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शासन-प्रशासन की लापरवाही, जान जोखिम में डालकर जर्जर पुलिया से गुज़रने पर मजबूर लोग

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बलियाः ज़िले में विकास को लेकर किए जा रहे दावों में कितना दम है, इसका अंदाज़ा रतसर क्षेत्र के ग्राम पंचायत बाराबांध में बनी एक अति महत्वपूर्ण पुलिया को देखकर लगाया जा सकता है। इलाके को दर्जनों गांवों से जोड़ने वाली ये पुलिया लंबे समय से बेहद जर्जर हालत में है। जिससे पुलिया पर चलने वाले लोगों को जान का ख़तरा बना रहता है।
जानकारी के मुताबिक, इलाके के लोग पुलिया की मरम्मत कराए जाने की लंबे समय से मांग कर रहे हैं।

इसको लेकर शासन-प्रशासन में गुहार भी लगा चुके हैं। लेकिन इसके बावजूद पुलिया की मरम्मत अभी तक नहीं कराई गई है। ये पुलिया ही गांव को जिला मुख्यालय व अन्य गांवों से जोड़ने के लिए एक मात्र रास्ता है। गांव में आने-जाने वाले हज़ारों लोगों को रोज़ाना इसी पुलिया से गुज़रना पड़ता है।

पुलिया से गुज़रने वाले राहगीरों के मुताबिक, ये इतनी जर्जर हालत में है कि इससे गुज़रने में उन्हें डर लगता है। राहगीरों का कहना है कि वह इस पुलिया से अपनी जान जोखिम में डालकर गुज़रते हैं। उन्हें नहीं पता होता कि वह इस पुलिया पर आने के बाद पुलिया को पार कर पाएंगे या नहीं?

कब बनी थी पुलिया?– बता दें कि पुलिया का निर्माण सात दशक पहले 1952 में व्यापक योजना के तहत तत्कालीन प्रधान दुखी पाण्डेय ने कराया था। पुलिया के निर्माण के बाद से यहां मरम्मत का कोई कार्य नहीं हुआ, जिसके चलते पुलिया धीरे-धीरे जर्जर होती गई। अब हालत ये हो गई है कि पुलिया में जगह-जगह दरारें दिखाई देती हैं और प्लास्टर भी पुरी तरह से उखड़ चुका है।

कितनी महत्वपूर्ण है पुलिया?- ये पुलिया तीन हज़ार की आबादी वाले बाराबांध गांव को जिला मुख्यालय व अन्य गांवों से जोड़ने के लिए एक मात्र रास्ता है। क्षेत्र के जनऊ पुर, मसहां, अरईपुर, तपनी, नूरपुर, एकडेरवा, सिकटौटी सहित दर्जनों गांवों के लोग भी ब्लाक मुख्यालय जाने के लिए इसी पुलिया का इस्तेमाल करते हैं।


पुलिया की इस हालत के लिए कांग्रेस नेता कन्हैया पाण्डेय ने शासन-प्रशासन को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कई बार पुलिया निर्माण के लिए शासन-प्रशासन को लिखित सूचना दी गई है। लेकिन इसके बावजूद कोई कार्य नहीं कराया गया है। जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

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बलिया में उफनाने लगी नदियां, तटवर्ती इलाकों में अलर्ट जारी

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समूचे पूर्वांचल में पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश की वजह से नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। नदी किनारे वाले इलाकों में अभी से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। लगातार हो रही बारिश से न सिर्फ कटानरोधी कार्यो की सरकारी पोल खुल रही है, बल्कि गंगा, सरयू और घाघरा नदियां उफनाने लगी हैं। पहाड़ी इलाकों में हो रही भारी बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन गंगा किनारे रह रहे लोगों को अलर्ट जारी कर रहा है। नदियों के जलस्तर में वृद्धि का क्रम यूं ही बना रहा तो घाघरा नदी लाल निशान को पार कर सकती है, क्योंकि लाल

निशान और नदी के बीच का फासला महज 17 सेमी बाकी रह गया है। जबकि पूर्वांचल के जिलों से होकर गुजरने वाली हर छोटी बड़ी नदियां उफनाने लगी हैं। वाराणसी के बाद गाजीपुर और बलिया में गंगा नदी में एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो रही है।सुकून की बार फिलहाल यह है कि नदी अभी खतरे के निशान से नीचे है। मगर, इसके बावजूद तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। वहीं, बलिया में सरयू नदी भी अपना विकराल रूप धारण करने लगी है। सरयू के जलस्तर में भी तेजी से वृद्धि हो रही है, इससे बाढ़ की समस्या बढ़ने लगी है।

बलिया से गुजरने वाली नदियों में पानी इसीलिए भी बढ़ गया है क्योंकि, भारी बारिश के अलावा बीते दिनों हरिद्वार, नरोरा और कानपुर से करीब चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जलस्तर बढ़ गया है।बाढ़ विभाग के अधिकारियों का कहना है कि, बांधों से छोड़ा गया पानी बलिया 5-6 दिन में पहुंचेगा। गाजीपुर के सैदपुर तहसील के आदित्य घाट की 14 सीढ़ियों के डूबने के बाद गंगा के बढ़ते पानी का अंदाजा हो गया है। 16 जून से तीन से चार सेंटीमीटर के हिसाब से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

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बलिया के इन युवाओं ने रोशन किया नाम, अब आसमां में भरेंगे उड़ान

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बलिया। हैदराबाद के डुंडीगल में शनिवार को हुई पासिंग आउट परेड में बलिया के युवा भी फ्लाइंग अफसर बने हैं। रविवार का दिन बलिया के होनहार छात्रों के नाम रहा। जिले से 3 युवा  देश की रक्षा के लिए एयर फोर्स में फ्लाइंग अफसर बने हैं। इन युवाओं की सफलता देख कर माता-पिता अपने बच्चों को भी बड़ी नौकरियों में जाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरके सिंह भदौरिया ने सभी को मेडल प्रदान किया और बतौर फ्लाइंग ऑफिसर देश की सेवा करने की शुभाकामना दी।

बिल्थरारोड के कुमार सचिन – तहसील के निवासी कुमार सचिन ने लगन के बूते खुले आसमान में लंबी उड़ान भरी है। शनिवार को बलिया के सचिन भी वायुसेना में फ्लाइंग आफिसर बने। कुमार सचिन की इस सफलता की खबर मिलते ही परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। जबकि क्षेत्रवासियों ने भी सचिन को जनपद और देश का गौरव बताया। अपने चार भाईयों और एक बहन में तीसरे नंबर के 23 वर्षीय कुमार सचिन शुरु से ही पढ़ाई लिखाई में मेधावी रहे हैं।सचिन ने अपनी कड़ी मेहनत के बल पर एनडीए का करीब दो वर्ष का प्रशिक्षण पूरा कर लिया। कुमार सचिन के पिता व्यवसायी हैं। परिजन बेटे की कामयाबी पर नगर में मिठाई बांट रहे हैं। वहीं नगरपंचायत चेयरमैन दिनेश गुप्ता ने भी बिल्थरारोड के सपूत कुमार सचिन के फ्लांइग आफिसर बनने पर बधाई दी। युवा सचिन से सीख लेते हुए आगे बढ़कर कुछ बड़ा करने की प्रेरणा ले रहे हैं। नौजवानों में एक नई उम्मीद की किरण जगी है, जिससे वो और ज़्यादा पढ़ाई में मेहनत कर रहे हैं।

सुखपुरा की अनमोल सिंह- सुखपुरा क्षेत्र के खरहाटार गावं की रहने वाले रिटायर सुबेदार मेजर बलराम सिंह की बेटी अनमोल सिंह एयर फोर्स में फ्लाइंग आफिसर बनी है। उनकी इस कामयाबी पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। कड़ी मेहनत के बलबूते मंजिल को छूना नामुमकिन नहीं, इस बात को अनमोल ने सच कर दिखाया है। जांबाज बेटी अनमोल सिंह ने अपने घर, परिवार सहित जिले का गौरव बढ़ाया है. रिटायर सूबेदार मेजर बलराम सिंह के पिता स्वर्गीय श्रीपति सिंह एक साधारण किसान थे। फिलहाल बलराम सिंह अपने पूरे परिवार के साथ नागपुर महाराष्ट्र में रहते हैं।जिराबस्ती के अंकुर पांडेय को फाइटर जेट पायलट के रूप में कमीशन- जीराबस्ती गांव के अंकुर पांडेय ने भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बने हैं। फ्लाइंग ऑफिसर अंकुर पांडे ने भारतीय वायु सेना में फाइटर जेट पायलट के रूप में कमीशन पाकर बलिया जिले को गौरवान्वित किया। फ्लाइंग ऑफिसर अंकुर पांडेय देवतानंद पांडेय के पुत्र हैं जोकि खुद भी भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत्त हैं। भारतीय वायु सेना में एक लड़ाकू पायलट के रूप में कमीशन मिलने पर अंकुर के रिश्तेदार और क्षेत्र के लोग बधाई दे रहे हैं।

अंकुर पांडेय को 19 जून 2021 को भारतीय वायु सेना में कमीशन किया गया है। यहां तक का सफर तय करना अंकुर की पढ़ाई के प्रति लगन और जज़्बे को दिखाता है, जिससे उनको सफलता हासिल हुई है।अंकुर पांडेय ने अपनी स्कूली शिक्षा केन्द्रीय विद्यालय से की, जबकि इंजीनियरिंग स्ट्रीम में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद अंकुर कठोर तैयार करते हुए भारतीय वायु सेना के फ्लाइंग स्ट्रीम के लिए चयनित हो गए। यह पूरे जनपद के लिए गर्व का क्षण है।

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अंबिका चौधरी ने बसपा छोड़ा तो उमाशंकर सिंह ने भी बड़ी बात कह दी

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बलिया। अंबिका चौधरी के बसपा से इस्तीफा देते ही जिले में राजनीतिक हलचल मच गई है। अब अंबिका चौधरी पर बसपा विधानमंडल दल के उप नेता और रसड़ा से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने कई आरोप लगाए हैं।

उमा शंकर सिंह ने अपने बयान में क्या कहा है? -उमाशंकर सिंह ने अंबिका चौधरी पर विश्वासघात का आरोप लगाते हुए कहा, ‘अंबिका ने अपने आचरण के अनुरूप कदम उठाया है जब उन्हें सपा से निकाल दिया गया तो बसपा ने उन्हें सम्मान दिया और अपने अपने क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया और अब उन्होंने ऐसा किया है। अंबिका चौधरी के बेटे आनंद चौधरी के चुनाव जीतने का जिक्र करते हुए उमाशंकर सिंह ने आगे कहा, ‘उनके बेटे आनंद बसपा के उम्मीदवार के रूप में ही चुनाव जीते और उन्हें बसपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद हेतु अपना उम्मीदवार भी घोषित कर दिया था’

बसपा में नाराजगी है? जाहिर है उक्त बयान से बसपा की नाराजगी भी साफ झलक रही है। उमाशंकर सिंह का ऐसा कहना बताता है कि बसपा में अंबिका चौधरी के इस कदम को लेकर काफी रोष है। बताते चलें कि 19 जून को ही समाजवादी पार्टी ने आनंद चौधरी को अपना अधिकृत जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया है। आनंद अंबिका चौधरी के बेटे हैं और वार्ड नंबर से जिला पंचायत सदस्य हैं। आनंद चौधरी के सपा प्रत्याशी बनते ही अंबिका चौधरी ने भी बसपा से इस्तीफा दे दिया। जिले में एक ही दिन में यहा दो बड़ी राजनीतिक घटनाएं हुई जिसकी चर्चा बनी हुई है

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