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उत्तर प्रदेश

बलिया के इस नौजवान नेता को कांग्रेस ने बनाया प्रदेश सचिव

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लखनऊ डेस्क – यूपी कांग्रेस में बड़ा फेरबदल किया गया है. एक तरफ जहाँ स्टेट प्रेसिडेंट के पद से राज बब्बर को हटाकर कुशीनगर से विधायक अजय कुमार लल्लू को लाया गया है, वहीँ दूसरी तरफ रिहाई मंच से जुड़े शाहनवाज़ आलम को भी प्रदेश सचिव बनाया गया है. आपको बता दें की आलम शाहनवाज़ बलिया के गाँव बहेरी के रहने वाले हैं. उनके पिता होमेओपेथी के सीनियर डॉक्टर हैं.

शाहनवाज़ आलम इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति के दौरान ही तमाम जनवादी मुद्दों को बेबाकी से उठाने के लिए जाने जाते थे और सत्ता में बैठे लोगों को लगातार कटघरे में खड़ा करते रहे हैं. रिहाई मंच से जुड़कर उन्होंने तमाम ऐसे बेगुनाह लोगों की आवाज़ उठाई, जिन्हें किसी वजह से गिरफ्तार किया था. आज इस मुकाम तक पहुँचने वाले शाहनवाज़ आलम का इतिहास संघर्ष भरा रहा है.

सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों कि अगुवाई करने को लेकर वह बीस बार जेल जा चुके हैं. इसके अलावा उनके ऊपर इस तरह के दर्जनों मुकदमें दर्ज हैं. पत्रकारिता की दुनिया से उन्होंने सियासत में कदम रखा और फिर मजलूमों की आवाज़ बनें. कांग्रेस में शामिल होने पर शाहनवाज़ आलम ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था की एक साल पहले उनके पास फोन आया था. कहा गया की राहुल गाँधी आपसे मिलना चाहते हैं. उन्होंने कहा की फोन पर कहा गया था कि राहुल गाँधी हमसे मिलकर ज़मीनी हालात को समझना चाहते हैं.

उन्होंने आगे कहा कि एक घंटे की मुलाकात के दौरान राहुल गाँधी से कई मुद्दों पर बात हुई. इसके बाद उसी दिन शाम में एक बार फिर हमें बुलाया गया है. इस दौरान राहुल ने हमारी बातें सुनीं. राहुल गाँधी ने कहा कि अगर आप कांग्रेस की आलोचना करना चाहते हैं तो पार्टी में शामिल होकर करिए. शाहनवाज़ आलम का कहना है कि राहुल यूपी पर काफी ध्यान दे रहे हैं और युवाओं को पार्टी का हिस्सा बनाना चाहते हैं.

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उत्तर प्रदेश

हैलो मैं गृह विभाग से बोल रहा हूं, आप सस्पेंड हो जाआगे, जब इस थाने के हेड कांस्टेबल को फोन से मिली धमकी!

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बलिया डेस्क. हैलो जनार्दन यादव बोल रहे हैं…., जी सर, आपको क्या प्रॉब्लम है श्रीराम यादव जो बारजा निकाल रहे हैं. बता दे रहा हूं लास्ट स्टेज चल रहा है आप सस्पेंड हो जाएंगे जनार्दन जी. जी हां कुछ इसी अंदाज में भीमपुरा थाना क्षेत्र के ठकुरहीं चरौवा गांव निवासी आजमगढ़ जिले के बिलरियागंज थाने में तैनात हेड कांस्टेबिल जनार्दन यादव को किसी ने गृह विभाग से फोन कर नौकरी से सस्पेंड करने की धमकी दी है.

मामले में पीड़ित कांस्टेबिल जनार्दन यादव ने कॉल की रिकार्डिंग थानाध्यक्ष से लगायत एसपी व डीआईजी तक भेज दी है तथा न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन अफसोस उप्र पुलिस के इस कांस्टेबिल की अभी तक सुनवाई नहीं हुई है, जिससे कांस्टेबिल जनार्दन यादव खुदको उपेक्षित महसूस कर रहा है व पुलिस की नौकरी करने के कारण खुदको कोस रहा है.

भीमपुरा थाना क्षेत्र ठकुरहीं चरौवा गांव निवासी जनार्दन यादव आज से 20 साल पहले 2001 में सड़क निर्माण के लिए अपने सहन से लगभग चार फीट रास्ता छोड़ा था उस वक्त इस रास्ते से सिर्फ जनार्दन यादव के ही परिवार के लोग आते-जाते थे. बाद में 2005 में इसी सड़क को जनार्दन यादव ने सार्वजनिक रास्ते के लिए सहमति दे दी थी.

जिसके बाद कच्ची सड़क आरसीसी में तब्दील हो गया. इसके बाद 2011 में जनार्दन यादव के ही पड़ोसी श्रीराम यादव सड़क से सटाकर मकान बना लिया. मामला यहां तक तो सब कुछ ठीक था, इधर अचानक श्रीराम यादव के मन में क्या आया कि अचानक बीते 14 मई को वे मकान के आगे बारजा निकालने की कोशिश की.

इस पर जनार्दन यादव के पुत्र अजय यादव ने डायल 112 नंबर पर कॉल किया, इसके बाद मामले की शिकायत एसडीएम बेल्थरारोड से की. जिस पर बेल्थरारोड ने तहसीलदार के साथ-साथ थानाध्यक्ष को आदेशित किया कि सड़क के उपर अवैध निर्माण नहीं होना चाहिए तत्काल इसे रोका जाए.

इसके बाद जनार्दन यादव का आरोप है केि उनको मोबाइल  नंबर से  कॉल करके गृह विभाग से उन्हें नौकरी से सस्पेंड करने की धमकी दी गयी. अभी मामले शिकायत चल ही रही थी कि आरोप है कि श्रीराम यादव ने पुलिस को मिलाकर आखिरकार बीते 21 मई को बारजा निकाल कर अवैध निर्माण करा ही लिया.

आरोप यह भी है कि श्रीराम यादव ने आठ वर्ष पुरानी बिना बारजे की मकान में सड़क की ओर बारजा निकाला है. जनार्दन यादव का कहना है कि उन्हें अब गृह विभाग से फोन पर सस्पेंड करने की धमकी दी जा रही है. कहा जा रहा है कि आपका मकान रोड के इस पार है और श्रीराम का मकान रोड के उस पार, वे कुछ भी करें आपको क्या प्राब्लम है, ज्यादा विरोध मत कीजिए वरना सस्पेंड हो जाएंगे.

वहीँ जब इस मामले को लेकर  डीआईजी सुभाषचंद्र दूबे से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है, यदि हेड कांस्टेबिल के साथ इस तरह का व्यवहार हुआ है और उन्हें सस्पेंड की धमकी मिली है तो मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में 30 जून तक होगी आनलाइन पढ़ाई…..

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बलिया डेस्क. प्रदेश के 1.58 लाख से अधिक परिषदीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में 30 जून तक ऑनलाइन पढ़ाई होगी। 21 मई से शुरू हो रही गर्मी की छुट्टियों से एक दिन पहले सचिव बेसिक शिक्षा परिषद विजय शंकर मिश्र ने बुधवार को सभी बीएसए को पत्र जारी कर 30 जून तक ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने को कहा है। हालांकि माध्यमिक स्कूलों में कोई आदेश जारी नहीं होने के कारण गुरुवार से गर्मी की छुट्टी शुरू हो जाएगी।
सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने पत्र में लिखा है कि कोरोना के कारण घोषित लॉकडाउन में स्कूल बंद चल रहे हैं। इस दौरान पठन-पाठन में प्रतिपूर्ति के उद्देश्य से दूरदर्शन, रेडियो, दीक्षा पोर्टल एवं व्हाट्सएप कक्षाओं के लिए नवाचारी कार्यक्रम के रूप में ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था संचालित की गई जिसके उत्साहवर्धक परिणाम प्राप्त हुए है। लिहाजा ऑनलाइन कक्षाएं 30 जून तक यथावत संचालित की जाएं। इसके लिए स्कूलों के अध्यापकों, प्रधानाध्यापकों, एकेडमिक रिसोर्स पर्सन और स्टेट रिसोर्स ग्रुप की सहायता लें।
वहीं दूसरी ओर शिक्षा निदेशक माध्यमिक के 23 दिसंबर 2019 के आदेश एवं अवकाश तालिका के अनुसार 21 मई से सभी माध्यमिक विद्यालयों में ग्रीष्मावकाश प्रारंभ हो रहा है। माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) के प्रदेश महामंत्री लालमणि द्विवेदी का कहना है कि छुट्टी के संबंध में जब तक कोई नया निर्देश नहीं आता तब तक शिक्षा निदेशक माध्यमिक का यह 23 दिसंबर 2019 का आदेश लागू है। हालांकि इस संबंध में शिक्षा विभाग और शिक्षण संस्थाओं की ओर से शिक्षकों और विद्यार्थियों को कोई सूचना प्रसारित नहीं की गई।
जिसके कारण विद्यालयों में वर्चुअल तथा ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन की स्थिति साफ नहीं है। लालमणि द्विवेदी ने कहा कि नियमानुसार 21 मई से जहां मूल्यांकन कार्य हो रहा है वहां के शिक्षक मूल्यांकन कार्य के दिनों के सापेक्ष अर्जित अवकाश के भी हकदार होंगे।

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बदल जाएगा नियम-कानून जब गर्मी की छुट्टी के बाद खुलेंगे स्कूल…..

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बलिया. कोरोना के खतरे को देखते हुए स्कूल अभी भले ही बंद है, लेकिन गर्मी की छुट्टियों के बाद जैसे ही वह खुलेंगे तो वहां भी कोरोना से बचाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम दिखेंगे. फिलहाल इसके तहत जो अहम उपाय देखने को मिलेंगे, उनमें दो गज दूरी का फार्मूला भी होगा. जिसके तहत क्लास में एक बेंच से दूसरी बेंच के बीच की दूरी कम से कम दो गज की यानि छह फीट रखनी जरूरी होगी. इसके साथ ही लैब और लाइब्रेरी जैसी जगहों में एक बार में सिर्फ दस बच्चों को जाने की इजाजत होगी.
प्राइमरी का मास्टर डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक स्कूलों को कोरोना संकट से बचाने के लिए फिलहाल मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश पर एनसीईआरटी सेफ्टी गाइड लाइन को अंतिम रूप देने में जुटा है. इसके साथ ही क्लास रूम में अब एक बेंच पर एक ही बच्चे को बैठने की इजाजत मिलेगी. सीटों की अदला बदली नहीं हो सकेगी. सूत्रों के मुताबिक स्कूलों के लिए प्रस्तावित सेफ्टी गाइडलाइन में प्रत्येक क्लास रूम के बाहर हैंड सैनिटाइजर रखना जरूरी होगा. फिलहाल स्कूलों को इससे जुड़ी तैयारी करने के लिए मंत्रालय ने जल्द ही गाइडलाइन जारी करने के संकेत दिए हैं.
इनसेट….
असेंबली व खेल परिसर हर रोज होगा सैनेटाइज
प्रस्तावित गाइडलाइन के तहत स्कूलों के ऐसे परिवार को हर दिन सैनीटाइज करना होगा, जहां बच्चों का जमघट होता है, यानि असेम्बली परिसर और खेल वाली जगह इनमें शामिल होंगी. स्कूलों में मौजूद व्यवस्था के तहत एक क्लास में एक बेच पर दो बच्चे बैठाए जाते हैं, वहीं एक क्लास में बच्चों की कुल संख्या करीब 40 होती है. ऐसे में सेफ्टी गाइडलाइन के बाद उन्हें यह संख्या आधी से भी कम करनी होगी.
वर्जन:
गर्मी की छुट्टी के बाद शासन के निर्देश के मुताबिक स्कूल खुलेंगे, लेकिन जरूर पहले और अब के स्कूलों के संचालन प्रक्रिया में बहुत सारे बदलाव किए जाएंगे, जैसे सिटिंग प्लान, सैनेटाइजेशन आदि चीजें नेसेसरी हो जाएगी. शासन द्वारा बनाए गाइड लाइन के अनुसार विद्यालयों का संचालन कराया जाएगी.
शिवनारायण सिंह
बेसिक शिक्षाधिकारी

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