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अच्छी पहल: आनलाइन पढ़ाई के तर्ज पर इस अंतर्राष्ट्रीय कोच ने शुरू किया ऑन लाइन कराटे का प्रशिक्षण….

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– गूगल डुओ के माध्यम से रोजाना 25 बच्चों सुबह सात से नौ बजे तक दिया जा रहा प्रशिक्षण
बलिया. कोरोना संकट के कारण लॉक डाउन के चलते आनलाइन पठन-पाठन का कार्य पहले से ही शुरू हो गया है, अब खेलकूद के क्षेत्र में भी आनलाइन विधि अपनाई जा रही है. इसी क्रम में स्टेट अप मार्शल आर्ट अकादमी सितोरियो कराटे स्कूल आफ इंडिया के अंतर्राष्ट्रीय कराटे कोच राजीव कुमार ने गूगल डुओ के माध्यम से बच्चों को कराटे का प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है. कोच राजीव ने बताया कि अब तक आनलाइन प्रशिक्षण में 25 बच्चे जुड़ चुके हैं. रोज सुबह सात बजे से नौ बजे तक दो घंटे तक प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
कोरोना संक्रमण के चलते इस समय लॉकडाउन है तथा लोगों को घरों में ही रहने के लिए कहा जा रहा है. ऐसे में पकड़ी थाना क्षेत्र के मुजहीं गांव निवासी अंतर्राष्ट्रीय कराटे कोच राजीव कुमार रोजाना ऑनलाइन बच्चों को प्रशिक्षण दे रहे हैं. इसके तहत बच्चे घरों पर ही रहकर आत्मरक्षा के गुर सीख रहे हैं, जिसमें छात्र-छात्रा दोनों शामिल है. प्रशिक्षण कार्यक्रम गूगल डुओ के माध्यम से रोजाना सुबह सात बजे से नौ बजे तक दिया जा रहा है. कोच राजीव कुमार ने बताया कि जब हम आनलाइन पठन-पाठन का कार्य कर सकते हैं तो प्रशिक्षण का काम क्यों नहीं कर सकते. बताया कि लॉकडाउन के चलते घर पर ही लोगों को आत्मरक्षा के गुर सिखाने के लिए यह निर्णय लिया गया है, ताकि लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलना पड़े तथा उन्हें व्यायाम के साथ आत्मरक्षा के गुर भी सीखने को मिल सके.
इनसेट….
जल्द ही लांच करेंगे वल्ड वाइड वेबसाइट….
कोच राजीव कुमार ने बताया कि फिलहाल गूगल डुओ के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है, बहुत जल्द वेबसाइट लांच किया जाएगा तथा यह वेबसाइट वल्ड वाइड होगा. इसमें न सिर्फ जनपद के बल्कि भारत के साथ-साथ अन्य देशों के भी खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं. बताया कि वेवसाइट में प्रशिक्षण का कार्यक्रम तीन शिफ्टों में चलाया जाएगा. वेबसाइट में अलग-अलग प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा.
इनसेट…..
ये बच्चे ले रहे प्रशिक्षण
प्रशिक्षण लेने वाले बच्चों में दीपक, शशिकला, मनीषा, अर्नव, आकृति,ज्योर्तिदित्या, अभय गुप्त, प्रांजल, आदित्य प्रताप, शक्ति, शुभम आदि के साथ लगभग 25 बच्चे फिलहाल प्रशिक्षण ले रहे हैं. कोच राजीव कुमार ने बताया कि यह संख्या आगे और भी बढ़ेगी.

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बेहद गरीब परिवार की अन्नू ने अमेरिका में किया नाम रोशन, इस प्रतियोगित में किया टॉप !

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जौनपुर की बेटी अन्नू ने यूएस की संस्था ‘सत्यमेव जयते’ की तरफ से कराए गए ऑन लाइन डांस प्रतियोगित में पहला स्थान हासिल किया है और इसके साथ ही जिले का नाम रोशन किया है. अन्नू कंपोजिट विद्यालय इब्राहिमाबाद सिकरारा की छात्रा हैं और वह अभी क्लास 8 में हैं. अन्नू का परिवार बेहद गरीब है.

उनके घर में फोन तक नहीं था. ऐसे में स्कूल की टीचर माधुरी जायसवाल आगे आईं और अन्नू का साथ दिया. उन्होंने अन्नू को स्कूल बुलाया और उसका डांस रिकॉर्ड करके गूगल फार्म के जरिए सबमिट कर दिया. उनकी यह छोटी से कोशिश इतनी कामयाब होगी, शायद ही उन्होंने कभी सोचा होगा. लेकिन उन्हें अन्नू की प्रतिभा का अंदाज़ा ज़रूर था.

बता दें कि सत्यमेव जयते दरअसल यूएसए की तरफ से भारत के सरकारी स्कूलों के पांच से लेकर 14 साल के बच्चों के लिए आयोजित एक डांस प्रतियोगिता है. देश भर के सरकार स्कूल के बच्चों ने इसमें हिस्सा लिया जिसमे अन्नू ने बाज़ी मार ली. अन्नू ने अमेरिका तक में अपनी प्रतिभा से सभी को हैरान कर दिया. सभी के लिए बड़े ही फक्र की बात है.

पहला स्थान हासिल करने वाली अन्नू को अब इनाम के तौर पर ‘सत्यमेव जयते यूएसए’ की तरफ से 11 हज़ार रूपये, एक मोबाईल फोन और सम्मान पत्र दिया जायेगा. वहीँ दूसरा स्थान पंजाब की कुलजीत कौर ने हासिल किया है जिन्हें इनाम के तौर पर सात हज़ार पांच सौ रूपये दिए जाएंगे और तीसरा स्थान पाने वाली दिल्ली की छात्रा अराध्या सिंह पांच हज़ार रूपये दिए जाएंगे.

‘सत्यमेव जयते यूएसए’ के संस्थापक ओम वर्मा हैं. बीते 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर इसा रिज़ल्ट आया. वहीँ दिल्ली पुलिस के डीसीपी जतिन्द्रमणि त्रिपाठी मुख्य जज रहे.

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डॉक्टर से IAS टॉपर्स की सूची में शामिल आनंद शर्मा से जानिए कैसे हासिल किया ये मुकाम !

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यह हैं आनंद शर्मा. साल 2018 की यूपीएससी सीएसई एग्जाम में इनमा नाम टॉपर्स की सूची में नाम में शामिल था. आनंद शर्मा एमबीबीएस डॉक्टर थे, जिसके बाद यह यूपीएससी में आए. 2015 में इन्होने मुरादाबाद मेडिकल कॉलेज, दिल्ली से एमबीबीएस किया और इसके बाद से ही यूपीएससी सीएसई में लग गए. सफलता मिली चौथे प्रयास में. 2018 में. 62वीं रैंक हासिल की. दरअसल आनदं जब तीसरी बार टॉपर बने तो बीते हर साल में उनका निबंध में ग्राफ बढ़ता गया. ऐसे में अपने अनुभव के आधार पर वह निबंध लेखन और सेलेक्शन के बारे में कुछ टिप्स दे रहे हैं. डॉ. आनंद कहते हैं कि पेपर आने के बाद निबंध लिखने में जल्दबाजी न करें.

पहले सभी विषयों को अच्छे से पढ़ें और फिर सोचे की किस पर आप सबसे अच्छा इन पुट दे सकते हैं. वह कहते हैं कि पहले वह उन दो टॉपिक को हटा देते थे जिसमे उनके पास फॉर या अगेंस्ट में प्वॉइंट्स नहीं होते थे. इसके बड़े बचे हुए दो टॉपिक में फैसला कर सकते थे कि किस पर वह बढियां लिख सकते हैं. इसके बाद रफ में वह निबंध के फॉर और अगेंस्ट में जो कुछ भी आ रहा है उनके दिमाग में, वह सब लिख देते थे. और इसी के आधार पर वह आगे एक्सप्लेन करते थे. दरअसल फ्लो में लिखने के दौरान कुछ छूट न जाये, इसलिए वह ऐसा करते थे. निबंध के तीन हिस्से होते हैं. इंट्रोडक्शन, बॉडी और कॉन्क्लूजन.

आनंद कहते हैं कि इंट्रोडक्शन में कोई कोट लिख देने से अधिक प्रभाव पड़ता है. उन्होंने पहले ही मुख्य विषयों पर कोट तैयार किये हुए थे. वह कहते हैं कि अगर कोट नहीं भी मालूम तो आप किसी शानदार और प्रभावशाली लाइन से शुरुआत करें. बाद इसके अगले स्पेट में एक पैर में ऐस्से की समरी लिखते हैं. जिसमे यह बताते थे कि इस इससे में क्या-क्या है. एस्से के बॉडी में वह बिन्दुओं के अनुसार फॉर और अगेंस्ट दोनों एंगल्स लिखना चाहिए. साथ ही साथ उदाहरण भी दें.

रियल लाइफ का उदहारण हो तो और बेहतर. बाद इसके फैक्ट्स, फिगर्स, डेटा से लेकर कोट्स या जो भी हो, उसे लिखकर एस्से को वजनदार बनायें. इसके अलावा एस्से लिखने के दौरान समय बैलेंस्ड करके चले. वह बताते हों कि आपका एस्से का झुकाव फॉर की तरफ हो या अगेंस्ट की तरफ, जिस भी तरफ झुकाव हो, उसके विपरीत पॉइंट्स को भी लेकर चलें और ज़िक्र करें. चूँकि आप एक अधिकारी बनने के लिए एस्से लिख रहे हैं. ऐसे में एस्से का अंत पोजिटिव करें और समस्या का संभावित समाधान भी ज़रूर लिखें.

इसके अलावा वह कहते हैं कि एग्जाम से पहले खूब प्रैक्टिस करें. वह कहते हैं कि आपने जिस विषय पर एस्से लिखने की प्रैक्टिस की है अगर वही विषय एग्जाम में आ जाये तो हड़बड़ी में न रहें. बल्कि उसे अच्छी तरह पढ़ें और समझें कि उसमे क्या पूछा गया है. विषय से भटकना नहीं है.

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IIT के बाद IAS अफसर बनने वालीं रिद्धिमा ने बताया अपनी सफलता का मंत्र, ऐसे हुईं सफल

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आज हम आपको रिद्धिमा श्रीवास्तव की सफलता का राज़ बताने जा रहे हैं जिसकी बदौलत वह आज इस मुकाम तक पहुंची हैं. उन्होंने 2019 में 74वीं रैंक हासिल की है और आज वह एक आईएएस अफसर बन चुकी हैं. हालाँकि यूपीएससी के एग्जाम में उनका पहले प्री भी नहीं निकल पाया था लेकिन इससे वह निराश नहीं हुईं.

बता दें कि पहले प्रयास में वह महज़ 2 या 3 अंक से ही पीछे रह गयी थी. वह बताती है कि इसके बाद भी उन्होंने अपनी मेहनत जारी रखी. अपनी गलती को सुधार और एक साल फिर जुट गईं तैयारी में. उन्होंने बताया कि उनके दो बड़ी गलती हुई. पहली ये कि उन्होंने OMR सीट को लास्ट में फील करना शुरू किया.

इसके अलावा दूसरी यह कि वह टाइम मैनजेमेंट नहीं कर पाई. उन्होंने इसके बाद यह सोच कर तैयारी नहीं की कि वह घर में हैं. बल्कि उन्होंने सोचा कि वह एग्जाम हाल में हैं और ऐसा करने उन्हें वैसे ही अनुभव हुआ जैसा एग्जाम के दौरान होता है. इसके अलावा वह बताती हैं कि तैयारी के दौरान पिछले साल के एग्जाम पेपर को जरुर देखना चाहिए. उन्होंने बताया कि इससे बहुत मदद मिलती है.

इसके अलावा उन्होंने बताया कि हमें पढ़ाई के दौरान सोर्स को लिमिटेड रखना चाहिए और बार बार इसे पढना चाहिए. उन्होंने बताया कि कम से कम तीन बार तो इसे ज़रूर पढना चाहिए. उन्होंने कहा कि रिवीज़न करने में जैसे आप कम्फर्टेबल हैं वैसे करें. इसके अलावा वह अपने सफलता के मन्त्र में सोषा मीडिया से दूरी बनाने पर जोर देती हैं.

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