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IAS अदिति सिंह ने अभी तक नहीं लिया DM का चार्ज, शासन के नियमों की हो रही अवहेलना !

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बलिया डेस्क : योगी सरकार ने 12 फरवरी को कई जिलो के डीएम का तबादला किया था जिसमें बलिया डीएम का नाम भी शामिल था। इनमें से कई अधिकारियों ने ज्वाइनिंग भी कर ली है, लेकिन हापुड़ की जिलाधिकारी रहीं अदिति सिंह का तबादला बलिया के लिए डीएम पद पर हुआ था पर एक हफ्ते बाद भी अबतक अदिति सिंह ने चार्ज नहीं लिया है।

जानकारी के लिए बात दें कि नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग की तरफ से जिलाधिकारी के तबादले के आदेश पर स्पष्ट लिखा होता है कि संबंधित अधिकारी तत्काल नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण कर शासन को सूचित करें, लेकिन आईएएस अदिति सिंह ने कार्यभार ग्रहण करने न करने को लेकर कोई भी कारण या सूचना अभी तक शासन को उपलब्ध नहीं कराई है। वहीं अदिति सिंह के अब तक न पहुंचने से जहां राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है वहीं आम जनता में भी तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त है।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग उनके ज्वाइन न करने के बारे में कारण स्पष्ट नहीं कर पा रहा है. अपर मुख्य सचिव नियुक्ति मुकुल सिंघल ने निजी चैनल को बताया कि वह जल्द ही कार्यभार ग्रहण कर लेंगी, लेकिन एक सप्ताह तक डीएम का कार्यभार ग्रहण करने में देरी के बारे में वह कुछ बोलने से बचते रहे। वहीं दूसरी तरफ शासन में एक सप्ताह बाद भी आईएएस अधिकारी अदिति सिंह के बलिया डीएम पद पर ज्वाइन न करने को लेकर सही नहीं माना जा रहा है।

न्यूज चैनल ईटीवी भारत ने पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन के हवाले से लिखा है “एक सप्ताह तक जिलाधिकारी बलिया के पद पर अगर कोई अधिकारी स्थानांतरण के बावजूद कार्यभार ग्रहण नहीं कर रहा है तो यह शासन के नियमों की अवहेलना है। साथ ही प्रशासनिक व्यवस्था में इस स्थिति को ठीक नहीं माना जाता है। शासन को इस पर संज्ञान लेना चाहिए।

वहीं दूसरी तरफ मुख्य विकास अधिकारी के उपर बलिया डीएम का भी चार्ज होने के कारण उन पर लोड बढ़ गया है और सामने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव भी है। ऐसे में इतने दिनों तक जिले के मुखिया की कुर्सी खाली होना चुनाव की पारदर्शिता पर भी अभी से सवाल उठने लगे हैं। वहीं जिलाधिकारी कार्यालय पर डीएम से मिलने के लिए दूर-दराज से आए लोग डीएम की कुर्सी खाली देख आए दिन बैरंग लौट रहे हैं।

हालांकि डीएम अदिति सिंह के नाम से प्रशासनिक गलियारों में एक हनक बनी हुई है कि मैडम के आने से काफी फेरबदल होने की संभावना है। चर्चा यह भी है कि अतिति सिंह के काम करने का तौर तरीका अन्य जिलाधिकारियों से अलग होगा। खैर कुछ भी हो जो कुछ भी होना डीएम साहिबा के आने के बाद ही होगा। फिलहाल उनका न आना लोगों की जेहन में तरह-तरह के सवाल खड़ा कर रहा है।

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बलिया में जब UPTET का एग्जाम देने साले की जगह पहुंचा जीजा…

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बलिया। यूपी टीईटी-2021 की परीक्षा में कड़े इंतजाम के बाद भी गड़बड़ी देखने को मिली। जहां साले की जगह पर उसका शिक्षक जीजा एग्जाम देने पहुंच गया। और किसी को पता तक नहीं चला। हालांकि बाद भी शिक्षा विभाग को सूचना मिली तो हड़कंप मच गया। तत्काल पुलिस को बुलाया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शिक्षा जीजा को तो गिरफ्तार कर लिया लेकिन साला चुपचाप निकल गया। जिसकी तलाश अब की जा रही है। पुलिस ने फेफना थाना पुलिस ने जीजा के साथ ही साले पर भी मामला दर्ज कर लिया है।

दरअसल पकड़ी थाना क्षेत्र के हथौज का रहने वाला घनश्याम सीवानकला प्राइमरी स्कूल में सहाय अध्यापक के पद पर कार्यरत है। पुरुषोत्तम पट्टी थाना मनियर निवासी संगम उसका साला है। जिसका परीक्षा केंद्र अगरसंडा स्थिति सनबीम स्कूल में था। दोनों ने मिलकर जालसाजी की। घनश्याम ने संगम के प्रवेश पत्र पर अपना फोटो लगा लिया। केंद्र के बाहर जांच के दौरान वह बच निकला। उसने टोपी व मास्क लगा रखा था।ऐसे हुआ खुलासा- पहली पाली की परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद ही किसी व्यक्ति ने संगम के केंद्र के बाहर होने की बात शिक्षा विभाग को दी।

इसके बाद सूचना मिलते ही थोड़ी देर में पुलिस पहुंच गई। पुलिस को देखते ही बाहर खड़ा संगम वहां से निकल लिया। घनश्याम का मास्क, टोपी निकलवाकर देखा तो फर्जीवाड़ा सामने आ गया। विद्यालय प्रशासन की तहरीर पर फेफना थाने में मुकदमा कायम हुआ।पुलि स ने आरोपी शिक्षक के साथ ही उसके साले पर भी मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक अमित कुमार सिंह को सौंपी गई है। अपर पुलिस अधीक्षक विजय त्रिपाठी ने बताया कि फरार आरोपित की तलाश में पुलिस की टीमें लगाई गई हैं। उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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विधायक उमाशंकर सिंह के खिलाफ योगी कैबिनेट के पूर्व मंत्री को मैदान में उतार सकती है सपा!

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बलियाः उत्तरप्रदेश में इस समय राजनैतिक पार्टियों पर चुनावी रंग चढ़ा हुआ है। प्रदेश की हर छोटी से बड़ी सीट पर राजनैतिक पार्टियों की नजर है। बारीकी से जांच परख करने के बाद ही प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया जा रहा है। इसी बीच दल बदल की राजनीति भी जारी है। इस खेल में सपा का पलड़ा भारी होता दिख रहा है। क्योंकि बीजेपी के कई मौजूदा विधायक समाजवादी पार्टी के खेमे में जा चुके हैं।

इसी बीच रसड़ा सीट पर जीत हासिल करने के लिए सपा बड़ा दांव खेल सकती है। रसड़ा सीट से मौजूदा बसपा विधायक उमाशंकर सिंह को घेरने के लिए सपा रणनीति बना रही है और सूत्रों की मानें तो उमाशंकर सिंह के खिलाफ सपा योगी कैबिनेट के पूर्व मंत्री को मैदान में उतार सकती है। हाल ही में बीजेपी छोड़ सपा में शामिल हुए पूर्वांचल के बड़े नेता को अपना प्रत्याशी बनाकर सपा, उमाशंकर सिंह का किला ढहाना चाहती है।

बताया जा रहा है कि अखिलेश यादव इस सीट पर पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। पार्टी में अंदरुनी तौर पर रसड़ा सीट को लेकर बातचीत चल रही है। बहरहाल सपा कब रसड़ा सीट पर अपने प्रत्याशी का ऐलान करती है और नए प्रत्याशी उमाशंकर सिंह के खिलाफ कितनी बड़ी चुनौती साबित होंगे, ये देखने वाली बात होगी।

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बलिया में साहित्य, कला और संस्कृति को उभारने की पहल, ‘संकल्प सृजन’ पत्रिका लॉन्च

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बलिया में साहित्य, कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘संकल्प सृजन’ पात्रिका लॉन्च हुई। जो बलिया की समृद्धशाली साहित्यिक परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए मील पत्थर साबित होगी। यह कहना है, छपरा कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रवक्ता प्रो. पृथ्वीनाथ सिंह का। उन्होंने आगे कहा, आज के दौर में लोग साहित्य, कला और संस्कृति से कटते जा रहे हैं। तकनीक उनपर हावी हो रही है। पत्रिका प्रकाशित करना और उसे लोगों तक पहुंचाना एक चुनौती है, बावजूद ‘संकल्प सृजन’ लक्ष्य को साधेगी, यह उम्मीद और विश्वास है।समाज निर्माण में लघु पत्रिका अहम- इस दौरान मुख्य वक्ता डॉ. जैनेंद्र पाण्डेय ने कहा कि समाज के निर्माण में लघु पत्रिकाओं की अहम भूमिका है। वर्तमान समय में गढ़े जा रहे सत्य और मानवता के मिथक को लघु पत्रिकाएं ही तोड़ेंगी। इस दौरान डॉ. शुभनीत कौशिक ने कहा कि आजादी की लड़ाई में भी बलिया से कई पत्रिकाएं निकलती रहीं हैं। बीच में यह कड़ी टूट गई थी। ऐसे में संकल्प सृजन का प्रकाशन अंधेरे में रोशनी जैसा है।

साहित्य कला से युवा को जोड़ना उद्देश्य– पत्रिका के सम्पादक संस्कृतिकर्मी आशीष त्रिवेदी ने कहा कि युवा पीढ़ी को साहित्य, कला और संस्कृति से जोड़ने के साथ ही उनके अंदर मानवीय संवेदना विकसित करना उद्देश्य है। बलिया की साहित्यिक परम्परा को अगर थोड़ा भी आगे बढ़ा सकें तो यह हमारी सफलता होगी। इसके अलावा साहित्यकार रामजी तिवारी ने पत्रिका की सृजनात्मक और संरचनात्मक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला।

वहीं कार्यक्रम शुरू होते ही संकल्प के रंगकर्मी सोनी, ट्विंकल गुप्ता, आनन्द चौहान, अनुपम पाण्डेय, मुकेश, शुभम ने रंगकविता और जनगीतों की प्रस्तुति की। इस दौरान अशोक पत्रकार, अचिन्त्य त्रिपाठी, डॉ. मनजीत सिंह, नम्रता द्विवेदी, डॉ. इफ़्तेख़ार खां, रणजीत सिंह, डॉ. राजेन्द्र भारती, शिवजी रसराज, संजय मौर्य, डॉ कादम्बिनी सिंह, उपेंद्र सिंह इत्यादि सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।

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