Connect with us

बलिया स्पेशल

पैडमैन का असर: अब बलिया में ग्रामीण महिलाओं की ‘पैडमैन बनीं ग्राम प्रधान

Published

on

ऐसे वक्त में जब देश में पीरियड्स (मासिक धर्म) से जुड़ी भ्रांतियों को खत्म करने के प्रयास जारी हैं, वही बलिया जिले के रतसरकलां की ग्राम प्रधान स्मृति सिंह अनोखी पहल से हर तरफ वाह वाही लुट रही हैं.

गांव की महिलाओं को आसानी से सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने एक ‘सेनेटरी पैड बैंक स्थापित किया है.  उन्होंने फसबुक पेज पर कुछ तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा है ” आज पहली  रतसर कला गांव में “भारत के प्रथम ग्रामिण सेनेटरी पैड बैंक” का निव रखा गया.

किशोरी बालिकाओं व महिलाओं को बेदाग नारी व पैड वुमन कार्यक्रम के तहत, सुरक्षा, स्वच्छता,माहवारी या मासिक धर्म ,साफ सफाई की समस्या व महिलाओं मे झिझक को कम करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम व निशुल्क सेनटरी पैड्स दिया गया। उनके मुताबिक अपने इस बैंक से महिलाओं को सिर्फ दो रुपये में पैड उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही बेहद गरीब महिलाओं के लिए यह पूरी तरह फ्री भी होगा.

उनके दावों के मुताबिक भारत के ग्रामीण क्षेत्र मे ये पहला कार्यक्रम है. उन्होंने कहा अगर पुरूष ( पैड मैन ) एक महिला के लिए ऐसा कर सकता है तो हम महिला (पैड वुमन /गर्ल ) क्यों नहीं कर सकतीं हैं.

महिलाओं के सामने ऐसी बहुत सारी स्वास्थ्य समस्याएं हैं। सुरक्षा और स्वच्छता की स्थिति को सर्वाधिक महत्व दिया गया है. उन्होंने कहा मैं स्वयं एक महिला हूँ और मुझे गर्व है कि मुझे आप सबकी बहन व बेटी होने का सौभाग्य प्राप्त है,मै अपनी बहनों को इस माध्यम से जागरूक कर उन्हें बेहतर निदान का मार्गदर्शन करुं जिससे हमारा परिवार, गांव व समाज भी स्वस्थ,स्वच्छ व सुरक्षित रहे. और मेरी सरकार से भी गुजारिश है की सेनिट्री पैड को टैक्स फ्री करे ताकी माहिलाये 20% की जगह 100%इसका उपयोग कर सके और स्वस्थ रह सके.

जानकारी के लिए बता दें की  पैडमैन’ के निर्देशक आर बल्कि ने  इसकी कहानी अच्छे से पर्दे पर उतारी है. फिल्म में अक्षय कुमार, अरुणाचलम की भूमिका निभा रहे हैं लेकिन उनके किरदार का नाम लक्ष्मी है. ‘पैडमैन’ की कहानी मध्यप्रदेश की पृष्ठभूमि पर आधारित है और इसमें दिखाया गया है कि देश में महज 12% महिलाएं ही पैड का उपयोग करती हैं और जबकि बाकि महिलाएं गंदे कपड़े, पत्ते और राख का इस्तेमाल करती हैं.

 

 

 

 

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

code

featured

बलिया में सैद्धांतिक सहमति से बनेगा मेडिकल कॉलेज, मंत्री जी सैद्धांतिक इलाज़ कैसे होगा?

Published

on

उत्तर प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र चल रहा है. उसी विधानसभा में बलिया से चुनकर जनता ने 7 विधायक चुन कर भेजे हैं. जिनमें 2 विधायक सत्ता पक्ष में बैठते हैं. जबकि 5 विधायक विपक्षी खेमे में बैठते हैं. यानी ये 5 विधायक सरकार से सवाल पूछने की स्थिति में होते हैं. रसड़ा सीट से बहुजन समाज पार्टी के विधायक उमाशंकर सिंह ने आज बलिया में मेडिकल कॉलेज का सवाल विधानसभा में उठाया. जिसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सैद्धांतिक सहमति का राग अलापा. जिसके बाद ज़िले के लोग उक्ताए हुए हैं कि आखिर सैद्धांतिक सहमति जमीन पर व्यवहारिक सहमति का रूप कब लेगी?

उत्तर प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र में सरकार से विपक्ष सवाल पूछ रहा है. कुछ सवाल सरकार टरका रही है तो कुछ के जवाब भी दे रही है. शुरुआती सत्रों में अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर खूब सवाल उठाए. कानून व्यवस्था से लेकर स्वास्थ्य तक पर प्रश्न किए. प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने अंदाज़ में जवाब भी दिया. लेकिन हम यहां उनकी बात नहीं करेंगे. हम उस वक्त की बात करेंगे जब बात बलिया की हुई.

बलिया ज़िले के रसड़ा सीट से विधायक हैं उमाशंकर सिंह. बसपा के नेता हैं. उन्होंने बलिया में मेडिकल कब तक बनेगा, ये सवाल संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना से पूछा. उमाशंकर सिंह ने कहा कि “2019 से ही हम सुनते आ रहे हैं कि बलिया में मेडिकल कॉलेज बनेगा. लेकिन अब तक कुछ हुआ नहीं. संसदीय कार्य मंत्री आज खुले हुए मन से दिख रहे हैं. तो क्यों ना आज एक निर्धारित तिथि बता दें कि कब तक ये मेडिकल कॉलेज बनेगा.” उमाशंकर सिंह सवाल पूछकर बैठे ही थे कि सत्ता पक्ष की ओर से संसदीय कार्य मंत्री और वरिष्ठ विधायक सुरेश खन्ना उठे. उन्होंने कहा कि, “बलिया में मेडिकल कॉलेज को सैद्धांतिक सहमति हम दें चुके हैं. लेकिन वहां जमीन की दिक्कत है. ये बात आप भी (उमाशंकर सिंह की ओर इशारा करते हुए) जानते हैं.”

सुरेश खन्ना ने कहा कि “2020 से ही सरकार की सहमति है. कहा भी गया है कि पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज बनेगा. तो बनेगा ही. लेकिन जमीन की दिक्कत है.” अब दो सवाल है कि आखिर सरकार को ज़िले में जमीन क्यों नहीं मिल रही है? दूसरा सवाल जो ज्यादा जरूरी है कि आखिर सैद्धांतिक सहमति क्या चीज़ होती है? क्या इसका अर्थ ये है कि मेडिकल कॉलेज बनेगा इस नाम पर सरकार समय काटते रहे? क्या ये सहमति इस बात को दिखाने का सलिका है कि सरकार ज़िले के लिए बहुत कुछ कर रही है?

पीपीपी मॉडल की घोषणा और जमीन की खोज:

योगी सरकार के कई संकल्पों में एक ये भी है कि हर ज़िले में मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे. इसे लेकर सरकार की ओर से ऐलान किया गया था कि प्रदेश के 16 ज़िलों में पीपीपी मॉडल के आधार पर मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे. इन 16 ज़िलों में बलिया का भी नाम शुमार है. 20 मार्च, 2022 को दैनिक जागरण में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक लखनऊ से एक टीम आई थी. जो इस काम के लिए जमीन का निरीक्षण कर के गई. लेकिन निरीक्षण के दौरान कोई जमीन तय नहीं हो सकी.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने बड़ा दिल दिखाते हुए ये बयान दिया था कि अगर सरकार मेडिकल कॉलेज बनाना चाहती है और जमीन की दिक्कत है तो वो खुद जमीन उपलब्ध करा देंगे. उन्हीं विधायक उमाशंकर सिंह के सवाल पर सुरेश खन्ना ने विधानसभा में सैद्धांतिक सहमति की बात कह दी.

Continue Reading

बलिया

आज़मगढ़ में होने वाली कबड्डी प्रतियोगिता के लिए बलिया के इस स्कूल से 8 खिलाड़ियों का हुआ चयन

Published

on

बलिया। आज़मगढ़ में आयोजित होने वाली मंडलीय कबड्डी प्रतियोगिता के लिए खेल संघ बलिया के तत्वाधान में अंडर 16 बालिका वर्ग में कबड्डी का जिला स्तरीय चयन ट्रायल का हुआ। वीर लोरिक़ के स्पोर्ट्स स्टेडियम में टीम चयनित की गई। जहां जमुना राम मेमोरियल स्कूल चितबड़ागांव की 8 बालिकाओं का बेहतर प्रदर्शन के आधार पर जिला कबड्डी टीम में चयन हुआ।

इन खिलाड़ियों का चयन- जमुना राम मेमोरियल स्कूल चितबड़ागांव की श्वेता वर्मा, अंशिका सिंह, हंसिका यादव, रिया सिंह, स्नेहा सिंह, संपूर्णित रघुवंशी, रचना कुमारी, कृतिका सिंह का चयन हुआ। चयनित खिलाड़ी 13 सितम्बर 2022 को आज़मगढ़ में आयोजित मंडलीय कबड्डी प्रतियोगिता में जनपद बलिया की तरफ से भाग लेंगी। जिसकी जानकारी जमना राम मेमोरीयल स्कूल के प्रधानाचार्य ने दी।

Continue Reading

बलिया स्पेशल

बलिया में मोटरसाइकिल छूने पर दलित छात्र की पिटाई, टीचर सस्पेंड

Published

on

बलिया। जिले के विद्यालय के ए‍क शिक्षक द्वारा मोटरसाइकिल (Motorcycle) पर हाथ रखने को लेकर एक दलित छात्र की पिटाई के बाद उन्‍हें निलंबित कर दिया गया है. एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह ने बताया कि इस मामले की खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रारंभिक जांच की गई तथा जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है. सिंह ने बताया कि आरोपी शिक्षक कृष्ण मोहन शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इस बीच पुलिस ने शिक्षक के विरुद्ध शनिवार को मामला दर्ज किया और उसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शनिवार को आरोपी शिक्षक को निलंबित कर दिया है.

पुलिस के अनुसार जिले के नगरा थाना क्षेत्र के भीमपुरा नंबर 2 गांव निवासी विवेक नगरा शिक्षा क्षेत्र के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रनऊपुर में कक्षा छह का छात्र है. छात्र विवेक ने शनिवार को संवाददाताओं को बताया कि शुक्रवार को पूर्वान्ह साढ़े दस बजे भोजनावकाश के समय उसका हाथ गलती से विद्यालय के शिक्षक कृष्ण मोहन शर्मा के मोटरसाइकिल पर रख गया .

उसने बताया कि इसके बाद शिक्षक उसे लेकर कथित रूप से विद्यालय के एक कमरे में गए तथा उसका कालर पकड़ कर उसे कमरे में बन्द कर दिया. छात्र ने आरोप लगाया कि उसकी लोहे के पाइप व झाड़ू से पिटाई की गई तथा उसका गर्दन दबाया गया. विवेक ने बताया कि विद्यालय के शिक्षकों व छात्रों ने बीच बचाव कर उसे बचाया . इस घटना की जानकारी होने पर शनिवार को विद्यालय में छात्रों के परिजनों ने हंगामा किया.

नगरा थाना प्रभारी देवेंद्र नाथ दूबे व खंड शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा लोगों को समझाकर हंगामा समाप्त कराया . थाना प्रभारी देवेंद्र नाथ दूबे ने बताया कि दलित छात्र की मां कौशीला की तहरीर पर शिक्षक कृष्ण मोहन शर्मा के विरुद्ध नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!