Connect with us

बलिया

अग्निपथ के विरोध में कांग्रेस ने बांसडीह में किया सत्याग्रह, योजना को वापस लेने की मांग की

Published

on

बलिया के बांसडीह में अग्निपथ योजना के विरोध में कांग्रेस ने सत्याग्रह किया। इस दौरान उन्होंने अग्निपथ स्कीम को वापस लेने की मांग की। साथ ही योजना की खामियां गिनाई। बांसडीह के ब्रम्ह बाबा स्थल प्रांगण में कांग्रेस के द्वारा सत्याग्रह किया गया।

कांग्रेस नेता पुनीत पाठक के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने योजना के विरोध में अपनी आवाज बुलंद की। पुनीत पाठक ने कहा कि सशस्त्र बलों की लंबे समय से चली आ रही परम्पराओं को नष्ट करने और उनके मनोबल का अवमूल्यन करने के कारण पूरे देश में व्यापक गुस्सा और विरोध है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बिना किसी व्यापक परामर्श के ही इस नीति को युवाओं पर थोप दिया है, जिससे युवा नाराज हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने हमारे राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए लड़ने की अपनी गौरवपूर्ण विरासत को लेकर पहले दिन से ही इस योजना का विरोध किया। कहा कि कांग्रेस ने हमारे सबके मनोबल पर पड़ने वाले कल के दूरगामी प्रभावों को भी उजागर किया।

बता दें कि अग्निपथ योजना को लेकर पूरे देश में बवाल जारी है। कांग्रेस शुरुआत से ही योजना का विरोध कर रही है। इससे पहले भी पार्टी ने 20 जून को जंतर-मंतर में शांतिपूर्ण सत्याग्रह किया था।कांग्रेसी सांसदों ने अग्निपथ के खिलाफ संसद से शांतिपूर्ण मार्च निकाला इसके साथ ही पार्टी का प्रतिनिधि मंडल राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंप चुका है।

सत्याग्रह के दौरान कांग्रेसियों ने योजना को वापस लिए जाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अग्निपथ योजना के खिलाफ हमारी अडिग लड़ाई को जारी रखते हुए अब पार्टी विधानसभा स्तर पर विरोध करेगी।कहा कि कांग्रेस युवाओं का भविष्य खराब नहीं होने देगी। इस अवसर पर हरिकेंद्र सिंह, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सचिदानंद तिवारी, उमाशंकर पाठक, सत्यम तिवारी, अभिषेक पाठक, शमशुल हक़, अतिउल्लाह ख़ान, कमलेश वर्मा, उमेश राजभर आदि मौजूद रहे।

featured

बलिया में सरकारी एंबुलेंस सेवा खस्ताहाल, जिलेभर के मरीज परेशान

Published

on

बलिया की एंबुलेंस सेवा खस्ताहाल है। मरीज की स्थिति चाहे सामान्य हो या गंभीर, एंबुलेंस न तो समय पर पहुंचती है और न ही समय पर अस्पताल पहुंचाती हैं। हालत गंभीर होने पर मरीजों को निजी साधन से अस्पताल पहुंचाना पड़ रहा है। ऐसे में जिलेभर में मरीज परेशान हैं।

बता दें कि जिले में मरीजों की सुविधा के लिए निशुल्क एंबुलेंस सेवा संचालित की जा रही है। इसके लिए 76 एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें 38 एंबुलेंस 102 नंबर और 38 एंबुलेंस 108 नंबर की है। इन एंबुलेंस का रिस्पांस टाइम 11 मिनट तय किया गया है। यानि कि जब मरीज फोन करे तो 11 मिनट में ही एंबुलेंस पहुंचना चाहिए। लेकिन इन नियमों का पालन नहीं हो रहा। 11 मिनट की बजाए एंबुलेंस आधे से एक घंटे से देर से पहुंच रही है। चालक दूर होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं।

हालत बिगड़ने पर मरीज को निजी साधन से अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। कई बार समय से न पहुंचने के कारण एंबुलेंस में ही प्रसव हो जाते हैं। कई एंबुलेंस तो मरम्मत व रखरखाव के अभाव में खस्ताहाल हो गई हैं। जिला अस्पताल में कुछ एंबुलेंस को इधर-उधर खड़ा कर छोड़ दिया गया है। धूप, बारिश में वे खुले में सड़ रही हैं। सीएमओ आवास पर कई एंबुलेंस कबाड़ हो चुकी हैं। उनके अधिकांश पार्ट्स गायब हैं या खराब हो चुके हैं।

एम्बुलेंस प्रभारी प्रभाकर यादव ने बताया कि जिला अस्पताल से करीब 12 से 14 मरीज वाराणसी के लिए रेफर होते हैं। वहां 108 एंबुलेंस जाकर 12 घंटे तक फंस जाती है। मरीजों के लिए पास के हनुमानगंज में पांच एंबुलेंस रहती है जिन्हें तत्काल भेज दिया जाता है। वहीं सीएमओ डॉक्टर जयंत कुमार का कहना है कि कई बार हमने देरी से पहुंचने की बात को बैठकों में कहा है। रिस्पांस टाइम का पालन हो, इसके लिए सेवा प्रदाता को पत्र भेजा गया है। हर हाल में समय का पालन होना चाहिए।

 

Continue Reading

featured

बलियाः जिला अस्पताल के फार्मासिस्ट का कारनामा, मरीज को खड़ा कर ही लगा दिया इंजेक्शन

Published

on

बलिया जिला अस्पताल की बदतर व्यवस्थाओं के किस्से आपने सुने होंगे। अब अस्पताल की व्यवस्थाओं की पोल खोलती एक तस्वीर सामने आई है। जहां फार्मासिस्ट अशोक सिंह ने मरीज को लेटाकर इंजेक्शन लगाने के बजाय खड़ा कराकर ही इंजेक्शन लगा दिया। फार्मासिस्ट की इस लापरवाही से बुजुर्ग मरीज दर्द से कराहता रहा।

बुजुर्ग को खड़े कर इंजेक्शन लगाने की तस्वीर वायरल हुई है। जिसके बाद तमाम सवाल उठ रहे हैं। जब फार्मासिस्ट से पूछा कि आपने इस तरीके से सुई क्यों लगाई, जिस पर अपनी गलती मानने के बजाए वह पत्रकारों को धमकाया। बता दें कि जिला अस्पताल में अक्सर स्टाफ मरीजों की सही से देखभाल नहीं करते और आए दिन इलाज में लापरवाही करते हैं।

इसी बीच रविवार दोपहर चार बजे फार्मासिस्ट अशोक सिंह वार्ड में गए और मरीज को खड़े-खड़े ही इंजेक्शन लगा दिया। वहां मौजूद पत्रकार ने इस लापरवाही को अपने कैमरे में कैद कर लिया। बस फिर क्या, फार्मासिस्ट अशोक सिंह पत्रकारों पर भड़क गए। उन्होंने कहा कि मेरी मर्जी में कैसे भी इंजेक्शन लगाऊं, आप पत्रकार लोग वीडियो कैसे बनाएं, हम आपकी जिला अस्पताल में इंट्री बंद करवा देंगे। उधर इस संबंध में जब सीएमएस डॉक्टर दिवाकर सिंह से बात की गई तो उन्होंने छुट्टी का हवाला देकर प्रभारी सीएमएस डॉक्टर वीके सिंह के पाले में गेंद डाल दी। वहीं जब पत्रकारों ने डॉक्टर वीके सिंह से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।

Continue Reading

बलिया

गंगा किनारे बनेगा ग्रीन कॉरिडोर, किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे पौधे

Published

on

बलियाः नमामि गंगे योजना के तहत गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने, गंगा किनारे हरियाली रखने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की योजना के मुताबिक गंगा किनारे 200 हेक्टेयर में ग्रीन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इसके लिए किसानों को जल्द ही विभिन्न किस्मों के पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।

बता दें कि नमामि गंगे योजना के तहत गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। उद्यान विभाग ने दो साल पहले गंगा किनारे के गांवों में आम अमरूद, नींबू, बेर सहित कई फलों के बाग लगाने की योजना बनाई गई है।

इसके लिए किसानों को पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। किसानों को तीन वर्षों तक तीन हजार रुपए प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। गंगा किनारे के गांव चिह्नित किए गए हैं। इस वर्ष शासन की ओर से गंगा किनारे के 200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फलदार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उद्यान्न विभाग ने बताया कि 40 हेक्टेयर में फलदार बाग लगाने की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है।

अब उद्यान विभाग की ओर से उम्दा किस्म के फलदार पौधे उपलब्ध कराने के लिए बस्ती के पौधशाला को डिमांड भेजी गई है। यह पौधे उपलब्ध होने के बाद किसानों को दिए जाएंगे और पौधारोपण शुरु किया जाएगा।

प्रभारी जिला उद्यान अधिकारी शीतला प्रसाद वर्मा का कहना है कि गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने, गंगा किनारे हरियाली रखने तथा गंगा की धारा अविरल बनाने को लेकर सरकार की ओर से तरह-तरह की कवायद की जा रही है। इसके तहत गंगा किनारे के गांवों में फलदार बाग लगाने का प्रावधान किया गया है।

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!