Connect with us

बलिया

बलिया के इन 22 केंद्रों पर होगी CBSE फर्स्ट टर्म की परीक्षा, छात्रों के लिए ये निर्देश जारी

Published

on

बलिया के इन 22 केंद्रों पर होगी CBSE फर्स्ट टर्म की परीक्षा, छात्रों के लिए ये निर्देश जारी

बलिया। 30 नवंबर से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानि CBSE की प्रथम टर्म की परीक्षाएं होने जा रही हैं। बलिया के 22 केंद्रों पर परीक्षाओं का आयोजन होगा। परीक्षा में 10वीं और 12वीं के कुल 5697 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा सकुशल संपन्न कराने के लिए विद्यालय प्रशासन तैयारी कर रहा है।

इस बार कोरोना संक्रमण के चलते सीबीएसई परीक्षा के पैटर्न में बदलाव किया गया है। इस बार दो टर्म की परीक्षा होंगी। जिले में 10वीं में करीब 4000 और 12वीं में 3500 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे।  30 नवंबर से परीक्षाएं शुरु होकर 22 दिसंबर तक चलेंगी। 10वीं के प्रथम टर्म की परीक्षा 30 नवंबर और 12वीं की परीक्षा एक दिसंबर सुबह 11.30 बजे से दोपहर एक बजे तक होगी। सीबीएसई की 10वीं और 12वीं कक्षा के माइनर विषयों की परीक्षा 16 व 17 नवंबर से शुरु हो चुकी है। मेजर विषयों की 10वीं प्रथम टर्म की 30 नवंबर और 12वीं की परीक्षा 1 दिसंबर से शुरु होंगी और 22 दिसंबर को समाप्त होंगी।

पेपर पढ़ने के लिए 20 मिनट मिलेंगे, एक घंटे पहले केंद्र पहुंचना होगा– प्रथम टर्म की परीक्षा ओएमआर शीट पर होगी। इसमें बहु वैकल्पिक सवाल होंगे। परीक्षार्थियों को अब 15 मिनट की जगह 20 मिनट पेपर पढ़ने के लिए समय दिया जाएगा। परीक्षा केंद्रों में कोरोना गाइडलाइन का भी पालन किया जाएगा। एक केंद्र में ज्यादा से ज्यादा 350 विद्यार्थी ही परीक्षा दे सकते हैं। परीक्षार्थियों को केंद्र पर एक घंटे पहले पहुंचना होगा। सैनिटाइजर, मास्क अनिवार्य होगा। साथ ही थर्मल स्कैनिंग के बाद ही परीक्षा कक्ष में जाने की अनुमति होगी।

इन 22 परीक्षा केंद्रों पर होगी परीक्षा- परीक्षा के लिए जिले के नागा जी सरस्वती विद्या मंदिर माल्देपुर, ज्ञानपीठिका, जीराबस्ती, सनबीम स्कूल अगरसंडा, दिल्ली पब्लिक स्कूल रसड़ा, सन फ्लावर स्कूल, सूर्य बदन विद्यापीठ, सेंट जेवियर्स स्कूल धराहरा, मनस्थली विद्यापीठ रेवती, सिटी कॉन्वेंट स्कूल सहतवार, ज्ञानकुंज वंशीबाजार, सेंट जेविर्य पीपरौली, नवजीवन इंग्लिश स्कूल, जमुना राम स्कूल सहित 22 स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।

सीबीएसई स्कूल मैनेजर्स प्रदेश उपाध्यक्ष हर्ष श्रीवास्तव ने बताया कि परीक्षा के लिए सचल दल गठन किए जाएंगे। परीक्षार्थियों पर सीसीटीवी कैमरे के अलावा पर्यवेक्षक की नजर रहेगी।

 

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

code

बलिया

BJP विधायक सुरेंद्र सिंह ने बैरिया विधानसभा से अखिलेश यादव को दी चुनाव लड़ने की चुनौती

Published

on

बलियाः आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनैतिक संग्राम शुरु हो चुका है। नेताओं के बीच में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। तो वहीं अपनी जीत का दावा कर रहे नेता विपक्षी नेताओं को चुनौती देने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं।

इसी बीच बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अपने विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है। मंगलवार को सुरेंद्र सिंह जिला मुख्यालय पर बीजेपी किसान मोर्चा के द्वारा आयोजित ट्रैक्टर रैली को लेकर प्रेसवार्ता कर रहे थे। तभी उन्होंने यह बयान दिया।

मीडिया से बात करते हुए सुरेंद्र सिंह सपा अध्यक्ष और उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर जमकर बरसे। उन्होंने अखिलेश यादव पर आरोप तो लगाए ही साथ ही उन्होंने अखिलेश को बैरिया सीट से चुनाव लड़ने की चुनौती भी दे डाली। उन्होंने कहा कि यदि वह पूर्व मुख्यमंत्री को एक लाख मतों से पराजित नहीं कर पायेंगे तो चुनावी राजनीति से सन्यास ले लेंगे।

इसी के साथ सुरेंद्र सिंह ने भारतीय किसान यूनियन नेता राकेश टिकैत को भी आड़े हाथों लिया और उन्हें पेशेवर राजनेता करार दिया। उन्होंने कहा कि टिकैत ‘फंडिंग’ की बदौलत ही राजनीति कर रहे हैं। वह सपा और कांग्रेस के कहने पर किसान आंदोलन करा रहे हैं। साथ ही कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिया है तो फिर आंदोलन जारी रखने का क्या औचित्य है।

भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने राकैत टिकैत और सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर ‘बेईमान’ होने का आरोप लगाया और कहा कि यह दोनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी के सामने नहीं टिक पायेंगे। उन्होंने कहा कि मोदी ने संसार को अपना परिवार माना है जबकि अखिलेश यादव के लिए उनका परिवार ही संसार है। परिवार को ही संसार मानने वाला ‘बेईमान’ होता है। वहीं भाजपा विधायक के इन बयानों के बाद सियासी पारा चढ़ता हुआ नजर आ रहा है।

Continue Reading

बलिया

बलियाः अनियंत्रित ट्रक ने बुजुर्ग को मारी टक्कर, गंभीर हालत में उपचार जारी

Published

on

बलियाः एनएच-31 पर एक हादसा हो गया। जहां अलसुबह एक बुजुर्ग को अनियंत्रित ट्रक ने अपनी चपेट में ले लिया। जिससे बुजुर्ग गंभीर रुप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाया।

बताया जा रहा है कि केहरपुर निवासी 65 वर्षीय रमाकांत ओझा किसी काम से रामगढ़ बाजार गए थे। तभी यह हादसा हुआ। ओझा अपना काम कर घर वापस आ रहे थे। तभी हल्दी थाना क्षेत्र के रामगढ़ में स्थित स्टेट बैंक के समीप ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। दुर्घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। वहीं बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज जारी है।

Continue Reading

featured

बलिया में कितने फीसदी लोग हैं गरीब, नीति आयोग ने बता दिया

Published

on

भारत सरकार के नीति आयोग ने देशभर के राज्यों और जिलों का बहुआयामी गरीबी सूचकांक यानी एमपीआई जारी किया है। नीति आयोग के इस बहुआयामी गरीबी सूचकांक में बलिया जिले के लोगों की गरीबी का आंकड़ा भी बताया गया है। एमपीआई के मुताबिक बलिया में तेरह लाख पैंतीस हजार नौ सौ साठ (1335960) लोग गरीब हैं। बलिया की कुल आबादी लगभग 36 लाख है।

नीति आयोग के रिपोर्ट के अनुसार बलिया की कुल आबादी के 37.11 प्रतिशत लोग गरीब हैं। आयोग ने सभी जिलों के ग्रामीण और शहरी इलाकों में भी गरीबी के आंकड़े जारी किए हैं। बलिया के ग्रामीण इलाकों में गरीबी शहरी क्षेत्रों से ज्यादा है। हालांकि ये अंतर बहुत अधिक नहीं है। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में 37.73 फीसदी लोग गरीब हैं। तो वहीं शहरी आबादी के 31.60 फीसदी लोग गरीब हैं। आंकड़े बताते हैं कि बलिया के शहरी और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच बहुत ज्यादा अंतर नहीं है।

उत्तर प्रदेश गरीबी के मामले में बलिया 37वें स्थान पर है। जबकि पड़ोसी आजमगढ़ और मऊ क्रमशः 50वें और 51 वें पायदान पर हैं। यानी कि आजमगढ़ और मऊ के मुकाबले बलिया में गरीबी ज्यादा है। हालांकि शहरी इलाकों में गरीबी के मामले में मऊ अन्य दो जिलों से भी आगे है।

गौरतलब है कि गत शुक्रवार यानी 27 नवंबर को नीति आयोग ने एमपीआई जारी की थी। नीति आयोग ने देशभर के राज्यों और जिलों में वर्ष 2015-16 के बेसलाइन सर्वे पर बहुआयामी गरीबी सूचकांक तैयार की है। इस सूचकांक में लोगों के स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर को पैमाना बनाया गया है। इसमें पोषण, बाल किशोर मृत्यु दर, प्रसव पूर्व देखभाल, स्कूली शिक्षा, खाना पकाने के ईंधन, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, आवास, संपत्ति और बैंक खाते की संख्या को भी आधार बनाया गया है।

सूचकांक में सभी मानकों की स्थिति को अलग-अलग बताया गया है। बलिया में पोषण 40.90 प्रतिशत है। बाल और किशोर मृत्यु दर 5.92 फीसदी। प्रसव पूर्व देखभाल 41 फीसदी। स्कूली शिक्षा 11.86 प्रतिशत। स्कूल में उपस्थिति 8.47 फीसदी। खाना पकाने के ईंधन में 81.61 प्रतिशत। स्वच्छता में 76.73 फीसदी। बैंक खाते बलिया में 3.60 प्रतिशत हैं।

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!