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बलिया स्पेशल

सियासत के हर पहलू से पर्दा हटाती ‘मेरी अशेष यात्रा’ बलिया में हुआ पुस्तक परिचय समारोह

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बलिया: लोक अधिकार मंच के अध्यक्ष श्री अनिल सिंह एवं लखनऊ विश्वविद्यालय कार्य परिषद में तीन दशक तक सदस्य रहें, वर्तमान में दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर की कार्य परिषद सदस्य जिनकी प्रदेश में राजनैतिक एवं सामाजिक सरोकार में महत्वपूर्ण स्थान रहा है, उनके द्वारा लिखी गयी पुस्तक “मेरी अशेष यात्रा”  पुस्तक का परिचय समारोह का आयोजन मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित गंगा बहुउद्देश्यीय सभागार में हुआ।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में केसरी विश्वविद्यालय, दक्षिणी बिहार, गया के कुलपति प्रो.केएन सिंह बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि लेखक अनिल सिंह का राजनीतिक जीवन संघर्ष से भरा हुआ है। निश्चित रूप से अपनी जीवन को अनुभवों को लिपिबद्ध करना बहुत ही कठिन होता है। उस कठिन काम को लेखक अनिल सिंह ने किया है। लखनऊ की गोमती नदी व हरैया बस्ती में बहने वाली मनोरमा नदी की सफाई का बीड़ा यह उठा चुके हैं। आवाह्न किया कि संघर्षों पर आधारित इस किताब को अवश्य पढ़ें।

समारोह में मुख्य अतिथि केएन सिंह ने कहा कि सभी लोग खासकर युवा वर्ग किताबें अवश्य पढ़ें, क्योंकि सिर्फ इंटरनेट से पढ़ाई कर स्थायी समाधान व ज्ञान नहीं पाया जा सकता। राष्ट्र के हर सजग प्रहरी को देश का इतिहास-भूगोल जानना चाहिए, जो कि इस पुस्तक में है। इस तरह की पुस्तक लोकतांत्रिक मूल्यों का संवर्धन करती है। उन्होंने कहा कि पुस्तकें सामान्य वस्तु नहीं है, बल्कि व्यक्ति को एक जीवन दृष्टि देती हैं। जीवन दृष्टि देश व राष्ट्र के लिए जीने की होनी चाहिए। कुलपति श्री सिंह ने सभागार में मौजूद बच्चों को सन्देश दिया कि इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और इंडियन टैलेंट दोनों के माध्यम से छात्र आगे बढ़ने का प्रयास करें, यही हमारे भारत का कल होगा। देश में आदर्श व्यक्तियों का समूह खड़ा करना भी शिक्षा का उद्देश्य है।

सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि आत्मकथा लिखना बहुत ही कठिन कार्य होता है। पुस्तक में लिखी गयी कई घटनाक्रम का जिक्र करते हुए स्वयं की उपस्थिति के अनुभवों को भी साझा किया। वरिष्ठ साहित्यकार जनार्दन राय ने अनिल सिंह की बेबाक लेखनी की तारीफ करते हुए शुभकामनाएं दी। पूर्व मंत्री राजधारी सिंह, पूर्व विधायक सुधीर राय ने अपने सम्बोधन में किताबों को मित्र बनाकर रखने पर बल दिया।

इससे पहले समस्त मंचासीन अतिथियों का स्वागत माल्यार्पण कर व पौधा देकर किया गया। पुस्तक के लेखक अनिल सिंह ने सभी अतिथियों व मौजूद लोगों का स्वागत अभिनन्दन किया। यह किताब राजनैतिक यात्रा की गाथा ही नहीं, बल्कि राजनैतिक चिंतन की भी गाथा है। टीडी कालेज के डॉ अखिलेश राय ने विषय प्रवर्तन करते हुए पुस्तक के बारे में तथा इसमें उल्लिखित हर महत्वपूर्ण तथ्यों को बताया। कहा कि राजनीति, लोकतंत्र व प्रदेश की तमाम घटनाओं की जानकारी लेनी है तो इस पुस्तक को अवश्य पढ़ें।

पुस्तक के लेखक अनिल सिंह ने सभी अतिथियों व मौजूद लोगों का स्वागत अभिनन्दन किया। यह किताब राजनैतिक यात्रा की गाथा ही नहीं, बल्कि राजनैतिक चिंतन की भी गाथा है। टीडी कालेज के डॉ अखिलेश राय ने विषय प्रवर्तन करते हुए पुस्तक के बारे में तथा इसमें उल्लिखित हर महत्वपूर्ण तथ्यों को बताया। कहा कि राजनीति, लोकतंत्र व प्रदेश की तमाम घटनाओं की जानकारी लेनी है तो इस पुस्तक को अवश्य पढ़ें।

साहित्यकार शिवकुमार सिंह कौशिकेय ने सभी अतिथियों व आगंतुकों के प्रति आभार जताया। संचालन विजय बहादुर सिंह ने किया। समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार जनार्दन राय, सहकारी बैंक चेयरमैन विनोद शंकर दूबे, कमलेश सिंह, बेरुआरबारी ब्लॉक प्रमुख चंद्रभूषण सिंह भोला, सीयर ब्लॉक प्रमुख आलोक सिंह, रसड़ा चेयरमैन प्रतिनिधि वशिष्ठनारायण सोनी, टीडी कालेज के डॉ अखिलेश राय, मुक्तेश्वर सिंह, ज्ञानेंद्र राय गुड्डू, शैलेश सिंह पप्पू, मेजर दिनेश सिंह, प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह, रानाकुनाल सिंह, उमेश सिंह, उपेंद्र सिंह सहित हजारों लोग मौजूद थे।

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बलिया में सैद्धांतिक सहमति से बनेगा मेडिकल कॉलेज, मंत्री जी सैद्धांतिक इलाज़ कैसे होगा?

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उत्तर प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र चल रहा है. उसी विधानसभा में बलिया से चुनकर जनता ने 7 विधायक चुन कर भेजे हैं. जिनमें 2 विधायक सत्ता पक्ष में बैठते हैं. जबकि 5 विधायक विपक्षी खेमे में बैठते हैं. यानी ये 5 विधायक सरकार से सवाल पूछने की स्थिति में होते हैं. रसड़ा सीट से बहुजन समाज पार्टी के विधायक उमाशंकर सिंह ने आज बलिया में मेडिकल कॉलेज का सवाल विधानसभा में उठाया. जिसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सैद्धांतिक सहमति का राग अलापा. जिसके बाद ज़िले के लोग उक्ताए हुए हैं कि आखिर सैद्धांतिक सहमति जमीन पर व्यवहारिक सहमति का रूप कब लेगी?

उत्तर प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र में सरकार से विपक्ष सवाल पूछ रहा है. कुछ सवाल सरकार टरका रही है तो कुछ के जवाब भी दे रही है. शुरुआती सत्रों में अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर खूब सवाल उठाए. कानून व्यवस्था से लेकर स्वास्थ्य तक पर प्रश्न किए. प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने अंदाज़ में जवाब भी दिया. लेकिन हम यहां उनकी बात नहीं करेंगे. हम उस वक्त की बात करेंगे जब बात बलिया की हुई.

बलिया ज़िले के रसड़ा सीट से विधायक हैं उमाशंकर सिंह. बसपा के नेता हैं. उन्होंने बलिया में मेडिकल कब तक बनेगा, ये सवाल संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना से पूछा. उमाशंकर सिंह ने कहा कि “2019 से ही हम सुनते आ रहे हैं कि बलिया में मेडिकल कॉलेज बनेगा. लेकिन अब तक कुछ हुआ नहीं. संसदीय कार्य मंत्री आज खुले हुए मन से दिख रहे हैं. तो क्यों ना आज एक निर्धारित तिथि बता दें कि कब तक ये मेडिकल कॉलेज बनेगा.” उमाशंकर सिंह सवाल पूछकर बैठे ही थे कि सत्ता पक्ष की ओर से संसदीय कार्य मंत्री और वरिष्ठ विधायक सुरेश खन्ना उठे. उन्होंने कहा कि, “बलिया में मेडिकल कॉलेज को सैद्धांतिक सहमति हम दें चुके हैं. लेकिन वहां जमीन की दिक्कत है. ये बात आप भी (उमाशंकर सिंह की ओर इशारा करते हुए) जानते हैं.”

सुरेश खन्ना ने कहा कि “2020 से ही सरकार की सहमति है. कहा भी गया है कि पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज बनेगा. तो बनेगा ही. लेकिन जमीन की दिक्कत है.” अब दो सवाल है कि आखिर सरकार को ज़िले में जमीन क्यों नहीं मिल रही है? दूसरा सवाल जो ज्यादा जरूरी है कि आखिर सैद्धांतिक सहमति क्या चीज़ होती है? क्या इसका अर्थ ये है कि मेडिकल कॉलेज बनेगा इस नाम पर सरकार समय काटते रहे? क्या ये सहमति इस बात को दिखाने का सलिका है कि सरकार ज़िले के लिए बहुत कुछ कर रही है?

पीपीपी मॉडल की घोषणा और जमीन की खोज:

योगी सरकार के कई संकल्पों में एक ये भी है कि हर ज़िले में मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे. इसे लेकर सरकार की ओर से ऐलान किया गया था कि प्रदेश के 16 ज़िलों में पीपीपी मॉडल के आधार पर मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे. इन 16 ज़िलों में बलिया का भी नाम शुमार है. 20 मार्च, 2022 को दैनिक जागरण में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक लखनऊ से एक टीम आई थी. जो इस काम के लिए जमीन का निरीक्षण कर के गई. लेकिन निरीक्षण के दौरान कोई जमीन तय नहीं हो सकी.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने बड़ा दिल दिखाते हुए ये बयान दिया था कि अगर सरकार मेडिकल कॉलेज बनाना चाहती है और जमीन की दिक्कत है तो वो खुद जमीन उपलब्ध करा देंगे. उन्हीं विधायक उमाशंकर सिंह के सवाल पर सुरेश खन्ना ने विधानसभा में सैद्धांतिक सहमति की बात कह दी.

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बलिया

आज़मगढ़ में होने वाली कबड्डी प्रतियोगिता के लिए बलिया के इस स्कूल से 8 खिलाड़ियों का हुआ चयन

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बलिया। आज़मगढ़ में आयोजित होने वाली मंडलीय कबड्डी प्रतियोगिता के लिए खेल संघ बलिया के तत्वाधान में अंडर 16 बालिका वर्ग में कबड्डी का जिला स्तरीय चयन ट्रायल का हुआ। वीर लोरिक़ के स्पोर्ट्स स्टेडियम में टीम चयनित की गई। जहां जमुना राम मेमोरियल स्कूल चितबड़ागांव की 8 बालिकाओं का बेहतर प्रदर्शन के आधार पर जिला कबड्डी टीम में चयन हुआ।

इन खिलाड़ियों का चयन- जमुना राम मेमोरियल स्कूल चितबड़ागांव की श्वेता वर्मा, अंशिका सिंह, हंसिका यादव, रिया सिंह, स्नेहा सिंह, संपूर्णित रघुवंशी, रचना कुमारी, कृतिका सिंह का चयन हुआ। चयनित खिलाड़ी 13 सितम्बर 2022 को आज़मगढ़ में आयोजित मंडलीय कबड्डी प्रतियोगिता में जनपद बलिया की तरफ से भाग लेंगी। जिसकी जानकारी जमना राम मेमोरीयल स्कूल के प्रधानाचार्य ने दी।

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बलिया स्पेशल

बलिया में मोटरसाइकिल छूने पर दलित छात्र की पिटाई, टीचर सस्पेंड

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बलिया। जिले के विद्यालय के ए‍क शिक्षक द्वारा मोटरसाइकिल (Motorcycle) पर हाथ रखने को लेकर एक दलित छात्र की पिटाई के बाद उन्‍हें निलंबित कर दिया गया है. एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह ने बताया कि इस मामले की खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रारंभिक जांच की गई तथा जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है. सिंह ने बताया कि आरोपी शिक्षक कृष्ण मोहन शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इस बीच पुलिस ने शिक्षक के विरुद्ध शनिवार को मामला दर्ज किया और उसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शनिवार को आरोपी शिक्षक को निलंबित कर दिया है.

पुलिस के अनुसार जिले के नगरा थाना क्षेत्र के भीमपुरा नंबर 2 गांव निवासी विवेक नगरा शिक्षा क्षेत्र के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रनऊपुर में कक्षा छह का छात्र है. छात्र विवेक ने शनिवार को संवाददाताओं को बताया कि शुक्रवार को पूर्वान्ह साढ़े दस बजे भोजनावकाश के समय उसका हाथ गलती से विद्यालय के शिक्षक कृष्ण मोहन शर्मा के मोटरसाइकिल पर रख गया .

उसने बताया कि इसके बाद शिक्षक उसे लेकर कथित रूप से विद्यालय के एक कमरे में गए तथा उसका कालर पकड़ कर उसे कमरे में बन्द कर दिया. छात्र ने आरोप लगाया कि उसकी लोहे के पाइप व झाड़ू से पिटाई की गई तथा उसका गर्दन दबाया गया. विवेक ने बताया कि विद्यालय के शिक्षकों व छात्रों ने बीच बचाव कर उसे बचाया . इस घटना की जानकारी होने पर शनिवार को विद्यालय में छात्रों के परिजनों ने हंगामा किया.

नगरा थाना प्रभारी देवेंद्र नाथ दूबे व खंड शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा लोगों को समझाकर हंगामा समाप्त कराया . थाना प्रभारी देवेंद्र नाथ दूबे ने बताया कि दलित छात्र की मां कौशीला की तहरीर पर शिक्षक कृष्ण मोहन शर्मा के विरुद्ध नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.

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