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बलिया- मेडिकल कॉलेज खोलने की कवायद तेज, नोडल अधिकारी नियुक्त, समिति का भी गठन

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बलिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के बाद जनपद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर हलचल तेज हो गई है। लगभग 5 साल से चल रही कवायद को अब जमीन पर उतारने की तैयारी है। मेडिकल कॉलेज के लिए ठोस प्रस्ताव तैयार करने के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति हो गई है।

शासन ने गाजीपुर मेडिकल कॉलेज के उप प्रधानाचार्य और एनाटोमी विभाग के मुखिया डा. नीरज पांडेय को जिम्मेदारी सौंपी हैं। उनके नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी काम करेंगे। समिति का अध्यक्ष लखनऊ के डा. एनसी प्रजापति को बनाया है। बलिया सीएमओ और मुख्य चिकित्साधीक्षक कंसल्टेंट व कंपनी के प्रतिनिधि इसके सदस्य होंगे। और एक सदस्य DM की और से नामित किया जाएगा।
वर्तमान में प्रशासन जिला अस्पताल, जिला कारागर और राजकीय इंटर कॉलेज की जमीन पर संभावनाओं की तलाश कर रहा है। इसके लिए अडानी ग्रुप की टीम भी दौरा कर चुकी है। अस्पताल की लगभग साढ़े 7 एकड़ जमीन है। इसकी मापी पिछले दिनों कराई गई थी। सीएम के निर्देश के बाद अब इस दिशा में काम तेज हो गया है।

गाजीपुर मेडिकल कॉलेज के उप प्रधानाचार्य डा. नीरज पांडेय का कहना है कि चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य महानिदेशालय का पत्र प्राप्त हुआ है। उसमें बलिया में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के लिए जिला कारागार की जमीन का सर्वे कराने की बात कही गई है। समिति के सदस्यों के साथ समन्वय बनाकर कार्य किया जाएगा।

साथ ही बलिया सीएमओ डा. नीरज कुमार ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए महानिदेशालय के निर्देशानुसार कार्ययोजना बनाई जा रही है। सबसे पहले सर्वे का कार्य करना है इसके लिए गठित समिति जल्द काम शुरू करेगी।

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सुरहाताल में नौकायन से पहले स्थानीय नाविकों को दिया गया प्रशिक्षण

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बलिया के सुरहा ताल में 10 दिसंबर से पक्षी महोत्सव का शुभारंभ होगा। इसमें नौकायन भी होगा। इसको लेकर नावों के सफल संचालन के लिए स्थानीय नाविकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण रखा गया।

बता दें कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, बलिया व रेडक्रास सोसायटी के माध्यम से प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस दौरान उत्तर प्रदेश नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण नीति के अंतर्गत तैयार की गई एसओपी के बारे विस्तृत रूप से नाविकों को बताया गया। नाविकों को लाइफ जैकेट को सही तरीके से पहनने, लाइफ व्याय रिंग के प्रयोग तथा नाव के रखरखाव एवं परिचालन में विशेष सावधानी बरतने के संबंध में विस्तृत रूप से प्रशिक्षित किया गया।

उक्त प्रशिक्षण में जिला आपदा विशेषज्ञ पीयूष सिंह बघेल, नायब तहसीलदार संत विजय सिंह ,रेड क्रॉस सोसाइटी से शैलेंद्र कुमार पांडे,अभिषेक राय तथा जनपद के प्रशिक्षित आपदा मित्र धर्मेंद्र ठाकुर ,राजकिशोर यादव सहित सुरहा ताल के आसपास के लगभग 2 दर्जन नाविक उपस्थित रहे।

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बलियाः 10 साल बीते पर अब तक बनकर तैयार नहीं हुआ मांझी रेल पुल

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बलिया में विकास कार्यों की रफ्तार कितनी धीमी है, इसका अंदाजा लगाने के लिए मांझी रेल पुल ही काफी है। पिछले 10 सालों से निर्माणाधीन इस पुल का काम आजतक पूरा नहीं हुआ है। लोग अब भी पुल के पूरी तरह बनने की बांट जोह रहे हैं लेकिन पुल कब तक बनकर तैयार होगा यह कहना मुश्किल है।

बता दें कि साल 1856 में अंग्रेज इंजीनियर इंचकेप ने इसका निर्माण करवाया था। साल 1993 में भूंकप के झटके से पुल क्षतिग्रस्त हो गया। इस पुल को सुधवाया गया तब से पुल पर राजधानी सहित दर्जनों मेल एक्सप्रेस, मालगाड़ी व पैसेंजर गाड़ियों का आवागमन जारी है।

150 साल पुराना यह पुल धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। लिहाजा इसके ठीक पास में वाराणसी-छपरा रेलखंड पर बकुल्हा मांझी रेलवे स्टेशनों के बीच सरयू नदी पर लगभग 300 करोड़ की लागत से नया पुल बन रहा है। लेकिन इसका निर्माण काफी धीमी गति से हो रहा है।

पिछले 10 सालों से बन रहे इस पुल का 95 फीसदी काम पूरा हो गया है लेकिन पुलिस का एक पाया निर्माण के साथ ही टेढ़ा हो गया। जिसकी मरम्मत में वक्त लगेगा। कहा जा रहा है कि पुल 6 महीने बाद ही बनकर तैयार हो पाएगा।

पूर्वोत्तर रेलवे जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह का कहना है कि मांझी रेल पुल का कार्य जल्द से जल्द पूरा कराने के लिए कार्यदायी संस्था को आदेशित किया गया है, सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो गर्मी के मौसम में नए रेल पुल पर ट्रेनें दौड़ने लगेगी।

 

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MLA उमाशंकर ने विस में उठाया बंद पड़े ओवरहेड टैंकों व जर्जर बिजली तारों का मुद्दा

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बसपा विधायक उमाशंकर सिंह विधानसभा में बलिया से जुड़े मुद्दे उठाते रहते हैं। मंगलवार को विधायक सिंह ने जिले में बंद पड़े ओवरहेड टैंकों, जर्जर विद्युत तारों व डीएपी के अभाव का मुद्दा उठाया।

विधायक ने विधानसभा में अवगत करता हेुए बताया कि खनवर, कुरेजी, अठिलापुरा, सिसवार, हजौली, जाम, शाहमुहम्मदपुर के ओवर हेड टैंक चालू किए जाने के कुछ समय बाद ही बंद हो गए। पिपरा पट्टी बहीरापुर, प्रधानपुर में टैंक तैयार हैं फिर भी चालू नहीं किए जा सके। इसके चलते स्थानीय लोगों को काफी ज्यादा परेशानी हो रही हैं।

इसके साथ ही विधायक ने चिलकहर ब्लॉक में विद्युत आपूर्ति हेतु लगभग 50 वर्ष पुराने लगे 33 व 11 केवीए के जर्जर तारों को तत्काल बदलने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुराने जर्जर तारों से हादसे होने का डर बना रहता है। साथ ही बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होती हैं ऐसे में जल्द से जल्द तारों को बदला जाए ताकि स्थानीय लोगों की परेशानी दूर हो सके।

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