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बलिया स्पेशल

नए साल पर किन्नर समुदाय के बीच पहुँचे डीएम, सुनी परेशानी और दिए उपहार !

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बलिया डेस्क : किन्नर समुदाय के लोगों के लिए यह नव वर्ष बेहद खास हो गया, जब जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही व सीडीओ विपिन जैन आला अफसरों के साथ उन्हें शुभकामना देने उनके यहां पहुंचे। बड़े अफसरों को अपने घर देख किन्नर समुदाय के सभी लोगों की भी खुशी का ठिकाना नहीं था। नव वर्ष पर जिले के आला अधिकारी उपहार लेकर और उनकी समस्याओं पर चर्चा करने उनके घर आएंगे, इस तरह का अंदाजा शायद उनको भी नहीं था।

दरअसल, डीएम की पहल पर बनकटा स्थित अमर शहीद चेतना संस्थान लक्षित हस्तक्षेप परियोजना के कार्यालय पर पहले से यह कार्यक्रम निर्धारित था। नव वर्ष की शाम पर डीएम, सीडीओ, डिप्टी कलेक्टर सर्वेश यादव, एसओसी चकबंदी धनराज यादव समेत अन्य अधिकारी बनकटा में किन्नर समुदाय के लोगों के बीच पहुंचे। उन्हें नव वर्ष की बधाई दी और उनकी समस्याओं से जुड़े विषयों पर चर्चा की। किन्नरों ने भी अपनी समस्याओं से जुड़े अनुभव को साझा करते हुए स्वयं को भी समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल करने की आवश्यकता जताई। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि निश्चित रूप से आप लोगों के द्वारा दिए गए हर सुझावों पर गंभीरता से विचार होगा।

परिवार जैसा प्यार मिलने से हुए गदगद

किन्नरों ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि शायद यह पहला मौका है जब इस तरह आला अफसरों के द्वारा ऐसा कार्यक्रम किया गया। निश्चित रूप से इस कार्यक्रम से हम लोगों की इज्जत बड़ी है और एक परिवार जैसा प्यार मिला है। डीएम-सीडीओ के प्रति आभार जताते हुए स्वयं को भी किसी भी प्रशासनिक क्षेत्र में सहयोग देने की बात कही।

शिक्षा व सुरक्षा पर हुई बात

इस दौरान किन्नर समुदाय के लोगों की शिक्षा और सुरक्षा पर भी बात हुई। किन्नरों ने भी यह मांग की कि अगर अलग से उनकी शिक्षा के लिए कोई व्यवस्था हो जाए तो काफी बेहतर पहल होगी। साधारणतया इस जेनरेशन में शिक्षा का अभाव है। वजह कि किन्नर समुदाय से स्कूल जाने वाले बच्चों को काफी उपेक्षा का शिकार होना पड़ता है। इसके कई सारे उदाहरण भी दिए। इसलिए अलग से शिक्षा की कोई वैसा करने की मांग की। इस पर डीएम श्री शाही ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि यह अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदु है और इस पर निश्चित ही विचार-विमर्श होगा। सुरक्षा के विषय पर चर्चा के दौरान किन्नरों ने बताया कि किसी समस्या में फंसने के बाद पुलिस के द्वारा भी उपेक्षा ही की जाती है। लेकिन, जिले के सबसे बड़े अफसर को अपने बीच पाकर निश्चित रूप से सुरक्षा के प्रति हम लोगों का भरोसा बढ़ा है।

बधाई गीत के जरिए सलामती के लिए दी दुवाएं

जिलाधिकारी और उनकी पूरी टीम को अपने घर पर देख सभी किन्नर बहुत खुश थे। जिलाधिकारी की पत्नी पूनम शाही और उनके बच्चों से मिलकर ऐसा लग रहा था मानो उनकी खुशी और दुगनी हो गई हो। उनके बच्चों ने बड़े स्नेह से सभी लोगों को चॉकलेट दिए। कार्यक्रम के अंत में किन्नरों ने सामूहिक रूप से जिलाधिकारी के परिवार और पूरे प्रशासनिक अमले की सलामती के लिए बधाई गीत गाए। इसके बाद अधिकारियों ने नए वर्ष पर उनको अंगवस्त्रम से सम्मानित किया और तमाम उपहार भी दिए।

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UP में भारी बारिश के चलते इतने दिन स्कूल-कॉलेज रहेंगे बंद, CM योगी का निर्देश

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उत्तर प्रदेश के 40 जिलों में 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश के चलते योगी सरकार ने दो दिन स्कूल-कॉलेजों बंद रखने का फैसला किया है। इस तरह बलिया समेत पूरे प्रदेश में शुक्रवार, शनिवार और फिर रविवार सहित तीन दिन स्कूल बंद रहेंगे। सीएम ने कहा कि इस आपदा के चलते जिलों में राहत कार्य प्रभावी रूप से कराने का आदेश दिया है। सीएम ने जनता से सावधानी बरतने की अपील की है। सीएम का कहना है कि इस मुश्किल घड़ी में सरकार जनता के साथ है। हर संभव मदद की जा रही है। राहतकार्य लगातार जारी है। सरकार की ओर से कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।

बताया जा रहा है कि कई जिलों में तो लगातार दो दिन यानी 48 घंटे से बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। जिसके चलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी मण्डलायुक्तों तथा जिलाधिकारियों को पूरी तत्परता से राहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारीगण क्षेत्र का भ्रमण कर राहत कार्यों पर नजर रखें। उन्होंने अगले 02 दिन 17 और 18 सितम्बर 2021 को प्रदेश में स्कूल-कॉलेजों सहित सभी शिक्षण संस्थानों को बन्द रखने के निर्देश दिए हैं। बलिया समेत पूरे प्रदेश में रविवार सहित दिन 3 तक स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आपदा के दृष्टिगत जनपदों में राहत कार्य प्रभावी रूप से कराए जाएं। आपदा से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचायी जाए। जल जमाव की स्थिति में प्राथमिकता पर जल निकासी की व्यवस्था करायी जाए। उन्होंने सम्बन्धित जनपदों के अधिकारियों को इस आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं।

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बीजेपी में कार्यकर्ता ही प्रेरणास्रोत, प्रबुद्ध सम्मेलन में बोले कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य

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बलिया। उत्तरप्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी सभी पार्टियों ने तेज कर दी है। बीजेपी भी मतदाताओं से संवाद करने के लिए प्रबुद्ध सम्मेलन कर रही है। इसी कड़ी में बलिया की सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र में भी प्रबुद्ध सम्मलेन का आयोजन किया गया। सिकंदरपुर के जूनियर हाई स्कूल के सभागार में आयोजित सम्मेलन में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य मुख्य अतिथि रहे। जिन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को याद किया। और पिछली सरकारों को भी आड़े हाथ लिया। इसके अलावा सांसद रवींद्र कुशवाह और विधायक संजय यादव ने प्रदेश सरकार की तारीफ करने के साथ ही पिछली सरकार की नाकामी गिनाई। और प्रदेश सरकार की योजनाओं की जानकारी दी।

भाजपा की ओर से आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन में मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य रहे। जिन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण कर सम्मेलन की शुरूआत की। अपने संबोधन में स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा अपने एक-एक कार्यकर्ता को पार्टी का प्रेरणास्रोत मानकर काम करती है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय का त्याग और बलिदान हर कार्यकर्ता के रग-रग में ऊर्जा प्रवाहित करता है। कार्यकर्ताओं का दायित्व है कि देश और समाज की भलाई के लिये खुद ही सरकार की योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाएं और उन्हें लाभान्वित कराने में भी योगदान दें। मोर्य ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में, चाहे वह देश हो या प्रदेश, जनता खुशहाल है, किसान खुशहाल हैं। रोजगार के बड़े-बड़े अवसर उपलब्ध हुए हैं, वहीं पिछली सरकारों में सारी सुविधाएं जनता के सामने आने से पहले ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती थी।

कार्यक्रम में शामिल हुए सांसद रवींद्र कुशवाहा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबका साथ सबका विकास का नारा बुलंद हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी जाने वाली योजनाएं जन-जन तक पहुंच रही हैं। विधायक संजय यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में हर प्रकार की योजनाओं को गरीबों तक पहुंचाया गया है। चाहे वह आवास की योजना हो, चाहे रोजगार की हो, चाहे पेंशन की हो। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में इन योजनाओं का लाभ गरीबों को नहीं मिलता था। भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पूर्व मंत्री राज धारी सिंह, पूर्व विधायक भगवान पाठक, विधानसभा प्रभारी योगेंद्र नाथ राय, रवि राय, अक्षय लाल यादव, गणेश सोनी, प्रयाग चौहान, चेयरमैन डॉ रविंदर वर्मा आदि लोग मौजूद रहे।

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बलिया के निर्माणाधीन स्पोर्ट्स कॉलेज की जमीन में लगा बट्टा, सैनिक स्कूल बनाने का प्रस्ताव

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बलिया स्पोर्ट्स कॉलेज की 106 एकड़ भूमि में से 40 एकड़ भूमि पर सैनिक स्कूल बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। (फोटो: निर्माणाधीन स्पोर्ट्स कॉलेज)

उत्तर प्रदेश के बलिया में स्पोर्ट्स कॉलेज निर्माणाधीन है। लेकिन आए दिन स्पोर्ट्स कॉलेज के निर्माण की राह में कोई न कोई रोड़ा अटक जा रहा है। नया पेंच स्पोर्ट्स कॉलेज निर्माण की जमीन में बंटवारे को लेकर फंसा है। बलिया जिला प्रशासन ने स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए आवंटित जमीन में ही सैनिक स्कूल बनाने का प्रस्ताव भेजा है। स्पोर्ट्स कॉलेज की 106 एकड़ भूमि में से 40 एकड़ भूमि पर सैनिक स्कूल बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है।

स्पोर्ट्स कॉलेज की ही जमीन पर सैनिक स्कूल बनाने के प्रस्ताव भेजे जाने के चलते निर्माण कार्य में रुकावट पैदा हुई है। बलिया के जिला क्रीड़ाधिकारी डॉ. अतुल सिन्हा ने कहा है कि “स्पोर्ट्स कॉलेज की 106 एकड़ जमीन में से 40 एकड़ भूमि पर सैनिक स्कूल बनाने का प्रस्ताव जिला प्रशासन की ओर से भेजा गया है। जिसकी वजह से फिलहाल स्पोर्ट्स कॉलेज निर्माण का कार्य धीमा हुआ है। लेकिन जैसे ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी उसके अनुरूप कार्य शुरू किया जाएगा।

बता दें कि पूरे उत्तर प्रदेश में तीन स्पोर्ट्स कॉलेज सैफई, गोरखपुर और लखनऊ में हैं। इसके अलावा बलिया, फतेहपुर और सहारनपुर में तीन नए स्पोर्ट्स कॉलेज बनाए जा रहे हैं। ये तीनों स्पोर्ट्स कॉलेज निर्माणाधीन हैं। बलिया में स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए 106 एकड़ भूमि आवंटित की गई थी। इस हिसाब से बलिया का स्पोर्ट्स कॉलेज सैफई के बाद दूसरा सबसे बड़ा स्पोर्ट्स कॉलेज होता। लेकिन अब ऐसा होता नहीं दिख रहा है। क्योंकि 40 एकड़ भूमि पर सैनिक स्कूल निर्माण का प्रस्ताव सामने आया है।

गौरतलब है कि 2017-18 में बलिया के स्पोर्ट्स कॉलेज की 106 एकड़ जमीन के ही कुछ हिस्से पर एक मेडिकल कॉलेज बनाने की बात चली थी। इसके लिए एनओसी भी तैयार हो चुकी थी। लेकिन कुछ वजहों से मेडिकल कॉलेज का निर्माण यहां नहीं हो सका। तब जिला प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज के ही एनओसी पर सैनिक स्कूल बनाने का प्रस्ताव भेज दिया। कहा जा रहा है कि अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है और सैनिक स्कूल का निर्माण 40 एकड़ में होता है तो इसका बुरा असर स्पोर्ट्स कॉलेज पर पड़ेगा। इससे स्पोर्ट्स की व्यापकता प्रभावित होगी।

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