बलिया में ती’न त’ला’क़ माम’ले में द’र्ज हुआ पह’ला मु’क़द’मा, प’ति ने को’र्ट के बा’हर ही दे दिया था त’ला’क

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बलिया में तीन तलाक मामले को लेकर पहला मुकदमा दर्ज हुआ है। मामला शहर कोतवाली पुलिस ने पीड़िता कनीज फातमा बांसडीह की तहरीर पर दर्ज किया है। जिसके बाद छानबीन में पुलिस जुट गई। खबर के मुताबिक कनीज फातमा की शादी उसके अपने ही गांव के महताब आलम से 6 मई 2004 को हुई थी।

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि शादी के चार दिन बाद ही पति महताब ने अपनी बुरी लत के कारण उसके जेवर आदि बेच दिए। इसके बाद वह दहेज की मांग को लेकर परेशान करने लगा। इसकी जानकारी होने पर मेरे पिता कलीम उल्ला ने बेटी की सलामती के लिए दामाद को कई बार पैसे भी दिए। इसी दौरान 2018 में कनीज फातमा के पिता का देहांत हो गया।

इसके बाद पति का अत्याचार और बढ़ गया। इसके अलावा दहेज की मांग बढ़ गई। पति के साथ-साथ परिजन भी प्रताड़ित करने लगे। इससे तंग आकर कनीज फातिमा बांसडीह कोतवाली में पति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करवाया। इसके बाद फातिमा शहर में अपनी बहन के पास अपने दो बच्चों के साथ आकर रहने लगी और बच्चों को रखकर पढ़ाने लगीं।

तीन सितंबर को कोर्ट में मुकदमा के संदर्भ में आईं हुई थीं। इसी बीच उसके पति ने डांटते हुए कोर्ट के बाहर ही पत्नी को तीन तलाक दे दिया। इससे आहत कनीज सदर कोतवाली रविवार को पहुंच गई और पुलिस को आपबीती सुनाते हुए तहरीर दी।

इस पर पुलिस ने संबधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई में जुट गई। इस बाबत सीओ सिटी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि गीता के तहरीर पर मुस्लिम एक्ट के तहत संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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