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पुण्यतिथि विशेष- “चंद्रशेखर किसी से राजनीतिक रूप से असहज रहा करते थे तो वह अंचल ही थे”

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“हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है ,बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा” शायर ने शायद इस शेर को राजनीति की नर्सरी कही जाने वाली यूपी के  बलिया के शेर ‘शेर-ए-बलिया’ शारदानंद अंचल के बारे में ही कहा होगा . सबके दिलों पर राज करने वाले ‘शेर-ए-बलिया’ के नाम से मश्हूर दिग्गज समाजवादी नेता शारदानंद अंचल की 10 वीं पुण्यतिथि (2 मई) पर पूरा प्रदेश उनको याद कर रहा है. 1985 में पहली बार सियर विधानसभा से एमएलए चुने गए प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री शारदानंद अंचल लगभग कई सालों तक पूर्वांचल की राजनीति के केन्द्र में रहे.

सियर ब्लाक के एक गरीब किसान परिवार में 19 जुलाई 1947 को जन्मे शारदानंद अंचल ने राजनीति की शुरूआत सियर विधानसभा से पहली बार विधायक का चुनाव लड़ा और विधायक चुने गए . यहां से शारदानंद अंचल ने जो राजनीतिक जीवन की शुरुआत की तो फिर कभी पलटकर नहीं देखा.   छात्रजीवन से राजनीति में आए और आपात काल के विरूद्ध लड़ाई में लंबी जेल यात्रा की. शारदानंद अंचल ने समाजवादी पार्टी में जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक सभी जिम्मेदारियों का पूर्ण निष्ठा से निर्वहन किया, अंचल  ने समाजवादी पार्टी के जुझारू एवं समर्पित नेता की तरह काम किया.  

शारदानंद अंचल ने राजनीतिक जीवन में हार का सामना भी किया लेकिन उन्होंने कभी जनता से मुंह नहीं मोड़ा. वो सबके दुख सुख में हमेशा शामिल रहे. क्षेत्र के विकास कार्यों के प्रति हमेशा समर्पित रहने वाले शारदानंद अंचल  कार्यकर्ताओं या कमजोरों के उत्पीड़न पर अपने बागी तेवर के लिए मशहूर थे.   इलाके में उनकी लोकप्रियता और पैठ का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे  चार बार (1985, 89, 93, 2002) विधायक और 1993 से 2000 तक तीन बार मंत्री रहे. उन्होंने बेसिक शिक्षा, सहकारिता, लोक निर्माण विभाग और पशुपालन विभागों का कार्यभार कुशलता से संभाला.  

राजनीति के साथ शारदानंद अंचल शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रहे. इलाके की शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए बच्चा पाठक ने लगातार कोशिश की.  शारदानंद अंचल ने ‘क्रान्ति चेतना’ समाचार पत्र का प्रकाशन भी किया  और बलिया में 6 डिग्री कालेजों और एक दर्जन इंटर कालेजों की स्थापना की.

बलिया की राजनीति में शारदानंद अंचल का पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर से हमेशा छत्तीस का आकड़ा रहा है. चंद्रशेखर बलिया में यदि किसी से राजनीतिक रूप से असहज रहा करते थे तो वह केवल शारदानंद अंचल ही थे.

अंचल सदैव मुलायम सिंह यादव के अत्यंत प्रिय रहे हैं मगर यह भी एक कड़वा सच है कि मुलायम ने हमेशा चंद्रशेखर से अपने संबंध सामान्य रखने के लिए शारदानंद अंचल को बलिया में महत्वहीन ही बनाए रखा.

उन्हें मंत्रिमंडल में लिया तो केवल राज्यमंत्री बनाया और अगली बार अपनी सरकार में किसी तरह से राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में ही शामिल किया जबकि शारदानंद अंचल अपने और अपने क्षेत्र के महत्व को देखते हुए हमेशा कैबिनेट मंत्री पद के दावेदार रहे हैं.

अंचलकहा करते थे कि उनके नेता केवल मुलायम सिंह यादव हैं और वे उनके लिए कोई भी त्याग कर सकते हैं. यह नेताजी को सोचना है कि अंचल उनके लिए क्या है. अंचल अक्सर अनौपचारिक बात-चीत में अपना दर्द भी बयान कर देते थे लेकिन उसे कभी सार्वजनिक नहीं करते थे.

उन्हें कई बार मुलायम सिंह यादव का साथ छोड़ने के लिए प्रेरित किया गया लेकिन अंचल टस से मस नहीं हुए. इस बार लोकसभा चुनाव में नए परिसीमन को देखते हुए अंचल ने सपा से लोकसभा के टिकट के लिए अपनी प्रबल दावेदारी पेश की थी लेकिन यह जानते हुए कि अंचल जीत सकते हैं मुलायम ने एक दूसरे ही नेता को टिकट दे दिया जोकि हार भी गया.

बलिया में उनके और भी बहुत से प्रतिद्वंदी हैं लेकिन अंचल जैसी लोकप्रियता किसी के पास नहीं थी. यकीन नहीं होगा लेकिन यह सच है कि लखनऊ में डालीबाग में अपने मकान की छत बनवाते हुए वे मजदूरों के साथ सहयोग कर रहे थे. इस पर उनका कहना था कि अतीत से जुड़े रहना अच्छा लगता है.

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बलिया में भीषण सड़क हादसा अब तक 6 की मौत !

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बलिया के बैरिया में सोमवार देर रात दर्दनाक सड़क हादसा हो गया जिसमें अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है । एनएच 31 पर स्थित बैरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत दुबेछपरा-सुघर छपरा के मध्य अंधा मोड़ पर सोमवार की रात करीब दो बजे ये भीषण हादसा हुआ हादसे में आधा दर्जन लोग घायल भी बताए जा रहे है, जिनमें से चार को वाराणसी रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि, दोकटी थाना क्षेत्र के भगवानपुर निवासी अनवत गुप्ता के घर से खेजुरी थाना क्षेत्र के मासूमपुर गांव में तिलकोत्सव गया था।

तिलकोत्सव में शामिल होने के बाद लोग कमांडर जीप से गांव लौट रहे थे। रात करीब दो बजे जीप अभी बैरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत दुबेछपरा-सुघर छपरा के मध्य स्थित अंधा मोड़ पर पहुंची थी, तभी टमाटर लदी तेज रफ्तार पिकअप ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि एक जीप के परखच्चे उड़ गये और सभी सवार गंभीर रूप से घायल हो गये। पिकअप पलट गई।

वहीं, दूसरी जीप में शामिल लोग भी घायल हो गये। आस-पास के लोगों ने पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दिया। एम्बुलेंस पहुंची तो लोगों ने सभी घायलों को जिला चिकित्सालय भेजा। हादसे में अब तक 6 के मरने की सूचना है। मृतकों के शव को कब्जा पुलिस में लेकर पोस्टमार्टम की कार्यवाही हेतु मोर्चरी हाउस भेजा गया।

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बलिया: स्टीमर से 3 युवकों ने लगाई गंगा में छलांग, 1 की मौत

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बलिया में मस्ती मजाक में नदी में कूदना 3 दोस्तों को भारी पड़ गया। इस घटना में 1 युवक काल के गाल में समा गया, वहीं 2 युवक डूबने से बाल बाल बचे। हादसा भरौली में हुआ, यहां स्टीमर से गंगा नदी में छलांग लगाने वाले 3 युवक नदी में बह गए, इनमें में 2 किशोरों को नाविकों ने बचा लिया तो वही 1 किशोर की मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक, नरहीं थाना क्षेत्र के सरंया गांव निवासी पवन यादव 16 वर्ष पुत्र खरताली यादव सोमवार की दोपहर ढाई बजे अपने दो दोस्तों के साथ बक्सर के रामरेखा घाट से उजियार घाट आने के लिए स्टीमर पकड़े थे, इसी दौरान स्टीमर जैसे ही गंगा नदी के बीच धारा में पहुंची। तीनों ने नदी में छलांग लगा दी।

धीरे धीरे तीनों युवक डूबने लगे, इसके बाद नाविक बचाने दौड़ पड़े। जहां मोहित कुमार, यश कुमार को तो बचा लिया गया, लेकिन पवन यादव गंगा की लहरों में समा गया। इस खबर की जानकारी जैसे गांव में पहुंची गांव के लोग गंगा तट पर पहुंच गए। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई।

इसके बाद गंगा नदी में पवन को ढूंढने का काम शुरू हुआ। लेकिन शाम तक कोई सफलता नहीं मिली। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने बताया कि स्टीमर से कूद कर गंगा स्नान करने वाले लड़कों की संख्या दर्जनों में है और लापरवाही से वे हादसे का शिकार हो जाते हैं।

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पुलिस भर्ती पेपर लीक में बलिया का नीरज यादव गिरफ्तार, अभ्यर्थियों को व्हाट्सएप पर भेजे थे जवाब

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उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में पेपर लीक की घटना सामने आने के बाद अब कार्रवाई शुरू हो गई है। सरकार ने भर्ती परीक्षा को रद्द कर दिया है, साथ ही साथ सीएम योगी आदित्यनाथ ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है। इसी बीच पुलिस ने बलिया के नीरज यादव को गिरफ्तार किया है, आरोप है कि नीरज ने भर्ती परीक्षा मामले में अभ्यर्थियों को सवालों के उत्तर व्हाट्सएप पर भेजे थे।

बताया जा रहा है कि मथुरा के रहने वाले एक उपाध्याय ने नीरज को पूरी परीक्षा की उत्तर कुंजी भेजी थी और इसी कुंजी में से उत्तर देख कर नीरज ने अभ्यर्थियों को व्हाट्सएप पर जवाब भेजे थे।
अब पुलिस मथुरा के उस शख्स की तलाश कर रही है, जिसके पास भर्ती परीक्षा की पूरी उत्तर कुंजी मौजूद थी। पुलिस इस बात का भी जवाब ढूंढ रही है कि आखिर परीक्षा की पूरी उत्तर कुंजी उसे शख्स के पास कैसे पहुंची।

जानकारी के मुताबिक, लखनऊ के कृष्णानगर के अलीनगर सुनहरा स्थित सिटी मॉडर्न अकेडमी स्कूल को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया था। 18 फरवरी को आयोजित परीक्षा की दूसरी पाली के दौरान शाम करीब 4:55 बजे कक्ष संख्या-24 के निरीक्षक वंदना कनौजिया और विश्वनाथ सिंह ने परीक्षार्थी सत्य अमन कुमार को पर्ची से नकल कर ओएमआर शीट भरते पकड़ा था। उन्होंने पर्ची बरामद कर ली थी। पुलिस टीम ने सत्य अमन को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में उसने बताया कि नीरज यादव नाम के शख्स ने उत्तरकुंजी व्हाट्सएप पर भेजी थी।

नीरज ने पुलिस को बताया कि मथुरा निवासी उपाध्याय ने उसको उत्तरकुंजी भेजी। व्हाट्सएप चैट से इसकी पुष्टि भी हुई। सूत्रों के मुताबिक उपाध्याय को जानकारी हो गई थी कि सत्य अमन पकड़ा गया है। इसलिए वह दबिश से ठीक पहले वह भाग निकला। वहीं आरोपी नीरज यादव मर्चेंट नेवी में था। वर्तमान में वह नौकरी छोड़ रखी है। सूत्रों के मुताबिक वह परीक्षाओं में सेंधमारी का काम कुछ वक्त से कर रहा है। इसके एवज में मोटी रकम वसूलता है।

अब तक इस जांच में कई अनसुलझे सवाल पैदा हुए हैं। सवाल यह है कि आखिर नीरज यादव का नेटवर्क कहां तक है और उसे कुंजी उपलब्ध करवाने वाले उपाध्याय को उत्तर कुंजी कहां से मिली। आखिर नीरज ने उत्तर कुंजी देने के बदले अमन से कितनी रकम मांगी थी और कितने अन्य लोगों को उत्तर कुंजी दी गई है। ये सभी सवाल अनसुलझे हैं, जिनका जवाब आने वाले वक्त में ही मिल पाएगा।

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