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एक ही पुलिस स्टेशन में बेटी DSP और पिता दरोग़ा, दोनों ऐसे कर रहे बलिया का नाम रोशन!

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बलिया डेस्क : आज हम आपको बलिया से ताल्लुक़ रखने वाले एक ऐसे परिवार के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें बेटी हैं डीएसपी और पिता हैं सब इंस्पेक्टर. दिलचस्प बात यह है कि बाप बेटी दोनो की पोस्टिंग एक ही पुलिस स्टेशन में है. बेटी का नाम है शाबेरा अंसारी जोकि मध्यप्रदेश के देवास में डीएसपी महिला प्रकोष्ठ पद पर तैनात है और पिता अशरफ़ अली इंदौर के लसूड़िया थाने में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं.

दरअसल छुट्टी लेकर अशरफ़ अली अपनी ट्रेनी डीएसपी बेटी से मिलने गए थे और इसी दौरान लॉकडाउन लग गया और वह वहीं फँस गए. आना जाना मुश्किल हो गया और कोरोना का प्रकोप बढ़ गया था जिसकी वजह से पीएचक्यू के आदेश के बाद एसपी ने सब इंस्पेक्टर अशरफ अली अंसारी को मझौली थाने में ही ड्यूटी करने के आदेश दिए हैं.

दिलचस्प बात यह है कि इस बीच अशरफ की पोस्टिंग भी उसी थाने में हुई जहां उनकी बेटी शाबेरा DSP के पद पर तैनात थीं. इसके बाद से ही बाप बेटी एक ही थाने में तैनात हैं और लोगों की सेवा कर रहे हैं. थाने में पिता बेटी को सैल्यूट करते हैं और घर पर डीएसपी बेटी उन्हें अपने हाथ का खाना खिलाती हैं.

बता दें कि इंस्पेक्टर के पद पर शाबेरा अंसारी का चयन 2013 में हो गया था और उन्होंने 2016 में ज्वाइन भी कर लिया था. लेकिन इसके बाद भी वह पीएससी की तैयारी करती रहीं और 2016 में पीएससी क्वालिफाइड किया और 2018 में डीएसपी पद पर ज्वाइन किया.

शाबेरा के सपने बड़े हैं. डीएसपी के पद पर होने के बाद भी वह यूपीएससी की तैयारी भी कर रही है. उन्होंने मध्य प्रदेश के इंदौर के सरकारी स्कूल से पढ़ाई की और सरकारी कॉलेज से बीए किया.

इस दौरान ही उन्होंने पीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी. मूलरूप से शाबेरा का परिवार बलिया से ताल्लुक़ रखता है. पुलिस में नौकरी होने के बाद से पूरा परिवार इंदौर शिफ़्ट हो गया.

शाबेरा बताती हैं कि पढ़ाई लिखाई में बचपन में वह एवरेज स्टूडेंट रही हैं. गणित में वह एक बार फ़ेल भी हो चुकी हैं लेकिन उन्होंने कुछ बनने की ठानी थी. उन्हें हमेशा से पुलिस विभाग में ही जाना था. इसलिए वह लगातार मेहनत करती रहीं और उसका नतीजा आज सभी के सामने है.

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बलिया में पत्रकार वार्ता के नाम पर भाषण दे गए सीएम योगी, पत्रकारों में नाराजगी

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बलिया में योगी आदित्यनाथ के आगमन के बाद प्रदेश भर में इसकी चर्चा रही। लेकिन जिस बात की चर्चा नहीं थी हम वह आपको बताना चाहते हैं । सीएम योगी आदित्यनाथ ने यहां ‘पत्रकार वार्ता’ की जिसमें चुनिंदा पत्रकारों को शामिल होने की अनुमति थी। ध्यान रहे कि सीएम से कोई भी सवाल नहीं पूछा जा सका और सीएम के राजनीतिक भाषण को पत्रकार वार्ता कहा गया। जिंदा पत्रकार भी सीएम आदित्यनाथ से सवाल नहीं पूछ सकते सिर्फ मौजूद रहे। राजनीतिक इस बातचीत को पत्रकार वार्ता का नामा दिया गया था।

क्या- क्या हुआ जान लिजीए– मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जहां जिला प्रशासन कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम की बैठक को सफल बनाने के लिए दिनरात लगा रहा। वहीं मीडिया को सीएम की बैठक से दूर रखा। जैसे ही मीडियाकर्मी कलेक्ट्रेट सभागार पहुंचे, उन्हें वहां से मना कर दिया गया। कहा यह गया कि कुल १५ पत्रकारों की सूची हमें उपलब्ध है। वहीं पत्रकार मुख्यमंत्री के ब्रिफिंग में शामिल होंगे। जबकि कुछ पत्रकार हेलीपैड की तरफ पहुंचे तो वहां भी पुलिसकर्मियों ने उन्हें यह बताया कि आपको यहां नहीं रहना है।

आपको कलेक्ट्रेट सभागार में बाहर मुख्यमंत्री के ब्रिफिंग में आमंत्रित किया गया है। कहा गया कि उन पत्रकारों की सूची सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों के पास है। करीब ढाई बजे के बाद पत्रकार कलेक्ट्रेट सभागार परिसर में पहुंचे। कुछ देर के बाद मुख्यमंत्री उनसे रू-ब-रू हुए। जबकि उसके पहले कप्तान डा. विपिन टाडा ने पत्रकारों से निवेदन किया कि सीएम के ब्रिफिंग में आपको कोई सवाल नहीं करना है। हालांकि पत्रकारों ने इस पर आपत्ति जाहिर की, लेकिन कप्तान साहब हंसकर निकल पड़े। जब वे अंदर घुसे तो एलआईयू द्वारा यह कहा गया है कि आप कोई सवाल न पूछे।

सीएम ने पत्रकार वार्ता में क्या-क्या कहा?– मुख्यमंत्री 15 मिनट तक कोरोना से संबंधित जानकारियां देते रहे और किसानों के गेहूं के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। मजे की बात यह रही कि जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री को छत के नीचे रखा और मीडिया कर्मियों को धूप में खड़ा करवा दिया। करीब 15 मिनट तक धूप में खड़े होकर मीडियाकर्मी सीएम का कवरेज करते रहे और पसीेने से तरबतर हो गए। सीएम के साथ मीडिया के सामने मंत्री उपेंद्र तिवारी, मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल, सांसद रवींद्र कुशवाहा, सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, राज्यसभा सांसद

सकलदीप राजभर, विधायक संजय यादव, विधायक सुरेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू मौजूद रहे। सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि किसी ने यह नहीं कहा कि मीडिया के साथी आप धूप में है थोड़ा अंदर आ जाइए। खैर मीडिया कवरेज में धूप और छांव की कोई परवाह नहीं की जाती है, वह हमेशा अपने काम में लगे रहे। लेकिन बाहर यह चर्चा जरूर रही कि जिस तरीके से सभागार के अंदर सीएम ने अपने मातहतों को संबोधित किया। उसी तरीके से मीडिया को भी संबोधित किया। सीएम की ब्रिफिंग के बाद मीडिया में काफी नाराजगी थी कि कुछ सवाल हमारे थे जिसको पूछने का अधिकार जिला प्रशासन ने नहीं दिया।

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सीएम योगी का बलिया दौरा, जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का लिया जायजा

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बलिया । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज (शुक्रवार) बलिया के दौरे पर पहुंचे हैं। सीएम का हेलीकाप्टर सुबह साढ़े ग्यारह बजे पुलिस लाइन में उतरा। यहां भाजपा नेताओं सहित अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री जिला अस्पताल का जायज़ा लेने पहुंचे।मुख्यमंत्री ने यहां अस्पताल में कोविड और नान कोविड वार्डों का निरीक्षण किया, इसके साथ ही सीएम ने मरीजों से उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने मरीजों से अस्पताल में मिल रही सुविधाओं के बारे में पूछा। इस दौरान अधिकारी सीएम के साथ मौजूद रहे।मुख्यमंत्री योगी लगभग चार घंटे जनपद बलिया में रहेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही अन्य तैयारियों की मीटिंग कर उनका निरीक्षण करेंगे।

सीएम के जिले में कई कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। जिसमें गांवों का भ्रमण, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत खाद्यान्न वितरण का निरीक्षण और गांव की निगरानी समितियों के सदस्यों से मुख्यमंत्री बात करेंगे।वहीं दोपहर में कलेक्ट्रेट सभागार में जन प्रतिनिधियों और कोर कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों से जिले के विकास कार्य, कानून व्यवस्था व कोविड नियंत्रण को लेकर बैठक लेंगे। जिले का हाल जानने के बाद सीएम दोपहर 2.40 से 2.55 बजे तक मीडिया के सामने प्रेस कांफ्रेंस करंगे। जबकि 3.10 बजे मुख्यमंत्री हेलीकाप्टर से वाराणसी के लिए प्रस्थान करेंगे।

मुख्यमंत्री बलिया में कोविड-19 की रोकथाम के लिए चल रही तैयारियों की समीक्षा के लिए आये हैं। लेकिन बलिया के लोगों की मुश्किलें यही नहीं हैं बल्कि जनपदवासियों को यहां आए सीएम योगी से कई उम्मीदें हैं।बलिया वासियों को छोटी-छोटी बीमारियों के मरीजों का बलिया से मऊ, आजमगढ़ और वाराणसी के लिए रेफर होना विवशता है। जिले में कमजोर स्वास्थ्य सेवाओं के कारण कई मरीजों की जान चली जाती है। ऐसे में जनपद में मेडिकल कालेज की सख्त आवश्यकता है। इसके साथ ही रोजगार और किसानों के लिए बंद पड़ी चीनी और कताई मिल को चालू कराने की मांग भी पुरानी है।

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बलिया- पांच गांवों को जोड़ने वाला पुल अभी भी अधूरा, विधायक पर लगा बड़ा आरोप

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बलिया के रेवती पचरुखिया मार्ग पर केवा पियरौटा गांव के नजदीक पूल का निर्माण पिछले दो महीने से चल रहा है। लेकिन बरसात की शुरुआत होने के वजह से पूल का निर्माण कार्य रूक गया है। स्थानीय लोग इससे बहुत ज़्यादा परेशान हैं। ठेकेदार ने अस्थायी पूल के साइड में कच्ची सड़क बनवाया था, लेकिन ये भी बारिश के पानी से डूब गया है। केवा, कंचनपुर और पियरौटा गांव का सपर्क टूट गया है। इस क्षेत्र में 5 पुलों को तोड़ दिया गया है जिससे कि केवा, छेरडीह, चौबेछपरा, कंचनपुर, पियरौटा, बलिहार रामपुर, दीघार का एक दूसरे से संपर्क टूट गया है।

गावं वालों का कहना है कि इस विषय में विधायक सुरेंद्र सिंह को बताया गया है लेकिन उनको कोई फर्क नहीं पड़ता है। गाँव वालों ने विधायक सुरेंद्र सिंह के ऊपर घूस लेने का आरोप तक लगाया है। गावं वालों का आरोप है कि “विधायक जी सत्तासुख भोगने में मगन हैं। पांच गांव की जनता परेशानी में जी रही है, आने-जाने का मार्ग नहीं है लेकिन जब वोट लेना होगा यही विधायक जी दौड़े आएंगे वोट मांगने।”

गांववालों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निवेदन किया है कि गाँववालों की बरसात के इस मुश्किल दौर में मदद करें। वहीं प्रशासन पुल के बगल से ही अस्थायी सड़क या पुल का निर्माण करे, जिससे गांववाले अपने रोजमर्रा की ज़िंदगी को आसानी से कर पाएं। गांववालों ने अपनी दुश्वारी बताते हुए कहा कि, सारे गाव का संपर्क टूटने से बच्चों की पढ़ाई भी बंद हो गई है। ‘लोगों को राशन पानी लाने में भी दिक्कत हो रही है। यहाँ तक की एम्बुलेंस नहीं आने की वजह से कई की जान भी जा चुकी है।

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