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बलिया

दीवानी न्यायालय के लोकप्रिय प्रधान सहायक सेवानिवृत्त, सहकर्मियों ने दी भावभीनी विदाई

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बलिया। जिले में दीवानी न्यायालय में आयोजित एक विदाई समारोह में प्रधान सहायक पंकज प्रकाश उपाध्याय और जिला न्यायाधीश के निजी सचिव प्रमोद कुमार जायसवाल को भावभीनी विदाई दी गई। पंकज प्रकाश उपाध्याय दीवानी न्यायालय के लोकप्रिय कर्मचारी रहे हैं इसलिए उनका विदाई समारोह चर्चा का कारण बना रहा। गाजे-बाजे के साथ आयोजित इस विदाई समारोह में लगभग 2 घंटे तक कचहरी परिसर में सहकर्मियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर आयोजित विदाई समारोह में प्रधान सहायक पंकज उपाध्याय ने कहा, ‘यह दिन सभी कर्मचारियों किस जिंदगी में आता है परंतु अपने कर्म और लोगों के किए गए सहयोग कर्मचारी अपनी पहचान बनाता है हम अपने कनिष्ठ साथियों से यही अपेक्षा करते हैं कि वह पीड़ितों की सहायता कर अपनी अलग पहचान बनाए।’

कौन हैं पंकज प्रकाश उपाध्याय– मूल रूप से मनियर थाना क्षेत्र के चकछितु के निवासी पंकज उपाध्याय की प्रारंभिक शिक्षा अपने गांव के प्राथमिक विद्यालय से हुई।प्रधान सहायक पद से सेवानिवृत्त हुए श्री उपाध्याय ने एक क्लर्क के रूप में 1991 में मुजफ्फरपुर नगर में कार्यभार ग्रहण किया तत्पश्चात उन्होंने जनपद के दीवानी न्यायालय में 1995 में अपना कार्यकाल आरंभ किया। तमाम विभागीय चुनौतियां और जिम्मेदारियों के निर्वहन के बाद आज 30 जून को उन्हें सेवानिवृत्त किया गया। उनके सहकर्मियों का कहना है कि वह जब भी जिस पोस्ट पर रहे बहुत ही जिम्मेदारी के साथ पीड़ितों के साथ खड़े रहे।

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कोरोना संक्रमण के बीच JNCU के दीक्षान्त समारोह पर छात्रों ने लगाया बड़ा आरोप !

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बलिया। देश के साथ ही उत्तरप्रदेश में भी कोरोना संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। रोजाना ढाई लाख से ज्यादा संक्रमित मिल रहे हैं जिसके चलते कई राज्यों में स्कूल-कॉलेज बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। ऐसे में बलिया में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय (JNCU) का दीक्षान्त समारोह 24 जनवरी को होने वाला है। जो अब सवालों के घेरे में हैं, आरोप लगाया जा रहा है कि बढ़ते संक्रमण के बीच छात्रों से रुपये वसूलने के लिए जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय का तृतीय दीक्षान्त समारोह आयोजित किया जा रहा है।

बता दें कि, 24 जनवरी को जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय का तृतीय दीक्षान्त समारोह आयोजित होना है। जो कि कलेक्ट्रेट स्थित गंगा बहुउद्देश्यीय सभागार में होगा। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए स्वर्णपदक प्राप्तकर्ता के अलावा प्रत्येक पाठ्यक्रम के टॉप 10 विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया है। विद्यार्थियों को सूचना देने की जिम्मेदारी संबंधित महाविद्यालयों को दी गयी है।

समारोह के लिए निमंत्रित छात्रों को कहा गया है कि वह 19, 20, 21, 22 जनवरी को दोपहर 12.00 से 4.00 बजे के बीच विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में आकर 350 रुपये कॉशन मनी जमाकर पगड़ी और उत्तरीय ले सकते हैं। जिसके लिए विद्यार्थियों को एक फोटो, आधार कार्ड और अपने अंतिम वर्ष के अंक पत्र की छायाप्रति साथ लाना होगा। ये विद्यार्थी 22 जनवरी को विश्वविद्यालय में होने वाले पूर्वाभ्यास कार्यक्रम में भी भाग लेंगे।

संक्रमण का ग्राफ बढ़ने के बीच दीक्षान्त समारोह कराने और छात्रों से जो कॉशन मनी लेने को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि संकट के समय समारोह कराकर छात्रों की जान को खतरे में डाला जा रहा है और रुपयों की वसूली की जा रही है।

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बलिया

Ballia- चितबड़ागांव नगर पंचायत को 2 साल बाद मिला स्थाई EO, विकासकार्यों में आएगी तेजी !

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बलिया। चितबड़ागांव नगर पंचायत के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। नगर पंचायत को लगभग दो साल बाद एक बाद स्थाई EO मिल गया है। अब चितबड़ागांव के लोगों को अपने कामों के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। पहले लोगों को बलिया के EO दिनेश कुमार विश्वकर्मा के भरोसे रहना पड़ता था। जिससे लोगों को काफी दिक्कत होती थी। और अब नगर पंचायत में अनिल कुमार ईओ बनकर आए हैं। ऐसे में नगर पंचायत का कामकाज अब सुचारू रूप से हो सकेगा।

अनिल कुमार चितबड़ागांव नगर पंचायत से पहले जनपद सिद्धार्थनगर में पोस्टेड थे। अनिल कुमार 2009 बैच के लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित पीसीएस अधिकारी है। जिन्हें सिद्धार्थनगर के बाद अब चितबड़ागांव नगर पंचायत की जिम्मेदारी की गई है। बता दें लगभग दो साल से स्थाई ईओ नहीं होने की वजह से जन्म/मृत्यु सहित अन्य कार्यों के लिए नगर पालिका बलिया के ईओ दिनेश कुमार विश्वकर्मा के कार्यालय का चक्कर चितबड़ागांव के लोगों को लगाना पड़ रहा था।

वहीं चितबड़ागांव नगर पंचायत की जिम्मेदारी मिलने पर नवागत ईओ ने कहा कि उनकी प्राथमिकता नगरपंचायत को पहले आर्थिक रूप से मजबूत करना है। ऐसे में नगर पंचायत में हाउस टैक्स, जल टैक्स वसूली में तेजी लाई जाएगी। ताकि पंचायत आर्थिक तौर पर मजबूत हो और विकासकार्यों में तेजी लाई जा सके। इतना ही नहीं उन्होंने नगर पंचायत को सुविधाओँ से लैस करने की बात भी कही।

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बलियाः कटहल नाले के डाउनस्ट्रीम पर लगेगा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट

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बलिया के सीवरेज नेटवर्क को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए सबसे पहले कटहल नाले पर काम शुरु होगा। उत्तरी छोर पर स्थित कटहल नाले के डाउनस्ट्रीम यानि गंगा के किनारे धरातल पर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा।

पहले कटहल नाले के अप स्ट्रीम पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की योजना थी लेकिन अब उत्तर प्रदेश जल निगम की बनारस नमामि गंगे इकाई ने प्रोजेक्ट की डिजाइन बदल दी है। नए सिरे से डीपीआर बनाया जा रहा है। एसटीपी की क्षमता बढ़ाए जाने को लेकर भी इंजीनियर आंकलन कर रहे हैं।

इस प्रोजेक्ट को कटहल नाले के डाउन स्ट्रीम पर बनाने के पीछे तर्क ये है, इसमें नदी के जैसे वेग है। कितना नाला और कितना तालाब का पानी है, इसका अध्ययन किया जाएगा। गंगा के किनारे जमीन भी चिह्नित की गई है।

बता दें कि शहर में करीब 40 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनना है, इसमें करीब 300 करोड़ रुपये खर्च होंगे। तीन साल पहले छोड़हर गांव में 19 एमएलडी क्षमता के एसटीपी का निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन इसमें भ्रष्टाचार हुआ। करीब सौ करोड़ की परियोजना घपले में फंस गई। इस घोटाले में आधा दर्जन इंजीनियरों को चार्जशीट जारी की गई है।

इसके बाद जल निगम ने तीन महीने पहले एसटीपी का रिवाइज स्टीमेट नेशनल मिशन आफ क्लीन गंगा (एनएमसीजी) को भेजा था, 210 करोड़ के प्रोजेक्ट में कई कमियां निकल गईं। एनएमसीजी ने प्रस्ताव ही लौटा दिया, इसी बीच जल निगम तीन हिस्सों में बंट गया। सीवरेज परियोजना बनारस की इकाई नमामि गंगे को हैंडओवर कर दी गई है। इसके साथ ही बलिया व रसड़ा नगर पालिका के अलावा 10 नगर पंचायतों का सीवरेज नेटवर्फ भी सुधारा जाएगा, जिसके लिए शासन अमृत-2 योजना की शुरुआत करेगा।

अधिशासी अभियंता अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि करीब 30 किलोमीटर सीवरेज लाइन डाली जा चुकी है। मौजूदा परिवेश के हिसाब से शहर के दो डिवीजनों में छह किलोमीटर लाइन और डालनी पड़ेगी। जल निगम के अधिशासी अभियंता आरके बर्मन का कहना है कि हमने परियोजना का अध्ययन किया है। इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि परियोजना को कटहल नाला के डाउन स्ट्रीम पर बनाया जाएगा, तभी प्रोजेक्ट की सार्थकता सिद्ध होगी। नए सिरे से अध्ययन किया जा रहा है।

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