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बलिया

बेल्थरारोड में चकबंदी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ किसानों समेत अधिकार सेना ने दिया धरना

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बेल्थरारोड के तहसील परिसर में किसानों व अधिकार सेना ने धरना दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने चकबंदी विभाग के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार व अनियमितता का आरोप लगाया। वहीं पुलिस ने धरना दे रहे अधिकार सेना के कार्यकर्ताओं को धरना अवैध बताते हुए समाप्त करने की बात कही।

वहीं धरना दे रहे लोगों का आरोप है कि चकबंदी विभाग ने गांव में बिना किसानों की सहमति से तहसील कार्यालय में बैठकर चक तैयार कर दिया है। तीन सौ से ज्यादा लोग चकबंदी न्यायालय में आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। जिसमें अराजी नंबर 479 में करीब 10 किसानों की भूमि का 3/5 भाग गायब करके नवीन परती में तब्दील कर दिया है। अराजी नंबर 59 और 60 में विपक्षियों को फायदा पहुंचाने के लिए उच्च न्यायालय के आदेश को दर किनार कर आकार पत्र 5 और आकार पत्र 23 भाग 1 निर्गत कर दिया है। वहीं सोनी यादव की जमीन फर्जी तरीके से दूसरे के नाम कर दी।

इसको लेकर पीड़ितो ने धरना दिया। मौके पर सीओ भी पहुंचे। तो पीड़ितों ने चकबंदी विभाग के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। इस दौरान उभांव एसएचओ अविनाश कुमार सिंह की सेना के जिला उपाध्यक्ष सिंहासन चौहान से बहस हुई। जिला उपाध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने ट्वीट कर मामले की डीएम को सूचना दी है। इसके बाद भी पुलिस धरना को समाप्त कराने पर आमादा है। सीओ चकबंदी शिवशंकर सिंह भी धरना स्थल पर पहुंच गए।

बाद में पुलिस से चर्चा के बाद अधिकार सेना के सदस्यों ने उपजिलाधिकारी को सम्बोधित पत्र सीओ चकबंदी को देकर धरना समाप्त करा दिया। वहीं सेना के जिला उपाध्यक्ष ने बताया कि वह भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के लिए चंदा भी मांग रहे हैं। कहा कि यह चंदा वह मुख्यमंत्री कोष में भेजा जाएगा। धरना देने वालों में राजू चौहान, सोनी यादव, पुष्पा, मंजू सिंह, रामकेवल चौहान, राहुल चौहान, लीलावती, अमित, लक्ष्मी यादव, श्रीराम यादव, ओमप्रकाश चौहान, गोवर्धन, यशविंद्र सिंह, दीनदयाल, रामकरण और आदर्श चौहान आदि प्रमुख रहे।

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बलिया -बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का असर!, 10 घंटे से सप्लाई बंद, सब स्टेशन पर नहीं अधिकारी

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बलिया में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से उपभोक्ता परेशान हैं। शहर में स्थित 33/11 केवी सिविल लाइन सब स्टेशन के सिविल लाइन फीडर की आपूर्ति सुबह 10 बजे से पिछले 10 घंटे से बंद है।

इतना ही नहीं सब स्टेशन पर कोई विभागीय अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं जो बता सके की बिजली आपूर्ति क्यों बंद है और कब तक बिजली आपूर्ति शुरू होगी। इतने लंबे वक्त तक बिजली आपूर्ति बाधित होने से हाहाकार मचा हुआ है। ऐसे में बिजली विभाग पर सवाल उठ रहे हैं।

बता दें विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के केंद्रीय नेतृत्व के आवाह्न पर हाईड्रिल कॉलोनी परिसर में चल रहे कर्मचारियों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। जिसमें विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर सहीभागिता किया। पुरानी पेंशन बहाल करने के साथ ही वेतन विसंगतिया सहित 15 सूत्रीय मांगो को लेकर धरना दिया जा रहा है।

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बलिया – छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर अनशन पर बैठे छात्र नेता

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बलिया में छात्रसंघ चुनाव की मांग लगातार की जा रही है। चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग को लेकर बुधवार को मथुरा पीजी कॉलेज (रसड़ा) के छात्र नेता दीपक गौतम, अंकित चौधरी और राकेश कुमार ने कॉलेज के बरामदे में बेमियादी अनशन शुरू कर दिया। समर्थन में अन्य छात्र भी बैठे रहे।

अनशन पर बैठे छात्र नेताओं ने बताया कि अनशन की सूचना एक दिन पहले मंगलवार को ही प्राचार्य और एसडीएम को ज्ञापन के माध्यम से दे चुके हैं। इसके पहले भी कई बार प्राचार्य और एसडीएम को ज्ञापन देकर चुनाव कराने की मांग की गई है।

अनशनकारियों ने मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी भी की। छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित नहीं की जाएगी, उनका अनशन जारी रहेगा। इस दौरान सरफराज अली, दीपराज सोनी, अमरेश, इमरान अहमद, बादल राठौर, रणधीर, आरजू अहमद, अभिषेक आदि थे।

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बलिया- पीएम आवास योजना में फर्जीवाड़ा, पूर्व प्रधान और बीजेपी नेता को जेल

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बलिया में पीएम आवास योजना में लगातार फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद अब कार्रवाई की गई है। सीयर ब्लॉक के शाहपुर अफगा गांव में आवास का पैसा गबन करने के मामले में कोर्ट ने पूर्व प्रधान और बीजेपी के पूर्व मंडल अध्यक्ष को जेल भेज दिया। आरोपी पूर्व प्रधान आशा कुशवाहा, उनके पति और बीजेपी नेता रणजीत कुशवाहा ने कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी डाली थी। जिसे खारिज कर दिया।  

मामला 2015 का बताया का है। जिन पर कूटरचना के तहत फर्जी नाम पर आवास का लाखों रुपया गबन का आरोप है। गांव के एक ही एक  व्यक्ति मुन्ना की लिखित शिकायत पर कोर्ट के निर्देश के तहत उभांव थाना में 2017 में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। बीजेपी नेता रणजीत कुशावाहा पार्टी के मंडल अध्यक्ष भी रहे है। मामले में तत्कालीन सचिव और संबंधित एसबीआई बैंक के उपशाखा के प्रबंधक भी आरोपी हैं।

उभांव थाना में तत्कालीन प्रधान आशा कुशवाहा, उनके पति और भाजपा नेता रणजीत कुशवाहा, तत्कालीन सचिव चैथी राम और एसबीआई उपशाखा के प्रबंधक के खिलाफ संबंधित गबन और धांधली की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोप था कि प्रधान, प्रधान प्रतिनिधि, सचिव और बैंक प्रबंधक की मिलीभगत से फर्जी नाम से कूटरचित दस्तावेज के आधार पर सत्र 2012-13 के आवास आवंटन का पैसा आहरण कर गबन किया गया था।

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