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बलिया नगर पालिका ने गटका 65 फीट का पैसा, आरटीआई से हुआ घोटाले का खुलासा, डीएम बोले जांच होगी !

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बलिया डेस्क : एक-दो करोड़ नहीं बल्कि नगर पालिका बलिया के मेगा प्रोजेक्टों में शामिल 20 करोड़ रुपये की इंडियामार्का हैंडपंप योजना में जनता की गाढ़ी कमाई का जमकर बंदरबांट किया गया है। एक आरटीआई के परिप्रेक्ष्य में ईओ ने जब जांच की तो पता चला कि हैंडपंप की बोरिंग सिर्फ 65 फीट है, जबकि मानक 130 फीट का है।

इसके बाद नगर पालिका के ठेकेदार ने रातारोत हैंडपंप को उखाड़के फेंक दिया। मामला बनकट्टा मुहल्ले के एक हैंडपंप का है, उपरोक्त घटनाक्रम तो सिर्फ एक बानगी है, लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नगरवासियों को शुद्धजल उपलब्ध कराने की दिशा में पूरे नगर के 25 वार्ड में लगभग 365 हैंडपंप गाड़े गए हैं। ऐसे में बाकी हैंडपंपों की क्या दशा है इसका अंदाजा आप सहज ही लगा सकते हैं। फिलहाल आरटीआई मांगने वाले कार्यकर्ता सोनू गुप्ता को जवाब का इंतजार है।

इस सिलसिले में जब ईओ दिनेश विश्वकर्मा से लेकर जांच अधिकारी जलकर से संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन उठाना ही मुनासिब नहीं समझा। वहीं आरटीआई कार्यकर्ता सोनू गुप्ता को आज तक जांच रिपोर्ट नहीं मिली है।  गौरतलब हो कि पूरे नगर में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नगर पालिका ने नगर के कुल 25 वार्डों में 20 करोड़ रूपये की लागत से कुल 365 हैंडपंप गाड़े गए। इसी क्रम में नगर के बनकट्टा मुहल्ले में भी एक हैंडपंप गाड़कर उसे बीते छह जून को लोकार्पण कर दिया गया, इसके बाद स्थानीय निवासी सोनू गुप्त ने शंका होने पर नगर पालिका बलिया ईओ दिनेश विश्वकर्मा से जानकारी मांगी तो नगर पालिका ईओ ने कहा कि आरटीआई के जरिए जवाब मांग लीजिए, इस पर जब सोनू गुप्ता ने छह बिंदुओं पर जानकारी मांगी तो ईओ कान खड़ा हुआ और आनन-फानन में जलकर अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त कर मौके की जांच करने भेजे इसके बाद जब हैंडपंप की बोरिंग चेक की गई और कर्मचारी उसकी पाइप निकालकर नापे तो पता चला कि बोरिंग महज 65 फीट की गई है।

फिलहाल जांच रिपोर्ट जांच अधिकारी शकील के पास है और ईओ के जरिए रिपोर्ट आरटीआई कार्यकर्ता को देने की बात जांच अधिकारी ने स्वीकारी है। लेकिन जांच में जो खुलासा हुआ उसके बाद से ही विभाग सकते में है। अब मामले की लीपापोती की कोशिश में जुट गए हैं। जबकि आरटीआई कार्यकर्ता सोनू गुप्ता का कहना है कि जांच रिपोर्ट आज तक उन्हें नहीं मिली है। ऐसे में आगे की कार्रवाई वह करवा नहीं पा रहे हैं। सोनू गुप्ता ने आरोप लगाया कि नगर पालिका ने इस प्रोजेक्ट में कम से कम १० करोड़ रुपए जनता की गाढ़ी कमाई गटक लिए हैं।

वहीँ जब इस मामले पर नगर पालिका ईओ दिनेश विश्वकर्मा के मोबाइल नंबर पर जब संपर्क साधा गया तो उन्होंने फोन उठाना नहीं समझा। वैसे ईओ इत्तेफाक से कभी फोन उठा भी लेते हैं तो उनका कहना होता है कि हम फोन में कुछ नहीं बता सकते, आप आफिस में आकर पूछिए और जब उनके दफ्तर में कोई पहुंचते हैं तो उनका दर्शन वहां होता नहीं है।

वहीँ इस पुरे मामले पर जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने बताया कि नगर पालिका में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ एडवोकेट सोनू गुप्त की शिकायत मिली है, इसकी गहन जांच कराई जाएगी, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

रिपोर्ट : तिलक कुमार

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बलिया के साहित्यकारों ने बढ़ाया मान, मिला साहित्य अकादमी भाषा सम्मान

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बलिया के दो साहित्यकारों को संयुक्त अकादमी भाषा सम्मान की घोषणा की गई है। भोजपुरी भाषा में उत्कृष्ट लेखन के लिए साहित्यकार डॉ. अशोक द्विवेदी व अनिल ओझा ‘नीरद’ को संयुक्त रूप से साहित्य अकादमी भाषा सम्मान से नवाजा जाएगा। भोजपुरी में यह सम्मान, हरेराम द्विवेदी, मोती बीए और धरीक्षण मिसिर को पहले मिल चुका है।

साहित्य अकादमी के द्वारा शनिवार को 2020 के अनुवाद पुरस्कारों की घोषणा भी की गई है। इसमें 24 पुस्तकों को साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार 2020 के लिए अनुमोदित किया गया। यह घोषणा साहित्या अकादमी के द्वारा कामायनी सभागार में अकादमी अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर कंबार की अध्यक्षता में कार्यकारी मंडल की बैठक में की गई।

आपको बता दें कि अनिल ओझा ‘नीरद’ रुद्रपुर, गायघाट, बलिया के मूल निवासी हैं। वह फिलहाल पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में रहते हैं। वहीं डॉक्टर अशोक द्विवेदी बलिया शहर के निवासी है। दोनों ने बलिया का मान बढ़ाया है। विश्व भोजपुरी सम्मेलन के अध्यक्ष अजित दुबे ने इस पर कहा कि विगत 8 वर्षों के बाद गैर मान्यता प्राप्त भाषा की श्रेणी में भोजपुरी के साहित्यकारों का सम्मान भोजपुरी भाषा और साहित्य के लिए प्रोत्साहित करने वाला निर्णय है। इसमें सम्मान स्वरूप एक लाख रुपया और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।

24 भाषाओं के लेखक जो हुए पुरस्कृत

मान्यता प्राप्त 24 भाषाओं में पुरुस्कार दिए जाते हैं। जिसमें अपूर्व कुमार शइकीया-असमिया,  अंग्रेजी-अरुंधति सुब्रमण्यम, हिंदी-अनामिका, शंकर-बांग्ला, बोडो-स्व.धरणीधर औवारि, गुजराती-हरीश मीनाश्रू, कन्नड़-एम. वीरप्पा मोइली, कश्मीरी- स्व. हृदय कौल भारती, कोंकणी-आर. एस. भास्कर, मैथिली-कमलकान्त झा, नेपाली-शंकर देव ढकाल, उडिय़ा-यशोधरा मिश्रा, पंजाबी-गुरदेव सिंह रूपाणा, मलयालम-ओमचेरी एन.एन. पिल्लई, मणिपुरी-देवेन सिंह, राजस्थानी-भंवरसिंह सामौर,  संताली-रूपचंद हांसदा, सिंधी-जेठो लालवाणी, तमिल-इमाइयम, तेलगू-निखिलेश्वर,संस्कृत-महेश चन्द्र शर्मा गौतम, और उर्दू-हुसैन-उल-हक को सम्मानित किया गया है।

 

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बलिया में बिजली चोरों पर कार्यवाही, 14 लोगों पर केस दर्ज, 25 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे

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बलिया में बिजली चोरों का आतंक है। अब इनके आतंक को कम करने के लिए बिजली विभाग ने कमर कस ली है। लगातार विभागीय अधिकारियों के द्वारा अवैध रूप से विद्युत उपयोग करने वालों पर कार्यवाही की जा रही है। शनिवार को विद्युत विभाग के अधिकारियों व विजलेंस टीम ने नगर के अस्पताल रोड पर छापामारी कर विद्युत कनेक्शनों की जांच की। इस दौरान कुल 14 लोगों के खिलाफ बिजली चोरी का केस दर्ज करवाया। इसके अलावा 25 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए और बकाया बिल के एवज में साढ़े तीन लाख रुपये की वसूली की।

आपको बता दे कि बिजली चोरी पर रोक लगाने के लिए अब विभाग ने लाइन लॉस वाले फीडरों को चिन्हित किया है। इसके तहत ज़िले के विभिन्न इलाकों के फीडरों की चेकिंग की जा रही है। शनिवार को विशुनीपुर उपकेंद्र के अस्पताल रोड फीडर की जांच पड़ताल के लिए शनिवार को विद्युत विभाग के अवर अभियंता आशुतोष पांडेय के नेतृत्व में विजिलेंस टीम ने अस्पताल रोड स्थित आवासों के कनेक्शनों की जांच की।

इस दौरान कुल 10 लोग चोरी से बिजली का प्रयोग करते मिले जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। चार ऐसे उपभोक्ता मिले जिनकी बिजली बिल बकाया में काटी गई थी लेकिन वह बिजली का प्रयोग कर रहे थे, इनके खिलाफ भी जेई हिमालय चौहान ने विद्युत थाने में मुकदमा दर्ज करवाया। इस कार्यवाही से इलाके में हड़कंप मच गया। बिजली चोरों में अफरा तफरी का माहौल देखा गया। पूरी कार्यवाही के दौरान बिल बकाया होने के कारण 25 उपभोक्तओं की बिजली काटी गई और कुल साढ़े तीन लाख रुपये बकाया बिल के सापेक्ष वसूली भी की गई। वहीं विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता चंद्रेश उपाध्याय ने बताया कि लाइन लॉस वाले फीडरों के कनेक्शन आदि की जांच की जा रही है। यह कार्रवाई लगातार चलेगी।

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डी. फार्मा. की परीक्षा में शाहीन परवीन ने किया बलिया टॉप, शहबान मेमोरियल कॉलेज ने लहराया परचम

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शाहीन परवीन ने डी. फार्मा. की परीक्षा में बलिया जनपद में टॉप किया है।

उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा परिषद ने साल 2021 के मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। इस साल यह परीक्षा कोरोना महामारी की वजह से ऑनलाइन ही हुई थी। डिप्लोमा इन फार्मेसी में शाहीन परवीन ने पूरे बलिया जनपद में टॉप किया है। शाहीन परवीन ने डिप्लोमा इन फार्मेसी के अंतिम वर्ष की परीक्षा 90 फीसदी अंक हासिल किया है। शाहीन परवीन बलिया के नगरा स्थित मु. शहबान मेमोरियल कॉलेज ऑफ फार्मेसी की छात्रा हैं।

उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा परिषद की 2021 के परीक्षा में मु. शहबान मेमोरियल कॉलेज ऑफ फार्मेसी के छात्र छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। इस साल पूरे कॉलेज का रिजल्ट 96 फीसदी रहा है। कॉलेज में सबसे अधिक अंक शाहीन परवीन को मिला है। कॉलेज में दूसरा स्थान हासिल किया है नवाज़ अहमद ने। नवाज़ को 88 फीसदी अंक प्राप्त हुए हैं। संजीदा अतीक़ 86 फीसदी अंकों के साथ तीसरे स्थान पर काबिज हैं। जबकि विनीता रंजन और अभिषेक यादव क्रमशः 82.5 और 80.5 फीसदी अंकों के साथ चौथे और पांचवें स्थान पर हैं।

मु. शहबान मेमोरियल कॉलेज ऑफ फार्मेसी के प्रबंधक मुहम्मद इमरान ने कॉलेज के विद्यार्थियों की इस सफलता पर कहा कि “मैं अपनी संस्था की ओर से शाहीन परवीन को विशेष बधाई देता हूं। साथ ही अन्य परीक्षार्थियों को भी बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। बच्चों के परिवार वालों को भी बधाई।” उन्होंने आगे कहा कि “ऐसा पहली बार हुआ कि परीक्षा ऑनलाइन आयोजित की गई। इसमें इंटरनेट एक बड़ी चिंता थी। परीक्षा के दौरान भी कई बार परीक्षार्थियों को इंटरनेट की दिक्कतों से सामना करना पड़ा। लेकिन अंत में सफलता हासिल हुई।”

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