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उत्तर प्रदेश

CBI करेगी यूपी के चीनी मिल घोटाले की जांच, मायावती की मुश्किलें बढ़ी

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बसपा सुप्रीमो मायावती को बड़ा झटका लगा है। दरअसल उनके शासन काल में बेची गई 21 चीनी मिलों की जांच अब सीबीआई करेगी। संभावना जताई जा रही है कि सोमवार को मायावती इस मामले में प्रेस कॉन्‍फ्रेंस भी कर सकती हैं। लोकसभा चुनाव से पहले चीनी मिलों की सीबीआई जांच ने मायावती को सकते में डाल दिया है।

बता दें कि, 21 चीनी मिलों की बिक्री का मामला योगी सरकार में फिर उछला है। सीबीआई ने पूरे मामले को टेकओवर कर जांच शुरू कर दी है। सीबीआई ने बिक्री के दस्तावेजों की समीक्षा करनी शुरू कर दी है। इस मामले में कई आईएएस अफसर और नेता भी जांच के घेरे में हैं।

गौरतलब है कि, मायावती सरकार में हुए 1180 करोड़ रुपए के चीनी मिल बिक्री घोटाले की जांच पिछली अखिलेश यादव सरकार ने नवंबर 2012 में लोकायुक्त को सौंपी थी। तत्कालीन लोकायुक्त न्यायमूर्ति एनके मेहरोत्रा ने डेढ़ साल से ज्यादा समय तक जांच भी की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला था।

 

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गाजीपुर- बलिया से लेकर बिहार सीमा तक 4-लेन हाईवे बनाने की तैयारी, एनपीजी में रखा गया प्रस्ताव!

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नई दिल्ली: लखनऊ, वाराणसी, आजमगढ़ और मऊ की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती देने के इरादे से गाजीपुर- बलिया से लेकर उत्तर प्रदेश व बिहार की सीमा तक 4-लेन हाईवे का निर्माण किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश के चार प्रमुख शहर लखनऊ, वाराणसी, आजमगढ़ और मऊ की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती देने के लिए इस हाईवे का प्लान किया गया है। इसके निर्माण से लखनऊ- पटना के बीच अभी तुलना में प्रतिघंटा 3.5 किलोमीटर कम सफर करना होगा। वहीं, सड़क मार्ग से दक्षिण बिहार से दिल्ली आना भी काफी आसान हो जाएगा।पीएम गतिशक्ति के नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप में रखा प्रस्ताव– पीएम गतिशक्ति कार्यक्रम के तहत काम करने वाले नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (एनपीजी) की बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया। एनपीजी सभी प्रमुख मंत्रालयों के सचिव स्तरीय अधिकारी शामिल है और उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआइआइटी) इसका संयोजक है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और उत्तराखंड के काशीपुर इलाके के 2-लेन सड़क को 4-लेन में अपग्रेड करने का भी प्रस्ताव रखा गया। एनपीजी का मानना है कि सड़क मार्ग के अपग्रेडेशन, यातायात में आसानी भूमि अधिग्रहण और मल्टीमॉडल यातायात के साधनों को प्रोत्साहित करने के लिए ये तीनों ही परियोजनाएं महत्वपूर्ण हैं।

दक्षिण बिहार से दिल्ली सड़क मार्ग से आना होगा आसान– एनपीजी के मुताबिक गाजीपुर- बलिया – उत्तर प्रदेश – बिहार सीमा हाईवे बनने से दक्षिण बिहार से दिल्ली की दूरी कम हो जाएगी। बक्सर के पास गंगा नदी पर एक पुल का निर्माण हो रहा है जिससे दक्षिण बिहार और दिल्ली के बीच आवागमन आसान हो जाएगा। लखनऊ डिफेंस कारिडोर को भी इस हाईवे से मदद मिलेगी। एनपीजी के मुताबिक भारत नेपाल सीमा के पास रणनीतिक उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए पलिया – शाहजहांपुर-हरदोई-लखनऊ बाईपास को 4-लेन में बदलने का प्रस्ताव है। इससे बरदोई नेशनल पार्क तक जाना आसान हो जाएगा और माल की ढुलाई में भी मदद मिलेगी। वहीं उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड बाईपास को 4-लेन में बदलने का प्रस्ताव है जो बांग्लादेश-भारत भूटान के बीच ट्रेड रूट का काम करेगा और जिम का पार्क पहुंचना आसान

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यूपी में चुनाव की आहट! दिसम्बर के अंत तक हो सकते हैं निकाय चुनाव

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उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो गयी है। हाल ही में सोशल मीडिया पर निकाय चुनाव का एक फर्जी कार्यक्रम भी जारी हो गया था। लेकिन माना जा रहा है कि यूपी निकाय चुनाव दिसंबर में हो सकते हैं। नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों का आरक्षण और परिसीमन अक्टूबर तक फाइनल करने पर मंथन चल रहा है। इसके लिए सरकार से लेकर चुनाव आयोग तक अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं। निकाय चुनाव को लेकर सभी की निगाहें लगी हुई हैं. ऐसे में सूबे में निकाय चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. सभी सियासी दल लोकसभा चुनाव के सेमीफाइनल में जीत दर्ज करने की कोशिश में जुटे हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग को पिछले पांच वर्षों के दौरान सृजित और विस्तारित हुए नए नगर निकायों के परिसीमन की रिपोर्ट का इंतजार है।आयोग के विशेष कार्याधिकारी एस. के. सिंह ने ‘मीडिया’ से बातचीत में बताया कि परिसीमन की रिपोर्ट आने के बाद नगरीय निकायों की वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण करवाया जाएगा और फिर चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जाएगा।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे नगरीय निकायों के चुनाव कार्यक्रम को फर्जी करार देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग ने अभी कोई चुनाव कार्यक्रम जारी नहीं किया है।उन्होंने बताया कि इन निकायों का कार्यकाल अगले साल पांच जनवरी को समाप्त हो रहा है, उससे पहले इस साल दिसम्बर के अंत में चुनाव करवाए जाने की तैयारी चल रही है। बताते चलें कि पिछले चुनाव वर्ष 2017 में नवम्बर के महीने में तीन चरणों में करवाए गए थे और पहली दिसम्बर को मतगणना  के बाद नतीजे घोषित हुए थे। पहले चरण में राज्य के 24 जिलों में 22 नवम्बर, फिर दूसरे चरण में 25 जिलों में 26 नवम्बर और फिर 29 नवम्बर को तीसरे चरण में 26 जिलों में मतदान करवाया गया था।

वर्ष 2017 में हुए इन चुनावों के लिए तैयारी की गई वोटर लिस्ट में 3.32 करोड़ वोटर थे, इस बार चूंकि निकायों की संख्या बढ़ी है इसलिए वोटरों की तादाद भी बढ़ेगी। वर्ष 2017 के चुनाव में 16 नगर निगम, 198 नगर पालिका और 438 नगर पंचायतों यानि कुल 652 नगरीय निकायों के चुनाव करवाए गए थे।इस बार अभी तक प्रदेश सरकार ने समय- समय पर नए निकायों के गठन और मौजूदा निकायों के विस्तार के जो निर्णय लिए हैं, उनके अनुसार कुल 82 नए निकाय बने हैं। इस तरह से अब नगरीय निकायों की कुल संख्या 734 हो गई है।

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IAS जुनैद अहमद का बलिया से ट्रांसफर, झांसी के मुख्य विकास अधिकारी बनें

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उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को 13 आईएएस अधिकारियों के तबादला और पोस्टिंग के आदेश जारी किए हैं। इस लिस्ट में बलिया में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/सदर एसडीएम के पद पर रहे आईएएस जुनैद अहमद का ट्रांसफर कर दिया गया हैं। अब उन्हे झांसी जिले का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है।

कौन हैं आईएएस जुनैद अहमद-  UPSC परीक्षा 2018 के टॉपर IAS अफसर जुनैद अहमद बलिया के सदर SDM के रुप में कार्यरत थे। जुलाई 2021 में जुनैद अहमद को बलिया सदर एसडीएम की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जुनैद उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उनके पिता जावेद हुसैन पेशे से वकील हैं और मां आयश रजा एक हाउस मेकर हैंय़ जुनैद शुरु से ही पढ़ाई में औसत छात्र थे। दसवीं और 12वीं की परीक्षा में उनके लगभग 60 फीसदी ही अंक आए। 12वीं के बाद शारदा यूनिवर्सिटी, नोएडा से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और वहां भी उनके 65 फीसदी तक ही अंक आए। कॉलेज की पढ़ाई करने के बाद जुनैद के मन में IAS अधिकारी बनने का सपना जागा, इस पर लोग कहते थे कि 60 प्रतिशत वाला कोई औसत छात्र आईएएस नहीं बन सकता। पर जुनैद ने हार नहीं मानी।

पांचवे प्रयास में बने UPSC टॉपर– जुनैद ने 2013 से सिविल सर्विसेज की तैयारी की। शुरुआत से अपनी पढ़ाई को लेकर गंभीर न रहने वाले जुनैद ने इस बार लगन के साथ पढ़ाई की। जुनैद ने सिविल सर्विसेज 2018 की परीक्षा में ऑल ओवर इंडिया में तीसरी रैंक हासिल की थी। अपने पहले तीन प्रयास में जुनैद अहमद को असफलता मिली। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और चौथे प्रयास में कामयाबी हासिल की। चौथे प्रयास में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा तो पास कर ली लेकिन रैंक 352 आई। ऐसे में उनको आईआरएस सेवा मिली लेकिन उनका सपना आईएएस बनना था। तो वह दोबारा तैयारी में लग गए और पांचवे प्रयास में पूरे देश में तीसरी रैंक हासिल कर आईएएस बने।

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