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रामगोविंद चौधरी : जिले में चंद्रशेखर के बाद समाजवाद का चेहरा!

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सजपा छोड़कर सपा में शामिल होने को चंद्रशेखर ने ही कहा था

रामगोविंद चौधरी बलिया के समाजवादी धुरी हैं। चंद्रशेखर से वर्तमान समाजवादियों तक, सब के बीच सामंजस्य के साथ नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी आठवीं बार विधायक हैं। पूर्वांचल की समाजवादी राजनीति में रामगोविंद चौधरी हर दौर में प्रासंगिक रहे। छात्र राजनीति में छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे और अपनी पार्टी की सरकार में शिक्षा मंत्री बने। 68 वर्ष की अवस्था में राम गोविंद चौधरी लखनऊ और अपने क्षेत्र में नियमित आवाजाही करते रहते हैं। बाईपास सर्जरी के बाद कोविड से संक्रमित रहे रामगोविंद चौधरी आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर खासे तैयार हैं। बलिया ख़बर  से एक्सक्लूसिव बातचीत के दौरान वह सरकार बनने को लेकर भी आश्वस्त दिखे। समाजवाद की नई-पुरानी सभी तरह की राजनीति देख चुके रामगोविंद चौधरी से ने विस्तार से बात की है। अपने ऑडिओ इंटरव्यू में श्री चौधरी ने अपने शुरूआती दौर के बारे में विस्तार से बताया।

छात्र राजनीति और छात्रसंघ

रामगोविंद चौधरी छात्र राजनीति में सक्रिय थे। मुरली मनोहर टाउन स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय में 1972-73 में महामंत्री और 1973-74 में छात्रसंघ अध्यक्ष रहे। तब तक किसी पार्टी से जुड़े नहीं रहे। उसी वक्त जेपी के नेतृत्व में छात्र युवा आंदोलन चला, जो संपूर्ण क्रांति के लिए छात्र-युवा संघर्ष समितियों का निर्माण हो रहा था। उससे जुड़े और अगुआई की। अपने सबसे शुरुआती दौर को याद करते हुए श्री चौधरी बताते हैं,’तब जय प्रकाश जी ने मुझे और स्व. गौरी भइया जी को छात्र-युवा संघर्ष समिति का सदस्य बनाया। हमारा रुझान समाजवाद के प्रति वहीं से बढ़ा। इमरजेंसी लगी। हमने तब भी आंदोलन छ: महीने चलाया।

हालांकि हम और गौरी भइया पहले दिन ही गिरफ्तार हो गए। मैं थाने से भाग गया और छ: महीने तक जेल भरो आंदोलन चलवाया। इसी बीच उत्तर प्रदेश छात्र युवा संघर्ष समिति का यह निर्णय हुआ कि अब स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालयों को बंद कराया जाए। इसी आंदोलन में मेरी गिरफ्तारी हुई। इसके बाद 19 महीना जेल में रहा।’

पूर्व मंत्री स्वर्गीय गौरी भैया के साथ राम गोविन्द चौधरी

जिले से उस वक्त रामगोविंद चौधरी के साथ ही सक्रीय सभी नेता गिरफ्तार हो गए थे। श्री चौधरी याद करते हैं, ‘मेरे साथ जिले के गौरी भइया, राजधारी सिंह, वंश बहादुर सिंह, विश्वंभर सिंह, बाबू शिवमंगल सिंह, विजेंद्र मिश्र, हरेराम चौधरी सहित 200 से अधिक लोग गिरफ्तार थे।’

चंद्रशेखर से मिलना

रामगोविंद चौधरी जेल से आखिरी दिन निकले। वह जेल के आखिरी राजनैतिक कैदी बचे थे। वो बताते हैं कि उस दिन चंद्रशेखर का पर्चा दाखिला था। उन्हें जेल से छुड़ाने बहुत से लोग आए और जब जेल से निकलने के बाद भीड़ उन्हें ले जा रही थी तब चंद्रशेखर ने उत्सुक्तापूर्वक जानना चाहा। इसके बाद चंद्रशेखर ने उन्हें बुलवाया और अपने गाड़ी में उन्हें घर ले गए, खाना खिलाया और तहसीली स्कूल की एक सभा में ले गए। इस सभा के बारे में बताते वक्त श्री चौधरी बहुत खुश होकर बताते हैं कि चंद्रशेखर जी ने उन्हें खड़ा कराया और कहा,

‘बताइये, ये सरकार इतनी जालिम है। ये छात्रसंघ के राम गोविंद चौधरी हैं, इन्हें आज छोड़ा गया है जबकि जेल में कोई नहीं है।’

फरवरी 1977 की इस जनसभा के बाद से राम गोविंद चौधरी और उनके साथी चंद्रशेखर के चुनाव प्रचार में लग गए और इमरजेंसी के ठीक बाद चंद्रशेखर यह चुनाव  भारतीय लोक दल की टिकट पर जीते। इसके 6 महीने के बाद उत्तर प्रदेश में विधानसभा के चुनाव हुए। ठाकुर जग्गनाथ सिंह रामगोविंद चौधरी और गौरी भइया को जेपी के पास विधानसभा का टिकट दिलाने ले गए। कहा, ये बढ़िया काम कर रहे, इन्हें टिकट दिया जाए। इसके बाद जेपी ने चंद्रशेखर से कहकर जून 1977 में बलिया के चिलकहर विधानसभा से रामगोविंद चौधरी और कोपाचीट विधानसभा से गौरी भइया को टिकट दिलाया। दोनों चुनाव जीते। इसके बाद लगातार पांच बार 1993 तक रामगोविंद चौधरी चिलकहर विधानसभा से विधायक होते रहे। चंद्रशेखर के प्रिय बने रहे।

मुलायम सिंह से संबंध

राम गोविंद बताते हैं कि मुलायम सिंह से उनके संबंध 1977 से हैं। समाजवादी पार्टी बनने के बाद वह लगातार पार्टी में आने को कहते भी रहते थे। लेकिन हर बार चंद्रशेखर बीच में आ जाते थे। श्री चौधरी बताते हैं,

‘मेरे उनसे बहुत मधुर संबंध रहे। वह लगातार समाजवादी पार्टी में शामिल होने को भी कहते रहे। मैं कहता जब तक चंद्रशेखर जी जीवित हैं, चुनाव हारूं या कुछ भी हो मैं उनको छोड़कर नहीं जाऊंगा। नेता जी ने मुझसे 10-12 बार कहा।’

इसी सब के बीच 1993 से रामगोविंद चौधरी चंद्रशेखर जी की पार्टी सजपा से लगातार हारते रहे। नेता जी लगातार सपा जॉइन करने को कहते रहे। इसी बीच 2002 में रामगोविंद चौधरी सजपा से 2002 में बांसडीह से विधायक बन गए। इधर चंद्रशेखर भी बीमार रहने लगे। रामगोविंद चौधरी पर मुलायम सिंह का भी दबाव था और आगे राजनीति बनाए रखने का भी। श्री चौधरी बताते हैं,

‘चंद्रशेखर जी अस्पताल से घर आए और फिर मुझे बुला कर कहा कि अमर सिंह और मुलायम सिंह सिंह उनसे मिलने आए थे। कहा है कि रामगोविंद चौधरी सपा जॉइन नहीं करते हैं। कहते हैं कि चंद्रशेखर जी जब तक रहेंगे तब नहीं छोड़ूंगा। इसलिए तुम सपा जॉइन कर लो।’

समाजवादी पार्टी जॉइन करने को लेकर श्री चौधरी आगे बताते हैं,

‘मैंने तब भी चंद्रशेखर जी से कहा कि आपके रहते मैं कहीं नहीं जाऊंगा। आपके सानिध्य से एमएलए हो गए, मंत्री हो गए लेकिन वह नहीं माने। इसके छ: महीने के बाद मैंने सपा जॉइन कर ली।’

पहली चुनावी हार

अपनी पहली चुनावी हार को याद करते हुए श्री चौधरी कहते हैं,

‘वो समय उन्माद का था। भाजपा का अपना उपद्रव था। इस सब से पहले भी मुलायम सिंह ने हमसे कहा था कि अब हमारे साथ आ जाओ। जिस राजनीति से तुम जीतते हो वो अब नहीं होगी।‘

इस बात को विस्तार से समझाते हुए रामगोविंद चौधरी बताते हैं कि मुलायम सिंह के कहने का आशय था कि सजपा में ऊंची बिरादरी का वोट मिलता है और राममंदिर प्रकरण के बाद ये वोट भाजपा को मिलेगा। उनका आंकलन सही था। रामगोविंद 1993 का चुनाव हार गए। इस दौर की राजनीति पर भाजपा को कटघरे में करते हुए श्री चौधरी कहते हैं,

‘यहीं से भाजपा ने राजनीति को पटरी से उतार दिया। इससे पहले लोग नेताओं के नियत पर शक नहीं करते थे। बाबरी मस्जिद टूटी, देश में आंदोलन हुआ और देश का माहौल गड़बड़ाया।‘

एक चुनावी सभा में पूर्व मंत्री स्वर्गीय बच्चा पाठक के साथ राम गोविंद चौधरी

रामगोविंद 2002 के बाद बांसडीह से विधायक रहे। यहां का राजनीतिक करियर बच्चा पाठक के सामने रहा। बच्चा पाठक कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे। 1967, 1969, 1971, 1974, 1977, 1980, 1993 और फिर 1996 में कांग्रेस के विधायक रहे। बलिया और बांसडीह से सात बार विधायक रहे बच्चा पाठक रामगोविंद चौधरी के सामने कभी चुनाव नहीं जीत सके। उन्हें याद करते हुए श्री चौधरी कहते हैं,

बच्चा पाठक से मेरे विद्यार्थी जीवन से ही अच्छे संबंध थे। लेकिन एक स्कूल की प्रबंध कमेटी को लेकर हमारा कुछ मामला था। उसमें उनसे थोड़ा हमारा मतभेद हो गया था। मगर इसी चुनाव में 2017 में हमारा कांग्रेस पार्टी से गठबंधन था तो उन्होंने ईमानदारी से हमारे लिए प्रचार किया, वोट मांगा और हम जीते।’

क्षेत्रीय राजनीतिक दलों पर प्रतिक्रिया

रामगोविंद चौधरी अपना 2017 का चुनाव मात्र 1687 वोटों से जीते। इनके खिलाफ केतकी सिंह 49500 वोट पाकर दूसरे स्थान पर थीं। लेकिन रामगोविंद चौधरी के खिलाफ एक प्रत्याशी और था। अरविंद राजभर। उन्हें मिले 40234 वोट। तीसरे नंबर के कैंडिडेट की पार्टी थी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी। सुभासपा का बीते चुनाव में भाजपा  के साथ गठबंधन था। आठ जगह चुनाव लड़े और चार पर जीते। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को कैबिनेट मिला लेकिन कुछ समय के बाद गठबंधन टूट गया। अब ओवैसी की पार्टी  AIMIM और सुभासपा का गठबंधन है। ये सब कुछ इस चुनाव में काफी प्रभाव डाल सकता है। रामगोविंद चौधरी इस सवाल पर रफा-दफा स्टाइल में जवाब देते हैं। श्री चौधरी ने कहा,

हम लोग चंद्रशेखर जी की विचारधारा के लोग हैं। वो किसी भी विरोधी के बारे में कोई टिप्पणी ही नहीं करते थे। मैं भी नहीं कहता हूं। मैं ने कभी किसी भी विरोधी पर मंच या मंच के नीचे भी कोई टिप्पणी नहीं की है। हम अब भी नहीं करेंगे।’

अखिलेश यादव की राजनीति से खासे सहमत हैं नेता प्रतिपक्ष

रामगोविंद चौधरी मानते हैं कि समाजवाद में जातिवाद का कोई स्थान नहीं है। इस सवाल पर कि चंद्रशेखर के बाद मुलायम सिंह के हाथ में की समाजवादी राजनीति का रंग जातिवादी हो गया। श्री मुलायम सिंह के समाजवाद पर श्री चौधरी कहते हैं,

‘समाजवाद में जातिवाद का कोई स्थान नहीं है। चंद्रशेखर जी ने अपने नाम में कभी सिंह नहीं लगाया। मुलायम सिंह भी बहुत पहले से समाजवादी हैं। इस देश में मुलायम सिंह को सौभाग्य है कि वह मुख्यमंत्री बने और पुराने समाजवादीयों के सोच को लागू करने में सफल रहे। और उनसे दो कदम आगे बढ़ कर लागू किया अखिलेश यादव ने। अखिलेश जी समाजवादी पिता के लड़के हैं और पढ़े लिखें हैं।‘

बलिया की राजनीति में बांसडीह से रामगोविंद चौधरी का विधायक होना अब प्रतिष्ठा का भी सवाल नहीं रहा। प्रदेश की राजनीति में हर जरूरी समय में श्री चौधरी विधानसभा के सदस्य रहे हैं। इसके इतर भी रामगोविंद चौधरी का कद समाजवादी पार्टी में शुरु के नेताओं में है। कुल मिलाकर वैचारिक रूप से इतने समृद्ध नेताओं की परिपाटी  के रामगोविंद चौधरी समाजवादी पार्टी में प्रासंगिक हैं, यह सुखद है।

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CBSE 12वीं बोर्ड का रिजल्ट जारी- देखिए बलिया के टॉप 10 स्कूल के टॉपर्स की लिस्ट

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बलिया। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने शुक्रवार को 12वीं बोर्ड का रिजल्ट जारी कर दिया। स्टूडेंट्स ऑफिशियल वेबसाइट cbseresults.nic.in के जरिए अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। इस साल परीक्षा में कुल 99.37 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए। बलिया में भी कई स्कूलों का रिजल्ट शत-प्रतिशत रहा। सेंट जेवियर्स स्कूल में 97.8 हाईएस्ट रहा जबकि सिकंदपुर के कुंज सीनियर सेकंडरी स्कूल 96.6 प्रतिशत हाईएस्ट रहा। बलिया के टॉप 10 स्कूल के टॉपर-
1. सेंट जेवियर्स रोशनी ने दिखाया दम– सीबीएसई ने 12वीं परीक्षा के परिणाम जारी कर दिए हैं।

सेंट जेवियर्स स्कूल के 24 छात्र—छात्राओं ने विभिन्न विषयों में टॉप किया है। जिसमें पीसीएम रोशनी दूबे 97.8 प्रतिशत एक साथ पहले स्थान पर रहीं। कार्मस में श्रृति सिंह ने 97.4 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसी प्रकार पीसीबी में हिमांशु शेखर पांडेय ने 95.8 प्रतिशत अंक हासिल किए। वहीं आर्ट विषय में मुहसन अली 96.2 प्रतिशत बना पाए। सभी छात्रों ने स्कूल का नाम रोशन किया।प्रधानाचार्या शुभ्रा अपूर्वा ने कहा कि कोशिश करने वाले, हार नहीं मानने वाले और मेहनत के साथ पढऩे वालें ही टापर बनते है। उन्होंने सभी सफल छात्रों को अपनी शुभकामनाएं दी।

2. सिकंदपुर में सत्यम और आयुषि बनी सिकंदर- सिकन्दरपुर क्षेत्र स्थित ज्ञान कुंज सीनियर सेकेन्डरी बंशीबाजार स्कूल के छात्रों ने सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में अपना परचम लहराया। गणित वर्ग के सत्यम कुशवाहा ने 95.8 प्रतिशत अंक पाकर तृतीय स्थान रहे, वहीं आयुषि सिंह जीव विज्ञान वर्ग में 96.2 प्रतिशत् अंक पाकर विद्यालय में द्वितीय रही, साथ ही मानविकी वर्ग में अनन्या गौरव 96.6 अंक पाकर प्रथम स्थान रही है। वाणिज्य वर्ग में प्रथम शॉ स्नेहा 95.8 प्रतिशत द्वितीय स्थान अमीषा गिरि 95.2 प्रतिशत, तृतीय श्रेयांशी यादव 93 प्रतिशत् पाकर रही।

जीवविज्ञान वर्ग में आयुषि सिंह 96.2 प्रतिशत द्वितीय स्थान, आर्या विशेंन और डिंपल वर्मा 95.2 प्रतिशत तृतीय निहारिका सिंह 93 प्रतिशत पाकर रहीं। 3. सनबीम स्कूल में अंशू ने मारी बाजी- CBSE 12वीं के परीक्षा में सनबीम स्कूल का रिजल्ट शत-प्रतिशत रहा। स्कूल के छात्र-छात्राओं ने CBSE 12वीं के परीक्षा में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन कर स्कूल का परचम जनपद में लहराया। अंशु यादव PCB 94.8% पाकर प्रथम, और आशुतोष सिंह PCM और जैमिनी मिश्रा 94.6% अंको के साथ द्वितीय स्थान पर रहे, इसी क्रम में रक्षा सिंह आर्ट्स 94.4% पाकर तीसरे स्थान पर रहीं।

इस अवसर पर प्रधानाचार्या सीमा ने समस्त छात्र-छात्राओं को बधाई दी। और स्कूल के टीचर्स ने भी छात्रों को अपनी शुभकामनाएं दी। वहीं छात्रों में भी काफी खुश हुए। 4. ज्ञानपीठिका स्कूल में रहा शानदार रिजल्ट- ज्ञानपीठिका स्कूल जीराबस्ती के छात्र छात्राओं ने भी सीबीएसई 12वीं बोर्ड में अपने शानदार प्रदर्शन दिया। विज्ञान वर्ग में अनिकेत तिवारी और अर्पिता राय ने 95.6 फ़ीसदी अंक पाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। बायो वर्ग में एसके फैज़ीन ने 95.4 फ़ीसदी अंक पाकर द्वितीय स्थान प्राप्त किया और कॉमर्स वर्ग में प्रिया यादव ने 91.2 फ़ीसदी अंक पाकर तीसरा स्थान प्राप्त किया।

इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापकों में अपार उत्साह देखने को मिलाl विद्यालय का रिजल्ट शत प्रतिशत रहा। 5. अंशु बने द होराइजन स्कूल के टॉपर- CBSE 12वीं बोर्ड के रिजल्ट में ‘द होराइजन स्कूल’ में विज्ञान वर्ग में अंशु तिवारी 95.4 % अंक पाकर स्कूल के टॉपर बने। रजत कुमार यादव ने 94.6% अंक पाकर दूसरे स्थान और अंकित यादव 91.6 पाकर तीसरा स्थान पर रहे। कामर्स के मेधावी श्रुति सिंह ने 95.2% अंक हासिल किए। स्कूल के प्रबंधक मनोज कुमार सिंह और प्रधानाचार्य यश सिंह ने बधाई दी और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं अपने रिजल्ट से छात्र भी काफी खुश नजर आए।

6. आरके मिशन में चैतन्य सिंह बने टॉपर- आरके मिशन स्कूल में वाणिज्य संकाय के चैतन्य सिंह 95 प्रतिशत अंक पाकर विद्यालय पर प्रथम स्थान पर रहे। वहीं विज्ञान वर्ग से अंकिता सिंह 94% और संजना यादव 94% अंक पाकर सफल रहे। इसी प्रकार शिक्षा मिश्रा 93.4%, अभिषेक यादव 93.5%, सजल गुप्ता 92% अंक प्राप्त किया। सभी सफल छात्र-छात्राओं को विद्यालय परिवार की तरफ से बधाई दी गई। 7. आदित्य बने दिल्ली पब्लिक स्कूल के टॉपर- सीबीएसई 12वीं में आदित्य सिंह गहलौत 93% अंक पाकर दिल्ली पब्लिक स्कूल में टॉपर बने।

वहीं अर्सलन अहमद 92 प्रतिशत, विनायक राज गुप्त 90.4 अंक पाकर विद्यालय में सफल रहे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को विद्यालय की तरफ से सम्मानित किया गया। स्कूल के टीचर्स से सभी छात्रों को बधाई दी। 8. फ़ीनिक्स इण्टरनेशनल स्कूल की कामना का कमाल- फ़ीनिक्स इण्टरनेशनल स्कूल, निमिया पोखरा, कटरिया के छात्र-छात्राओं नें भी 12वीं में अपने शानदार परिणामों से एक बार फिल लोहा मनवाया। कामना पाण्डेय ने 92 फीसदी अंक पाकर विद्यालय में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया।

वहीं माध्वी तिवारी ने 91 फीसदी अंक पाकर विद्यालय में दूसरा स्थान और 90 प्रतिशत अंक पाकर आरती सिंह ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। सर्वोच्च 10 स्थान वालों बच्चों का प्रतिशत 82 प्रतिशत तक रहा है। वहीं सफल छात्रों को बधाई दी गई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। 9. सेंट जेवियर्स स्कूल पिपरौली बेल्थरा रोड के टॉपर अनुज- सीबीएसई 12वीं बोर्ड के रिजल्ट में सेंट जेवियर्स स्कूल पिपरौली, बिल्थरारोड का परिणाम 98.8 प्रतिशत रहा।गणित वर्ग में 95.2 प्रतिशत अंकों के साथ अनुज मौर्य पहले स्थान पर रहें। 95 प्रतिशत अंकों के साथ सत्येंद्र शुक्ला दूसरे स्थान पर रहे।

जबकि 94.8 प्रतिशत अंकों के साथ नंदिनी दीप सिंह तीसरे स्थान पर रहीं जीव विज्ञान में शहरीश शम्स 93.2 प्रतिशत अंकों के साथ अपने वर्ग में पहले स्थान पर रहें। वहीं छात्रों को स्कूल के टीचर्स और प्रिंसिपल ने बधाई दी। 10. बेल्थरा रोड का न्यू सेंट्रल पब्लिक एकेडमी में नीतीश रहे अव्वल– सीबीएसई 12वीं कक्षा के परिणाम में बेल्थरा रोड स्थित न्यू सेंट्रल पब्लिक एकेडमी का परिणाम शत प्रतिशत रहा जिसमें प्रथम स्थान नीतीश कुमार यादव 94 % , द्वितीय स्थान श्रुति मिश्रा 93% और तृतीय स्थान ज्योति पांडे 90% ने प्राप्त किया। विद्यालय के प्रबंधक सतीश दुबे ने सभी सफल

अभ्यर्थी को अपनी और अपने विद्यालय परिवार की तरफ से उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। ऐसे तैयार किया गया रिजल्ट- 30:30:40 के फॉर्मूले पर बना रिजल्ट, 10वीं-11वीं के फाइनल रिजल्ट का 30% वेटेज 12वीं के प्री-बोर्ड एग्जाम का 40% वेटेज, रिजल्ट जारी होने के बाद कुछ छात्र संतुष्ट हैं तो कुछ अपने रिजल्ट से असंतुष्ट हैं। कोरोना की वजह से एग्जाम न करा कर नई स्कीम से रिजल्ट जारी किया है। इस साल स्टूडेंट्स को डिजीलॉकर के जरिए डिजिटल मार्कशीट दी जाएगी। डिजीलॉकर से मार्कशीट डाउनलोड करने के लिए इसे digilocker.gov.in से डाउनलोड करना होगा।

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सामने आई बलिया पुलिस की दबंगई, वर्दी की मर्यादा भूले इंस्पेक्टर, डॉक्टर से की बदसलूकी

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बलिया। खाकी वर्दी पहन पुलिस अधिकारी जनता की रक्षा की कसमें खाते हैं लेकिन कुछ खाकी पहन इतना मग़रूर हो जाते हैं कि वह खाकी का रौब भोली-भाली जनता पर दिखाने लगते हैं और आम आदमी की हैसियत को अपने पांव के जूती के बराबर समझ बैठते हैं। ऐसा ही मामला बिल्थरारोड़ से सामने आया। जहां सीयर सीएचसी अस्पताल पर उभांव इंस्पेक्टर ने जमकर दबंगई दिखाई। खाकी पहन अपने आप को बहुत बड़ा अधिकारी समझने वाले इंस्पेक्टर जनता पर ही जुल्म ढ़ाने लगे। हर गली-चौराहे पर जनता को नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले इंस्पेक्टर खुद ही नैतिकता भूल गए।यहां बात हो रही है इंस्पेक्टर ज्ञानेश्वर मिश्रा की, जिनके अभद्र व्यवहार के किस्से कई बार सामने आ चुके हैं, अब इसे खाकी का रौब कहेंगे या यूं कहें कि इन्हे यह याद ही नहीं रहता कि यह किस पद पर बैठे हैं। यही वजह है कि इंस्पेक्टर ज्ञानेश्वर मिश्रा खाकी वर्दी पहनने के बाद दंबगई दिखाते हुए  नज़र आ गए।मामला कुछ ऐसा है कि दो सिपाही सीयर सीएसची पर इंस्पेक्टर का फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने पहुंचे। वहां तैनात प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. साजिद हुसैन ने बिना इंस्पेक्टर के आए किसी तरह के फिटनेस सर्टिफिकेट देने से इंकार कर दिया।

इसके बाद इंस्पेक्टर ज्ञानेश्वर मिश्र झल्ला गए। आधे घंटे बाद वह स्वयं सीयर अस्पताल पहुंंचे और वहां पहुंचकर कुछ ऐसा किया कि पूरे ही पुलिस महकमे की नाक कट गई। अस्पताल पहुंचकर ही वह प्रभारी चिकित्साधिकारी से उलझ गए। चिकित्सक साजिद हुसैन को जमकर खरीखोटी सुना दी। इसके बाद डॉक्टर साजिद हुसैन ने कहा कि बिना कोविड 19 जांच किए किसी तरह का फिटनेस दिया जाना संभव नहीं है।

लेकिन इंस्पेक्टर ने बात को समझे बिना ही चिल्लाते हुए कहा कि अब थाने आकर कोविड जांच करना और फिटनेस देना। साथ ही इंस्पेक्टर ने अस्पताल में ही अपने सिपाहियों को सख्त हिदायत दिया कि बिना मेरे इजाजत के अस्पताल पर कोई भी सिपाही नहीं पहुंचेगा और किसी भी स्वास्थ्यकर्मी या अस्पताल के मामले में किसी तरह की मदद नहीं होगी। पूरे घटनाक्रम को देख रहे मरीज, अस्पतालकर्मी और क्षेत्रवासी भी अवाक रह गए और इंस्पेक्टर के ऐसे व्यवहार के लिए योगी सरकार में वर्दी की बेदर्दी की निंदा की।

इसे लेकर अस्पतालकर्मियों और चिकित्सकों में जबरदस्त रोष व्याप्त हो गया। डॉ. लालचंद्र शर्मा ने कहा कि इंस्पेक्टर का चिकित्सकों के प्रति किए गए दुव्र्यवहार की जानकारी डीएम, एसपी और उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। वहीं पुलिसिया दबंगई से आहत प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. साजिद हुसैन ने कहा कि इंस्पेक्टर का चिकित्सक के प्रति व्यवहार निंदनीय है। वहीं इस मामले को लेकर अब माहौल गरमा गया है। उभांव इंस्पेक्टर के व्यवहार से सिर्फ चिकित्सक ही आहत नहीं है। इंस्पेक्टर के दबंगई से सत्तापक्ष और विपक्ष के कई राजनेता भी शिकार हो चुके है। वहीँ किसी और मामले में हिंदू युवा वाहिनी के जिला संगठन मंत्री संजीत कुमार शर्मा ने भी एसपी को लिखित शिकायत भेजकर इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पूर्व विधायक ने ली जानकारी– विधानसभा के पूर्व विधायक गोरख पासवान शुक्रवार की शाम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीयर पहुंचे और उभांव थाने के कोतवाल व स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों के बीच हुई कहासुनी, चेतावनी आदि की पूरी जानकारी की प्रभारी अधीक्षक डाक्टर साजिद से की। पूर्व विधायक ने कहा कि चाहे भारत का कोई नागरिक हो, हर कोई कानून से बंधा हुआ है। यदि चिकित्सक द्वारा कोतवाल को फिटनेस बनवाने के लिए कोरोना टेस्ट कराने की बात कही, तो उनको पालन करना चाहिए था। कहा जो कुछ हुआ उचित नही हुआ।

इंस्पेक्टर बोले हमें सहयोग नहीं मिला–  उभांव थाने के प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेश्वर मिश्र ने अपनी फिटनेस बनवाने हेतु अस्पताल पहुंचने की बात स्वीकारी। कहा कि मैं अपने दो आरक्षियों को फिटनेस बनवाने के लिए भेजा था। लेकिन डाक्टर लालचन्द शर्मा ने बोला था कि सामने देखकर फिटनेस बनेगा। उन्होंने कहा कि मैं अस्पताल पहुंचा तो डाक्टर शर्मा नहीं मिले। कहा कि मैने अस्पताल में कहा कि इतना सहयोग आपसे नहीं मिलेगा ? हम भी आपका सहयोग किया करते है।

हालाँकि इस मामले पर सीओ शिव नारायण वैश ने बताया कि इंस्पेक्टर को तत्काल में फिटनेस सर्टिफिकेट की ज़रूरत थी। उन्होंने सिपाहियों को भेजा था। डॉक्टरों ने इंस्पेक्टर को ही बुला लिया। विलंब से अस्पताल जाने पर चिकित्सक जा चुके थे। उन्होंने फोन से बुलाया तो चिकित्सक ने इनकार कर दिया कि यहां बन नहीं पाएगा। इसी को लेकर कहासुनी हुई थी।

 

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बलिया- पेट्रोल पम्प मैनेजर ने ही रची 8 लाख लूट की साज़िश, एसपी ने किया ख़ुलासा

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बाँसडीह। बाँसडीहथाना क्षेत्र के अन्तर्गत हुई लूट का खुलासा करते हुए पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है साथ ही आरोपियों से लूट के 6 लाख 50 हजार रुपए और असलहे भी जब्त किए हैं। घटना की तफ्तीश में मुख्य साजिशकर्ता पेट्रोल पंप मैनेजर ही निकला।

बता दे कि बीती 23 जुलाई को पेट्रोल पंप मालिक शंभू प्रसाद गुप्ता के मैनेजर संजय कुमार गोंड के द्वारा बैंक में पैसा जमा करने जाते समय कुछ बदमाशों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया था। शंभू प्रसाद का पेट्रोल पंप बलिया मार्ग पर पिंडहरा के गांधी आश्रम के पास है। घटना वाली रात पेट्रोल पंप के मैनेजर संजय गोंड़ दो दिन का कुल जमा कैश 8 लाख 88 हजार रुपए लेकर बैंक में जमा करने बांसडीह जा रहे थे। संजय के अनुसार वह बाइक पर थे और पेट्रोल पंप से करीब 200 मीटर ही आगे बढ़े थे कि अपाचे बाइक सवाल दो बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। हमले में संजय गोंड घायल हो गए थे।

घटना की शिकायत पुलिस तक पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बलिया डॉ0 विपिन ताडा ने घटना स्थल का निरीक्षण कर प्र0नि0 बांसडीह एवं SOG टीम को जांच के लिए निर्देश दिए। इसके बाद टीम गठित की गई। क्षेत्राधिकारी बांसडीह के नेतृत्व में प्र0नि0 बांसडीह के प्रयासों के बाद आखिरकार घटना का खुलासा हुआ। जिसमें सामने आया कि शंभू प्रसाद गुप्ता का मैनेजर ही घटना की साजिशकर्ती है। मैनेजर संजय गोंड़ द्वारा अपने साथी लालकेश्वर यादव, पिन्टू मिश्रा, सोनू गोंड़, धनजी बिन्द, अवधेश यादव के साथ योजना बद्ध तरीके से पैसा जमा करने जाते समय अपने साथियों को पैसे दिए फिर घायल होने और लूट की घटना की झूठा नाटक किया।

जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा और आरोपियों से 6 लाख 50 हजरा रुपए- असलहे बरामद किए। गिरफ्तार किए गए पांच अभियुक्तों में संजय कुमार, लालकेश्वर यादव, पिन्टू मिश्रा, अवधेश यादव और धनजी बिन्द शामिल है। अभियुक्त मैनेजर संजय गोंड़ ने बताया कि वह एसार पेट्रोल पम्प पर पिछेल 4-5 वर्षों से काम कर रहा था, उसने कुछ लोगो से कर्ज ले लिया था जिसे चुकता करने व मकान का कार्य कराने हेतु उसकी नियत खराब हो गयी तथा उसने अपने साथियों के साथ मिलकर योजना बद्ध तरीके से इस झूठी घटना को अंजाम दिया। वहीं इस पूरी घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम की जमकर तारीफ की जा रही है।

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