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बलिया: मातृत्व वंदना योजना में अनियमितता के दोषी डाक्टर को मिली नगरा PHC की कमान

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प्रतिकात्मक तस्वीर (साभार: Mumbai MIrror)

बलिया के नगरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का डॉ. सर्वेश कुमार गुप्ता को प्रभारी चिकित्साधिकारी बनाया गया है। डॉ. सर्वेश कुमार गुप्ता को एक साल पहले नगरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से हटाया गया था। नगरा से डॉ. सर्वेश को सोनाडीह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थानांतरित कर दिया गया था। डॉ. सर्वेश गुप्ता को मातृत्व वंदना योजना में अनियमितता का दोषी पाया गया था।

2020 में जिले के नगरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉ. सर्वेश गुप्ता की तैनाती बतौर प्रभारी चिकित्साधिकारी थी। 19 दिसंबर, 2020 को मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) ने नगरा से डॉ. सर्वेश को अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन न करने पर सोनाडीह भेजा था। वो मातृत्व वंदना योजना में अनियमितता के दोषी भी पाए गए थे। लेकिन इसके बावजूद एक ही साल बाद उन्हें एक बार नगरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

ऐसे में सवाल उठता है कि योजनाओं में अनियमितता का दोषी और अपना कार्य ठीक से पूरा नहीं करने का आरोप साबित होने के बावजूद नगरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का चार्ज क्यों दिया गया? महज एक साल बाद ही उन्हें उनके स्थान पर दोबारा भेजा जाना सवालों के घेरे में है।

क्या है मातृत्व वंदना योजना? मातृत्व वंदना योजना केंद्र सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं के लिए चलाई जाने वाली एक योजना है। योजना का उद्देश्य जननी और उसके बच्चे की देखभाल करना है। जिसके लिए सरकार जननी को छह हजार रुपए की आर्थिक सहायता देती है। यह सहायता तीन चरणों में दी जाती है। इन चरणों में गर्भवती महिलाओं को उनके गर्भधारण और प्रसव के समय ही सरकार आर्थिक सहायता प्रदान करेंगी।

सरकार इस योजना के तहत पहले चरण में एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता देती है। इसके बाद दूसरे और तीसरे चरण में दो-दो हजार रुपए की सहायता दी जाती है। बाकि बचा एक हजार रुपया सरकार तब देती है अगर कोई गर्भवती महिला अपने बच्चे को किसी अस्पताल में जन्म देती हो या जननी सुरक्षा योजना की लाभार्थी हो।

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NH-31 का काम लगभग 80 प्रतिशत पूरा, तीन साल तक निर्माणाधीन कंपनी करेगी मेंटेनेस

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बलिया:  जर्जर सड़क से परेशान लोगों को NH-31 का काम लगभग 80 फीसदी पूरा होने से राहत मिली है। भरौली से मांझी तक सड़क की मरम्मत से लोग खुश भी हैं। हालांकि अभी मरम्मत का काम जारी है। अधिकारियों का कहना है कि निर्माणाधीन कंपनी सड़क की 3 साल तक देखरेख करेगी। इस बीच सड़क उखड़ती है तो तत्काल निर्माण कंपनी मरम्मत भी करेगी। साथ ही कंपनी ने उखड़ी हुई सड़क की मरम्मत करा कर फोटो भी जारी की है। अधिकारियों ने बताया की अभी सड़क का फाइनल कोट और पेंटिंग बाकी है जिसका काम जून तक पूरा हो जाएगा। तेजी से काम किया जा रहा है।

3 साल तक कंपनी की देखरेख की जिम्मेदारी– NHAI के परियोजना निदेशक श्रीप्रकाश पाठक ने बताया कि 3 साल तक सड़क की निगरानी कार्यदायी कंपनियों को करनी है। इस बीच जहां भी सड़क खराब होगी, उसकी मरम्मत करनी होगी। सड़क की दोनों ओर की  पटरियों को भी ठीक करना है। गाजीपुर से लेकर मांझी घाट तक की सड़क सदैव बेहतर हाल में रहेगी। अभी निर्माण चल रहा है। दूसरे लेयर का काम भी जारी है। फाइनल मेन्टेनस जून तक पूरा हो जाएगा।
जून में बन दौड़ेगा NH-31– बता दें जून 2022 तक काम पूरा करने का वक्त निर्धारित है। कार्य की लागत तकरीबन 80 करोड़ रुपए है। 7 मीटर पर चौड़ाई में सड़क पर दूसरे लेयर का कार्य और सड़क की पटरियों को भी ठीक करना है। दूसरे लेयर का कार्य भी गतिशील है। जून तक सड़क लगभग बनकर तैयार हो जाएगी। कंपनी का दावा है कि निर्माण के दौरान जहां से भी सड़क उखड़ने की खबर मिल रही है वहाँ तत्काल काम करा दिया जा रहा है।

3 एजेंसियों बना कर रही NH-31– गाजीपुर से बिहार की सीमा पर स्थित चांददियर तक करीब 150 किमी लंबे NH-31 की मरम्मत का टेंडर 3 भाग में बांटा गया है। गाजीपुर से फेफना तक 60 किमी का काम SRSC इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड, फेफना से चिरैया मोड़ तक 45 किलोमीटर महादेव कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और चिरैया मोड़ से मांझी घाट के जयप्रभा सेतु तक 16 किलोमीटर जगदंबा इंटरप्राइजेज को सौंपा गया है।

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बलिया में चला अतिक्रमणरोधी अभियान, तोड़ी गई आधा दर्जन दुकानें

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बलिया नगरपालिका के द्वारा अतिक्रमणकारियों पर शिकंजा कसा। नपा ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाते हुए कई अवैध कब्जे हटाए। निगम की कार्यवाही से पूरे शहर में हड़कंप की स्थिति रही। अवैध कब्जाधारी अपने कब्जे हटाते भी दिखाई दिए।

बता दें कि शहर के शहीद पार्क चौक- सिनेमा रोड से लगायत हनुमानगढ़ी मंदिर तक जिला प्रशासन और नगर पालिका की टीम ने अवैध कब्जेदारों के खिलाफ अभियान चलाया। अतिक्रमणरोधी अभियान के दौरान टीम ने जब्ती की कारवाई भी की। अभियान के तहत सिनेमा रोड स्थित आधा दर्जन दुकानों को तोड़ा गया।

लंबे समय के बाद नगरपालिका ने अतिक्रमणकारियों पर सख्त कार्यवाही की। वहीं अचानक चले अभियान से और तोड़फोड़ से वहीं दुकानदारों में रोष दिखाई दिया। नपा की कार्यवाही के दौरान नगर पालिका के ईओ दिनेश कुमार विश्वकर्मा, सनी, प्रमोद सिंह, राजाराम रावत के अलावा पुलिस बल मौजूद रहा।

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बलिया- कपड़ा शोरूम में लगी भीषण आग, लाखों का सामान जलकर खाक

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बलिया के सिकन्दरपुर के मुख्य बाजार में आग का तांडव देखने को मिला। जहां एक कपड़ा शोरूम में भीषण आग लग गई। थोड़ी ही देर में देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और शोरूम का ऊपरी हिस्सा जलने लगा। आग की ऊंची लपटे देखकर लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में जुटे लेकिन जब तक आग पर काबू पाया गया तब तक लाखों का सामान जल कर राख हो गया। आग की घटना से बाजार में अफरा तफरी का माहौल रहा। शॉर्ट सर्किट आग लगने का कारण बताया जा रहा है।

बता दें कस्बा निवासी व्यवसायी भवानी जायसवाल के बेटे मनोहर जायसवाल का चॉइस कलेक्शन के नाम से कपड़े का 3 मंजिला शो रूम है। शुक्रवार की शाम करीब 6 बजे उसके ऊपरी माले में अचानक आग लग गई। यह देख मुख्य मार्ग से गुजर रहे लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। कर्मचारी जब तक आग बुझाते तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया इस दौरान अगल बगल की दुकानों और मकान के सहारे लोग तीसरी मंजिल पर पहुंचे और घंटो की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक लाखों का नुकसान हो चुका था

शॉर्ट सर्किट से लगी आग- बताया जा रहा है दुकान के ऊपरी माले पर चॉइस कलेक्शन का विद्युत साइन बोर्ड लगाया गया है। उसी में अचानक शार्ट सर्किट से आग लग गई और आग ने थोड़ी ही देर में दुकान में रखे सामान को भी चमेट में ले लिया। गनीमत यह रही कि लोगों के कोशिश से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। और कोई जनहानि नहीं हुई। हादसे में करोड़ों का नुकसान भी हो सकता था।

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