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बलिया स्पेशल

बालू तस्करी के सवाल पर SHO ने पत्रकार को दी धमकी- “बालू के चक्कर में मत पड़ो झेलना पड़ जाएगा”

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बलिया। ज्यादा लाल बालू के चक्कर में पड़ोगे तो झेलना पड़ जायेगा ? जी हां यह धमकी है दोकटी थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह की। दरअसल एक वरिष्ठ पत्रकार ने जब थानाध्यक्ष से बिहार स्थित महुली घाट का पीपा पुल खुलने के साथ गंगा नदी के जल मार्ग द्वारा बिहार के कोइलवर से लाल बालू की तस्करी के बारे में पूछा गया तो थानाध्यक्ष कुछ इस तरीके पत्रकार को धमकाया कि ज्यादा बालू के चक्कर में पड़ोगे झेलना पड़ जाएगा।

बता दें कि क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर जल मार्ग द्वारा बिहार के कोइलवर से नाव द्वारा लादकर पुलिस की मिलीभगत से लाल बालू की आवक तेज हो गई है। दोकटी पुलिस व लालगंज चौकी पुलिस की मिली भगत से लाल बालू के तस्करों की बल्ले बल्ले हो गई है। इसके पूर्व जिला प्रशासन ने लाल बालू को अवैध बताते हुए काफी दिनों से बालू की आवक उत्तर प्रदेश में बंद करा दिया था। बिहार के डोरीगंज से ट्रक के माध्यम से सरकार को रायल्टी देकर बालू आता था। जो काफी महंगा पड़ता था।

उस समय से लाल बालू के छोटे-छोटे तस्कर इस फिराक में थे कि महुली पीपा पुल खुले तो उनका धंधा शुरू हो। 15 जून को महुली पीपा के पुल खुलते ही बिहार और उत्तर प्रदेश सरकार को बिना टैक्स दिए बड़े बड़े नाव के माध्यम से जल मार्ग द्वारा दोकटी थाना क्षेत्र के शिवपुर घाट, सती घाट, दोकटी घाट पर बालू का भंडारण शुरू हो गया है। ऐसे में लोगों में यह खास चर्चा है कि पहले पुलिस ने लाल बालू पर रोक लगा रखा था।

अब कौन सा कानून पास हो गया कि दर्जनों नाव लाल बालू लेकर घाटों पर चहलकदमी कर रही हैं । बालू गिरने के साथ ही ट्रेक्टरों के द्वारा बालू उठाकर ईधर उधर गांव के बगीचों में या सूनसान स्थानों पर बालू भण्डारण किया जा रहा है। दिन रात सड़को पर ट्रैक्टरों की गडग़ड़ाहट सुनाई दे रही है।

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बलिया में जब UPTET का एग्जाम देने साले की जगह पहुंचा जीजा…

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बलिया। यूपी टीईटी-2021 की परीक्षा में कड़े इंतजाम के बाद भी गड़बड़ी देखने को मिली। जहां साले की जगह पर उसका शिक्षक जीजा एग्जाम देने पहुंच गया। और किसी को पता तक नहीं चला। हालांकि बाद भी शिक्षा विभाग को सूचना मिली तो हड़कंप मच गया। तत्काल पुलिस को बुलाया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शिक्षा जीजा को तो गिरफ्तार कर लिया लेकिन साला चुपचाप निकल गया। जिसकी तलाश अब की जा रही है। पुलिस ने फेफना थाना पुलिस ने जीजा के साथ ही साले पर भी मामला दर्ज कर लिया है।

दरअसल पकड़ी थाना क्षेत्र के हथौज का रहने वाला घनश्याम सीवानकला प्राइमरी स्कूल में सहाय अध्यापक के पद पर कार्यरत है। पुरुषोत्तम पट्टी थाना मनियर निवासी संगम उसका साला है। जिसका परीक्षा केंद्र अगरसंडा स्थिति सनबीम स्कूल में था। दोनों ने मिलकर जालसाजी की। घनश्याम ने संगम के प्रवेश पत्र पर अपना फोटो लगा लिया। केंद्र के बाहर जांच के दौरान वह बच निकला। उसने टोपी व मास्क लगा रखा था।ऐसे हुआ खुलासा- पहली पाली की परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद ही किसी व्यक्ति ने संगम के केंद्र के बाहर होने की बात शिक्षा विभाग को दी।

इसके बाद सूचना मिलते ही थोड़ी देर में पुलिस पहुंच गई। पुलिस को देखते ही बाहर खड़ा संगम वहां से निकल लिया। घनश्याम का मास्क, टोपी निकलवाकर देखा तो फर्जीवाड़ा सामने आ गया। विद्यालय प्रशासन की तहरीर पर फेफना थाने में मुकदमा कायम हुआ।पुलि स ने आरोपी शिक्षक के साथ ही उसके साले पर भी मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक अमित कुमार सिंह को सौंपी गई है। अपर पुलिस अधीक्षक विजय त्रिपाठी ने बताया कि फरार आरोपित की तलाश में पुलिस की टीमें लगाई गई हैं। उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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बलिया में साहित्य, कला और संस्कृति को उभारने की पहल, ‘संकल्प सृजन’ पत्रिका लॉन्च

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बलिया में साहित्य, कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘संकल्प सृजन’ पात्रिका लॉन्च हुई। जो बलिया की समृद्धशाली साहित्यिक परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए मील पत्थर साबित होगी। यह कहना है, छपरा कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रवक्ता प्रो. पृथ्वीनाथ सिंह का। उन्होंने आगे कहा, आज के दौर में लोग साहित्य, कला और संस्कृति से कटते जा रहे हैं। तकनीक उनपर हावी हो रही है। पत्रिका प्रकाशित करना और उसे लोगों तक पहुंचाना एक चुनौती है, बावजूद ‘संकल्प सृजन’ लक्ष्य को साधेगी, यह उम्मीद और विश्वास है।समाज निर्माण में लघु पत्रिका अहम- इस दौरान मुख्य वक्ता डॉ. जैनेंद्र पाण्डेय ने कहा कि समाज के निर्माण में लघु पत्रिकाओं की अहम भूमिका है। वर्तमान समय में गढ़े जा रहे सत्य और मानवता के मिथक को लघु पत्रिकाएं ही तोड़ेंगी। इस दौरान डॉ. शुभनीत कौशिक ने कहा कि आजादी की लड़ाई में भी बलिया से कई पत्रिकाएं निकलती रहीं हैं। बीच में यह कड़ी टूट गई थी। ऐसे में संकल्प सृजन का प्रकाशन अंधेरे में रोशनी जैसा है।

साहित्य कला से युवा को जोड़ना उद्देश्य– पत्रिका के सम्पादक संस्कृतिकर्मी आशीष त्रिवेदी ने कहा कि युवा पीढ़ी को साहित्य, कला और संस्कृति से जोड़ने के साथ ही उनके अंदर मानवीय संवेदना विकसित करना उद्देश्य है। बलिया की साहित्यिक परम्परा को अगर थोड़ा भी आगे बढ़ा सकें तो यह हमारी सफलता होगी। इसके अलावा साहित्यकार रामजी तिवारी ने पत्रिका की सृजनात्मक और संरचनात्मक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला।

वहीं कार्यक्रम शुरू होते ही संकल्प के रंगकर्मी सोनी, ट्विंकल गुप्ता, आनन्द चौहान, अनुपम पाण्डेय, मुकेश, शुभम ने रंगकविता और जनगीतों की प्रस्तुति की। इस दौरान अशोक पत्रकार, अचिन्त्य त्रिपाठी, डॉ. मनजीत सिंह, नम्रता द्विवेदी, डॉ. इफ़्तेख़ार खां, रणजीत सिंह, डॉ. राजेन्द्र भारती, शिवजी रसराज, संजय मौर्य, डॉ कादम्बिनी सिंह, उपेंद्र सिंह इत्यादि सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।

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बलिया में साम्प्रदायिक सौहार्द्र की मिसाल, हिंदू परिवार ने कब्रिस्तान के लिए दान की 3 डिसमिल जमीन

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बलिया । लालगंज के हृदयपुर ग्राम पंचायत में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को मिली। जहां एक हिंदू परिवार ने मुस्लिम समाज की मांग पर अपनी 3 डिसमिल जमीन कब्रिस्तान के लिए दान में दे दी। और समाज में साम्प्रदायिक सौहार्द्र की मिशाल कायम की। जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। साथ ही महंगाई के दौर में जमीन दान करने पर भी लोग हैरान हैं।

हिंदुस्तान अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक कब्रिस्तान के लिए जमीन के अभाव में ग्राम पंचायत हृदयपुर के लोगों को दूसरे गांव के कब्रिस्तान में जाकर शव को दफनाना पड़ता है। ऐसे में लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। ऐसे में शिवकुमार पाठक और कृष्ण कुमार पाठक से गांव के मुस्लिम समाज के लोगों ने कब्रिस्तान के लिए जमीन की मांग की।

मुस्लिम समाज की मांग पर कृष्ण कुमार पाठक ने अपने परिवार से राय कर मुरारपट्टी मौजे की अपनी निजी भूमि में से तीन डिसमिल भूमि मुसलमानों को दान देकर उसमें शव को दफनाने की अनुमति दे दी। इतना ही नहीं बुधवार को मुस्लिम परिवार की महिला को उसी जमीन में दफनाया भी गया। हिन्दू-मुस्लिम एकता की इस मिसाल की चर्चा क्षेत्र भर में हो रही है।

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