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सिकंदरपुर विधायक का रिपोर्ट कार्ड, जनता से जानिए कैसा रहा कार्यकाल ?

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सिकंदरपुर डेस्क : विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर बलिया ख़बर की टीम अलग अलग विधानसभा क्षेत्रों में जाकर मौजूदा विधायक के कार्यकाल के बारे में जनता से जान रही है। इसी क्रम में आज हमारी टीम ने सिकंदरपुर जाकर जनता से बातचीत की और वहां मौजूदा विधायक के कार्यकाल के बारे में जानकारी जुटाई। तो चलिए देखते हैं कैसा रहा सिकंदरपुर से भाजपा विधायक संजय यादव का पांच साल का कार्यकाल और इस दौरान उन्होंने क्षेत्र को क्या सौगा

सिकंदरपुर विधानसभा सीट बलिया जिले की महत्वपूर्व विधानसभा सीट है। संजय यादव 2017 में सपा के जियाउद्दीन रिजवी को शिकस्त देकर विधायक बने थे। लेकिन उनके पांच साल के कार्यकाल से जनता खुश नजर नहीं आई। जब बलिया ख़बर ने स्थानीय लोगों ने बातचीत की तो विधायक के कामों को लेकर कुछ लोग खुश दिखे तो अधिकतर लोगों में नाराज़गी दिखी।

सिकंदरपुर निवासी प्रवीण ने बताया कि क्षेत्र में सड़कों की हालत बहुत खराब है। 5 सालों में कुछ काम नहीं हुआ। कुछ सड़के बनी लेकिन वह भी जल्द ही क्षतिग्रस्त हो गई। अगर उनकी क्वालिटी पर ध्यान दिया जाता तो रहवासियों को आवागमन में परेशानी नहीं आती। अब सड़कों पर जगह जगह उड़ती धूल से परेशान हैं। गड्ढों में गिरकर लोग घायल हो जाते हैं लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है।

क्षेत्र के गौतम गुप्ता ने बताया कि विधायक यादव ने अपने कार्यकाल में विकासकार्यों की सौगात दी लेकिन जनता की मूलभूत सुविधाओं की तरफ ही ध्यान नहीं दिया। घर-घर पानी, बिजली की व्यवस्था पहले होनी चाहिए थी। लेकिन अब भी लोग परेशान हैं। कई लोगों को सरकारी योजना का लाभ तक नहीं मिला।

कोरोनाकाल में विधायक का कैसा कार्य रहा, इस सवाल पर क्षेत्रीय महिला आशा ने बताया कि कोरोनाकाल में सबसे ज्यादा मार गरीबों पर पड़ी है लेकिन विधायक का ध्यान हम जैसे गरीबों पर नहीं रहा। न तो अस्पताल में इलाज मिला, ऑक्सीजन के लिए भटकना पड़ा। आज भी अस्पताल में हालात यही हैं। गरीबों को इलाज नहीं मिल पाता।

सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के सवाल पर लोगों की नाराजगी साफ दिखी। लोगों ने बताया कि क्षेत्र में बहुत कम लोगों को ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सका। अभी भी सैंकड़ों लोग हैं जिन्हें पीएम आवास नहीं मिल पाए हैं, राशन तक नहीं मिलता।

संजय यादव से युवा खासतौर पर नाराज नजर आए। इलाके के रवि ने बताया कि कोई नया कॉलेज नहीं खुला है। पढ़ाई को लेकर अच्छे कार्य होना थे जो नहीं हुए। रोजगार की भी कोई व्यवस्था नही हैं। युवा परेशान हैं। जनता से बातचीत में पता चला कि लोग विधायक के कार्यकाल से खुश नहीं है। बहरहाल आने वाले वक्त में सिकंदरपुर की सीट में फिर से कमल खिलेगा या नहीं, ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

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ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के लिए 500 करोड़ रुपये जारी, सर्वे व सीमांकन का काम तकरीबन हुआ पूरा

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बलिया के विकास की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए परिवहन मंत्री ने पहली किश्त जारी कर दी है। पहली किश्त के रुप में 500 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। फिलहाल जमीन अधिग्रहण का काम चल रहा है।

जनपद को अन्य हिस्सों से जोड़ने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के निर्माण को लेकर क्षेत्रीय जनता उत्साहित है। लोग लंबे समय से एक्सप्रेस-वे के निर्माण की बांट जोह रहे हैं। अब पहली किश्त जारी होने के बाद निर्माण का रास्त साफ हो गया है।

बता दें कि गाजीपुर जिले के जंगीपुर से बलिया होते हुए बिहार के रिविलगंज तक करीब 118 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण होना है। एक्सप्रेस निर्माण में 6 हजार करोड़ की लागत आएगी। सीमांकन व अन्य सर्वे का काम तकरीबन पूरा हो गया है।

एक्सप्रेव वे निर्माण के लिए दो तहसीलों सदर व बैरिया के करीब 98 किसानों की भूमि अधिगृहित की जा रही है। किसानों से यूपीडा लगभग 460 हेक्टेयर भूमि लेगा। जमीन का अधिग्रहण भविष्य के हिसाब से 100 मीटर होगी, जिसमें से 60 मीटर पर फोर लेन सड़क बनेगी। यह सड़क सदर तहसील के 82 तथा बैरिया तहसील के 16 गांवों से यह सड़क गुजरेगी।

सूत्रों की मानें तो करीमुद्दीनपुर, चितबड़ागांव से होते हुए यह सड़क शहर के दक्षिण से होते हुए यह फोर लेन सड़क जनाड़ी गांव के पास उत्तर दिशा से बैरिया की तरफ जायेगी। इसके बाद टेंगरहीं गांव के पास एक बार यह रास्ता एनएच 31 को क्रास कर दक्षिण से होते हुए रिविलगंज तक पहुंचेगा। नियमानुसार दो माह में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे की पूरी जमीन का अधिग्रहण कर लेना है।

वहीं सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त के प्रयास से परिवहन मंत्रालय की ओर से कार्यदायी संस्था यूपीडा को पांच सौ करोड़ रुपये की पहल किश्त भी जारी कर दी है। ऐसे में जल्द ही अधिग्रहण का काम पूरा कर निर्माण कार्य शुरु किया जाएगा।

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मंत्री ने बलिया में जलभराव की स्थिति का लिया जायजा, कहा- हल निकालने लखनऊ से आएंगे इंजीनियर!

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बलिया। शहर में जल जमाव व अन्य समस्या को लेकर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने रविवार को शहर के अधिकांश हिस्सों में पैदल भ्रमण कर हल्की बरसात के बाद हालात का जायजा लिया। उन्होंने साफ कहा कि इस बार पिछले वर्षों की भांति जलजमाव से होने वाली समस्या नहीं होने दी जाएगी। अगर जरूरत पड़ी तो लखनऊ से इंजीनियर आएंगे और काफी हद तक समस्याओं का हल निकालेंगे।

नगर विधायक व मंत्री दयाशंकर सिंह शहर में पैदल भ्रमण करके नालियों की सफाई व जलभराव की जमीनी हकीकत से रूबरू हुए । उन्होंने जनता से जमीनी हकीकत जानने का प्रयास किया । साथ ही जल निकासी में अवरोध और नालियों का निरीक्षण स्वयं करके आम लोगो को भरोसा भी दिलाया कि पिछले वर्षों की तरह इस साल जलभराव नही होने दिया जायेगा । मंत्री ने शनिचरी मंदिर से चौक तक पैदल भ्रमण करते हुए और लोगो की परेशानी को सुनते हुए जपलीनगंज दुर्गामंदिर पहुंच कर नालों की साफ सफाई का जायजा लिया। इसके बाद मंत्री ने काजीपुरा में भी भ्रमण कर जल भराव न हो, इसके लिये लोगो से मिले और उनकी परेशानियों को ध्यान से सुना ।

मंत्री ने आश्वासन दिया कि जलभराव से जल्द से जल्द निजात दिलाने का प्रयास करूंगा । भ्रमण के समय काजीपुरा के सभासद शमशाद कुरैसी भी मौजूद रहे । इस बार मंत्री दयाशंकर सिंह जलभराव न हो इसके लिये युद्ध स्तर पर प्रयास रत है। मंत्री ने बातचीत में कहा कि इस बरसात में शहर जलभराव से मुक्त रहे, इसके लिये मै पूरी तरह से प्रयासरत हूं । मुझे नगर के लोगों ने जो भी परेशानियां बतायी है, उसको दूर कराने के लिये सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित करूँगा ।सबसे ज्यादे जलभराव से प्रभावित सिविल लाइन क्षेत्र में मंत्री श्री सिंह के प्रयास से एनसीसी तिराहा से कुंवर सिंह चौराहा विकास भवन होते हुए कटहर नाला तक नाला निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है ।

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बलिया में हादसेः कार की टक्कर से ठेला चालक की मौत, सड़क किनारे पलटी स्कार्पियो

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बलिया के रसड़ा में अलग अलग दुर्घटनाओं में 1 की मौत हो गई, जबकि 2 लोग घायल हैं। दोनों ही मामलों में पुलिस जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक पकवाइनर-सिधागरघाट मार्ग सिलहटा गांव के पास स्कॉर्पियो पुलिस के पास अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे पानी भरे गड्ढे में जा गिरी। हादसे में स्कॉर्पियो सवार मरदह थाना क्षेत्र के सिंगेरा निवासी 35 वर्षीय अंकुर सिंह और 22 वर्षीय चालक छोटे सिंह गंभीर रुप से घायल हो गए।

दोनों घायलों को स्थानीय सीएचसी पहुंचाया गया। जहां उनका प्राथमिक उपचार कराया गया। इसमें अंकुर की हालत गंभीर देखते हुए सदर अस्पताल रेफर कर दिया है। दूसरा हादसा रसड़ा के रसड़ा-मऊ मार्ग पर मोकलपुर गांव के पास रविवार को सुबह करीब सात बजे तेज रफ्तार इनोवा कार की ठेला में पीछे से टक्कर हो गई। हादसे में ठेला लेकर कबाड़ खरीदने जा रहे क्षेत्र के सुलुई गांव निवासी 52 वर्षीय राजन गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई। मौके से इनोवा चालक फरार हो गया।

जानकारी के मुताबिक राजन गुप्ता गांवों में घूमकर ठेले पर कबाड़ खरीदने का धंधा करते थे। सुबह में घर से पकवाइनार गांव की तरफ ठेला लेकर कबाड़ खरीदने के लिए जा रहे थे। तभी यह हादसा हुआ। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।

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