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बलिया की हवा में घुला जहर, खतरनाक स्तर पर पहुंचा AQI, बढ़े सांस रोगी

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उत्तरप्रदेश में दीपावली का जश्न लोगों ने धूमधाम से मनाया, खूब आतिशबाजी की, जमकर पटाखे फोड़े। इसके बाद से कई जिलों में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है। बलिया में भी प्रदूषण बेहद खराब स्थिति में रहा। गुरुवार को जिले में एयर क्वालिटी इंडेक्स 225 था, जो सेहत के लिए ठीक नहीं है।

हवा में प्रदूषण खटारा वाहनों के कारण भी बढ़ गया है। एयर क्वालिटी इंडेक्स में जिले की हवा में पीएम 2.5 की मात्रा 211 माइक्रो ग्राम प्रतिघन मीटर है। दीपावली से पहले यह 126 माइक्रो ग्राम प्रतिघन मीटर था। 25 अक्टूबर की दोपहर को 180, शाम को 191 दर्ज किया गया। जबकि बुधवार की सुबह 195 और 207 तक रहा।

पीएम 10 की मात्रा 225, सल्फर डाइआक्साइड 43, नाइट्रोजन डाइआक्साइड 10 दिखाई पड़ा। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रैंकिंग के हिसाब से यह स्तर हवा की खराब गुणवत्ता का है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉक्टर मनोज कुमार ने बताया कि हवा में घुलनशील पीएम 2.5 की मात्रा 60 माइक्रो ग्राम प्रतिघन मीटर रहने पर रोगी बढ़े हैं।

एक्सपर्ट्स की मानें तो एयर क्वालिटी इंडेक्स 0-50 के बीच में हो तो अच्छा है। 51 से 100 के बीच में संतोषजनक स्थिति है, इसमें संवेदनशील लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। 101-200 के बीच में थोड़ा प्रदूषित की स्थिति मानी जाती है। एयर क्वालिटी इंडेक्स 201-300 खराब स्थिति होती है। ऐसे में ह्दय रोग से पीड़ित लोगों को असुविधा हो सकती है। 301 से 400 के बीच में बहुत खराब स्थिति और 401-500 के बीच में होने पर गंभीर आपातकाल कहा जाता है।

बलिया जिला अस्पताल के श्वास रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रमन कुमार झा का कहना है कि पटाखों से निकलने वाले केमिकल से प्रदूषण फैलता है। इससे दमा, एलर्जी, सीओपीडी के मरीजों की दिक्कत बढ़ जाती है। इससे बचने के लिए इम्युनिटी पावर को बढ़ाएं, मास्क लगाएं। सांस लेने में दिक्कत महसूस होने पर चिकित्सक से संपर्क करें।

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MLA उमाशंकर ने विस में उठाया बंद पड़े ओवरहेड टैंकों व जर्जर बिजली तारों का मुद्दा

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बसपा विधायक उमाशंकर सिंह विधानसभा में बलिया से जुड़े मुद्दे उठाते रहते हैं। मंगलवार को विधायक सिंह ने जिले में बंद पड़े ओवरहेड टैंकों, जर्जर विद्युत तारों व डीएपी के अभाव का मुद्दा उठाया।

विधायक ने विधानसभा में अवगत करता हेुए बताया कि खनवर, कुरेजी, अठिलापुरा, सिसवार, हजौली, जाम, शाहमुहम्मदपुर के ओवर हेड टैंक चालू किए जाने के कुछ समय बाद ही बंद हो गए। पिपरा पट्टी बहीरापुर, प्रधानपुर में टैंक तैयार हैं फिर भी चालू नहीं किए जा सके। इसके चलते स्थानीय लोगों को काफी ज्यादा परेशानी हो रही हैं।

इसके साथ ही विधायक ने चिलकहर ब्लॉक में विद्युत आपूर्ति हेतु लगभग 50 वर्ष पुराने लगे 33 व 11 केवीए के जर्जर तारों को तत्काल बदलने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुराने जर्जर तारों से हादसे होने का डर बना रहता है। साथ ही बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होती हैं ऐसे में जल्द से जल्द तारों को बदला जाए ताकि स्थानीय लोगों की परेशानी दूर हो सके।

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बलिया- बिना बताएं ड्यूटी से गायब रहने वाले अधिशासी अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी

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बलिया। बिना सूचना ड्यूटी से गैरहाजिर चल रहे चितबड़ागांव के अधिशासी अधिकारी को अपर कलेक्टर ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अपर कलेक्टर ने जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।

बता दें कि अपर जिलाधिकारी (भू राजस्व एवं प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय) ने 7 दिसंबर को नगर पंचायत चितबड़ागांव के अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार को कहा है कि 4 दिसंबर से बिना सूचना के कार्यालय से आपके लगातार गैरहाजिर रहने के कारण कार्यालय कार्य पूर्णतया ठप पड़ गया है। ऐसे में स्थानीय नागरिक काम से आते हैं लेकिन अधिशासी अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण जनप्रतिनिधियों को कोसते हुए लौट जाते हैं।

गौरतलब है कि अधिशासी अधिकारी बीते दिसंबर से बिना सूचना के अपनी ड्यूटी से गैरहाजिर चल रहे हैं। जिससे नगर पंचायत के लोग काफी ज्यादा परेशान हैं। उनके काम पूरे नहीं हो पा रहे हैं। जनता की परेशानियों को देखते हुए ही अपर कलेक्टर ने उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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बलियाः नीलम की मौत के बाद न पति आया न परिजन, पुलिस को करवाना पड़ा अंतिम संस्कार

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बलियाः जिला कारागार में आत्महत्या का प्रयास करने वाली नीलम साहनी की मौत के बाद पुलिस ने ही उसका अंतिम संस्कार किया। युवती की मौत के बाद उसके परिजनों ने शव लेने के लिए इनकार कर दिया था।

वहीं प्रेमिका की मौत होने के बाद उसके परिजन उसकी लाश लेने से इंकार कर दिए। परिजनों द्वारा लाश न लिए जाने के चलते अंत में पुलिस द्वारा नियमानुसार मृतक का दाह संस्कार कराया गया।

जानकारी के मुताबिक बुधवार की सुबह मुलाकात के लिए पहुंची बांसडीहरोड क्षेत्र के सरया डुमरी गांव निवासी नीलम ने अपने पति सूरज के साथ कोई जहरीला पदार्थ खा लिया था। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

नीलम की मौत के बाद दो दिनों तक पुलिस उसके मायके और ससुरालवालों की खोजबीन करती रही। लेकिन कोई परिजन सामने नहीं आया। पुलिस ने मृतका के मायके में उसके चाचा और पहली ससुराल में भी बात की, लेकिन मृतका से दोनों परिवारों ने अपना पल्ला झाड़ लिया। तीसरे दिन कोतवाली पुलिस ने स्वयं पंचनामा भरकर उसका पोस्टमार्टम कराया और शिवरामपुर गंगा घाट पर उसका अंतिम संस्कार किया।

 

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