिक स्कूल को चीन से पूरी की। आशीष का चयन 2017 में ही टीईएस 37 में हुआ फिर चार साल की ट्रेनिग के बाद भारतीय सेना में बतौर लेफ्टिनेंट शामिल कर लिए गए। ट्रेनिग के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन की वजह से उन्हें गोल्ड मेडल मिला।

इतनी कम उम्र में सेना में उत्कृष्ट स्थान हासिल कर आशीष ने पूरे जिले का नाम गौरवान्वित किया है। उनके गांव में भी खुशी का माहौल है। वहीं जनपद के एक और मेधावी छात्र मोहित ओझा भी सेना में भर्ती हो गए हैं। मोहित सेना में लेफ्टिनेंट जैसे महत्वपूर्ण अधिकारी बने हैं। शनिवार को आइएमए, देहरादून में हुई पासिंग आउट परेड के बाद मोहित के कंधे पर लेफ्टिनेंट पद की पिपिंग सजा दी गई। मोहित के पिता राकेश ओझा ने बताया कि कोरोना प्रोटोकाल के तहत वे आइएमए नहीं जा पाए, लेकिन आज उन्हें बेटे पर गर्व है।

उन्होंने बताया कि ओझा परिवार की यह चौथी पीढ़ी है जो सेना में सेवा के लिए पहुंची है। बकौल राकेश इससे पहले मोहित के परदादा धनेश्वरनाथ ओझा, दादा गजाधर नाथ ओझा, चाचा बृजेश ओझा सेना में सेवाएं दे चुके हैं। मोहित को पहली पोस्टिंग अमृतसर में मिली है। उन्हें आर्टिलरी में तैनाती मिली है। मोहित ने दसवीं तक की पढ़ाई बलिया के होली क्रॉस स्कूल से की। इसके बाद वे आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली चले गए।

लाल बहादुर शास्त्री स्कूल, दिल्ली में 12वीं की पढ़ाई के दौरान ही मोहित ने प्रवेश परीक्षा दी और सलेक्ट हो गए। तीन वर्ष की पढ़ाई और ट्रेनिंग के बाद मोहित सैन्य अफसर बनकर निकले हैं। मोहित ने अपनी सफलता का श्रेय पिता को दिया। उन्होंने कहा कि पिता की इच्छा थी कि वे एक सफल इंसान बने। चूंकि बचपन से ही घर में वर्दी का महत्व देखा था, इसलिए फौज में अफसर बनने की ख्वाहिश थी।

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बलिया के सुखपुरा में तैनात लेखा सहायक हुए गायब, अपहरण की आशंका !

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बलिया। बलिया के सुखपुरा में तैनात पराग डेयरी के लेखा सहायक ज्ञानदेव मिश्रा बुधवार को बैंक जाते समय अचानक लापता हो गए। बलिया पुलिस उनके लापता होने के पोस्टर भी जारी किये हैं और छानबीन कर रही है। गायब होने की खबर मिलते ही बलिया पहुंचे परिजन उनके अगवा होने की आशंका जता रहे हैं। उधर यह खबर जैसे ही आजमगढ़ दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि. के अधिकारियों को हुई चारो तरफ अफरा-तफरी मची हुई है। विभाग में हड़कंप मच गया और अधिकारी उनका पता लगाने में जुट गए है।

जानकारी के मुताबिक बुधवार को पूर्वांह्न दस बजे लेखा सहायक ज्ञानदेव मिश्र डेरी के किसी काम से जिला मुख्यालय स्थित यूनियन बैंक की मुख्य शाखा में किसी काम से जा रहे थे। अचानक रास्ते से गायब हो गए। देर रात तक वह न तो पराग डेरी के कार्यालय पहुंचे और न ही अपने आवास। श्री मिश्र मूलत: कानपुर के रहने वाले हैं। उनके गायब होने की खबर डेयरी के अधिकारियों ने जब घर वालों को दी, तो कानपुर से उनकी पत्नी व बेटे गुरुवार को सीधे बलिया पहुंच गए। परिजनों ने अपहरण की आशंका जताई है।

हालांकि पराग डेरी के अधिकारियों ने तहरीर में उनके लापता होने की बात कही गई है। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। उधर घटना की सूचना पुलिस कप्तान बलिया, क्षेत्राधिकारी नगर तथा थानाध्यक्ष सुखपुरा को दी है। मजे की बात यह है कि गायब लेखा सहायक ज्ञानदेव मिश्र का मोबाइल नंबर भी बंद बता रहा है। इससे तरह-तरह की आशंका जताई जा रही है।

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बलिया में अंतर्धार्मिक शादी को लेकर भड़की करणी सेना, जमकर किया हंगामा, युवक पर केस दर्ज

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बलिया। जिले में एक दलित युवती के साथ मुस्लिम युवक द्वारा कथित तौर पर विवाह करने का मामला सामने आया। करणी सेना ने इसे लव जिहाद बता कर जमकर हंगामा किया और दोनों को थाने ले गए। जहां पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। बताया जा रहा है कि जिले के उभांव थाना क्षेत्र के एक गांव की 18 वर्षीय दलित युवती को लेकर पड़री गांव का निवासी दिलशाद जिला मुख्यालय स्थित कचहरी में विवाह का पंजीकरण कराने गया था।

युवती ने बुरका पहन रखा था। तभी कचहरी में मौजूद करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने युवती से पूछताछ की और बाद में लवजिहाद बताते हुए जमकर हंगामा शुरु कर दिया। करणी सेना के लोग हंगामा करते हुए दलित युवती और मुस्लिम युवक को थाने ले गए। जहां पुलिस ने कार्रवाई की।करणी सेना के हंगामे का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। जिसमें लोग लड़की को हिंदू दलित बताते हुए उसके परिजन को बुलाने और युवक को धमकाते तथा थाने ले जाने की बात कहते दिख रहे हैं।

लड़की करणी सेना से यह कहते हुए साफ दिख रही है कि वह अपनी मर्जी से शादी करने आई है। लेकिन फिर भी करणी सेना वाले नहीं माने और युवक-युवती को बलिया शहर कोतवानी ले गए। इसके बाद उभांव थाना में बुधवार रात दिलशाद के विरुद्ध लड़की के पिता की शिकायत पर अपहरण के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। उभांव थाना के प्रभारी ज्ञानेश्वर मिश्र ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

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सो रहा बलिया का बिजली विभाग, जर्जर तार की चपेट में आकर बुजुर्ग की मौत, हादसे के बाद नहीं पहुंचे अधिकारी

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बलिया। बलिया का बिजली विभाग सो रहा है और जनता रो रही है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि बिजली अधिकारियों की लापरवाही अब लोगों की जान ले रही है। हाल ही में जर्जर तार की चपेट में आने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। मामला नरही के सोहांव गांव का मामला है। जहां खेत में काम करते हुए एक बुजुर्ग जर्जर तार की चपेट में आ गया। जिससे करंट लगने से उनकी मौत हो गई। लेकिन बिजली विभाग की लापरवाही की इंतेहा देखिए कि बुजुर्ग की मौत के बाद भी बिजली विभाग मौके पर नहीं पहुंचा।

बुजुर्ग का शव घटनास्थल पर ही पड़ा रहा।बुजुर्ग की मौत के बाद परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण कई बार बिजली अधिकारियों से इसको लेकर शिकायत कर चुके हैं लेकिन फिर भी बिजली विभाग सोता रहा।अगर बिजली विभाग ने समय पर कार्रवाई करते हुए उस जर्जर तार को हटवा दिया होता तो आज शायद बुजुर्ग की जान बच जाती। लेकिन बिजली विभाग के अधिकारी आंखों और कानों पर पट्टी बांधे बैठे हैं। जिन्हें न तो ग्रामीणों की परेशानी सुनाई देती न दिखाई।

ग्रामीण चीख-चीखकर बिजली जर्जर तार हटाने की मांग करते रहे लेकिन विभाग के अधिकारियों को फर्क नहीं पड़ा। नतीजतन एक बुजुर्ग को अपनी जान गंवाना पड़ी। वहीं बिजली विभाग के इस उदासीन रवैये से साफ जाहिर है कि उसे किसी बड़े हादसे का इंतजार है। ऐसे में उच्च अधिकारियों को जल्द ही ठोस कदम उठाने चाहिए।

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