Connect with us

पूर्वांचल

बलिया, देवरिया, मऊ के लोगों का सफर हुआ आसान, कल से चलेगी पूजा स्पेशल ट्रेन!

Published

on

बलिया : लॉकडाउन खुलने के साथ ही अब सफ़र करना लोगों ने शुरू कर दिया है. हालाँकि यात्रा के दौरान भी कई तरह के नियम का पालन करना जरूरी है लेकिन अब फिर से लोगों की ज़िन्दगी पटरी पर आनी शुरू हो गयी है. तीज त्यौहार से लेकर शादी ब्याह का कार्यक्रम का आयोजन होना शुरू हो गया है.

ऐसे में यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो और ट्रेनों में भीड़ भी कम रहे, इसके लिए रेलवे की तरफ से तमाम स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है. अब रेलवे ने गोरखपुर कोलकाता पूजा स्पेशल ट्रेन का परिचालन शुरू किया है. आपको बता दें कि 05050 गोरखपुर कोलकाता पूजा स्पेशल ट्रेन वाया मऊ, बलिया और देसरी 21 अक्टूबर से 28 नवम्बर तक हर बुधवार और शनिवार को गोरखपुर से चलेगी.

विज्ञापन

देवरिया, सलेमपुर, बेल्थरा रोड, रसड़ा होते हुए बलिया आएगी. गोरखपुर कोलकाता पूजा स्पेशल ट्रेन के बलिया आने का समय 12 बजकर 55 मिनट है. इसके बाद दूसरे दिन 4 बजकर 45 मिनट पर यह कोलकाता पहुँच जाएगी. इसके बाद वापसी में 05049 कोलकाता गोरखपुर पूजा स्पेशल ट्रेन 21 अक्टूबर से 29 नवम्बर तक हर रविवार और बुधवार को कोलकाता से चलेगी.

इस दौरान नैहाटी, बंडेल, बर्धमान होते हुए यह ट्रेन दूसरे दिन बलिया 4 बजे पहुंचेगी. इस ट्रेन का गोरखपुर पहुँचने का समय 9 बज कर पैंतालिस मिनट है. ऐसे में इस ट्रेन के परिचालन की वजह से बहुत लोगों को राहत मिलने वाली है.

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

code

पूर्वांचल

पूर्वांचल का एकमात्र ‘अंध विद्यालय’ बचाने की लड़ाई, नेता प्रतिपक्ष विधानसभा में उठाएंगे मुद्दा

Published

on

वाराणसी के दुर्गाकुंड में स्थित श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय को बचाने की लड़ाई में अब समाजवादी पार्टी भी कूद पड़ी है। श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय को बचाने की मुहीम का आज उत्तर प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने भी समर्थन किया है। और मामले को विधानसभा में उठाने की बात कही है। 9वीं से 12वीं तक विद्यालय बंद होने के विरोध में देश भर से दृष्टिबाधित छात्र एकजुट हो रहे हैं। इसी कड़ी में आज दिनांक 18 जुलाई 2021 को बनारस के विकलांग छात्र संघर्ष समिति से छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी से मिला।

रामगोविंद चौधरी लखनऊ में थे और इन छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से लंबी बातचीत की। चौधरी ने आगामी विधानसभा सत्र में इस मामले को उठाने का आश्वासन दिया। रामगोविंद चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इस मामले में संज्ञान लेने को भी कहेंगे । ‘नरेंद्र मोदी ने ना सिर्फ दिव्यांग नाम बदल कर विकलांगता को अपमानित किया है। बल्कि 2 सालों से विद्यालय का ग्रांट बंद करके उन्होंने बता दिया है कि वो अब बिल्कुल भी चेतनाशून्य हो चुके हैं।’

चौधरी ने विकलांग छात्र संघर्ष समिति और आंदोलन के नेतृत्वकर्ता शशि भूषण समद से भी बात की। शशिभूषण ने फोन पर बातचीत में रामगोविंद चौधरी से कहा, ‘आपके इस मदद से आंदोलन को नया बल मिलेगा। हम सभी आपके आभारी हैं।’ नेता प्रतिपक्ष ने प्रतिनिधिमंडल से बातचीत में बताया कि उन्होंने बनारस से जलान्स समूह के गोकशी और अवैध कारोबार के मामले को पूर्व में सदन में भी उठाया था। दरअसल जालान समूह हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय के प्रमुख ट्रस्टी है।

छात्रों का आरोप है कि ट्रस्ट के अन्य मेंबर और जालान समूह की मिलीभगत से विद्यालय को बंद किया जा रहा है।
गौरतलब है कि बनारस में 60 से अधिक संख्या में दृष्टिबाधित छात्र पिछले 15 दिन से आंदोलित हैं, इनमें से कुछ छात्र छात्र हनुमान प्रसाद अंध विद्यालय से पढ़े हुए हैं और विद्यालय के 9वीं से 12वीं तक बंद हो जाने से प्रभावित हो रहे हैं। बताते चलें कि बनारस में यह पूर्वांचल का एकमात्र अंध विद्यालय है जिसमें लगभग 5 राज्यों के छात्र पढ़ने आते थे।

Continue Reading

featured

बलिया-गाजीपुर में BJP ने बाहरी को बनाया पंचायत उम्मीदवार, पार्टी नेताओं में हो सकती है नाराजगी

Published

on

बलिया। उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर है। जहां एक ओर समाजवादी पार्टी अपने पार्टी से जुड़े नेताओं को अध्यक्षी उम्मीदवार घोषित कर रही है। तो सत्तारूढ़ भाजपा को अपनी पार्टी में कोई उम्मीदवार ही नहीं मिल पा रहे। भाजपा की हालत इतनी खस्ता हाल है कि बलिया और पड़ोसी जिले ग़ाज़ीपुर में दूसरी पार्टी के आए नेताओं को जिला पंचायत अध्यक्ष का उम्मीदवार बनाया गया है। इससे खुद बीजेपी खेमे के नेताओं में नाराजगी देखी जा रही है।

बलिया भाजपा के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दूसरे पार्टी से लोगों को बुलाकर बीजेपी में शामिल करना “अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है”। बता दें कि भाजपा ने बलिया में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सुभासपा से दो दिन पहले बीजेपी में शामिल हुईं सुप्रिया चौधरी को उम्मीदवार बनाया है। खास बात यह है कि बीजेपी में सुप्रिया को शामिल कराने के बाद उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिया गया। पार्टी के इस फैसले ने बलिया के कई भाजपा नेताओं के अरमानों पर पानी फेर दिया है।

जबकि ग़ाज़ीपुर में बीजेपी ने एक निर्दलीय प्रत्याशी को जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर उम्मीदवार बनाया है। इससे गाजीपुर जिले में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य सपना सिंह बृहस्पतिवार को जिला भाजपा कार्यालय पहुंची और पार्टी की सदस्यता ली। इसके तुरंत बाद सपना सिंह को भाजपा की ओर से जिला पंचायत अध्यक्ष का उम्मीदवार घोषित कर दिया गया। दोनों जिलों में अब यह चर्चा होने लगी है कि भाजपा के पास अपनी पार्टी में योग्य उम्मीदवार नहीं थे जो बाहरी जिले हुए प्रत्याशी को जिला पंचायत अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बना दिया गया।

किसी बाहरी को पार्टी में शामिल करा कर उम्मीदवार बनाना बीजेपी के लिए घातक सिद्ध हो सकता है।क्योंकि जो भाजपा नेता वर्षों से जिला अध्यक्ष बनाने की आशा पाले हुए थे वो अब टूट चुकी है। माना जा रहा है कि सपना सिंह 25 को अपना नामांकन भी दाखिल कर देंगी। समाजवादी पार्टी ने यहां से कुसुमलता यादव को अपना प्रत्याशी बनाया है।

Continue Reading

featured

कल से पटरियों पर दौड़ी ये ट्रेन, बलिया, गाजीपुर के हजारों यात्रियों को मिली राहत

Published

on

बलिया। रेलवे ने छपरा-बलिया-गाजीपुर- वाराणसी के हजारों यात्रियों को बड़ी राहत दी है। छपरा-बलिया-गाजीपुर-वाराणसी रेलमार्ग पर चलने वाली इंटरसिटी ट्रेन का संचालन बृहस्पतिवार को एकबार फिर अग्रिम आदेश तक शुरू कर दिया गया है। ये ट्रेन बीते 30 अप्रैल से नहीं चल रही थी।कोरोना  मामलों में गिरावट आने के बाद 05111 अप छपरा से वाराणसी सिटी तक जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस व 05112 डाउन वराणसी सिटी से छपरा को जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस का संचालन एक बार फिर शुरू होने से यात्रियों ने राहत की सांस ली है। वहीं छपरा से लखनऊ होते हुए

फर्रुखाबाद तक जाने वाली उत्सर्ग एक्सप्रेस व छपरा से लखनऊ तक जाने वाले छपरा-लखनऊ एक्सप्रेस का संचालन शुरू नहीं किए जाने से यात्रियों में नाराजगी भी देखी जा रही है।गौरतलब है कि संपूर्ण लॉकडाउन के बाद अभी सभी ट्रेनों का संचालन शुरू भी नहीं हुआ था कि कोरोना की दूसरी लहर शुरू हो गई और 30 अप्रैल से 17 मई के बीच एक-एक करके कई ट्रेनों का संचालन ठप कर दिया गया।

संपूर्ण लॉकडाउन के बाद सभी ट्रेनों का आवागमन बंद हो गया था। कुछ महीनों बाद कोविड-19 स्पेशल ट्रेनों के नाम पर कुछ ट्रेनों को यात्री सुविधा के लिए चलाया गया था, इसमें से लखनऊ छपरा स्पेशल ट्रेन का परिचालन सप्ताह में तीन दिन व उत्सर्ग एक्सप्रेस छपरा से फर्रुखाबाद को जाने वाली स्पेशल ट्रेन को सप्ताह में तीन दिन चलाया जा रहा था। इन दोनों ट्रेनों को अग्रिम आदेश तक परिचालन ठप कर दिया गया है।

जबकि इंटरसिटी एक्सप्रेस का संचालन शुरू होने से यात्रियों ने राहत की सांस ली है। जबकि अभी भी लखनऊ छपरा व उत्सर्ग एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन का परिचालन नहीं होने प्रदेश की राजधानी लखनऊ जाने- आने वाले लोगों को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!