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सामने आई बलिया पुलिस की दबंगई, वर्दी की मर्यादा भूले इंस्पेक्टर, डॉक्टर से की बदसलूकी

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बलिया। खाकी वर्दी पहन पुलिस अधिकारी जनता की रक्षा की कसमें खाते हैं लेकिन कुछ खाकी पहन इतना मग़रूर हो जाते हैं कि वह खाकी का रौब भोली-भाली जनता पर दिखाने लगते हैं और आम आदमी की हैसियत को अपने पांव के जूती के बराबर समझ बैठते हैं। ऐसा ही मामला बिल्थरारोड़ से सामने आया। जहां सीयर सीएचसी अस्पताल पर उभांव इंस्पेक्टर ने जमकर दबंगई दिखाई। खाकी पहन अपने आप को बहुत बड़ा अधिकारी समझने वाले इंस्पेक्टर जनता पर ही जुल्म ढ़ाने लगे। हर गली-चौराहे पर जनता को नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले इंस्पेक्टर खुद ही नैतिकता भूल गए।यहां बात हो रही है इंस्पेक्टर ज्ञानेश्वर मिश्रा की, जिनके अभद्र व्यवहार के किस्से कई बार सामने आ चुके हैं, अब इसे खाकी का रौब कहेंगे या यूं कहें कि इन्हे यह याद ही नहीं रहता कि यह किस पद पर बैठे हैं। यही वजह है कि इंस्पेक्टर ज्ञानेश्वर मिश्रा खाकी वर्दी पहनने के बाद दंबगई दिखाते हुए  नज़र आ गए।मामला कुछ ऐसा है कि दो सिपाही सीयर सीएसची पर इंस्पेक्टर का फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने पहुंचे। वहां तैनात प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. साजिद हुसैन ने बिना इंस्पेक्टर के आए किसी तरह के फिटनेस सर्टिफिकेट देने से इंकार कर दिया।

इसके बाद इंस्पेक्टर ज्ञानेश्वर मिश्र झल्ला गए। आधे घंटे बाद वह स्वयं सीयर अस्पताल पहुंंचे और वहां पहुंचकर कुछ ऐसा किया कि पूरे ही पुलिस महकमे की नाक कट गई। अस्पताल पहुंचकर ही वह प्रभारी चिकित्साधिकारी से उलझ गए। चिकित्सक साजिद हुसैन को जमकर खरीखोटी सुना दी। इसके बाद डॉक्टर साजिद हुसैन ने कहा कि बिना कोविड 19 जांच किए किसी तरह का फिटनेस दिया जाना संभव नहीं है।

लेकिन इंस्पेक्टर ने बात को समझे बिना ही चिल्लाते हुए कहा कि अब थाने आकर कोविड जांच करना और फिटनेस देना। साथ ही इंस्पेक्टर ने अस्पताल में ही अपने सिपाहियों को सख्त हिदायत दिया कि बिना मेरे इजाजत के अस्पताल पर कोई भी सिपाही नहीं पहुंचेगा और किसी भी स्वास्थ्यकर्मी या अस्पताल के मामले में किसी तरह की मदद नहीं होगी। पूरे घटनाक्रम को देख रहे मरीज, अस्पतालकर्मी और क्षेत्रवासी भी अवाक रह गए और इंस्पेक्टर के ऐसे व्यवहार के लिए योगी सरकार में वर्दी की बेदर्दी की निंदा की।

इसे लेकर अस्पतालकर्मियों और चिकित्सकों में जबरदस्त रोष व्याप्त हो गया। डॉ. लालचंद्र शर्मा ने कहा कि इंस्पेक्टर का चिकित्सकों के प्रति किए गए दुव्र्यवहार की जानकारी डीएम, एसपी और उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। वहीं पुलिसिया दबंगई से आहत प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. साजिद हुसैन ने कहा कि इंस्पेक्टर का चिकित्सक के प्रति व्यवहार निंदनीय है। वहीं इस मामले को लेकर अब माहौल गरमा गया है। उभांव इंस्पेक्टर के व्यवहार से सिर्फ चिकित्सक ही आहत नहीं है। इंस्पेक्टर के दबंगई से सत्तापक्ष और विपक्ष के कई राजनेता भी शिकार हो चुके है। वहीँ किसी और मामले में हिंदू युवा वाहिनी के जिला संगठन मंत्री संजीत कुमार शर्मा ने भी एसपी को लिखित शिकायत भेजकर इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पूर्व विधायक ने ली जानकारी– विधानसभा के पूर्व विधायक गोरख पासवान शुक्रवार की शाम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीयर पहुंचे और उभांव थाने के कोतवाल व स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों के बीच हुई कहासुनी, चेतावनी आदि की पूरी जानकारी की प्रभारी अधीक्षक डाक्टर साजिद से की। पूर्व विधायक ने कहा कि चाहे भारत का कोई नागरिक हो, हर कोई कानून से बंधा हुआ है। यदि चिकित्सक द्वारा कोतवाल को फिटनेस बनवाने के लिए कोरोना टेस्ट कराने की बात कही, तो उनको पालन करना चाहिए था। कहा जो कुछ हुआ उचित नही हुआ।

इंस्पेक्टर बोले हमें सहयोग नहीं मिला–  उभांव थाने के प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेश्वर मिश्र ने अपनी फिटनेस बनवाने हेतु अस्पताल पहुंचने की बात स्वीकारी। कहा कि मैं अपने दो आरक्षियों को फिटनेस बनवाने के लिए भेजा था। लेकिन डाक्टर लालचन्द शर्मा ने बोला था कि सामने देखकर फिटनेस बनेगा। उन्होंने कहा कि मैं अस्पताल पहुंचा तो डाक्टर शर्मा नहीं मिले। कहा कि मैने अस्पताल में कहा कि इतना सहयोग आपसे नहीं मिलेगा ? हम भी आपका सहयोग किया करते है।

हालाँकि इस मामले पर सीओ शिव नारायण वैश ने बताया कि इंस्पेक्टर को तत्काल में फिटनेस सर्टिफिकेट की ज़रूरत थी। उन्होंने सिपाहियों को भेजा था। डॉक्टरों ने इंस्पेक्टर को ही बुला लिया। विलंब से अस्पताल जाने पर चिकित्सक जा चुके थे। उन्होंने फोन से बुलाया तो चिकित्सक ने इनकार कर दिया कि यहां बन नहीं पाएगा। इसी को लेकर कहासुनी हुई थी।

 

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बलिया में धारा 144 लागू, इतने महीने तक जारी रहेगा प्रतिबंध

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बलिया डीएम अदिति सिंह ने जिले में धारा 144 लागू कर दी है। 15 सितंबर से आगामी 2 माह तक के लिए धारा 144 लागू रहेगी। जिला मजिस्ट्रेट अदिति सिंह ने बताया है कि जनपद सीमा के अन्तर्गत किसी भी सार्वजनिक स्थानों पर पांच या पांच से अधिक व्यक्त्ति एक समूह के रूप में एक साथ एकत्रित नहीं होगे और न ही कोई जुलूस निकालेगें और न ही कोई धरना प्रर्दशन करेगा और न ही कोई ऐसा अफवाह फैलायेगें, जिससे शान्ति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े।आपको बता दें कि जनपद में त्यौहारों के मद्देनजर धारा 144 लागू की गई है। विश्वकर्मा पूजा 17 सितम्बर को, अनन्त चतुदर्शी 19 सितम्बर को, चहल्लुम का त्यौहार 28 सितम्बर को मनाया जायेगा। साथ ही नवरात्र का त्यौहार 07 अक्टूबर को प्रारम्भ होगा, महानवमी 14 अक्टूबर व दशहरा विजय दशमी 15 अक्टूबर को, बारावफात 19 अक्टूबर एवं दीपावली 04 नवम्बर को, गोवर्धन पूजा 05 नवम्बर को, भैया दूज/चित्रगुप्त जयन्ती 06 नवम्बर व छठ पूजा 10 नवम्बर को मनाया जायेगा। इसको देखते हुए जनपद सीमा के भीतर निवास करने वाले तथा आने जाने वाले समस्त व्यक्तियों को धारा 144 के तहत आदेशों का पालन करना होगा।

बता दे कि जनपद में दो माह के लगाई गई धारा 144 के दौरान कई क्रियाकलापों पर प्रतिबंद रहेगा। इसमें सावर्जनिक आयोजन भी शामिल रहेंगे। हालांकि विशेष परिस्थितियों में जुलूस आदि के लिए सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त किया जाना अनिवार्य होगा। यह प्रतिबन्ध परम्परागत, सामाजिक या धार्मिक संस्कारों एवं रीति-रिवाज तथा जुमे की नमाज पर लागू नहीं होगा। कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र जैसे लाठी, डंडा, चाकू भाला, फारसा, बन्दूक, राइफल रिवाल्वर, पिस्टल आदि आग्नेयास्त्र या अन्य धारदार हथियार एवं किसी प्रकार का विस्फोटक पदार्थ को लेकर नहीं चलेगा और न ही ऐसा करने के लिये किसी को प्रेरित करेगा। कोई भी व्यक्ति किसी सार्वजनिक

स्थान, मन्दिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, धर्म, सड़क मकान के अन्दर अथवा छत पर ईट, पत्थर, शीशा, बोतल व काच के दुकड़े तथा विस्फोटक आदि न एकत्र करेंगे और न ऐसा करने के लिए किसी अन्य को प्रेरित करेगा। कोई भी व्यक्ति साम्प्रदायिकता भड़काने वाले पोस्टर, बैनर, कटआउट आदि न तो लगायेगा और न ही किसी अन्य को ऐसा करने के लिए प्रेरित करेगा। उक्त आदेश का उल्लंघन भारतीय दण्ड विधान की धारा-188 के अंतर्गत दंडनीय अपराध होगा।

 

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बलिया में युवाओं ने मनाया जुमला दिवस, पीएम मोदी के जन्मदिन पर काटा गया कद्दू केक

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बलिया में युवाओं ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मदिन मनाई।

बलिया में युवाओं ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मदिन मनाई। बलिया जिले के अलग अलग जगहों पर युवकों ने केक काटकर खास अंदाज में प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की बधाई दी। युवा हल्ला बोल की टीम से लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं तक ने प्रधानमंत्री का जन्मदिन निराले अंदाज में मनाया। बांसडीह में प्रधानमंत्री के जन्मदिन को जुमला दिवस के रूप में मनाया गया। नौजवानों ने जुमला लिखा हुआ केक भी काटा।

युवा हल्ला बोल की टीम के कार्यकर्ता बांसडीह में इकट्ठा हुए। कार्यकर्ताओं के हाथ में कई दफ्तियां थीं। जिन पर “जुमला दिवस की बधाई”, “बेरोजगारी”, “कमाई”, “पढ़ाई”, “महंगाई” लिखा हुआ था। युवा हल्ला बोल टीम के कार्यकर्ताओं ने कहा कि “हम किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़े हैं। हमारी सरकार से तीन प्रमुख मांगें हैं- पढ़ाई, कमाई और दवाई। इन मुद्दों पर हमारी बात नहीं सुनी जाएगी तब हम सड़कों पर भी पूरी शक्ति के साथ उतरेंगे।”

दूसरी ओर बलिया में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भी प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन मनाया। युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव अभिजीत तिवारी सत्यम के नेतृत्व में बेरोजगार युवकों ने केक के बदले कद्दू का काटकर जन्मदिन मनाया। युवा कांग्रेस के इस जुटान में मुख्य रूप से महिला नेत्री सोनम बिंद, ब्लाक अध्यक्ष विजेंद्र पांडेय, इंटक जिलाध्यक्ष अरुण सिंह, विद्याशंकर पांडेय, राहुल सिंह, मनोज सिंह, सरिता यादव, मधु सिंह, राज कुमारी व अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

गौरतलब है कि 17 सितंबर यानी आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। पूरे देश में भारतीय जनता पार्टी इस मौके पर विशेष आयोजन कर रही है। तो वहीं विपक्षी दल समेत कई संगठन के कार्यकर्ता अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। बलिया से लेकर दिल्ली तक इस तरह के आयोजन किए जा रहे हैं। एक तरफ भाजपा इस दिन को “ब्रांड मोदी” के प्रचार के लिए इस्तेमाल कर रही है तो दूसरी ओर विपक्षी दल इसे विरोध के लिए प्रचारित कर रहे हैं।

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“बलिया के विकास में मील का पत्थर साबित होगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे”

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बलिया के विकास को पंख लगाने ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे मील का पत्थर साबित होगा। यह एक्सप्रेस-वे माल्देपुर, जनाड़ी तभी बलिया सदर से दक्षिण छोर से होकर निकलेगा। सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने बताया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने बीते दिन पहले इस एक्सप्रेस-वे का सौगात दिया था।

इसी क्रम में अब भारत सरकार जल्द ही किसान भाइयो को उनका मुआवजा उपलब्ध कराएगी जिसमे बलिया और गाजीपुर के लोगो को लगभग 1500 करोड़ रुपए के मुआवजा का प्रावधान किया गया है। जिसका टेंडर दिसंबर तक पूर्ण कर लिया जाएगा। सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने बताया कि इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के बन जाने से जो (गाजीपुर – बलिया) विकास के मामले मे वर्षो पिछड़ गया था आज उसको एक नया आयाम देने से कोई नहीं रोक सकता एवं इस मार्ग से जुड़े लोगो के लिए नये रोजगार एवं विकास के मार्ग प्रशस्त होंगे। उन्होंने इस नए एक्सप्रेस वे के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी को धन्यवाद दिया है।

वहीं इस एक्सप्रेस वे से बलिया के विकास की नई इबारत लिखी जाएगी। इस एक्सप्रेस वे से जहां राहगीरों को तो फायदा होगा ही वहीं दूसरी ओर व्यावसाय को नया आयाम मिलेगा और व्यापारियों को बड़ा फायदा होगा।

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