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बेल्थरारोड विधायक का रिपोर्ट कार्ड, जनता से जानिए कैसा रहा कार्यकाल ?

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dhananjay kanaujia MLA Belthara Road Vidhansabha

बेल्थरारोड डेस्क : विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर बलिया ख़बर की टीम अलग अलग विधानसभा क्षेत्रों में जाकर मौजूदा विधायक के कार्यकाल के बारे में जनता से जान रही है। इसी क्रम में  हमारी टीम ने बेल्थरारोड विधानसभा की जनता से बातचीत की और मौजूदा विधायक धनंजय कन्नौजिया के कार्यकाल के बारे में जानकारी जुटाई।  तो चलिए देखते हैं कैसा रहा विधायक धनंजय कन्नौजिया का पांच साल का कार्यकाल और इस दौरान उन्होंने क्षेत्र को क्या सौगातें दी।

बेदाग छवि के नेता हैं कन्नौजिया– बीजेपी के धनंजय कन्नौजिया ने 2017 के विधानसभा चुनाव में भारी मतों से विजयी हासिल की थी। 5 साल के कार्यकाल में उन्होंने कई विकास कार्य किए। धनंजय कन्नौजिया साफ छवि वाले नेता हैं। इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म्सज (ADR) ने अपनी रिपोर्ट में उन्हें बेदाग छवि वाला नेता बताया है। कन्नौजिया के खिलाफ एक भी मुकदमा दर्ज नहीं है। सूबे में सबसे कम संपत्ति वाले विधायकों की लिस्ट में उनका नाम शामिल हैं। धनंजय कन्नौजिया कि  कुल संपत्ति ही केवल 3 लाख 77 हजार है। यह चल संपत्ति है जबकि धनंजय कन्नौजिया के पास कोई भी अचल संपत्ति नहीं है।

बेल्थरारोड निवासी रजत कन्नौजीया ने बताया कि “आमतौर पर विधायक बनने के बाद राजनेता अपनी संपत्ति का विस्तार करते हैं लेकिन धनंजय कन्नौजिया सूबे के विकास पर फोकस रखते हैं। सादगी के साथ वह विकास कार्यों की इबारत लिखते हैं। उन्होंने अपने पांच साल के कार्यकाल में कई सारे विकास कार्य करवाए। सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यटन हर क्षेत्र में विकास कार्य हुए। बात सड़कों के जाल बिछाने की हो तो कन्नौजिया के कार्यकाल में अच्छे काम हुए। आंकड़ों के मुताबिक लखुबरा बराईच संपर्क मार्ग का नवीनीकरण हुआ।”

चौकिया मोड से देवेंद्र पी.जी. कॉलेज तक का कार्य चल रहा। बिहर माल्दा संपर्क मार्ग से मऊरहा होते हुए देवकली माल्दा संपर्क मार्ग का कार्य और क्षेत्र में 120 किलोमीटर की सड़कों का निर्माण भी विधायक कन्नौजिया ने 60 करोड़ की लागत से करवाया। इधर बातचीत के दौरान कुछ लोग चौंकिया-तेंदुआ मार्ग के अधूरे निर्माण को लेकर भी नाराज दिखे। क्षेत्र के सूरज चौहान ने बताया कि “विधायक के कार्यकाल के दौरान चौंकिया-तेंदुआ मार्ग का निर्माण अगर हो जाता तो जनता को परेशान नहीं होना पड़ता।”

असलम खान ने बताया कि “शिक्षा व रोजगार के क्षेत्र में विधायक कन्नौजिया का काम सराहनीय है। उन्होंने क्षेत्र के अखोप ग्राम सभा में राजकीय इंटर कॉलेज का नव निर्माण करवाया। दो भव्य रोजगार मेले के माध्यम से क्षेत्र के हजारों युवाओं को रोजगार से जोड़ा।” वहीं कुछ और क्षेत्रीय नागरिकों ने बातचीत में बताया कि बिजली, पानी पर भी विधायक का फोकस रहा। विधायक कन्नौजिया ने बेल्थरा रोड के ग्रामसभा दिलमन मधुकीपुर और ग्राम सभा रनाऊपुर में विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कराया। नगरा व सीयर ब्लॉक के 185 गांव में जर्जर तारों को बदलकर केबलिंग का कार्य करवाया।

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इसके अलावा बेल्थरा रोड विधानसभा के गांवों में दो सौ हैंडपंपों का अधिष्ठान विधायक निधि से कराया गया। बेल्थरा रोड विधानसभा क्षेत्र के 35 सार्वजनिक स्थलों पर शुद्ध पेय जल के लिए आर ओ प्लांट विधायक निधि के द्वारा लगवाया गया।चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में विधायक कन्नौजिया का विशेष जोर रहा। उन्होंने कोरोनाकाल में जनता की मदद करने के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं में इजाफा करवाया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीयर के अंतर्गत विधायक निधि के द्वारा ऑक्सीजन प्लांट और 30 ऑक्सीजन बेड स्थापित किए गए।

नगरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बेड, ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर, बड़े ऑक्सीजन सिलेंडर लगवाए। मास्क, सैनिटाइजर के लिए लाखों का अनुदान किया। हमारी टीम से बातचीत में महिला सुमन ने बताया कि “सामाजिक व धार्मिक महत्व के कार्यों को लेकर विधायक कन्नौजिया हमेशा सजग रहते हैं। वह सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान करते हैं। उन्होंने सामूहिक विवाह के जरिए सैंकड़ों युवाओं की जिंदगी संवारी।

महिलाओं-बेटियों के विषय को लेकर विधायक ने हमेशा आवाज उठाई है।” जनता से बातचीत में हमारी टीम ने विधायक के कार्यकाल के बारे में जाना। बेहरहाल आने वाले विधानसभा चुनाव क्या जनता एक बार फिर विधायक कन्नौजिया पर विश्वास जताएगी और उन्हें विधायक बनाएगी यह देखने वाली बात होगी।

To be Continued..  (जारी)

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करोड़ों का रेलवे का सामान चोरी करने वाला रिटायर्ड फौजी बलिया से गिरफ्तार

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बलिया। वाराणसी मंडल के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) टीम को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। करीब सवा करोड़ की रेलवे की संपत्ति चुराने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए सरगना को गिरफ्तार किया है रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे लाइन और इलेक्ट्रिक तार चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का सरगना है। आरोपी फर्जी ठेकेदार बनकर कई स्टेशनों से चोरी करता था और फिर चोरी किए सामान को पटना में ठिकाने लगाता था। गिरफ्तार आरोपी रणविजय फौज से रिटायर्ड होकर नोएडा में निजी जॉब करता था।

बता दें कि सिकंदरपुर का हरदिया निवासी रिटायर्ड फौजी रणविजय सिंह को गांव के पास से ही गिरफ्तार किया गया। गुरुवार को सिकंदरपुर पुलिस की मदद से वाराणसी के सीआईबी इंस्पेक्टर अभय राय अपनी टीम के साथ उसे बनारस ले गए। रणविजय सिंह फौज से रिटायर्ड होकर नोएडा में प्राइवेट जॉब करता था। बाद में बनारस आकर रहने लगा।

सीबीआई इंस्पेक्टर अभय कुमार राय ने पीटीआई को बताया कि ‘रणविजय हरदिया सिवानकलां का निवासी है। वह रेलवे लाइन और इलेक्ट्रिक तार की चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का मुख्य सरगना है। रेलवे का फर्जी ठेकेदार बनकर अब तक दानापुर, भागलपुर, कहलगांव, बगहा, मुजफ्फरपुर व नौगछिया समेत कई रेलवे स्टेशन के पास सामान की चारी करता था, उसे वह पटना बिहार में ठिकाने लगाता रहा है।’

27 मार्च को वाराणसी के पास कादीपुर रेलवे स्टेशन यार्ड से रेल लाइन चुराने की कोशिश में पुलिस ने डीसीएम और हाईड्रा जब्त किया था और चालकों के गिरफ्तारी के बाद उसकी जानकारी हो सकी। वर्तमान में वह करीब सवा करोड़ का रेलवे सामान पटना में इकट्ठा कर कई कारखानों में बेच चुका है। परिवार वाले कुछ भी बताने से इन्कार कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है।

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बलियाः 3 साल में भी नहीं बन सका डेढ़ किमी नाला, अब फिर होगी जलभराव की समस्या

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बलिया-बांसडीह मार्ग के एनसीसी तिराहा से कटहल नाला तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा शहर का सबसे गहरा-चौड़ा नाला है। बीते तीन साल से इस नाले का निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन निर्माण की चाल इतनी धीमी है कि बीते 3 सालों में काम पूरा नहीं हुआ।

तीन साल में लागत बढ़कर दोगुना से अधिक हो गई, लेकिन निर्माण अधूरा ही पड़ा है। अब बारिश की शुरुआत हो गई है, ऐसे में फिर से जलभराव की समस्या खड़ी हो सकती है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने इसके लिए 30 मई तक का अल्टीमेटम दिया गया था।

लेकिन काम पूरी नहीं हुआ। बता दें कि कुछ साल से पानी निकासी सही तरीके से नहीं होने के कारण स्टेडियम, पुलिस लाइन, पुलिस परेड ग्राउंड, एसपी आफिस के साथ ही आनंद नगर, टैगोर नगर, आवास-विकास, तिखमपुर, श्रीराम विहार कालोनी आदि मोहल्लों में जल भराव हो जाता है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिये साल 2020 में नाला निर्माण की योजना तैयार की गई।

सूत्रों की मानें तो उस वक्त करीब तीन करोड़ रुपए की राशि निर्धारित हुई थी। लेकिन तीन सालों में 2021 में नाला निर्माण का यह खर्च 5 करोड़ तक पहुंच गया। इसके बाद एक बार फिर रिवाईज कर दो करोड़ रुपये मांगे गये। शासन की ओर से इसकी स्वीकृति भी हो गयी। कुल मिलाकर सात करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। लेकिन काम अभी भी अधूरा पड़ा है।

एनसीसी तिराहा से सिविल लाइन फीडर के पास कटहल नाला तक बन रहे नाला का निरीक्षण मंत्री, सांसद व डीएम कर चुके हैं। कार्यदायी संस्था को फटकार लगाई गई अल्टीमेटम दिया गया। यहां तक पेनाल्टी भी लगाई गई। इसके बावजूद निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका। नगरपालिका सूत्रों की माने तो नाला निर्माण कार्य पूरा करने का निर्धारित वक्त 15 जून था।

अब जून का महीना समाप्त हो चुका है, बरसात भी शुरु हो चुकी है। लेकिन काम रफ्तार नहीं पकड़ सका है। कुछ दिनों पहले डीएम सौम्या अग्रवाल और फिर मंत्री दयाशंकर सिंह, सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त नाला निर्माण कार्य को देख चुके हैं। उन्होंने ठेकेदार व अफसरों को हिदायत भी दिया, लेकिन उसका भी असर होता नजर नहीं आ रहा है। इस सम्बंध में नपा बलिया के चेयरमैन अजय कुमार का कहना है कि नाला निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है। किन्हीं कारणों से कुछ देरी हुई है, लेकिन काम पूरा करने पर जोर है। निर्माण के लिये और 10 दिनों की मोहलत मांगी गयी है।

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विधायक उमाशंकर सिंह की पहल पर रसड़ा CHC पर हुई दो नए चिकित्सकों की तैनाती

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बलियाः रसड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दो नए चिकित्सकों की तैनाती की गई है। क्षेत्रीय विधायक उमाशंकर सिंह की पहल पर अस्पताल में चिकित्सकों की पोस्टिंग हुई है। रसड़ा सीएचसी में बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर ओपी वर्मा और फिजिशियन डॉक्टर पंकज कुमार को तैनात किया गया है।

क्षेत्रीय विभागी उमाशंकर सिंह ने बीते 27 मई 2022 को रसड़ा सीएचसी में चिकित्सकों की कमी का मुद्दा उठाया था। उन्होंने सदन में सरकार का ध्यान चिकित्सकों की कमी पर लाकर स्टाफ बढ़ाने की मांग की थी। जिसके बाद प्रदेश के डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के निर्देश पर बलिया मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने डॉक्टर ओपी वर्मा और फिजिशियन डॉक्टर पंकज कुमार को रसड़ा सीएचसी भेजा है।

वहीं विधायक के द्वारा पूछे गए सवाल के जबाव में उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सीएचसी रसड़ा में पूर्व से ही डा. विनोद कुशवाहा निश्चेतक, मनीष जायसवाल व स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती है। रसड़ा सीएचसी में दो चिकित्सकों की तैनाती के संबंध में सीएचसी रसड़ा के अधीक्षक डा. बीपी यादव ने वास्तविकता बताई। उन्होंने बताया कि तैनाती के बाद से ही डॉक्टर पंकज कुमार लापता हैं तो वहीं ओपी वर्मा ने भी पत पदभार ग्रहण नहीं किया।

इसी जानकारी सीएमओ को भेजी गई है। विधायक उमाशंकर सिंह ने आश्वासन दिया है कि दोनों लापता डॉक्टर्स को तलाश कर जल्द ही उन्हें सीचएसी पहुंचाया जाएगा। ताकि आम जनता को राहत मिले और समय पर इलाज हो सके।

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