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बलिया स्पेशल

बलिया के इन 6 लड़कों ने जिले का नाम किया रोशन, कोई बना एसडीएम, कोई बना तहसीलदार

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बलिया डेस्क: अगर हुनर और काबिलियत आपके पास है तो दुनिया की कोई ताकत आपको कामयाब होने से नहीं रोक सकती। यूपीपीएससी पीसीएस-2017 (UPPSC) का फाइनल रिजल्ट जारी हो गया है। इसमें बलिया (Ballia) जिले के 6 नौजवानों ने जिले का नाम रोशन करते हुए नई बुलंदियों को छुआ है।  आज हम उन 6 शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने नामुमकीन काम को मुमकीन कर दिखाया और बलिया का नाम रोशन किया है।

बाएं से दायें- विक्रांत दुबे , सिद्धांत सिंह

सिद्धांत सिंह: (Sidhant Singh) बलिया के रहने वाले सिद्धांत सिंह का चयन वाणिज्य कर अधिकारी सीटीओ के पद पर हुआ है। ग्राम पंचायत दोकटी के निवासी रवींद्र कुमार सिंह के सुपुत्र है। इनके पिता उप ‌प्रभागीय वनाधिकारी के पद पर बरेली में कार्यरत है। इनके परिवार के अन्य सदस्य आईएएस, पीपीएस, आबकारी अधिकारी, चाटर्ड अकाउंटेंटे आदि विभिन्न उच्च पदों पर कार्यरत है। इनके चयन होने पर जहां परिवार में खुशी की लहर है।

विक्रांत दुबे: (Vikrant Dube) बलिया के लालगंज क्षेत्र के वाजिदपुर गांव निवासी विक्रांत दुबे भी 10 वी रैंक पाकर डिप्टी एसपी के पद पर चयन हुए हैं। विक्रान्त बचपन से ही इलाहाबाद में रहकर पढ़ाई करते थे। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में बीएससी व एमएससी में गोल्ड मेडलिस्ट भी रहे हैं । विक्रांत ने 2016 में भी सिविल सर्विस परीक्षा उतीर्ण किया था जिसमें नायब तहसीलदार पर नियुक्ति मिली थी। लेकिन विक्रान्त ने इस पद ज्वाइन नहीं किया था।

गणेश कुमार वर्मा, राघवेशमणि त्रिपाठी

गणेश कुमार वर्मा:(Ganesh Kumar Verma) बलिया के बैरिया तहसील क्षेत्र के झरकटहां में कार्यरत लेखपाल गणेश कुमार वर्मा को पीसीएस परीक्षा 2017 में 84 वां रैंक मिला है। अब वह लेखपाल से बीडीओ (खण्ड विकास अधिकारी) बने हैं। खुशी का इजहार करते हुए गणेश वर्मा ने कहा मेरी सफलता का श्रेय बैरिया तहसील के अधिकारियों व सहकर्मियों को जाता है उन्होंने मुझे भरपूर सहयोग किया। गणेश वर्मा बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के आसचौरा निवासी हैं

राघवेशमणि त्रिपाठी: (Raghmeshmani Tripathi) बलिया के आवास विकास कालोनी हरिपुर निवासी राघवेशमणि त्रिपाठी का चयन नायब तहसीलदार के पद पर हुआ है। इनके पिता विनोद कुमार तिवारी शिक्षक एवं बलिया जिला सेनानी उत्रराधिकारी संगठन के मंत्री तथा माता मीना तिवारी समाजसेवी एवं एनजीओ संचालिका है। राघवेशमणि नोएडा में आईटी कंपनी में एनालिस्ट के पद पर कार्यरत रहे हैं।

सत्यप्रकाश गुप्ता , प्रवीन कुमार यादव

सत्यप्रकाश गुप्ता: (Satya Prakash Gupta) बलिया शहर के गुदरी बाजार दुर्गा मंदिर निवासी सत्यप्रकाश गुप्ता का चयन नायब तहसीलदार के पद पर हुआ है। वर्तमान में सत्य प्रकाश गुप्त उच्च न्यायालय इलाहाबाद में समीक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत है।

प्रवीन कुमार यादव: (Pravin Kumar Yadav) बलिया के गाँव नरहेजी नरही के रहने वाले प्रवीन कुमार यादव का चयन जिला रोज़गार अधिकारी के पद हुआ है। पीसीएस 2017 के परिणाम में उनका चयन होने के बाद उनकी कामयाबी से गांव में जश्न का माहोल है।  बलिया ख़बर की टीम इन सभी परीक्षार्थियों को ज़िले का नाम रोशन करने के लिए मुबारकबाद पेश करती है !

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बलिया

12 मरीज ठीक होने के साथ बलिया में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या…

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बलिया. जनपद में शुक्रवार को कोरोना के पांच नए मरीज मिले हैं. जबकि 12 संक्रमितों के ठीक हो जाने के कारण जनपद बलिया में अब कुल कोरोना एक्टिव केस 28 रह गई हैं. शुक्रवार को मिले नए तरीजों में तीन बेरुआरबारी ब्लॉक के करम्मर, शिवपुर व धनवती गांव है. जबकि मनियर ब्लाक के आरोली पांडेय से एक व बैरिया ब्लॉक के शोभा छपरा गांव में एक संक्रमित मिले हैं.

बलिया में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की तादाद 28 मई तक बढ़ती ही जा रही थी और पॉजिटिव केस की संख्या कुल 35 पहुंच गयी थी, लेकिन शुक्रवार को 12 मरीजों के ठीक होने के साथ-साथ अब इनकी संख्या में कमी दर्ज की गई है. हालांकि शुक्रवार को पांच और नए केस मिले हैं. इस प्रकार अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 28 रह गयी है.

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4 सांसद, 2 मंत्री और 5 विधायक! फिर भी कोरोना की जाँच का बलिया में नहीं इंतज़ाम

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बलिया डेस्क. देश में कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 1.5 लाख के करीब पहुंच गई है। मौत का आंकड़ा भी 4 हजार के पार पहुंच गया है. मामले बढ़ने का एक कारण टेस्टिंग का बढ़ना भी है. पिछले एक हफ्ते से रोजाना करीब 1 लाख टेस्ट हो रहे हैं. और 26 मई तक 31.26 लाख से ज्यादा टेस्ट हो चुके हैं. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी आईसीएमआर ने पिछले दिनों प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि अब पूरा फोकस टेस्टिंग पर है.

लेकिन अगर हम बलिया जिले की बात करें तो जिले से चार सांसद, दो मंत्री, पांच-पांच सत्ताधारी विधायक और विधानसभा में प्रतिपक्ष नेता जब एक ही जनपद से आते हैं तो उस इलाके की तस्वीर को देश के नक्शे में बेहद चमकदार होनी चाहिए. जहां इतने धुरंधरों की जमावड़ा हो वहां तो कोरोना टेस्टिंग तो छोड़िये विकास की गंगा-जमुना सब बहनी चाहिए लेकिन हक़ीक़त इसके उलट है. आलम यह है कि कोरोना की जांच कराने के लिए सैंपल या तो वाराणसी भेजना पड़ रहा है या फिर गोरखपुर.

ऐसे में जिले के लोग खुद को उपेक्षित महसूस करने के साथ-साथ भाजपा के इतने सारे जनप्रतिनिधियों का चुनाव कर पछता रहे हैं. बलिया के  लोगों का कहना है कि सत्ताधारी पार्टी के इतने सारे पदाधिकारी होने के बावजूद यहां कोरोना की जांच न हो पाना दुर्भाग्य है.

पूरी दुनिया में कोरोना को लेकर मचे हाहाकार के बीच बीते 25 मार्च से पूरे देश के साथ-साथ बलिया में भी लॉकडाउन शुरू हो गया था, इसके साथ ही शुरू हो गया था संदिग्धों का सैंपल लेकर उसकी जांच कराना, लेकिन अफसोस बलिया में जितने भी लोगों का सैंपल लिया गया, उसका सैंपल पहले वाराणसी भेजना पड़ा, फिर जब वाराणसी लैब ने हाथ खड़ा कर दिया, तब सैंपल गोरखपुर भेजे जाने लगा.

अब तक कितने हुए टेस्ट 

बलिया में अब तक कुल 1780 लोगों का सैंपल भेजा गया है, जिसमें 1364 लोगों की रिपोर्ट आ चुकी है, जिसमें 40 लोग कोरोना पॉजिटिव है, जबकि 377 लोगों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है, जबकि 12 मरीज ठीक भी हो चुके हैं.

गौरतलब है की  सैंपलों की जांच शुरू-शुरू में वाराणसी हो रही थी, जब वाराणसी ने टेस्टिंग किट की कमी का हवाला देकर जांच करने से मना किया तो अब सैंपल या तो गोरखपुर भेजे जा रहे हैं या फिर बरेली. इस हालात को देखकर अब जनपदवासियों के मन में सवाल कौंध रहा है कि आखिर वे लोग किस लिए इतने सारे जनप्रतिनिधियों का चुनाव किए हैं कि एक जांच लैब बलिया में अभी तक नहीं खुला.

क्या बोले मंत्री आनंद स्वरू शुक्ल

जब इस बारे में बलिया खबर ने बलिया सदर विधायक व प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल से बात की तो उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में कुल 75 जिले है और लैब की संख्या 22 है . संसाधन के अभाव के कारण जनपदवार लैबों का गठन नहीं हो पाया है, लेकिन जैसे-जैसे आवश्यकता बढ़ेगी, वैसे-वैसे हर एक चीज का प्रबंध किया जाएगा. अन्य प्रांत और अन्य जिलों की अपेक्षा बलिया की स्थिति अभी बहुत ठीक है, आने वाले दिनों में बलिया में लैब की स्थापना निश्चित तौर पर की जाएगी.

क्या बोले जिला अस्पताल के सीएमएस

जिला अस्पताल के सीएमएस डा. बीपी सिंह ने बलिया खबर से कहा कि फिलहाल बलिया में कोरोना की टेस्टिंग संभव नहीं है, यहां संसाधनों का भारी टोटा है. बीते दिनों कुछ लोगों की मांग पर शासन को पत्र लिखा जा चुका है, शासन से मशीनरी मुहैया कराने के बाद ही जिले में लैब खुल सकता है.

कोरोना टेस्टिंग न होने से बलिया की जनता में नाराजगी

वही सोशल मीडिया से लेकर हर जगह इस बात की चर्चा है कि जिले में इतने कद्दावर नेता होने के बावजूद  इस संकट की घडी में जिले पर कोरोना जांच नहीं हो रही है तो ये विधायक और मंत्री किस काम के हैं. वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज राय हंस ने बलिया खबर से बातचीत में कहा कि  जहां दो मंत्री, तीन सांसद और पांच विधायक हो, वहां के लोगों की कोरोना जांच कराने के लिए सैंपल कभी वाराणसी, कभी गोरखपुर या फिर बरेली भेजा जाने अपने आप में दुर्भाग्य है.

हमें इस बात का बेहद ही दु:ख है कि इस जनपद के लोग ऐसे निकम्मे लोगों को अपना जनप्रतिनिधि चुना  हैं. मंत्री, विधायक और सांसद बलिया जनपद में रहकर यहां की जनता दु:ख-दर्द बांटने के बजाय लखनऊ में बैठकर आराम फरमा रहे हैं, उन्हें यहां के जनता-जनार्दन की कोई फिक्र नहीं है. यहां के जनप्रतिनिधियों के कारनामे सिर्फ अखबार में पढ़ने को मिलते हैं, जमीन पर उनके कारनामे कहीं नहीं दिखते हैं.

वहीँ सामाजिक कार्यकर्ता ब्रिजेश यादव बागी  ने कहा कि यदि सही तरीके से जांच हो जाए तो बलिया की 70 प्रतिशत जनता कोरोना पॉजिटिव निकल जाएगी, लेकिन यह जिले का दुर्भाग्य है कि यहां के जनप्रतिनिधियों की शिथिलता के कारण अभी तक जांच के लिए कोई मुकम्मल व्यवस्था नहीं हो पाई है. अब जनता को चाहिए कि वो अपने इलाके के धुरंधर राजनेताओं से सवाल करे, उनसे पूछे कि आखिर बलिया में अब तक कोरोना की टेस्टिंग क्यों नहीं हो रही है .

 

 

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बड़ी राहत: बलिया के 12 मरीज ठीक होकर लौटे अपने घर, डीएम बोले…..

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बलिया डेस्क. कोरोना के खिलाफ चल रही लड़ाई में शुक्रवार को बड़ी सफलता मिली। बसंतपुर में बने एल-1 फैसिलिटी सेंटर में आइसोलेट किए गए 12 मरीज ठीक होकर अपने घर चले गए। इस बड़ी लड़ाई में जीत हासिल किए इन लोगों को शुभकामनाएं देने के लिए जिलाधिकारी एसपी शाही व संयुक्त मजिस्ट्रेट विपिन कुमार जैन भी वहां पहुंचे।

सभी मरीजों से हालचाल जाना, यहां की व्यवस्था संबंधित पूछताछ की और घर जाकर भी एक हफ्ते तक होम क्वॉरेंटाइन में रहने की सलाह दी। इसके बाद कुछ औपचारिकताएं पूरी करते हुए सभी मरीजों को एंबुलेंस से उनके घर की ओर रवाना किया गया।
ठीक होकर घर जाने वाले सभी युवकों से जिलाधिकारी ने कहा कि आप सबने कोरोना को हराया है, इसके लिए ढेर सारी शुभकामनाएं। कहा, घर जाकर भी कम से कम एक हफ्ते तक एकांतवास में रहेंगे।

घर के लोगों से भी फिलहाल दूरी बनाए रखेंगे। अगर सर्दी, खांसी, बुखार जैसे कोई भी लक्षण दिखाई दे तो अस्पताल नहीं जाएंगे, बल्कि उससे पहले कंट्रोल रूम को सूचित करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को सरकार की ओर से एक हजार रुपये और राशन दिया जाएगा। उधर, मरीजों ने भी अस्पताल में मिली व्यवस्था पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि कभी ऐसा लगा ही नहीं कि हम अस्पताल में हैं।

…जब डीएम समेत सभी मेडिकल स्टाफ का गर्व से सीना हुआ चौड़ा

बसन्तपुर स्थित एल-1 फैसिलिटी सेंटर पर शुक्रवार को एक समय ऐसा आया जब डॉक्टर्स, वार्ड बॉय व स्वच्छता कर्मियों को खुद पर इतना गर्व महसूस हुआ कि उनका सीना कई गुना चौड़ा हो गया। जी हाँ, स्वस्थ होकर बाहर आने के बाद जब मरीज अपने घर की ओर जाने लगे तब उन्होंने वहां ड्यूटी करने वाले सभी मेडिकल स्टाफ के लिए तालियां बजाई। एकस्वर से स्वस्थ होने वाले सभी मरीजों ने कहा कि सभी स्टाफ ने जिस तरह हम लोगों का ख्याल रखा, आयुष चिकित्सा का सहारा लेकर आयुर्वेदिक दवाएं दी, हमेशा साथ खड़े रहकर उत्साहित करते रहे, शायद इसी की देन है कि सब लोग सकुशल घर जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने भी जब उनकी इन बातों को सुना तो उनको भी अपनी टीम पर गर्व हुआ। उन्होंने सभी की खुले दिल से सराहना करते हुए आगे भी इसी तरह काम करने को प्रेरित किया।

खुशी से बोली बालिका, यहां जो आएगा ठीक होकर ही जाएगा

करीब 14 दिन पहले कोरोना पॉजिटिव मिली 13 वर्षीय बालिका भी ठीक होने वालों में शामिल थी। ठीक होने के बाद अस्पताल से जैसे ही वह निकली तो ऐसा लग रहा था जैसे मानो उसके पांव जमीन पर है ही नहीं। वह उत्साह से लबरेज थी। शायद उसके इसी उत्साह और हिम्मत की वजह से इतनी जल्दी रिकवर होने में मदद मिली होगी। बालिका के साथ उसकी मां भी थी। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से बालिका से बातचीत की और हाल जाना। इस पर उसका जवाब था कि यहां की व्यवस्था और यहां के स्टाफ बहुत ही अच्छे हैं। दुर्भाग्य से पॉजिटिव होने बाद यहां जो आएगा भी, वह निश्चित रूप से ठीक होकर ही जाएगा। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है और यही हमारी उपलब्धि है।

मेडिकल स्टाफ की हौसलाअफजाई की

एल-1 अस्पताल में जिन्होंने 14 दिन तक ड्यूटी की है, डीएम श्री शाही ने उनका भी हालचाल जाना। लक्षण आदि के बारे में पूछताछ की। उन्होंने सबका उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आज दर्जन भर मरीज ठीक होकर बाहर निकले, यह आप लोगों की बड़ी उपलब्धि है। आप लोग के साथ-साथ हम सबकी उपलब्धि है। उन्होंने स्वयं ताली बजाकर सभी मेडिकल टीम की हौसलाआफजाई की। मेडिकल टीम के सभी सदस्यों ने भी इसके लिए आभार जताया। यह पूरी टीम 14 दिन तक होटल में क्वारंटाइन में रहेगी। इस मौके पर एनएचएम के डीपीएम, महामारी रोग विशेषज्ञ जियाउल हुदा, डॉ केशव, डॉ शशि प्रकाश व आइसोलेट सेंटर में ड्यूटी करने वाले सभी मेडिकल स्टाफ मौजूद थे।

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