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बेल्थरा रोड

बेल्थरारोड में नहीं होगी बिजली की किल्लत, 55 करोड़ से बनेगा 132 केवीए ट्रांसमिशन उपकेंद्र

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बेल्थरारोड वासियों को अब विद्युत संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। जल्द ही क्षेत्र में 132 केवी क्षमता का नया ट्रांसमिशन उपकेंद्र स्थापित किया जाएगा। इसके लिए तहसील के बारा ग्राम पंचायत में भूमि चिह्नित कर ली गई है। इस प्रोजेक्ट में 55 करोड़ लागत आने की संभावना है।

बता दें कि ग्राम समाज की भूमि को उत्तरप्रदेश ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन को हस्तांतरित करने के लिए राजस्व विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। साथ ही एसडीएम ने इसी स्वीकृति के लिए डीएम को भेज दिया है। डीएम की स्वीकृति के बाद डीपीआर बनाया जाएगा।

इसके साथ ही यीपीपीसीएल को भूमि उपलब्ध कराई जाएगी इसके बाद 90 लाख की लागत से एक किलोमीटर लंबा और पांच मीटर चौड़ा संपर्क मार्ग बनाया जाएगा। रास्ते के लिए भूखंड किसानों से अधिग्रहीत करना होगा। इसके लिए सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा वितरण की तैयारी की जा रही है।

बेल्थरारोड तहसील क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं को 132 केवी सिकंदरपुर ट्रांसमिशन उपकेंद्र से आपूर्ति हो रही है। लेकिन इस पर बोझ अधिक होने से लोग काफी ज्यादा परेशान है। बिजली आपूर्ति बाधित होती है। इस परेशानी को दूर करने के लिए विभाग ने ट्रांसमिशन यूनिट लगाने की तैयारी कर ली है। इस यूनिट को लगाने में करीब 55 करोड़ खर्च आएगा। इसका फायदा यह है कि इसे 35 किलोमीटर दूर रसड़ा में निर्माणाधीन 400 केवी के अत्याधुनिक ट्रांसमिशन केंद्र से जोड़ा जा सकता है। इसके साथ ही 22 किलोमीटर दूर मऊ के सेमरी सब स्टेशन से भी इसे जोड़ा जाएगा।

ट्रांसमिशन यूनिट स्थापित होने के बाद जनता को विद्युत संकट से निजात मिलने की आस जगी है। उप्र पॉवर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड अधिशासी अभियंता खालिद फजल ने बताया कि बारा में प्रस्तावित ट्रांसमिशन उपकेंद्र के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। इसे राजस्व विभाग की ओर से विद्युत विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया चल रही है। जिलाधिकारी का आदेश मिलने के बाद प्रस्ताव पावर कारपोरेशन को भेजा जाएगा ताकि यूनिट स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त हो सके।

 

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बलिया: सहयोग राशि देने में वादा खिलाफी के आरोप पर क्या बोले विधायक धनंजय कन्नौजिया?

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बलिया के बेल्थरारोड विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक धनंजय कन्नौजिया पर एक राम कथा कार्यक्रम में मंच से 11 हजार रुपए का वादा करके सिर्फ 1 हजार देने का आरोप लगा है। राम कथा कार्यक्रम के आयोजकों ने विधायक धनंजय कन्नौजिया से नाराज होकर उन्हें 1 हजार रुपया लौटा दिया। साथ ही उन्हें दिया गया स्मृति चिन्ह भी वापस ले लिया। इस पूरे बखेड़े पर भाजपा विधायक ने चुप्पी तोड़ी है।

मंच से 11 हजार देने का वादा करके 1 हजार रुपए देने के आरोप पर विधायक धनंजय कन्नौजिया ने कहा है कि “मैंने ऐसी कोई घोषणा नहीं की थी। मंच से 11 रुपए देने की बात अफवाह है। लोग बेवजह मेरी छवि खराब करने के लिए इस तरह की अफवाह फैला रहे हैं। मैं कभी भी धार्मिक कार्यक्रमों में सहयोग राशि देने की घोषणा नहीं करता हूं।”

पूरा बखेड़ा समझिए: बलिया के बेल्थरारोड में पूरा और पतोई गांव द्वारा हर साल नवरात्र के समय राम कथा कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। गांव के ही एक दुर्गा मंदिर पर इस साल भी यह आयोजन किया गया था। राम कथा कार्यक्रम में बेल्थरारोड से भाजपा विधायक धनंजय कन्नौजिया को बतौर अतिथि बुलाया गया था। आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम स्थल पर मंच से धनंजय कन्नौजिया ने ग्यरह हजार की सहयोग राशि देने की घोषणा की। लेकिन बाद में पलट गए और सिर्फ एक हजार रुपया ही दिया। दिलचस्प बात यह है कि राम कथा कार्यक्रम का आयोजक खुद भारतीय जनता पार्टी का ही एक बूथ अध्यक्ष है।ग्यारह हजार का वादा कर एक हजार रुपया थमाने पर कार्यक्रम के आयोजक नाराज हो गए। आयोजकों ने विधायक धनन्जय कन्नौजिया को उनका एक हजार रुपया लौटा दिया। साथ ही कार्यक्रम में दिया गया स्मृति चिन्ह भी वापस ले लिया। आयोजकों ने इस बात की घोषणा बाकायदे मंच पर चढ़ कर दिया। आयोजकों द्वारा मंच से दी गई इस जानकारी का वीडियो सोशल मीडिया पर रायता फैला रहा है।

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बलिया: भाजपा विधायक ने ऐसा क्या कर दिया कि आयोजकों ने स्मृति चिन्ह ही वापस ले लिया!

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बलिया जिले के बेल्थरारोड में भाजपा विधायक धनन्जय कन्नौजिया को दिया गया सम्मान वापस ले लिया गया। बेल्थरारोड के पूरा गांव में आयोजित एक राम कथा कार्यक्रम में विधायक धनन्जय कन्नौजिया को दिया गया स्मृति चिन्ह वापस ले लिया गया। धनन्जय कन्नौजिया ने राम कथा कार्यक्रम में ग्यारह हजार रुपए की सहयोग राशि देने का ऐलान किया था। लेकिन जब पैसा देने की बारी आई तो विधायक ने सिर्फ एक हजार रुपए ही दिए।

ग्यारह हजार का वादा कर एक हजार रुपया थमाने पर कार्यक्रम के आयोजक नाराज हो गए। आयोजकों ने विधायक धनन्जय कन्नौजिया को उनका एक हजार रुपया लौटा दिया। साथ ही कार्यक्रम में दिया गया स्मृति चिन्ह भी वापस ले लिया। आयोजकों ने इस बात की घोषणा बाकायदे मंच पर चढ़ कर दिया। आयोजकों द्वारा मंच से दी गई इस जानकारी का वीडियो सोशल मीडिया पर रायता फैला रहा है।

दिलचस्प बात यह है कि राम कथा कार्यक्रम का आयोजक खुद भारतीय जनता पार्टी का ही एक बूथ अध्यक्ष है। बेल्थरारोड के पूरा और पतोई गांव द्वारा हर साल नवरात्र के समय राम कथा कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। गांव के ही एक दुर्गा मंदिर पर इस साल भी यह आयोजन किया गया था। राम कथा कार्यक्रम में बेल्थरारोड से भाजपा विधायक धनन्जय कन्नौजिया को बतौर अतिथि बुलाया गया था। कार्यक्रम स्थल पर मंच से धनन्जय कन्नौजिया ने ग्यरह हजार की सहयोग राशि देने की घोषणा की। लेकिन बाद में पलट गए।

इस पूरे मामले पर आयोजन समीति के अध्यक्ष विनय गुप्ता ने बताया कि विधायक जी “चुनाव जीतने के बाद इस मंदिर पर आकर विवाह घर, सोलर लाइट और हैंडपंप देने की बात कह गए थे। लेकिन आज तक उन्हें अपनी बात याद नहीं आई। सिर्फ आश्वासन ही देते रहे हैं।” धनन्जय कन्नौजिया को लेकर क्षेत्र की जनता पहले ही नाराज चल रही है। अपने वादे से पलट जाने की आदत से धनन्जय कन्नौजिया ने बेल्थरारोड के लोगों को आतुर कर दिया है। उत्तर प्रदेश में जब विधानसभा का चुनाव नजदीक है तब ये कारनामे उन्हें भारी पड़ सकते हैं।

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बलिया

दौड़ते-दौड़ते अचानक पानी भरे गड्ढे में गिरा युवक, मौत

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बलिया में सड़कों किनारे पानी भरे गड्ढे लोगों की जिंदगियां छीन रहे हैं। इन पानी भरे गड्ढों में गिरने से कई लोगों की जान चली गई है। ताजा मामला सुखपुरा थाना क्षेत्र से सामने आया जहां एक युवक सड़क किनारे पानी भरे गड्ढे में गिर गया। मौके पर ही युवक की मौत हो गई। घटना से पूरे इलाके में कोहराम मच गया।

बताया जा रहा है कि सुखपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत शिवपुर के महुई गांव निवासी राजेन्द्र राजभर का इकलौता पुत्र 23 वर्षीय राकेश रोजाना की तरह मंगलवार की शाम करीब 5 बजे दौड़ने के लिए गया था। उसके कई साथी भी साथ में थे। वे दौड़ते हुए राकेश से आगे निकल गए।

तभी अचानक राकेश अचेत होकर पानी भरे गड्ढे में लुढ़क गया। थोड़ी देर बार जब साथ दौड़ते हुए वापस लौटेे तो उन्हें पानी में राकेश डूबा दिखाई दिए। आनन-फानन में साथियों ने राकेस को बाहर निकाला और पेट के बल लेटाकर पानी निकालने का प्रयास किया। राकेश के परिजनों को सूचना दी।

युवक को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार करीब 16 वर्ष पहले राजेन्द्र के एक अन्य बेटे की मौत सर्पदंश से हो गयी थी। दूसरे बेटे राकेश की भी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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