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गोवा से बलिया के लिए चली ट्रेन पहुंच गई नागपुर, बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए लोग

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बलिया डेस्क: गोवा से बलिया के लिए चली श्रमिक स्पेशल ट्रेन लगभग 1000 मजदूरों को लेकर भटककर नागपुर पहुंच गई। महाराष्ट्र घुमाने के बाद ट्रेन मजदूरों को लेकर निर्धारित समय से 25 घंटे बाद यह ट्रेन बलिया पहुंची। चार दिनों तक ट्रेन में रहे यात्रियों को गोवा के बाद कहीं भोजन और पानी नहीं दिया गया। मामले में पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी डिविजन के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार का कहना है कि ट्रैफिक में कंजेक्शन के कारण यह ट्रेन 25 घंटे विलंब से पहुंची है।

विभिन्न रूटों पर चक्कर लगाती रही ट्रेन

ट्रेन से उतरे घोसी मऊ जनपद के निवासी संजय चौहान व अवध कुमार ने बताया कि गोवा से यह ट्रेन गुरुवार को अपने निर्धारित समय से चली थी। गोवा से चलते समय वहां पर खाना व पानी मिला था। महाराष्ट्र के भुसावल से इटारसी न जाकर हम लोगों की ट्रेन नागपुर चली गई। इसके कारण ट्रेन महाराष्ट्र के विभिन्न रूटों पर चक्कर लगाती रही। बाद में चालक को रूट की सही जानकारी होने पर ट्रेन इटारसी पहुंची। इसके बाद इस ट्रेन ने सही रूट पकड़ा।

बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए लोग

श्रमिकों ने बताया महाराष्ट्र में भोजन की बात छोडि़ए, भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी तक के लिए यात्री तरसते रह गए। जबलपुर व कटनी में हम सभी को भरपेट भोजन व पानी मिला। ट्रेन के बलिया पहुंचने से पूर्व गाजीपुर में कुछ श्रमिकों ने चेलपुलिंग कर दिया। इस दौरान वहां काफी संख्या में यात्री बिना जांच कराए ही उतर कर घर चले गए।

यात्रा के दौरान सबसे अधिक दिक्कत महिलाओं व बच्चों को झेलनी पड़ी। पानी न मिलने से कई लोगों की तबीयत भी खराब हो गई। बता दें कि गोवा से बलिया की दूरी 2245 किमी है। कोई भी ट्रेन इस दूरी को 48 घंटे में तय कर लेती है। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि गोवा से चली श्रमिक स्पेशल ट्रेन काफी विलंब से बलिया पहुंची है।

प्लेटफार्म पर की तोड़फोड़

किउल लाइन व्यस्त होने की वजह से रविवार को जब ट्रेन गया जंक्शन पहुंची तो श्रमिकों के धैर्य ने जवाब दे दिया और जमकर तांडवा किया। प्लेटफार्म पर तोड़फोड़ भी की। श्रमिकों का गुस्सा यहां भी शांत नहीं हुआ तो पीडीडीयू जंक्शन पर भी हंगामा किए। हालांकि जीआरपी व आरपीएफ के जवानों ने मोर्चा संभाला और श्रमिकों को शांत कराया। जंक्शन पर जब श्रमिकों को खाना व पानी दिया गया तो भटकी ट्रेन के प्रवासियों ने कहा घर पहुंचा दो खाना पानी भले न दो। ट्रेन को वाराणसी के लिए रवाना करा दिया गया।

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बलिया DM की अनोखी पहल, कुम्हार के यहाँ पहुँचे, दिवाली में झालर की जगह दिए जलाने की अपील

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बलिया: जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने निर्णय लिया है कि इस दीपावली पर उनके आवास स्थित कैम्प कार्यालय और कलेक्ट्रेट में सिर्फ मिट्टी के ही दिए जलाए जाएंगे। उन्होंने जनपदवासियों से भी अपील किया है कि दीपावली पर झालर आदि की जगह पूर्ण रूप से मिट्टी के दिए ही जलाएं। जिलाधिकारी ने अपने कैंप कार्यालय और कलेक्ट्रेट में जलने वाले दीयों के लिए बुधवार की सुबह बांसडीह रोड क्षेत्र के हरपुर गांव में स्वयं कुम्हार के यहां गए और पर्याप्त मात्रा में मिट्टी के दीपों का आर्डर दिया।

उन्होंने कहा, मान्यता है कि मिट्टी का दीपक जलाने से शौर्य और पराक्रम में वृद्धि होती है और परिवार में सुख समृद्धि आती है। लेकिन, दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब लोगों का रुझान झालरों की तरफ चला गया। इसका असर हुआ कि कुम्हारी कला पर संकट आने लगा और उसकी जगह विभिन्न तरह की हानिकारक चीजें हमारे समाज में आयीं। इस कला को बचाकर हम हजारों लोगों की जीविका का साधन बन सकते हैं। इसलिए सब संकल्प लें कि दीपावली पर मिट्टी के दिए ही जलाएं।

इन दौरान उन्होंने स्वयं भी कुम्हारी कला पर हाथ आजमाया। कुम्हारों की मूलभूत समस्याओं को सुना और उनके कल्याण के लिए विशेष पहल करने का भरोसा दिलाया। अपनी अपील में जिलाधिकारी ने कहा है कि पर्यावरण के साथ कुम्हारी कला और दीपावली का असली महत्व कायम रखने के लिए हम सबको ऐसा करना ही चाहिए। वर्तमान में समय और पर्यावरण की आवश्यकता भी यही है। वैसे भी दीवाली मनाने का हम सबका यही पारंपरिक तरीका भी रहा है। इससे दीपावली की चमक बरकरार रहने के साथ किसी की जीविका भी चलेगी और पर्यावरण संतुलन भी ठीक बना रहेगा।

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मणिमंजरी केस- फरार चल रहे चेयरमैन भीम गुप्ता ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण

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बलिया डेस्क : नगर पंचायत मनियर की ईओ मणिमंजरी केस में  फरार चल रहे नगर पंचायत मनियर के अध्यक्ष भीम गुप्ता ने JM कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने इन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
बता दें की मंगलवार को पुलिस ने कंप्यूटर आपरेटर अखिलेश राम को गिरफ्तार कर लिया था। माना जा रहा था भीम गुप्ता भी जल्द ही गिरफ्तार हो सकते थे  इसी को देखते हुए अब नगर पंचायत मनियर के अध्यक्ष भीम गुप्ता ने आत्मसमर्पण कर दिया।
हालाँकि इन लोगों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था लेकिन वहां से इन्हें राहत नहीं मिल पाई. आपको बता दें कि यह मामला बीते 6 जुलाई का है. पीसीएस अधिकारी मणिमंजरी राय का शव उनके घर पर लटकता मिला था. मणिमंजरी राय शहर के आवास विकास कालोनी में किराए के मकान में रहती थीं.
इस घटना के तत्काल बाद पुलिस ने ड्राइवर चंदन कुमार को गिरफ्तार किया था. लेकिन लिपिक से लेकर चेयरमैन और कंप्यूटर आपरेटर फरार चल रहे थे. हालाँकि लिपिक को हाईकोर्ट से ज़मानत मिल गयी है. वहीँ बाकी के आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस हाथ पाँव चला रही थी. हालाँकि अब पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है.
 

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मणिमंजरी केस में पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, कंप्यूटर आपरेटर गिरफ्तार

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बलिया डेस्क : नगर पंचायत मनियर की ईओ मणिमंजरी केस में अब पुलिस ने कंप्यूटर आपरेटर अखिलेश राम को गिरफ्तार किया है. अखिलेश राम इस केस के बाद से ही फरार चल रहा था. खबर है कि उसे उसे मंगलवार की शाम को रोडवेज बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया गया है. काफी समय से पुलिस को इसकी तलाश थी.

लेकिन इस मामले के और मुख्य आरोपी जिनमे चेयरमैन भीम गुप्ता और पूर्व ईओ संजय राव को पुलिस अभी गिरफ्तार नहीं कर पाई है. हालाँकि इन लोगों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था लेकिन वहां से इन्हें राहत नहीं मिल पाई. आपको बता दें कि यह मामला बीते 6 जुलाई का है. पीसीएस अधिकारी मणिमंजरी राय का शव उनके घर पर लटकता मिला था. मणिमंजरी राय शहर के आवास विकास कालोनी में किराए के मकान में रहती थीं.

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इस घटना के तत्काल बाद पुलिस ने ड्राइवर चंदन कुमार को गिरफ्तार किया था. लेकिन लिपिक से लेकर चेयरमैन और कंप्यूटर आपरेटर फरार चल रहे थे. हालाँकि लिपिक को हाईकोर्ट से ज़मानत मिल गयी है. वहीँ बाकी के आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस हाथ पाँव चला रही थी. हालाँकि अब पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. बताया जा रहा है कि कंप्यूटर आपरेटर अखिलेश की जानकारी पुलिस को मुखबिर से मिली थी. सदर कोतवाल विपिन सिंह को खबर मिली थी कि अखिलेश बस पकड़ने के लिए रोडवेज आ रहा है.

ऐसे में खबर पाकर सदर कोतवाल विपिन सिंह अपनी टीम के साथ उसे पकड़ने के लिए निकल पड़े और अब उन्हें बड़ी कामयाबी मिली है. वहीँ दूसरी तरफ ईओ मणिमंजरी के भाई कौशलेश राय का कहना है कि न्यायालय से आदेश मिलने के बाद भी पुलिस फरार आरोपियों के खिलाफ कुर्की की कार्यवाही नहीं कर रही है.

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