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दिल्ली में बसपा विधायक उमाशंकर सिंह और बीजेपी नेता डॉ. विपुलेंद्र प्रताप की मुलाक़ात, MLC चुनाव हो सकती है वजह, बलिया में सियासी हलचल तेज़

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नई दिल्ली डेस्क – बलिया में जिला पंचायत चुनाव के समय परवान चढ़ी बसपा और भाजपा की दोस्ती अब भी बरकरार है। इसी बीच ख़बर है कि बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के बेटे और भाजपा के युवा नेता डॉ. विपुलेंद्र प्रताप सिंह से दिल्ली में मुलाकात की है। इस मुलाकात के सियासी मयाने निकाले जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि जिस तरह से पंचायत चुनाव में बसपा ने बीजेपी का साथ दिया। ठीक उसी तरह आने वाले MLC चुनाव में बसपा डॉ. विपुलेंद्र प्रताप सिंह को उम्मीदवार के रुप में देखना चाहती है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के पुत्र से उनके आवास पर गुफ़्तगू करते डॉ. विपुलेन्द्र प्रताप सिंह

उत्तर प्रदेश की छात्र राजनीती में सियासत के मझे हुए खिलाड़ी डॉ. विपुलेंद्र प्रताप सिंह को लेकर अब बलिया राजनैतिक पार्टियों में भी घबराहट का माहौल बना हुआ है। छात्र संघ से सफर शुरू करने वाले डॉ. विपुलेंद्र प्रताप सिंह राजनीति में कदम रख रहे हैं। वह इस वक़्त डॉ. विपुलेंद्र मध्यप्रदेश में भाजपा युवा मोर्चा के प्रभारी हैं। डॉक्टर विपुलेंद्र पार्टी हाईकमान तक पहुंच रखते हैं। वे पार्टी के शीर्ष नेताओं से भी मुलाकात कर चुके हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीते दिनों उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की थी।

इन मुलाकातों के बात तय माना जा रहा है कि पार्टी उन्हें MLC चुनाव में उम्मीदवार के रुप में उतार सकती है। विपुलेंद्र प्रताप सिंह के राजनैतिक करियर पर नज़र डाले तो पता चलता है कि वह छात्रसंघ की राजनीति में सक्रिय रहे। सन 2012 में भाजपा के संगठन मंत्री सुनील बंसल के नेतृत्व में उन्हें यूथ अंगेस्ट फॉर करप्शन की टोली में बड़ी जिम्मेदारी मिली और उन्होंने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने युवा नेता के रुप में सक्रिया भूमिका निभाई।

2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने चुनावी टीम का संचालन भी किया। उनकी बेहतरीन कार्यशैली के मद्देनजर बीजेपी ने बड़ी जिम्मेदारी दी। डॉ. विपुलेंद्र प्रताप सिंह को युवा मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यसमिति का सदस्य बनाया गया। साथ उन्हें मध्य प्रदेश का प्रभारी भी बनाया गया। अब विपुलेंद्र सक्रिय राजनीति में कदम रख बीजेपी को मजबूत करने जा रहे हैं।

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क्रिप्टो करेंसी के खतरे पर राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने सरकार से बेहद जरूरी सवाल पूछा!

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नई दिल्ली। दुनिया भर में क्रिप्टो करेंसी को लेकर बहस चल रही है। भारत में भी आजकल क्रिप्टो पर खूब चर्चा हो रही है। लोग जमकर इसमें निवेश कर रहे हैं। लेकिन बताया जा रहा है कि क्रिप्टो में निवेश करना लोगों के लिए घाटे का सौदा हो सकता है। इससे बचने की सलाह भी दी जा रही है। इसी बीच मंगलवार यानी आज बलिया जिले से राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने राज्यसभा में इस मुद्दे पर अपनी ही भारतीय जनता पार्टी की सरकार से सवाल पूछा है।

नीरज शेखर ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान प्रश्नकाल में क्रिप्टो करेंसी को लेकर भारत सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से दो सवाल पूछे। नीरज शेखर ने सवाल किया कि “सभी लोग बात कर रहे हैं कि बिल आने वाला है। लेकिन क्रिप्टो करेंसी यानी बिटकॉइन जो शुरू हुआ था एक डॉलर से और आज साठ हजार डॉलर उसका मूल्य है। एक अनुमान लगाया गया है कि भारत में करोड़ों लोगों ने इसमें निवेश किया है। लाखों-करोड़ रुपया इसमें चला गया है। क्या भारत सरकार उन लोगों को बताने की कोशिश कर रही है कि ये अभी सुरक्षित नहीं है? ये ऐसा पैसा लगा रहे हैं जिसमें आगे उनका नुकसान हो सकता है। हमारा वित्त मंत्रालय इस मामले में क्या कर रहा है?”

राज्यसभा में सांसद नीरज शेखर के इस सवाल का जवाब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिया। निर्मला सीतारमण ने कहा कि “हां, बिल आएगी। लेकिन सेबी व आरबीआई के जरिए और एक बार भारत सरकार की ओर से बयान जारी कर यह बताने की कोशिश की गई है कि यह एक रिस्की क्षेत्र है। जो लोग इस ओर जा रहे हैं सचेत रहना चाहिए कि वो क्या कर रहे हैं।” वित्त मंत्री ने बताया कि “यह भी कहा गया है कि ये एक ऐसा क्षेत्र है जो अभी रेगुलेटरी फ्रेम में नहीं है। हमारी ओर से अलर्ट जारी किया जा चुका है कि यह अभी एक हाई रिस्की क्षेत्र है।”

इसके बाद राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने क्रिप्टो करेंसी को लेकर ही एक और सवाल पूछा। नीरज शेखर ने कहा कि “आप कहीं भी इंटरनेट पर कोई वेबसाइट खोलिए तो क्रिप्टो करेंसी के विज्ञापन बहुत आ रहे हैं। हमारे नौजवान साथी इसमें पैसा खूब लगा रहे हैं। तो क्या जब तक बिल आएगा तब तक के लिए इन विज्ञापनों को बंद करने का कोई उपाय हो सकता है?”

इंटरनेट पर क्रिप्टो करेंसी के विज्ञापन पर रोक लगाने के सवाल पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि “विज्ञापन को बंद करने का कोई उपाय अभी तक नहीं है। लेकिन युवाओं को इस बार में सावधान करने का और इसके रिस्क को लेकर ध्यान दिलाने के लिए सरकार के द्वारा कदम उठाया जा रहा है। सेबी और आरबीआई के द्वारा भी जागरुकता के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। मगर अब हम इस कगार पर पहुंच चुके हैं कि इस पर हमारा जल्दी आने वाला है।”

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बलिया के इन तीन नेताओं ने भाजपा में शामिल हो कर सबको चौकाया !

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भाजपा में शामिल होने के बाद छट्ठू राम, अजय कुमार और शैलेंद्र सिंह पप्पू

उत्तर प्रदेश विधानसभा 2022 के चुनाव का रंग अब चढ़ने लगा है। प्रदेश भर से नेताओं के दल बदलने की खबरें आने लगी हैं। मंगलवार को बलिया से भी तीन नेताओं ने अपनी पार्टी में परिवर्तन कर लिया है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस से एक-एक नेता और एक समाजसेवी ने आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है।

बलिया से बसपा से निष्कासित नेता छट्ठू राम ने आज भाजपा की सदस्यता ले ली है। छट्ठू राम ने 2012 में बलिया के बेल्थरा रोड सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उन्हें लगभग 47 हजार वोट भी मिले थे।

बलिया नगर पालिका के अध्यक्ष अजय कुमार भी भाजपा में शामिल हो गए हैं। अजय कुमार जिले में समाजसेवी के रूप में जाने जाते रहे हैं। इस बार के नगर पालिका चुनाव में अजय कुमार निर्दलीय ही मैदान में उतरे थे। चुनाव जीतकर अजय कुमार बलिया नगर पालिका के अध्यक्ष बन गए। अब उन्होंने भाजपा की सदस्यता हासिल कर ली है।

बलिया से भाजपा का रूख करने वाले तीसरे नेता कांग्रेस पार्टी के हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य शैलेंद्र सिंह पप्पू भाजपा में शामिल हो गए हैं। शैलेंद्र सिंह पप्पू उत्तर प्रदेश कांग्रेस संगठन के प्रभारी भी रहे हैं। बलिया के नगर विधानसभा से शैलेंद्र सिंह पप्पू आते हैं।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा अभियान चलाकर दूसरे दलों के नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल करा रही है। राजधानी लखनऊ में आज बलिया के तीन नेताओं समेत कुल आठ नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ली है। इस मौके पर भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में सूबे के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और प्रदेश भाजपा ज्वाइनिंग कमेटी के प्रभारी लक्ष्मीकांत बाजपेई मौजूद रहे।

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कैमरे में कैद हुई अखिलेश यादव और बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त की मुस्कुराती तस्वीर

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संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त और आजमगढ़ सांसद अखिलेश यादव (फोटो साभार: पीटीआई/मानवेंदर वशिष्ट)

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और बलिया से सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब शेयर की जा रही है। इस तस्वीर में बलिया के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त आजमगढ़ के सांसद अखिलेश यादव के कंधे पर हाथ रखे हुए हैं। अखिलेश यादव और वीरेंद्र सिंह मस्त दोनों ही फोटो में हंसते हुए देखे जा सकते हैं।

अखिलेश यादव और वीरेंद्र सिंह मस्त की इस तस्वीर को प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) के फोटो पत्रकार मानवेंदर वशिष्ट ने अपने कैमरे में कैद की है। बीते सोमवार यानी 29 नवंबर को मानवेंदर वशिष्ट ने अपने ट्विटर अकाउंट से इस फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा है कि संसद का शीतकालीन सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ बीजेपी सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त।

बता दें कि सोमवार को संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हुआ है। इस दौरान लगभग सभी सांसद लोकसभा और राज्यसभा में मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे अखिलेश यादव आजमगढ़ से लोकसभा सांसद हैं। तो वहीं वीरेंद्र सिंह मस्त बलिया से लोकसभा के सांसद हैं। शीतकालीन सत्र के पहले दिन दोनों ही सांसद लोकसभा में मौजूद रहे। इसी दौरान संसद भवन परिसर में दोनों की यह हंसती हुई तस्वीर कैमरे में कैद हो गई।

सोमवार का दिन संसद और भारत के किसानों के लिए ऐतिहासिक दिन था। संसद में केंद्र की भाजपा सरकार की ओर से कृषि कानून वापसी बिल पेश किया गया। जिसे बगैर चर्चा के ही पास कर दिया गया। विपक्षी नेताओं ने कृषि कानून वापसी बिल पर चर्चा की मांग की। लेकिन सरकार ने जिस तरह बिना बहस के ही तीन कृषि कानून बनाए थे उसी तरह बिना चर्चा के ही इसे वापस भी ले लिया।

इससे पहले भी वीरेंद्र सिंह मस्त की ऐसी तस्वीरें सामने आती रही हैं। इसी साल मार्च के महीने में संसद भवन के बाहर मुलायम सिंह यादव को सहारा देते नजर आए थे बलिया सांसद। उस फोटो में समाजवादी पार्टी के संरक्षक और मैनपुरी से लोकसभा सांसद मुलायम सिंह यादव को उनकी गाड़ी में चढ़ाने के लिए सहारा देते देखे गए थे। वीरेंद्र सिंह मस्त और मुलायम सिंह यादव की यह तस्वीर पीटीआई के ही फोटो पत्रकार अतुल यादव ने अपने कैमरे में कैद की थी।

वीरेंद्र सिंह मस्त और मुलायम सिंह यादव की तस्वीर (फोटो साभार: पीटीआई/अतुल यादव)

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