Connect with us

बलिया

बलिया में लगी हेल्थ एटीएम मशीनें बनी शोपीस, नहीं हो पा रही किडनी-लिवर फंक्शन की जांच

Published

on

बलिया जिला अस्पताल सहित तीन स्वास्थ्य केंद्रों पर हेल्थ एटीएम लगाई गई हैं। कहा जा रहा है कि ये हेल्थ एटीएम 59 तरह की जांच कर सकेंगे। इसमें 16 तरह की जांचे सामान्य हैं, इनमें खून के नमूने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हेल्थ एटीएम की मशीन केवल शरीर को स्कैन कर रिपोर्ट देगी, लेकिन ये मशीनें केवल शोपीस बन कर रह गई हैं।

एक हेल्थ एटीएम मशीन की कीमत 10 लाख रुपये हैं। अभी विभाग के पास बजट का अभाव है, ऐसे में खून जांच के लिए मशीन में लगने वाला किट उपलब्ध नहीं है। इस कारण शुगर, किडनी फंक्शन, लिवर फंक्शन सहित अन्य जांचे नहीं हो रही है। मरीजों का कहना है कि खून जांच की आधुनिक मशीनें लगती तो मरीजों को काफी सहूलियत मिलती।

जिले के सिकन्दरपुर, जय प्रकाश नगर व जिला अस्पताल में हेल्थ एटीएम लगी हैं। इसमें दोनों सीएचसी की एडवांस तकनीक मशीन है। जिला अस्पताल की मशीन बेसिक है, इसे अभी अपडेट करना है। खून जांच के लिए अस्पताल के पैथालाजी में सैंपल देने के बाद ही जांच रिपोर्ट मिल रही है।

नोडल संचारी रोग डॉक्टर अभिषेक मिश्रा ने बताया कि जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर हेल्थ एटीएम लगाने की मांग की गई है। जनप्रतिनिधि अपने निधि से मशीन लगाएंगे। आने वाले दिनों में इसे अपडेट कर और जांच सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बलिया

बलिया में गंगा नदी में नहाते समय डूबा युवक, मौत

Published

on

बलिया में गंगा नदी में नहाते समय युवक हादसे का शिकार हो गया। युवक गंगा नदी में नहाने गया था, इसी दौरान उसका पैर फिसला और वो नदी में डूब गया। गहरे पानी में डूबने से युवक की मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला जिले में हल्दी थाना के चैनछपरा गंगा घाट का है। जहां सोमवार की सुबह ओझवलिया निवासी गोलू पासवान अपने बड़े भाई अर्जुन पासवान के दो पुत्र बलवीर और कान्हा का मुण्डन संस्कार में शामिल होने के लिए गंगाघाट पर गया था।

स्नान करने के बाद गोलू पूजा करने के लिए लोटे में गंगा जल लाने दोबारा नदी में गया। इस दौरान नदी में उतरते ही उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। जिसके कारण गंगा में डूबने से उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद घाट पर अफरा तफरी मच गई। मृतक के परिवार जनों का रो रो कर बुरा हाल है।

Continue Reading

बलिया

बलिया भाजपा युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष ने पत्र लिखकर लगाई न्याय की गुहार, ये है मामला

Published

on

बलिया के बेलथरा रोड के भारतीय जनता पार्टी के नेता और युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष अभिजीत सिंह रमन ने कथित रूप से पिटाई की घटना के बाद पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। भाजपा नेता की पिटाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था । इस मामले पुलिस ने 4 लोगों के खिलाफ़ नामजद FIR दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष अभिजीत सिंह रमन ने पत्र के जरिए आरोप लगाए हैं कि कुछ लोगों ने उनके साथ बुरी तरह मारपीट की। पहले उन्हें घर से बुलाया गया और फिर जमकर पीटा। इस मामले की शिकायत उन्होंने पत्र लिखकर पुलिस से की है।

बीजेपी नेता ने पत्र में लिखा कि 13 अप्रैल को रात में उनके मोबाइल पर एक फोन आया। घटना स्थल पर पहुंचने के बाद एक साथ कई लोग मिलकर आए और किसी बात को लेकर बहस करने लगे, फिर बिना कोई कारण बताए मारना-पीटना शुरू कर दिया।  भाजपा नेता ने पत्र पर लिखा कि आरोपियों ने मेरी सोने की चैन गले से छीन ली और मेरी गाड़ी के पीछे का शीशा तोड़ दिया और मेरी गाड़ी की चाबी भी ले गए। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि आरोपी पहले से पीटने और छिनैती की नियत से प्लानिंग कर मेरे साथ धोखा किए हैं। जिसका मुकदमा उसी रात उपरोक्त दर्ज है। भाजपा नेता ने पुलिस पर भी लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं।

बताया जा रहा है कि भाजपा युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष अभिजीत सिंह रमन की कुछ लोगों से चुनावी रंजिश चल रही है। आरोप है कि उन लोगों ने अभिजीत सिंह रमन के साथ पहले भी बदसलूकी की थी।

Continue Reading

featured

ब्राह्मण बहुल बलिया लोकसभा सीट से सपा ने सनातन पांडेय को दिया टिकट

Published

on

लोकसभा चुनाव का मंच सज चुका है. एकाध राउंड का प्रदर्शन (वोटिंग) भी हो चुका है. इस बीच बलिया लोकसभा सीट की गर्माहट भी बढ़ गई है. क्योंकि लंबे इंतज़ार के बाद आख़िरकार समाजवादी पार्टी ने अपने पत्ते खोल दिए हैं. सपा ने ब्राह्मण बहुल बलिया सीट से सनातन पांडेय को लोकसभा उम्मीदवार बनाया है.

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने यहां से पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे और राज्यसभा सांसद नीरज शेखर को टिकट दिया है. नीरज शेखर के सामने सनातन पांडेय को मैदान में उतारना ‘नहले पर दहला’ जैसा दांव माना जा रहा है. सनातन पांडेय 2019 में भी बलिया से सपा के उम्मीदवार थे. तब बीजेपी के वीरेंद्र सिंह ‘मस्त’ मैदान में थे. उस चुनाव में वीरेंद्र सिंह के हाथों सनातन पांडेय को शिकस्त मिली थी. लेकिन दोनों के बीच महज 15 हजार 519 वोटों का फासला था.

2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अपना प्रत्याशी बदल दिया. उनकी जगह लाए गए नीरज शेखर. ऐसे में सभी की निगाहें इस बात पर टिकी थीं कि सपा बलिया से किसे टिकट देती है. सनातन पांडेय के नाम को लेकर चर्चाएं पहलें से ही तेज़ थीं और अब हुआ भी ऐसा ही है.

ब्राह्मण बहुल बलिया सीट:

सनातन पांडेय और बलिया के चुनावी इतिहास में पर एक नज़र डालेंगे लेकिन पहले बात करते हैं जातीय समीकरण के बारे में. क्योंकि इस बार का खेल इसी समीकरण से सेट होता दिख रहा है. बलिया की कुल आबादी करीब 25 लाख है. मतदाता हैं करीब-करीब 18 लाख. इनमें सबसे ज्यादा वोट ब्राह्मण समुदाय का है. तीन लाख ब्राह्मण वोटर्स हैं. राजपूत, यादव और दलित वोटर लगभग ढाई-ढाई लाख हैं. इसके बाद मुस्लिम मतदाता हैं एक लाख. भूमिहार और राजभर जाति के वोट भी प्रभावी हैं.

यूपी में बीजेपी को लेकर 2017 के बाद से ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप लगता रहा है. योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद ये आरोप लगने शुरू हुए हैं. विपक्षी पार्टियां गाहे-बगाहें ब्राह्मणों के ख़फ़ा होने का दावा करती हैं. ऐसे में इस सीट से सपा ने एक ब्राह्मण प्रत्याशी उतारकर पर्सेप्शन की लड़ाई में तो बाज़ी मार ली है.

‘सनातन’ की सियासत:

साल 1996. गन्ना विभाग के इंजीनियर सनातन पांडेय ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया. क्योंकि सिर पर सियासत का खुमार सवार हो गया था इस्तीफे के बाद पहली बार 2002 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव हो रहा था. सनातन पांडेय ने निर्दलीय ताल ठोक दिया. लेकिन उनके हिस्से आई हार. इसके बाद उन्होंने सपा ज्वाइन कर लिया.

साल 2007. उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव हो रहे थे. सपा ने चिलकहर सीट से सनातन पांडेय को टिकट दिया. वे चुनाव लड़े और नतीजे उनके पक्ष में रहे. पांच साल बाद 2012 में फिर विधानसभा चुनाव हो रहे थे. तब तक चिलकहर विधानसभा सीट को समाप्त कर दिया गया था. पार्टी ने उन्हें रसड़ा से टिकट दिया. इस बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इस चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उमाशंकर सिंह की जीत हुई थी.

2012 में यूपी में सपा की सरकार बनी. रसड़ा से हारने के बावजूद सनातन पांडेय को मंत्री पद मिला था. 2017 में भी उन्होंने रसड़ा से चुनावी मैदान में ताल ठोकी थी, लेकिन इस बार वे तीसरे नंबर पर खिसक गए थे.

2007 के बाद से चुनावी सियासत में सूखे का सामना कर रहे सनातन पांडेय के लिए 2024 लोकसभा चुनाव का स्टेज सेट है. इस बार उनके पास एक बड़ा मौका है सियासी ज़मीन पर झमाझम बारिश कराने की. ये बारिश कितनी मूसलाधार होगी और कौन-कितना सराबोर होगा, इसके लिए 4 जून की तारीख़ का इंतज़ार है.

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!