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बलिया

आज पीएम मोदी करेंगे पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का उद्घाटन, बलिया का विकास भी होगा ‘लिंक’

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आज बलिया के बेहद खास दिन है। पीएम नरेंद्र मोदी आज सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का उद्घाटन कर बलिया की तरक्की के द्वार खोलेंगे। आज पीएम मोदी के द्वारा मार्ग का उद्घाटन होने के बाद आम लोगों की आवाजाही शुरू हो सकेगी। बता दे कि लखनऊ के चांदसराय से गाजीपुर के हैदरिया तक बने इस एक्सप्रेस-वे से बलिया फिलहाल सीधे तौर पर नहीं जुड़ पाएगा। जिले के लोगों को इसका सफर गाजीपुर से करना होगा। लेकिन इस एक्सप्रेस वे के बनने से जनपद के लोगों को बड़ी सौगात मिली है। इससे बलिया से लखनऊ की दूरी कम हो जाएगी। चार पहिया वाहन से सात घंटे में पूरा होने वाला समय अब चार घंटे में ही तय हो जाएगा।

वहीं बलिया को सीधे तौर पर भी एक्सप्रेस वे से जोड़ा जाएगा। इसके लिए लिंक मार्ग का निर्माण प्रक्रिया में है। उसके बन जाने के बाद यह सफर और भी सुविधाजनक हो जाएगा। इससे कारोबार व कृषि की तरक्की होगी तथा विकास के नए आयाम स्थापित होंगे।

इन क्षेत्रों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेस वे– पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे लखनऊ से शुरू होकर बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ होते हुए गाजीपुर में खत्म हो रहा है। वहीं अगर बलिया के लोगों को एक्सप्रेस वे का सफर करना है तो 2 ऑप्शन मौजूद हैं।
पहला बलिया से रसड़ा होते हुए कासिमाबाद पहुंचने के बाद एक्सप्रेस-वे पर चढ़ा जा सकता है, जबकि दूसरे भरौली से हैदरिया (गाजीपुर) जाकर एक्सप्रेस का सफर शुरू कर सकते हैं। ऐसे में बलिया शहर से होते हुए लखनऊ जाने वालों के लिए इस समय कासिमाबाद होकर जाने का विकल्प ही बेहतर है, जबकि भरौली क्षेत्र के लिए हैदरिया का विकल्प आसान है।

जल्द ही एक्सप्रेस वे से डायरेक्ट जुड़ेगा बलिया– पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से बलिया को जोड़ने के लिए यूपीडा बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे की डीपीआर बनाने में जुट गया। अनुमान है कि पूर्वांचल एक्सप्रस-वे चैनेज 325 किमी के आसपास से बलिया के लिए निकलेगा। बताया जा रहा है कि पहले लिंक एक्सप्रेस-वे यूपीडा को ही बनाना था लेकिन अब इसे एनएचआईए बनवाएगा। कुल 24.200 किमी लंबी इस सड़क की चौड़ाई 120 मीटर प्रस्तावित है। यह गाजीपुर के हरदिया से बलिया के तीखा गांव (फेफना) से जुड़ेगा। लिंक एक्सप्रेस-वे के सदर क्षेत्र के सुल्तानपुर, कोटवारी, बढ़वलिया, अगवलिया, शाहपुर, मौजा लकड़ा, एकौनी, बंकापुर, हरहरपुर व बसारतपुर समेत 13 गांवों से गुजरने की उम्मीद है।

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BJP विधायक सुरेंद्र सिंह ने बैरिया विधानसभा से अखिलेश यादव को दी चुनाव लड़ने की चुनौती

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बलियाः आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनैतिक संग्राम शुरु हो चुका है। नेताओं के बीच में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। तो वहीं अपनी जीत का दावा कर रहे नेता विपक्षी नेताओं को चुनौती देने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं।

इसी बीच बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अपने विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है। मंगलवार को सुरेंद्र सिंह जिला मुख्यालय पर बीजेपी किसान मोर्चा के द्वारा आयोजित ट्रैक्टर रैली को लेकर प्रेसवार्ता कर रहे थे। तभी उन्होंने यह बयान दिया।

मीडिया से बात करते हुए सुरेंद्र सिंह सपा अध्यक्ष और उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर जमकर बरसे। उन्होंने अखिलेश यादव पर आरोप तो लगाए ही साथ ही उन्होंने अखिलेश को बैरिया सीट से चुनाव लड़ने की चुनौती भी दे डाली। उन्होंने कहा कि यदि वह पूर्व मुख्यमंत्री को एक लाख मतों से पराजित नहीं कर पायेंगे तो चुनावी राजनीति से सन्यास ले लेंगे।

इसी के साथ सुरेंद्र सिंह ने भारतीय किसान यूनियन नेता राकेश टिकैत को भी आड़े हाथों लिया और उन्हें पेशेवर राजनेता करार दिया। उन्होंने कहा कि टिकैत ‘फंडिंग’ की बदौलत ही राजनीति कर रहे हैं। वह सपा और कांग्रेस के कहने पर किसान आंदोलन करा रहे हैं। साथ ही कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिया है तो फिर आंदोलन जारी रखने का क्या औचित्य है।

भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने राकैत टिकैत और सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर ‘बेईमान’ होने का आरोप लगाया और कहा कि यह दोनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी के सामने नहीं टिक पायेंगे। उन्होंने कहा कि मोदी ने संसार को अपना परिवार माना है जबकि अखिलेश यादव के लिए उनका परिवार ही संसार है। परिवार को ही संसार मानने वाला ‘बेईमान’ होता है। वहीं भाजपा विधायक के इन बयानों के बाद सियासी पारा चढ़ता हुआ नजर आ रहा है।

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बलियाः अनियंत्रित ट्रक ने बुजुर्ग को मारी टक्कर, गंभीर हालत में उपचार जारी

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बलियाः एनएच-31 पर एक हादसा हो गया। जहां अलसुबह एक बुजुर्ग को अनियंत्रित ट्रक ने अपनी चपेट में ले लिया। जिससे बुजुर्ग गंभीर रुप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाया।

बताया जा रहा है कि केहरपुर निवासी 65 वर्षीय रमाकांत ओझा किसी काम से रामगढ़ बाजार गए थे। तभी यह हादसा हुआ। ओझा अपना काम कर घर वापस आ रहे थे। तभी हल्दी थाना क्षेत्र के रामगढ़ में स्थित स्टेट बैंक के समीप ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। दुर्घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। वहीं बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज जारी है।

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बलिया में कितने फीसदी लोग हैं गरीब, नीति आयोग ने बता दिया

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भारत सरकार के नीति आयोग ने देशभर के राज्यों और जिलों का बहुआयामी गरीबी सूचकांक यानी एमपीआई जारी किया है। नीति आयोग के इस बहुआयामी गरीबी सूचकांक में बलिया जिले के लोगों की गरीबी का आंकड़ा भी बताया गया है। एमपीआई के मुताबिक बलिया में तेरह लाख पैंतीस हजार नौ सौ साठ (1335960) लोग गरीब हैं। बलिया की कुल आबादी लगभग 36 लाख है।

नीति आयोग के रिपोर्ट के अनुसार बलिया की कुल आबादी के 37.11 प्रतिशत लोग गरीब हैं। आयोग ने सभी जिलों के ग्रामीण और शहरी इलाकों में भी गरीबी के आंकड़े जारी किए हैं। बलिया के ग्रामीण इलाकों में गरीबी शहरी क्षेत्रों से ज्यादा है। हालांकि ये अंतर बहुत अधिक नहीं है। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में 37.73 फीसदी लोग गरीब हैं। तो वहीं शहरी आबादी के 31.60 फीसदी लोग गरीब हैं। आंकड़े बताते हैं कि बलिया के शहरी और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच बहुत ज्यादा अंतर नहीं है।

उत्तर प्रदेश गरीबी के मामले में बलिया 37वें स्थान पर है। जबकि पड़ोसी आजमगढ़ और मऊ क्रमशः 50वें और 51 वें पायदान पर हैं। यानी कि आजमगढ़ और मऊ के मुकाबले बलिया में गरीबी ज्यादा है। हालांकि शहरी इलाकों में गरीबी के मामले में मऊ अन्य दो जिलों से भी आगे है।

गौरतलब है कि गत शुक्रवार यानी 27 नवंबर को नीति आयोग ने एमपीआई जारी की थी। नीति आयोग ने देशभर के राज्यों और जिलों में वर्ष 2015-16 के बेसलाइन सर्वे पर बहुआयामी गरीबी सूचकांक तैयार की है। इस सूचकांक में लोगों के स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर को पैमाना बनाया गया है। इसमें पोषण, बाल किशोर मृत्यु दर, प्रसव पूर्व देखभाल, स्कूली शिक्षा, खाना पकाने के ईंधन, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, आवास, संपत्ति और बैंक खाते की संख्या को भी आधार बनाया गया है।

सूचकांक में सभी मानकों की स्थिति को अलग-अलग बताया गया है। बलिया में पोषण 40.90 प्रतिशत है। बाल और किशोर मृत्यु दर 5.92 फीसदी। प्रसव पूर्व देखभाल 41 फीसदी। स्कूली शिक्षा 11.86 प्रतिशत। स्कूल में उपस्थिति 8.47 फीसदी। खाना पकाने के ईंधन में 81.61 प्रतिशत। स्वच्छता में 76.73 फीसदी। बैंक खाते बलिया में 3.60 प्रतिशत हैं।

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