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बलिया में अंधी रफ्तार का कहर, मॉर्निंग वॉक पर निकले बुजुर्ग को बुलेट ने मारी टक्कर, मौके पर मौत

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बलिया में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे। ताजा मामला सामने आया है बैरिया-रेवती मार्ग से, जहां गंगा पांडेय के टोला में मॉर्निंग वॉक कर घर आ रहे 70 वर्षीय बुजुर्ग को बैरिया के तरफ से आ रही बुलेट सवार ने टक्कर मार दी। जिससे बुजुर्ग गंभीर रुप से घायल हो गए। जिन्हें स्थानीय लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा ले गए। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना को अंजाम देने के बाद बाइक सवार भाग गया। जिसके बाद घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बैरिया रेवती मार्ग जाम कर दिया। रेवती एसएचओ ने कार्यवाई का आश्वासन देकर जाम को समाप्त कराया। बताया जा रहा है कि घटना शुक्रवार की है जहां 70 वर्षीय बरमेश्वर पांडेय रोज की तरह शुक्रवार को भी बैरिया रेवती मार्ग पर मॉर्निंग वॉक कर अपने घर की तरफ वापस लौट रहे थे। उसी दौरान वह बैरिया की तरफ से आ रही तेज रफ्तार बुलेट की चपेट में आ गए।

घटना के बाद बुलेट चालक मौके से फरार हो गया। इस दौरान सड़क पर गिरकर बुरी तरह जख्मी बरमेश्वर पांडे को लोग इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा ले गए। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। गंगापांडे के टोला में यह सूचना पहुंचते ही आक्रोशित ग्रामीण सड़क पर उतर कर बैरिया रेवती मार्ग जाम कर दिए। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष यादवेंद्र पांडे ने ग्रामीणों को समझाया।

ग्रामीण बुलेट चालक पर कार्यवाही तथा पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद की मांग कर रहे थे। इस दौरान विधायक सुरेंद्र सिंह ने भी फोन पर आंदोलित लोगों से बात की। रेवती एसएचओ यादवेंद्र पांण्डेय ने त्वरित कार्यवाई और परिवारजनों की मदद का आश्वासन दिया तब जाकर जाम समाप्त हुआ।

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बलियाः 4 साल बीते, नहीं बन पाया वेंडिंग जोन…कब मिलेगी जाम से मुक्ति?

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बलिया। शहर की सड़कों पर आप जहां नज़र घुमाएंगे, तो बेतरतीब तरीके से खड़े ठेले आपको आसानी से नजर आएंगे। शहर में अवैध तरीके से खोमचे और ठेले लगने से जाम की स्थिति बन जाती है। इन सब से निपटने के लिए वेंडिंग जोन बनाने की तैयारी थी। लेकिन वेंडिंग जोन की योजना सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गई है।

18 माह पहले की कार्यदायी संस्था की ओर से वेंडिंग जोन का प्रस्ताव नगरीय विकास अभिकरण को उपलब्ध करा दिया था। चिह्नित स्थानों पर शेड, पेयजल, पार्किंग व अन्य सुविधाएं विकसित की जानी थीं ताकि दुकानदार आराम से अपना व्यापार कर सकें और ग्राहकों को भी कोई परेशानी न हो। शासन की योजना शहरी पथ विक्रेताओं को शोषण से मुक्ति दिलाने की भी थी। योजना के तहत, पटरी दुकानदारों का सर्वे कराकर उनका पंजीकरण कराकर पहचान पत्र जारी करना था। साथ ही उन्हें वेडिंग जोन में स्थापित करना था। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी अभी तक इस प्रस्ताव पर मुहर नहीं लग पाई है।

बीते चार वर्ष में डूडा की ओर से वेंडिंग जोन एवं पार्किंग के लिए केडीएस सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की शहरी पथ विक्रेताओं के पंजीकरण के साथ वेडिंग जोन को सर्वे कर चिह्नित कराया गया। इसमें संस्था की ओर से 20 स्थानों का प्रस्ताव किया गया। चौक से पानी टंकी रोड पर पहली दाएं और साथ लगी गली, इसी रोड पर पहली बायी गली रोड, अन्नपूर्णा होटल के पीछे, गुरुद्वारा रोड के पीछे और पीछे वाली गली, टाउन हाल मवेशी अस्पताल के पास सरकार स्कूल वाली गली, शनिचरी मंदिर एलआईसी होते हुए माल गोदाम तक, काली मंदिर से दुर्गा मंदिर तक, पुराने पोस्ट आफिस से नया चौक होते हुए एनएच-31 तक, एलआईसी के सामने से रामलीला मैदान चित्रगुप्त मंदिर होते हुए भृगु मंदिर तक, दुर्गा मंदिर के पास पुलिस चौकी एनएच-31 तक, चौक सुतरी पट्टी होते हुए लोहिया मार्केट तक, बस स्टैंड-गड़वार रोड पर बायीं तरफ, ओवरब्रिज के नीचे, कासिम बाजार रोड पर बायीं तरफ, गुदरी बाजार बायीं तरफ, चित्तू पांडेय चौकस, सागरपाली रोड-माल्देपुर स्टैंड, कुचेरी-मिड्ढी चौराहा होते हुए टीडी कालेज तक के स्थान शामिल थे।

कुल 1213 पथ विक्रेताओं का पंजीकरण किया गया था, जिनको विस्थापित किया जाना था। लेकिन वेडिंग जोन चिन्हित न होे से अब दुकानदार परेशान हैं। आए दिन दुकानों को लेकर विवाद होते हैं। पार्किंग और वेंडिंग जोन के अभाव में सड़क की पटरियों पर कहीं गाड़ियां खड़ी की जा रही हैं तो कहीं ठेले लग रहे हैं। इससे जाम की स्थिति बनती है। वहीं डूडा प्रभारी पीओ का कहना है कि शहर में लेडिंग जोन के लिए 20 स्थान प्रस्तावित किए गए हैं। अभी इस पर जिलाधिकारी की मुहर नहीं लग पाई है। मुहर लगने के बाद इसे विकसित कराया जाएगा।

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Ballia- घाटे में बिजली विभाग, उपभोक्ताओं ने नहीं चुकाए 500 करोड़, हर महीने 33 करोड़ का नुकसान

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बलिया के विद्युत विभाग के बकायेदारों की जानकारी सामने आई तो कुछ चौंकाने वाले खुलासे हुए। बकाया का खेल इतना लंबा है कि इसमें आम उपभोक्ताओं के साथ ही सरकारी कार्यालय भी शामिल हैं, जिनसे करोड़ों की बकाया राशि वसूल होनी है।

बिजली विभाग के उपभोक्ताओं पर करीब 500 करोड़ का भारी-भरकम बिल बकाया है। हैरान करने वाली बात यह है कि 50 से 60 करोड़ का बिल सरकारी कार्यालयों पर बकाया है, बाकि रकम आम उपभोक्ताओं को भरनी है। बकाया वसूली को लेकर विभाग तमामत प्रयास कर रहा है लेकिन बकायेदार बिल भरने से बचते घूम रहे हैं। विभाग ने 50 हजार रुपये से अधिक के बकाये वाले 40 हजार लोगों के खिलाफ धारा (3) की नोटिस जारी की है। यदि एक माह में इन लोगों ने भुगतान नहीं किया गया तो इनके खिलाफ आरसी जारी की जाएगी।

अगर बकाया की वसूली हो जाए तो जनपद में 100 नए उपकेंद्र स्थापित किए जा सकते हैं। जिले में वर्तमान में 45 उपकेंद्र हैं और पांच निर्माणाधीन हैं। क उपकेन्द्र बनाने में चार से पांच करोड़ का लागत आता है। ऐसे में केवल विभाग के बकाये की राशि 500 करोड़ की वसूली हो जाय तो 100 से अधिक उपकेंद्र स्थापित हो सकते हैं।

जिले में बिजली के कुल 3 लाख 48 हजार उपभोक्ता (सरकारी व गैर सरकारी) हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इनमें से 45 से 50 हजार उपभोक्ता ही नियमित भुगतान कर रहे हैं। यानि मात्र 15 प्रतिशत उपभोक्ता ही बिजली का बिल जमा कर रहे हैं। ऐसे में 55  करोड़ की बिजली विभाग खरीदता है लेकिन सिर्फ 12 करोड़ की वसूली हो रही है, यानि हर माह 33 करोड़ का घाटा विभाग को हो रहा है।

बिजली विभाग के नोडल अधिकारी व विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता चंद्रेश उपाध्याय ने बताया कि बिल की वसूली के लिए अलग से टीम बनाई गई है। रेवेन्यू विभाग का भी सहयोग लिया जा रहा है। कुछ ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन्होंने लंबे समय से बिल जमा नहीं किया है।

विभाग के लिए सरकारी कार्यालयों से वसूली बड़ी टेड़ी खीर है। सबसे ज्यादा बकाया शिक्षा विभाग के ऊपर है। कई बार नोटिस देने के बाद भी जब बिल नहीं आया तो विभाग ने सरकारी परिषदीय विद्यालयों के साथ ही बीएसए दफ्तर की बिजली भी काट दी थी। हालांकि अधिकारियों की लिखा-पढ़ी के बाद बिजली चालू कर दी गयी।

वहीं बिजली विभाग के नोडल अधिकारी एक्सईएन चंद्रेश उपाध्याय ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वह बिजली का अनावश्यक उपयोग बंद करें। वर्तमान में प्रदेश ऊर्जा की कमी से जूझ रहा है। त्योहारों को देखते हुए विभाग 17 रुपये प्रति यूनिट बिजली की खरीदारी कर ग्राहकों को मात्र 7 रूपये यूनिट उपलब्ध करा रहा है।

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बलिया- प्रसव के बाद महिला की मौत, ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना का आरोप, FIR दर्ज

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बलिया में प्रसव के बाद एक महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मामला दहेज की मांग से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, मृतका के भाई ने महिला के पति, सास और ननद के खिलाफ दहेज हत्या की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने महिला के परिजनों की शिकायत पर दहेज हत्या का मामला भी दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही महिला की मौत का कारण स्पष्ट होगा। और आरोपियों के खिलाफ सबूत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल स्थानीय कस्बा निवासी पंकज सिंह की पत्नी 35 वर्षीय ऋतु को सोमवार की रात प्रसव पीड़ा होने के बाद एक चिकित्सक के पहुंचाया गया। उसने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन इसके बाद उसकी हालत खराब होने लगी। अधिक रक्तस्राव होने पर चिकित्सक ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने भी प्राथमिक इलाज के बाद वाराणसी रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर मऊ जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही प्रसूता की मौत हो गयी।

महिला की मौत की खबर मिलने पर पहुंचे मृतका के भाई और दोकटी थाना क्षेत्र के दलकी नम्बर एक निवासी नंदन सिंह की तहरीर पर पुलिस ने पति, सास व ननद के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है कि नंदन ने ससुराल पर दहेज के लिए उत्पीड़न करने और समुचित इलाज नहीं कराने का आरोप लगाया है। एसओ दुर्गेश्वर मिश्र का कहना है कि केस दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है।जांच के बाद मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।

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