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बलिया स्पेशल

“जिस सरकार में महिलाएं सुरक्षित न हों वहां राष्ट्रवाद की बात करना बेमानी”

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सिकंदरपुर डेस्क:  बलिया के सिकंदरपुर में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने प्रेस कांफ्रेसं कर प्रदेश की योगी और देश की मोदी सरकार पर हमला बोला है। डाकबंगला प्रांगण में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राष्ट्रीय चिंतक दीपंकर भट्टाचार्य ने मीडिया को संबोधित करते हुआ कहा कि आज पूरे देश में आर्थिक मंदी है जो हाल के दिनों में कभी नहीं था।

रिजर्व बैंक का एक लाख 76 हजार करोड़ केंद्र सरकार ने लेकर पूजी पतियों को दे दिया अगर रिजर्व बैंक से निकाला गया पैसा गरीबों मजदूरों व गांव तक पहुंचा होता तो आज देश आर्थिक मंदी में नहीं होता। लोगों को मजदूरी के लाले पड़े हैं।बाजार में तेजी लाने के लिए गरीबों को काम देना चाहिए तभी बाजार मजबूत होंगे और देश में तेजी आएगी और हम आर्थिक मंदी से उबर सकेंगे। कहा की केंद्र सरकार पैसा अमीरों व कंपनियों को देकर मालामाल कर रही है।

मोदी सरकार को देश से कोई मतलब नहीं है वह देश को बांटने व बेचने में लगी हुई है। किसानों को पेंशन के नाम पर 500 महीना देकर गुमराह किया जा रहा है जबकि न्यूनतम पेंशन कम से कम 3000 होनी चाहिए। बीएसएनएल रेलवे डिफेंस कोयला सब बेचने के फिराक में हैं। राष्ट्रवाद की नारा लगाने वाली पार्टी जो अर्थव्यवस्था में राष्ट्रीयकरण था वह निजी हाथों में जा रहा है।  आखिर केंद्र सरकार ऐसा क्यों कर रही है आज आमजन परेशान है।

पूरे देश में मजदूर संगठन मजदूरों नौजवानों द्वारा हड़ताल किया जा रहा है। एनआरसी का भय दिखाकर देश को बांटने की साजिश की जा रही है। केवल आसाम में 19 लाख लोग एनआरसी में बाहर हुए हैं। जब यह पूरे देश में लागू होगा तो देश की स्थिति बहुत खराब होगी और कश्मीर से भी बुरा हाल होगा । बिहार से लेकर कई प्रदेशों में बाढ़ की स्थिति भयावह है सरकार खेल रही है किसी राज्यों में भाजपा की सरकार ठीक से काम नहीं कर रही है ।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली भाजपा सरकार में चिन्मयानंद और सेंगर जैसे आरोपी पार्टी में जिम्मेदार पदों पर रहते हुए महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाएं कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में सामंतवाद फल फूल रहा है। पूरे प्रदेश में हत्या लूट बलात्कार अपहरण छीनेती की घटनाएं आम हो गई हैं। पूरे देश में विपक्ष कमजोर हो चुका है इसलिए जनता को यह देखना है कि विपक्ष कैसे मजबूत होगा पूरे देश में गरीबों मजदूरों द्वारा आंदोलन चलाया जा रहा है।

मोदी सरकार हिटलर शाही चला रही है जो अब धीरे-धीरे हिंदुस्तान के लोगों को अनुभव हो रहा है बिना लड़े इनसे छुटकारा नहीं मिलने वाला है। कश्मीर को इन्होंने एक नहीं किया बल्कि और हमसे दूर कर दिया दुखी वर्धमन करके राष्ट्रीयता नहीं बन सकता लोगों को लेकर के बन सकता है।एक देश एक संविधान संविधान में कई विधान तू नागालैंड में अलग प्रावधान क्यों है जबसे उत्तर प्रदेश में योगी की सरकार बनी है सामंती उत्पीड़न व अपराधियों का प्रदेश बन गया है।

उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी की युवा इकाई आईसा का राष्ट्रीय सम्मेलन 8 9 व 10 को हैदराबाद में होगा। वही किसान संगठन का एक बड़ा सम्मेलन अवध के इलाके में होगा महिला संगठन राजस्थान तथा ट्रेड यूनियन बंगाल में एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगा। इस मौके पर रामजी राय सुधाकर यादव लाल साहब श्री राम चौधरी नियाज अहमद आदि मौजूद थे।

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अधिकारी बेलगाम ! दफ्तर पर ताला बलिया में धरने पर बैठे पार्षद, काम ठप

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बलिया जिले के चितबड़ागांव नगर पंचायत में सभासदों ने अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार पर 1 करोड़ 60 लाख रुपये का गबन करने का आरोप लगाकर कार्यालय में ताला लगा दिया है। सभासदों का कहना है कि अधिशासी अधिकारी ने आम जनता के करोड़ों रुपये का घोटाला किया है। कार्यालय बंद होने से चितबड़ागांव के लोगों को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, नाम खारिज दाखिल आदि के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अधिशासी अधिकारी यानी ईओ जो सरकारी अधिकारी होता है। नगर पंचायत के कार्यों की जिम्मेदारी इन्ही की होती है। नगर पंचायत के अध्यक्ष और सभासदों के साथ समन्वय बना कर नगर में स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, विकास आदि के क्षेत्रों में सुधार लाना उनका काम होता है । इन सभी कार्यों की जिम्मेदारी अधिशासी अधिकारी यानि ईओ की ही होता है। चितबड़ागांव नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार पर सभासदों ने करोड़ों के गबन के आरोप लगाए हैं।

जो लोग कहते हैं की इस सरकार में अधिकारी बेलगाम होते जा रहें है, उनकी बाते बलिया के चितबड़ागांव में साबित होती दिख रही हैं। इस बार के नगर पंचायत के चुनाव में भाजपा ने पूरी दमदारी से चुनाव लड़ा और नगर पंचायत में पहली बार कमल खिलाने में सफल हो गए। लेकिन भाजपा के अध्यक्ष और भाजपा की सरकार होने के बावजूद उनकी बातों को सरकारी अधिकारी अनसुना कर दे रहें हैं।

सभासदों ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी से जांच कराने की मांग की थी, जिसमें ईओ को दोषी पाया गया था। लेकिन अब तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वे यह भी कहते हैं कि ईओ ने अपने आप को बचाने के लिए अधिकारियों को रिश्वत दी है। खबरों के अनुसार, 29 अगस्त को जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अधिशासी अधिकारी के खिलाफ जांच की मांग की गई थी। जिसके बाद जिलाधिकारी ने त्रिस्तरीय जांच करवाई थी। जांच में सभी आरोप सही पाए गए थे। इसके बाद जिलाधिकारी ने 20 नवंबर को रिपोर्ट शासन को भेज दिया था। लेकिन अभी तक अधिशासी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसी से नाराज होकर सभासदों ने सोमवार को कार्यालय में ताला लगा दिया। सभासदों का कहना है कि अधिशासी अधिकारी ने कम्बल, डस्टबीन, कस्तूरबा गाधी आवासीय विद्यालय का सुन्दरीकरण,आदि में करोड़ों रुपये का घोटाला किया है।

पिछले पांच दिन से इस नगरपंचाय का कार्यालय बंद है और सभासद धरने पर हैं। दफ्तर में ताला बंद कर सरकारी कार्य में बाधा डालना सही नहीं है। लेकिन सभासदों का भी गुस्सा जायज है। जब उनके आरोपों की जांच हो चुकी है और आरोप सही पाए गए हैं, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? यह भी गौर करने की बात है कि अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार पर पहले भी कई आरोप लग चुके हैं। पिछले साल में भी उन पर गबन का आरोप लगा था। उस समय भी जांच में आरोप सही पाए गए थे। लेकिन तब भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार किसी के संरक्षण में हैं? क्या उनके खिलाफ कार्रवाई इसलिए नहीं हो रही है क्योंकि वे किसी ताकतवर नेता के करीबी हैं? या मामला कुछ और है ?

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उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले मंत्री दानिश, बलिया के लिए की ये मांग !

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उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री दानिश आजाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बलिया में अटल आवासीय विध्यालय बनाने का प्रस्ताव रखा है और अब इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। अब जल्दी ही आवासीय विद्यालय बनकर तैयार होगा, जिससे बलिया और आसपास के इलाकों के विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।

राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ बलिया के विकास के प्रति गंभीर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से बलिया में 500 से अधिक क्षमता के छात्र-छात्राओं के अध्ययन के लिए अटल आवासीय विद्यालय का निर्माण कराए जाने के संबंध में संबंधित को निर्देशित करने का निवेदन किया है।

बता दें कि श्रमिकों के बच्चों के लिए अटल आवासीय योजना के तहत निःशुल्क शिक्षा की सुविधा, रहने की सुविधा, खाने की सुविधा, स्वच्छ पेयजल की सुविधा, खेलकूद एवं मनोरंजन से जुड़ी सभी प्रकार की सुविधा, स्कूल ड्रेस एवं बच्चों के पढ़ाई संबंधित सभी प्रकार की सामग्री सुविधा मुहैया कराई जाएगी।

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बलिया में इतने दिनों के लिए धारा-144 लागू

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बलिया में 17 नवंबर से 14 जनवरी, 2024 तक की अवधि के लिए धारा 144 लागू किया गया है। इस बाबत जिला मजिस्ट्रेट रविंद्र कुमार ने बताया है कि जनपद सीमा के अन्तर्गत किसी भी सार्वजनिक स्थानों पर पांच या पांच से अधिक व्यक्ति एक समूह के रूप में एक साथ एकत्रित नहीं होगे और न ही कोई जुलूस निकालेगें और न ही कोई धरना प्रदर्शन करेगा और न ही कोई ऐसी अफवाह फैलायेगें जिससे शान्ति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े। विशेष परिस्थितियों में जुलूस आदि के लिए सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त किया जाना अनिवार्य होगा।

यह प्रतिबन्ध परम्परागत, सामाजिक या धार्मिक संस्कारों एवं रीति-रिवाज तथा जुमे की नमाज पर लागू नहीं होगा। कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र जैसे लाठी, डण्डा, चाकू, भाला, फरसा, बन्दूक, राइफल, रिवाल्वर, पिस्टल आदि आग्नेयास्त्र या अन्य धारदार हथियार एवं किसी प्रकार के विस्फोटक पदार्थ को लेकर नहीं चलेगा और न ही ऐसा करने के लिये किसी को प्रेरित करेगा। यह प्रतिबन्ध सिक्खों द्वारा परम्परागत रूप से धारण होने वाले कृपाण तथा ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों/ कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। बूढे, बीमार, विकलांग, अपंग तथा अन्य व्यक्ति सहारे के लिए लाठी, डण्डे अथवा छड़ी का प्रयोग कर सकते है।

कोई भी व्यक्ति किसी सार्वजनिक स्थान, मन्दिर, मस्जिद,गुरुद्वारा, चर्च, सड़क मकान के अन्दर अथवा छत पर ईट, पत्थर, शीशा, बोतल व कॉच के टुकड़े तथा विस्फोटक आदि एकत्र नहीं करेगें और न ऐसा करने के लिए किसी अन्य को प्रेरित करेगा। कोई भी व्यक्ति साम्प्रदायिकता भड़काने वाले पोस्टर, बैनर, कटआउट आदि न तो लगायेगा और न ही किसी अन्य को ऐसा करने के लिए प्रेरित करेगा।

कोई भी व्यक्ति ऐसी अफवाह अथवा ऐसा नारा नहीं लगायेगा और न ही ऐसा पर्चा छापेगा और न बटवायेगा जिससे किसी वर्ग विशेष की भावना को ठेस पहुचे और न ऐसा करने के लिए किसी अन्य को प्रेरित करेगा। कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार के सार्वजनिक संचार साधन तथा मार्ग पर अवरोध उत्पन्न नहीं करेगा और न ही ऐसा करने के लिए किसी अन्य को प्रेरित करेगा। कोई भी व्यक्ति सड़क, जल मार्ग, रेलमार्ग, कार्यालय, पेट्रोल पम्प आदि का घेराव नहीं करेगा, न ही यातायात के आवागमन में अथवा किसी प्रकार के सार्वजनिक संचार आदि व्यवस्था में अवरोध उत्पन्न करेगा। ऐसा करने के लिए कोई भी व्यक्ति किसी को न तो उकसाएगा और न ही प्रोत्साहित करेगा। उक्त आदेश का उल्लंघन भारतीय दंड विधान की धारा 188 के अंतर्गत दंडनीय अपराध होगा।

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