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नीरज शेखर ने राज्यसभा के लिए किया नामांकन, सपा पर बोला बड़ा हम’ला !

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पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर ने बुधवार को राज्यसभा की सीट के लिए विधानसभा में नामांकन किया. इस सीट पर उनका निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है. उनके इस्तीफे से रिक्त हुई इस सीट पर उप चुनाव की प्रक्रिया चल रही है, जिसके तहत बुधवार को नामांकन का अंतिम दिन है. मंगलवार की शाम तक इस सीट के लिए कोई भी पर्चा दाखिल नहीं हुआ था. इस सीट का कार्यकाल 25 नवंबर 2020 तक है.

नामांकन के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए एक सवाल के जवाब में नीरज शेखर ने कहा कि चुनाव में जीत हार लगा रहता है, लेकिन समाजवादी पार्टी में सम्मान न मिलने की वजह से इस्तीफा देना पड़ा. बीजेपी ने सम्मान दिया है इसलिए बीजेपी में आया. राष्ट्रवाद और समाजवाद दोनों गरीबों के लिए काम करता है. समाजवादी पार्टी नेतृत्व ने कभी बात ही नहीं की मुझसे. देश में एक ही पार्टी बीजेपी है जो राष्ट्र के लिए काम कर रही है. अपनी-अपनी पार्टियों से निराश अभी और लोग भी बीजेपी में आएंगे.

नीरज ने पिछले महीने समाजवादी पार्टी छोड़ते हुए राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था. इसके बाद बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की थी. वहीं बीजेपी द्वारा रिक्त सीट पर उन्हें प्रत्याशी बनाए जाने से उनका दोबारा राज्यसभा पहुंचना तय माना जा रहा है. चुनावी गणित के हिसाब से प्रचंड बहुमत की भाजपा सरकार के सामने विपक्षी सदस्यों की संख्या बहुत कम है. ऐसे में संभावना है कि इस सीट से बीजेपी प्रत्याशी के अलावा कोई भी प्रत्याशी मैदान में नहीं आएगा.

राज्यसभा की रिक्त सीट के लिए नामांकन की आखिरी तारीफ 14 अगस्त है. नामांकन भरने वाले प्रत्याशियों के पर्चों की स्क्रूटनी 16 अगस्त को होगी. नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 19 अगस्त है. चुनाव आयोग के मुताबिक यदि जरूरी हुआ, तो मतदान 26 अगस्त को सुबह 9 से शाम 4 बजे के बीच किया जाएगा और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे. मंगलवार शाम तक इस एक सीट के लिए चार नामांकन पत्र बिके थे. नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई कैबिनेट मंत्री और संगठन के नेता मौजूद थे.

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क्रिप्टो करेंसी के खतरे पर राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने सरकार से बेहद जरूरी सवाल पूछा!

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नई दिल्ली। दुनिया भर में क्रिप्टो करेंसी को लेकर बहस चल रही है। भारत में भी आजकल क्रिप्टो पर खूब चर्चा हो रही है। लोग जमकर इसमें निवेश कर रहे हैं। लेकिन बताया जा रहा है कि क्रिप्टो में निवेश करना लोगों के लिए घाटे का सौदा हो सकता है। इससे बचने की सलाह भी दी जा रही है। इसी बीच मंगलवार यानी आज बलिया जिले से राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने राज्यसभा में इस मुद्दे पर अपनी ही भारतीय जनता पार्टी की सरकार से सवाल पूछा है।

नीरज शेखर ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान प्रश्नकाल में क्रिप्टो करेंसी को लेकर भारत सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से दो सवाल पूछे। नीरज शेखर ने सवाल किया कि “सभी लोग बात कर रहे हैं कि बिल आने वाला है। लेकिन क्रिप्टो करेंसी यानी बिटकॉइन जो शुरू हुआ था एक डॉलर से और आज साठ हजार डॉलर उसका मूल्य है। एक अनुमान लगाया गया है कि भारत में करोड़ों लोगों ने इसमें निवेश किया है। लाखों-करोड़ रुपया इसमें चला गया है। क्या भारत सरकार उन लोगों को बताने की कोशिश कर रही है कि ये अभी सुरक्षित नहीं है? ये ऐसा पैसा लगा रहे हैं जिसमें आगे उनका नुकसान हो सकता है। हमारा वित्त मंत्रालय इस मामले में क्या कर रहा है?”

राज्यसभा में सांसद नीरज शेखर के इस सवाल का जवाब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिया। निर्मला सीतारमण ने कहा कि “हां, बिल आएगी। लेकिन सेबी व आरबीआई के जरिए और एक बार भारत सरकार की ओर से बयान जारी कर यह बताने की कोशिश की गई है कि यह एक रिस्की क्षेत्र है। जो लोग इस ओर जा रहे हैं सचेत रहना चाहिए कि वो क्या कर रहे हैं।” वित्त मंत्री ने बताया कि “यह भी कहा गया है कि ये एक ऐसा क्षेत्र है जो अभी रेगुलेटरी फ्रेम में नहीं है। हमारी ओर से अलर्ट जारी किया जा चुका है कि यह अभी एक हाई रिस्की क्षेत्र है।”

इसके बाद राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने क्रिप्टो करेंसी को लेकर ही एक और सवाल पूछा। नीरज शेखर ने कहा कि “आप कहीं भी इंटरनेट पर कोई वेबसाइट खोलिए तो क्रिप्टो करेंसी के विज्ञापन बहुत आ रहे हैं। हमारे नौजवान साथी इसमें पैसा खूब लगा रहे हैं। तो क्या जब तक बिल आएगा तब तक के लिए इन विज्ञापनों को बंद करने का कोई उपाय हो सकता है?”

इंटरनेट पर क्रिप्टो करेंसी के विज्ञापन पर रोक लगाने के सवाल पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि “विज्ञापन को बंद करने का कोई उपाय अभी तक नहीं है। लेकिन युवाओं को इस बार में सावधान करने का और इसके रिस्क को लेकर ध्यान दिलाने के लिए सरकार के द्वारा कदम उठाया जा रहा है। सेबी और आरबीआई के द्वारा भी जागरुकता के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। मगर अब हम इस कगार पर पहुंच चुके हैं कि इस पर हमारा जल्दी आने वाला है।”

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बलिया मूल के मॉरिशस के पूर्व पीएम अनिरुद्ध जगन्नाथ का निधन

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मॉरीशस के पूर्व प्रधानमंत्री अनिरुद्ध जगन्नाथ का 91 साल की उम्र में 3 जून, 2021 को निधन गया है। अनिरुद्ध जगन्नाथ मॉरिशस के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति दोनों ही पदों पर कार्य कर चुके हैं। जगन्नाथ के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दुख जताया है।

बलिया से मॉरिशस पहुंचे उनके पिता ने अपने साथी मजदूरों के साथ मिलकर ऐसे राष्ट्र का निर्माण किया, जो हमेशा हिन्दुस्तान और हिन्दुस्तानियों के दिलों में धड़कता रहा है। उनके असमय जाने से बलिया ही नहीं समूचे हिन्दुस्तानियों  को आघात पहुंचा है।

मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति अनिरुद्ध जगन्नाथ के पूर्वज उत्तर प्रदेश में बलिया जिले के मूल निवासी थे। बलिया जिले के रसड़ा थाना क्षेत्र का अठिलपुरा गांव उनके पुरखों का निवास स्थान रहा है। गांव वालों के अनुसार उनके पिता विदेशी यादव और चाचा झुलई यादव को अंग्रेजों ने वर्ष 1873 में गिरमिटिया मजदूर के रूप में जहाज से गन्ने की खेती के लिए मारीशस भेजा था। गिरमिटिया मजदूर से लेकर सत्ता के शीर्ष तक का सफर तय करने वाला परिवार आज मॉरीशस का सबसे बड़ा राजनीतिक परिवार भी माना जाता है।

जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री प्रविंद अपने पुरखों की भूमि बलिया तो नहीं जा सके लेकिन वाराणसी में जनवरी 2019 में आठ दिवसीय दौरे पर भारत आए तो आयोजन के बाद भी वह काशी में ठहरे और विभिन्न मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना इस भाव से किया कि कभी इन्हीं मंदिरों में उनके पुरखों ने आने वाली पीढ़ियों के लिए तमाम मन्नतें मांगी होंगी।

अभिलेखों में दर्ज दस्तावेजों के अनुसार 2 नवंबर, 1834 को भारतीय मजदूरों का पहला जत्था गन्ने की खेती के लिए कलकत्ता से एमवी एटलस जहाज पर सवार होकर मारीशस पहुंचा था। आज भी वहां हर साल दो नवंबर को ‘आप्रवासी दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। जिस स्थान पर भारतीयों का यह जत्था उतरा था वहां आज भी आप्रवासी घाट की वह सीढ़ियां स्मृति स्थल के तौर पर मौजूद हैं।

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संविधान, लोकतंत्र एवं भारत विषयक वेबिनार का युवा चेतना ने किया आयोजन

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नई दिल्ली डेस्क : संविधान,लोकतंत्र एवं भारत विषयक वेबिनार का आयोजन युवा चेतना ने किया। वेबिनार का उद्घाटन करते हुए स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की संविधान और लोकतंत्र दोनों एक दूसरे के पूरक हैं।स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की लोकतंत्र में सब बराबर हैं और संविधान जनता का रक्षा कवच।

स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की संविधान की रक्षा प्रत्येक भारतीय की जवाबदेही है। मुख्य अतिथि भारत के पूर्व मुख्य न्यायधीश जस्टिस केजी बालाकृष्णन ने कहा की जब विश्व के अन्य देश संविधान निर्माण की प्रक्रिया में थे तो भारतीय संविधान उनके लिए मानक था।न्यायमूर्ति बालाकृष्णन ने कहा की संविधान नागरिकों के लिए प्रकाश पुंज है।लोकतंत्र में सरकार अगर ग़लत करती है तो संविधान जनता का सहायक होता है।

न्यायमूर्ति बालाकृष्णन ने कहा की संविधान और राष्ट्र के प्रति सबको निष्ठा रखना चाहिए। वेबिनार की अध्यक्षता करते हुए युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा की प्रभु राम ने भी पत्नी का त्याग जनता को संतुष्ट करने हेतु किया था और देवी सीता ने भी जनता के मन में उत्पन्न द्वन्द को समाप्त करने हेतु प्रभु राम का सहयोग किया था।पूर्व में राजा और नेता जनभावनाओं के प्रति चिंतनशील होते थे परंतु अब स्थिति बदल गई है।

श्री सिंह ने कहा की हमारा संविधान हमें बराबरी का अधिकार देता है परंतु राष्ट्रपति के घर का बच्चा और गाँव में खेती करने वाले किसान का बच्चा एक जैसे विद्यालय में शिक्षा नहीं प्राप्त कर पाता है।श्री सिंह ने कहा की 1952 से लेकर 2020 तक चुनावी मुद्दे नहीं बदले लोकतंत्र रोटी,कपड़ा और मकान से आगे नहीं निकल पाया।

श्री सिंह ने कहा की भारत के पुनर्निर्माण हेतु सबको आगे आना होगा।
वेबिनार को सम्बोधित करते हुए राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. जेपी सिंघल ने कहा की गरीब को ताकत भारतीय लोकतंत्र में संविधान से मिलता है। पूर्व सांसद विवेक गुप्ता ने कहा की हमारे संविधान में 125 बार संशोधन हुआ है।हमारा संविधान हर नागरिक को सम्मान के साथ जीने का अधिकार देता है।

श्री गुप्ता ने कहा की सरकार को संयुक्त सूची पर विचार करना चाहिए।केंद्र सरकार को राज्य सरकारों को कुछ छूट देने की आवश्यकता है।
यूईटीआर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति जेसी जैन ने कहा की लोकतंत्र की सुंदरता संविधान से ही है।

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