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एक्टर सोनू सूद से प्रेरित होकर बलिया के नौजवान ने शुरू की फ्री कोचिंग, नाम रखा ‘छोटा साइंटिस्ट’

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बलिया डेस्क : कोरोनाकाल में जहां बड़ों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है, वहीं बच्चों को पढ़ाई में भारी नुकसान हुआ है। लंबे समय तक स्कूल और कॉलेज बंद रहने की वजह से बच्चे पढ़ाई में काफी पिछड़ गए हैं। ऐसे ही बच्चों की मदद के लिए सिकंदरपुर तहसील के रहने वाले पवन कुमार सामने आए हैं। उन्होंने अपने  गांव गोडवारा में फ्री कोचिंग का आग़ाज़ किया है।

पवन कुमार द्वारा शुरु की गई इस कोचिंग का  नाम छोटा साइंटिस्ट है। यहां पहली से लेकर बारवीं तक के बच्चों को बिना किसी फीस के पढ़ाया जाता है। कोचिंग का संचालन तीन शिफ्ट में किया जाता है। 1 से 2 बजे तक 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं के बच्चों को पढ़ाया जाता है। 2 से 3 बजे तक 5वीं, 6ठी, 7वीं और 8वीं के बच्चे पढ़ते हैं। वहीं 3 से 4 बजे तक पहली, दूसरी, तीसरी और चौथी के बच्चों को शिक्षा दी जाती है। पवन कुमार बताते हैं कि उन्होंने अपनी इस कोचिंग का आग़ाज़ बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद से प्रेरित होकर पिछले महीने ही किया है। उनकी कोचिंग में सबसे ज़्यादा छोटे बच्चे पढ़ने आ रहे हैं।

बड़े बच्चों की तादाद अभी थोड़ी कम है। उन्होंने बताया कि उन्होंने फ्री में कोचिंग इसलिए शुरु की ताकि यहां गरीब बच्चे भी पढ़ने आ सकें। पवन ने बताया कि उन्हें फ्री में कोचिंग चलाने का आइडिया सोनू सूद से मिला। उन्होंने कहा कि जिस तरह सोनू सूद ने प्रवासी कामकारों की मदद की उसी तरह वह भी लोगों की मदद करना चाहते थे।

वह सोनू सूद की तरह लोगों की पैसों से मदद तो नहीं कर सकते थे, ऐसे में उन्होंने बच्चों को फ्री में पढ़ाने की ठान ली और गांव में ही कोचिंग शुरु कर दी। उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते बच्चों का पढ़ाई में काफी नुकसान हुआ है। 6-7 महीने से स्कूल बंद होने की वजह से बच्चे वह सब भूल सकते हैं जो उन्हें पढ़ाया गया है।

बच्चों को इसी स्थिति से बचाने के लिए ये कोचिंग शुरु की गई है। यहां बच्चों को उनके कोर्स की ही चीज़ें पढ़ाई जाती हैं, जिससे उनका रिवीज़न हो सके। पवन ने बताया कि उनकी कोचिंग में कोरोना संक्रमण के मद्देनज़र सोशल डिस्टेन्सिंग का भी ख़्याल रखा जाता है। सभी बच्चे एक दूसरे से एक मीटर की दूरी बनाकर रखते हैं।

बच्चों के मास्क न पहनने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हालांकि अभी गांव में कोरोना का कोई भी केस नहीं है इस वजह से बच्चों को मास्क के लिए नहीं कहा गया है। अगर कोई केस आता है तो बच्चों को मास्क पहनने के लिए कहा जाएगा। हालांकि बलिया खबर के आग्रह पर उन्होंने बच्चों में मास्क वितरण करने का फैसला किया है।

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बलिया के सुखपुरा में तैनात लेखा सहायक हुए गायब, अपहरण की आशंका !

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बलिया। बलिया के सुखपुरा में तैनात पराग डेयरी के लेखा सहायक ज्ञानदेव मिश्रा बुधवार को बैंक जाते समय अचानक लापता हो गए। बलिया पुलिस उनके लापता होने के पोस्टर भी जारी किये हैं और छानबीन कर रही है। गायब होने की खबर मिलते ही बलिया पहुंचे परिजन उनके अगवा होने की आशंका जता रहे हैं। उधर यह खबर जैसे ही आजमगढ़ दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि. के अधिकारियों को हुई चारो तरफ अफरा-तफरी मची हुई है। विभाग में हड़कंप मच गया और अधिकारी उनका पता लगाने में जुट गए है।

जानकारी के मुताबिक बुधवार को पूर्वांह्न दस बजे लेखा सहायक ज्ञानदेव मिश्र डेरी के किसी काम से जिला मुख्यालय स्थित यूनियन बैंक की मुख्य शाखा में किसी काम से जा रहे थे। अचानक रास्ते से गायब हो गए। देर रात तक वह न तो पराग डेरी के कार्यालय पहुंचे और न ही अपने आवास। श्री मिश्र मूलत: कानपुर के रहने वाले हैं। उनके गायब होने की खबर डेयरी के अधिकारियों ने जब घर वालों को दी, तो कानपुर से उनकी पत्नी व बेटे गुरुवार को सीधे बलिया पहुंच गए। परिजनों ने अपहरण की आशंका जताई है।

हालांकि पराग डेरी के अधिकारियों ने तहरीर में उनके लापता होने की बात कही गई है। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। उधर घटना की सूचना पुलिस कप्तान बलिया, क्षेत्राधिकारी नगर तथा थानाध्यक्ष सुखपुरा को दी है। मजे की बात यह है कि गायब लेखा सहायक ज्ञानदेव मिश्र का मोबाइल नंबर भी बंद बता रहा है। इससे तरह-तरह की आशंका जताई जा रही है।

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बलिया में अंतर्धार्मिक शादी को लेकर भड़की करणी सेना, जमकर किया हंगामा, युवक पर केस दर्ज

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बलिया। जिले में एक दलित युवती के साथ मुस्लिम युवक द्वारा कथित तौर पर विवाह करने का मामला सामने आया। करणी सेना ने इसे लव जिहाद बता कर जमकर हंगामा किया और दोनों को थाने ले गए। जहां पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। बताया जा रहा है कि जिले के उभांव थाना क्षेत्र के एक गांव की 18 वर्षीय दलित युवती को लेकर पड़री गांव का निवासी दिलशाद जिला मुख्यालय स्थित कचहरी में विवाह का पंजीकरण कराने गया था।

युवती ने बुरका पहन रखा था। तभी कचहरी में मौजूद करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने युवती से पूछताछ की और बाद में लवजिहाद बताते हुए जमकर हंगामा शुरु कर दिया। करणी सेना के लोग हंगामा करते हुए दलित युवती और मुस्लिम युवक को थाने ले गए। जहां पुलिस ने कार्रवाई की।करणी सेना के हंगामे का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। जिसमें लोग लड़की को हिंदू दलित बताते हुए उसके परिजन को बुलाने और युवक को धमकाते तथा थाने ले जाने की बात कहते दिख रहे हैं।

लड़की करणी सेना से यह कहते हुए साफ दिख रही है कि वह अपनी मर्जी से शादी करने आई है। लेकिन फिर भी करणी सेना वाले नहीं माने और युवक-युवती को बलिया शहर कोतवानी ले गए। इसके बाद उभांव थाना में बुधवार रात दिलशाद के विरुद्ध लड़की के पिता की शिकायत पर अपहरण के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। उभांव थाना के प्रभारी ज्ञानेश्वर मिश्र ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

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सो रहा बलिया का बिजली विभाग, जर्जर तार की चपेट में आकर बुजुर्ग की मौत, हादसे के बाद नहीं पहुंचे अधिकारी

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बलिया। बलिया का बिजली विभाग सो रहा है और जनता रो रही है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि बिजली अधिकारियों की लापरवाही अब लोगों की जान ले रही है। हाल ही में जर्जर तार की चपेट में आने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। मामला नरही के सोहांव गांव का मामला है। जहां खेत में काम करते हुए एक बुजुर्ग जर्जर तार की चपेट में आ गया। जिससे करंट लगने से उनकी मौत हो गई। लेकिन बिजली विभाग की लापरवाही की इंतेहा देखिए कि बुजुर्ग की मौत के बाद भी बिजली विभाग मौके पर नहीं पहुंचा।

बुजुर्ग का शव घटनास्थल पर ही पड़ा रहा।बुजुर्ग की मौत के बाद परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण कई बार बिजली अधिकारियों से इसको लेकर शिकायत कर चुके हैं लेकिन फिर भी बिजली विभाग सोता रहा।अगर बिजली विभाग ने समय पर कार्रवाई करते हुए उस जर्जर तार को हटवा दिया होता तो आज शायद बुजुर्ग की जान बच जाती। लेकिन बिजली विभाग के अधिकारी आंखों और कानों पर पट्टी बांधे बैठे हैं। जिन्हें न तो ग्रामीणों की परेशानी सुनाई देती न दिखाई।

ग्रामीण चीख-चीखकर बिजली जर्जर तार हटाने की मांग करते रहे लेकिन विभाग के अधिकारियों को फर्क नहीं पड़ा। नतीजतन एक बुजुर्ग को अपनी जान गंवाना पड़ी। वहीं बिजली विभाग के इस उदासीन रवैये से साफ जाहिर है कि उसे किसी बड़े हादसे का इंतजार है। ऐसे में उच्च अधिकारियों को जल्द ही ठोस कदम उठाने चाहिए।

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