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उत्तर प्रदेश

अखिलेश यादव के लिए अहम होंगे ये 2 दिन, राजभर की पार्टी से हो सकता है गठबंधन !

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बलिया : उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी एक बार फिर गठबंधन की राह पर चलने जा रही है। आज से दो दिन बात (27 अगस्त) सपा के लिए बेहद अहम दिन है, क्योंकि राज्य में होने वाले उपचुनाव में इस गठबंधन से पार्टी को काफी उम्मीद है।

भाजपा से अलग होने वाली सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) सपा से गठबंधन को लेकर अगली 27 अगस्त को फैसला करेगी। भासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर ने रविवार को बताया कि पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की एक बैठक 27 अगस्त को लखनऊ में होगी, जिसमें सपा से गठबंधन को लेकर विचार करके निर्णय लिया जायेगा।

उन्होंने बताया कि पूरी संभावना है कि बैठक में सपा से गठबंधन को लेकर निर्णय कर लिया जायेगा। राजभर ने एक सवाल पर बताया कि सपा मुखिया अखिलेश यादव के आमंत्रण पर सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने हाल में उनसे मुलाकात की थी। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने उत्तर प्रदेश में विधानसभा के होने वाले उपचुनाव को लेकर विचार-विमर्श किया था।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कुशासन, बेरोजगारी, आर्थिक मंदी और जंगल राज के खिलाफ सपा और सुभासपा एक मंच पर आ सकती हैं।गौरतलब है कि सुभासपा ने वर्ष 2017 का विधानसभा चुनाव भाजपा के साथ मिलकर लड़ा था और उसे चार सीटों पर सफलता मिली थी।

सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर को सरकार में कैबिनेट मंत्री भी बनाया गया था, मगर आरक्षण में आरक्षण तथा कुछ अन्य मुद्दों पर मतभेद होने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुलेआम आलोचना करने पर राजभर को हाल में मंत्रिमण्डल से बर्खास्त कर दिया गया था। सुभासपा का पूर्वांचल के कुछ इलाकों में खासकर राजभर बिरादरी में दबदबा माना जाता है।

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सपा में सेंधमारी की कोशिश में बीजेपी, बलिया के दिग्गज नेता को ऑफर किया बड़ा पद!

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बलियाः उत्तरप्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है लेकिन राजनैतिक गलियारों में गर्माहट बनी हुई है। वजह है आगामी विधानसभा चुनाव। चुनाव आयोग ने जब से विस चुनाव की घोषणा की है, तब से ही अलग अलग राजनैतिक पार्टियों के नेता भूख-प्यास, ठंड सब भूल कर अपनी जीत सुनिश्चित करने को ऐड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। चुनाव को देखते हुए दलबदल की राजनीति भी जोरों पर है। बीजेपी, सपा, बसपा, कांग्रेस सभी दलों में विधायकों के आने-जाने का सिलसिला बना हुआ है।

मौजूदा पार्टी से नाराजगी जताते हुए कई नेता विपक्षी पार्टियों का हाथ थाम रहे हैं। इस दल-बदल के खेल में सबसे ज्यादा नुकसान बीजेपी का हुआ। सत्ताधारी दल के कई विधायकों ने पार्टी को अलविदा कह दिया और समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। अब बीजेपी अपने जख़्मों को भरने की कोशिश कर रही है। बीजेपी की यह कोशिश अन्य पार्टियों में सेंधमारी पर आकर खत्म हो रही है। जी हां, विधायक खोने के गम में पार्टी अब सपा में सेंधमारी कर रही है।

बलिया ख़बर सूत्रों के मुताबिक बलिया के एक दिग्गज नेता को बीजेपी ने बड़ा पद आफर किया है, वहीं इस बात की पुष्टि करने के लिए जब हमने संबंधित नेता से बात करने की कोशिश की तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। हालांकि उनके करीबियों का कहना है की ये एक कोरी अफवाह है। वहीं सूत्र बताते हैं की उक्त नेता ने अभी अपने पत्ते नही खोले हैं, दूसरी तरफ बीजेपी के सूत्रों का कहना है की जिले में जल्द बड़ा बदलाव  देखने को मिलेगा। वैसे अब तो आने वाला समय बताएगा कि बीजेपी अपने मकसद में कामयाब हो पाती है या नहीं।

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उत्तर प्रदेश

15 दिन में 60 पशु अज्ञात कारण से मरें

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बलिया में लगातार क्यों हो रही पशुओं की मौत
15 दिन में 60 पशु अज्ञात कारण से मरें
बैरिया (बलिया)। बैरिया के विभिन्न गांवों में लगातार जानवरों की मौत के मामले सामने आ रहे है, कारण अबतक पता नहीं लग पाया है। बलिया क्षेत्र में 15 दिन के अंदर अज्ञात बीमारी से करीब 60 पशुओं की मौत हो गई। जिससे पशुपालक परेशान हैं। क्षेत्र के किसी भी पशु चिकित्सालय में चिकित्सक अ​धिकारी न होने से इलाज के आसार भी नजर नहीं आ रहे है। क्षेत्र के धतुरीटोला में पांच, शिवाला मठिया में पांच, गोपालनगर में सात, टोला फत्तेराय में तीन, गुमानी के टोला में चार मवेशी कालकवलित हो गए हैं। वहीं भरतछपरा गांव में नरेश, जयराम, प्रभुनाथ, मोनू समेत छह लोगों की गायें एक सप्ताह के भीतर मर गईं।
पशुपालकों ने बताया कि घुटनों में सूजन के बाद मवेशी मरते जा रहे हैं। ऐसे ही कई गांवों के मामले सामने आए हैं। पशुओं में अज्ञात बीमारी फैलने से पशुपालक परेशान हैं। वहीं राजकीय पशु चिकित्सालय सोनबरसा, मुरलीछपरा, लालगंज, करमानपुर, कर्णछपरा जयप्रकाशनगर समेत कई पशु चिकित्सालयों में चिकित्सक तैनात नहीं है। छह से अधिक पशुचिकित्सालयों का चार्ज राजकीय पशुचिकित्सालय रेवती के प्रभारी डा.ओमप्रकाश के जिम्मे है। रेवती के प्रभारी पशुचिकित्साधिकारी डा.ओमप्रकाश ने बताया कि प्रदूषित चारा खाने या चरने से यह बीमारी हो रही है। इसे फंगल इंफेक्शन कहा जाता है। पशुओं में इस तरह का लक्षण मिल तो तुंरत पास के पशु चिकित्सालय से संपर्क करें।

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उत्तर प्रदेश

बलिया लोक अदालत के लिए कर्मचारियों की आवश्यकता

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बलिया। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलिया में स्थाई लोक अदालत बलिया का गठन किया गया है। उ. प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के पत्रांक सं. 221/एसएलए-49/2016(पीएस/ए.ओ.) अनुक्रम में जनपद बलिया में स्थापित स्थाई लोक अदालत हेतु निम्न पदों पर सेवा निवृत्त कर्मचारियों की आवश्यकता है। जिनकी उम्र 65 वर्ष से कम हो, वह 15 जनवरी 2022 को 4:00 बजे तक जिला सेवा प्राधिकरण, बलिया के कार्यालय में आवेदन जमा कर सकता है।
पदनाम                                                 मासिक पारिश्रमिक की धनराशि(रूपयों में) 

– अंशुलिपिक        (पद संख्या -1)               जिला न्यायलय अथवा कलेक्ट्रेट के सेवा निवृत्त कर्मचारी, अधिकतम 02 वर्ष के लिए  मानदेय                                                                            रूपए 9000/- प्रतिमाह पर अनुबंधित कार्य कराया जाएगा।
–  पेशकार            (पद संख्या -1)                 जिला न्यायलय अथवा कलेक्ट्रेट के सेवा निवृत्त कर्मचारी, अधिकतम 02 वर्ष के लिए  मानदेय                                                                           रूपए 9000/- प्रतिमाह पर अनुबंधित कार्य कराया जाएगा।
– चपरासी             (पद संख्या -1)                 जिला न्यायलय अथवा कलेक्ट्रेट के सेवा निवृत्त कर्मचारी, अधिकतम 02 वर्ष के लिए  मानदेय                                                                          रूपए 7000/- प्रतिमाह पर अनुबंधित कार्य कराया जाएगा।

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