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अंबिका चौधरी ने मंत्री उपेंद्र तिवारी पर लगाया बड़ा आरोप, कही जेल भेजने की बात!

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विधानसभा चुनाव के दिन जैसे- जैसे नजदीक आ रहे है आरोप प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी ने बलिया के फेफना से विधायक उपेंद्र तिवारी पर जमकर आरोप लगाए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी ने वर्तमान सरकार के मंत्री उपेंद्र तिवारी शराब से लेकर पशुओं तक की तस्करी के आरोप लगा दिए हैं। शनिवार को एक कार्यक्रम में भाषण देते हुए अंबिका चौधरी ने यहां तक कह दिया कि सपा की सरकार आने पर जांच के बाद उपेंद्र तिवारी को जेल भेजा जाएगा।

शनिवार को बलिया में सपा के फेफना इकाई की ओर से बलेजी स्थित अंबेडकर प्रतिमा के पास एक कार्यकर्ता सम्मेलन बुलाया गया था। सम्मेलन का नाम था “संविधान बचाओ लोकतंत्र बचाओ।” सपा के पुराने नेता अंबिका चौधरी इस कार्यक्रम कर रहे थे। अपने भाषण के दौरान अंबिका चौधरी ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर निशाना साधा ही लेकिन फेफना से भाजपा विधायक उपेंद्र तिवारी पर उन्होंने आरोपों की झड़ी लगा दी।

आरोप की शुरूआत हुई शराब की तस्करी से। अंबिका चौधरी ने कहा कि “इस इलाके से जितनी स्मगलिंग हो सकती है सब मंत्री उपेंद्र तिवारी के संरक्षण में हो रही हैं। उत्तर प्रदेश से बिहार जाने वाले सभी शराबों की तस्करी मंत्री उपेंद्र तिवारी के संरक्षण में ही हो रही हैं।” अंबिका चौधरी ने यह भी दावा किया है कि उपेंद्र तिवारी के शह पर बलिया से पशुओं की भी तस्करी हो रही है।

मंत्री उपेंद्र तिवारी पर ये बड़े आरोप लगाते हुए अंबिका चौधरी ने कहा कि “उपेंद्र तिवारी हमेशा कहते थे कि उनकी सरकार आएगी तो हमको जेल भेज देंगे। आज तक हमको जेल तो नहीं भेज पाए। लेकिन उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार आने पर इन सारे मामलों की जांच कराकर उपेंद्र तिवारी को हम जरूर जेल भेज देंगे।”

अपने भाषण में अंबिका चौधरी ने उपेंद्र तिवारी पर धन उगाही का भी आरोप लगाया। यही नहीं उन्होंने इसमें स्थानीय पुलिस को लिप्त बताया। अंबिका चौधरी ने कहा कि “फेफना के किसी भी गांव में पता कर लीजिए उपेंद्र तिवारी के दलाल मौजूद हैं। स्थानीय पुलिस की मदद से इनले दलाल लोगों से धन उगाही करते हैं। ग्राम प्रधानों से भी धन उगाही होती है। जो ग्राम प्रधान इनके इस खेल में शामिल नहीं होता है उस पर जांच बैठा देते हैं। साढ़े चार साल से जांच ही चल रहा है।”

धन उगाही से लेकर शराब और पशुओं की तस्करी तक के आरोप भाजपा मंत्री उपेंद्र तिवारी पर लगाए गए हैं। अब देखना होगा कि उपेंद्र तिवारी सपा नेता अंबिका चौधरी के इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं?

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क्रिप्टो करेंसी के खतरे पर राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने सरकार से बेहद जरूरी सवाल पूछा!

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नई दिल्ली। दुनिया भर में क्रिप्टो करेंसी को लेकर बहस चल रही है। भारत में भी आजकल क्रिप्टो पर खूब चर्चा हो रही है। लोग जमकर इसमें निवेश कर रहे हैं। लेकिन बताया जा रहा है कि क्रिप्टो में निवेश करना लोगों के लिए घाटे का सौदा हो सकता है। इससे बचने की सलाह भी दी जा रही है। इसी बीच मंगलवार यानी आज बलिया जिले से राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने राज्यसभा में इस मुद्दे पर अपनी ही भारतीय जनता पार्टी की सरकार से सवाल पूछा है।

नीरज शेखर ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान प्रश्नकाल में क्रिप्टो करेंसी को लेकर भारत सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से दो सवाल पूछे। नीरज शेखर ने सवाल किया कि “सभी लोग बात कर रहे हैं कि बिल आने वाला है। लेकिन क्रिप्टो करेंसी यानी बिटकॉइन जो शुरू हुआ था एक डॉलर से और आज साठ हजार डॉलर उसका मूल्य है। एक अनुमान लगाया गया है कि भारत में करोड़ों लोगों ने इसमें निवेश किया है। लाखों-करोड़ रुपया इसमें चला गया है। क्या भारत सरकार उन लोगों को बताने की कोशिश कर रही है कि ये अभी सुरक्षित नहीं है? ये ऐसा पैसा लगा रहे हैं जिसमें आगे उनका नुकसान हो सकता है। हमारा वित्त मंत्रालय इस मामले में क्या कर रहा है?”

राज्यसभा में सांसद नीरज शेखर के इस सवाल का जवाब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिया। निर्मला सीतारमण ने कहा कि “हां, बिल आएगी। लेकिन सेबी व आरबीआई के जरिए और एक बार भारत सरकार की ओर से बयान जारी कर यह बताने की कोशिश की गई है कि यह एक रिस्की क्षेत्र है। जो लोग इस ओर जा रहे हैं सचेत रहना चाहिए कि वो क्या कर रहे हैं।” वित्त मंत्री ने बताया कि “यह भी कहा गया है कि ये एक ऐसा क्षेत्र है जो अभी रेगुलेटरी फ्रेम में नहीं है। हमारी ओर से अलर्ट जारी किया जा चुका है कि यह अभी एक हाई रिस्की क्षेत्र है।”

इसके बाद राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने क्रिप्टो करेंसी को लेकर ही एक और सवाल पूछा। नीरज शेखर ने कहा कि “आप कहीं भी इंटरनेट पर कोई वेबसाइट खोलिए तो क्रिप्टो करेंसी के विज्ञापन बहुत आ रहे हैं। हमारे नौजवान साथी इसमें पैसा खूब लगा रहे हैं। तो क्या जब तक बिल आएगा तब तक के लिए इन विज्ञापनों को बंद करने का कोई उपाय हो सकता है?”

इंटरनेट पर क्रिप्टो करेंसी के विज्ञापन पर रोक लगाने के सवाल पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि “विज्ञापन को बंद करने का कोई उपाय अभी तक नहीं है। लेकिन युवाओं को इस बार में सावधान करने का और इसके रिस्क को लेकर ध्यान दिलाने के लिए सरकार के द्वारा कदम उठाया जा रहा है। सेबी और आरबीआई के द्वारा भी जागरुकता के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। मगर अब हम इस कगार पर पहुंच चुके हैं कि इस पर हमारा जल्दी आने वाला है।”

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बलिया के इन तीन नेताओं ने भाजपा में शामिल हो कर सबको चौकाया !

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भाजपा में शामिल होने के बाद छट्ठू राम, अजय कुमार और शैलेंद्र सिंह पप्पू

उत्तर प्रदेश विधानसभा 2022 के चुनाव का रंग अब चढ़ने लगा है। प्रदेश भर से नेताओं के दल बदलने की खबरें आने लगी हैं। मंगलवार को बलिया से भी तीन नेताओं ने अपनी पार्टी में परिवर्तन कर लिया है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस से एक-एक नेता और एक समाजसेवी ने आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है।

बलिया से बसपा से निष्कासित नेता छट्ठू राम ने आज भाजपा की सदस्यता ले ली है। छट्ठू राम ने 2012 में बलिया के बेल्थरा रोड सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उन्हें लगभग 47 हजार वोट भी मिले थे।

बलिया नगर पालिका के अध्यक्ष अजय कुमार भी भाजपा में शामिल हो गए हैं। अजय कुमार जिले में समाजसेवी के रूप में जाने जाते रहे हैं। इस बार के नगर पालिका चुनाव में अजय कुमार निर्दलीय ही मैदान में उतरे थे। चुनाव जीतकर अजय कुमार बलिया नगर पालिका के अध्यक्ष बन गए। अब उन्होंने भाजपा की सदस्यता हासिल कर ली है।

बलिया से भाजपा का रूख करने वाले तीसरे नेता कांग्रेस पार्टी के हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य शैलेंद्र सिंह पप्पू भाजपा में शामिल हो गए हैं। शैलेंद्र सिंह पप्पू उत्तर प्रदेश कांग्रेस संगठन के प्रभारी भी रहे हैं। बलिया के नगर विधानसभा से शैलेंद्र सिंह पप्पू आते हैं।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा अभियान चलाकर दूसरे दलों के नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल करा रही है। राजधानी लखनऊ में आज बलिया के तीन नेताओं समेत कुल आठ नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ली है। इस मौके पर भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में सूबे के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और प्रदेश भाजपा ज्वाइनिंग कमेटी के प्रभारी लक्ष्मीकांत बाजपेई मौजूद रहे।

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कैमरे में कैद हुई अखिलेश यादव और बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त की मुस्कुराती तस्वीर

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संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त और आजमगढ़ सांसद अखिलेश यादव (फोटो साभार: पीटीआई/मानवेंदर वशिष्ट)

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और बलिया से सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब शेयर की जा रही है। इस तस्वीर में बलिया के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त आजमगढ़ के सांसद अखिलेश यादव के कंधे पर हाथ रखे हुए हैं। अखिलेश यादव और वीरेंद्र सिंह मस्त दोनों ही फोटो में हंसते हुए देखे जा सकते हैं।

अखिलेश यादव और वीरेंद्र सिंह मस्त की इस तस्वीर को प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) के फोटो पत्रकार मानवेंदर वशिष्ट ने अपने कैमरे में कैद की है। बीते सोमवार यानी 29 नवंबर को मानवेंदर वशिष्ट ने अपने ट्विटर अकाउंट से इस फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा है कि संसद का शीतकालीन सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ बीजेपी सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त।

बता दें कि सोमवार को संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हुआ है। इस दौरान लगभग सभी सांसद लोकसभा और राज्यसभा में मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे अखिलेश यादव आजमगढ़ से लोकसभा सांसद हैं। तो वहीं वीरेंद्र सिंह मस्त बलिया से लोकसभा के सांसद हैं। शीतकालीन सत्र के पहले दिन दोनों ही सांसद लोकसभा में मौजूद रहे। इसी दौरान संसद भवन परिसर में दोनों की यह हंसती हुई तस्वीर कैमरे में कैद हो गई।

सोमवार का दिन संसद और भारत के किसानों के लिए ऐतिहासिक दिन था। संसद में केंद्र की भाजपा सरकार की ओर से कृषि कानून वापसी बिल पेश किया गया। जिसे बगैर चर्चा के ही पास कर दिया गया। विपक्षी नेताओं ने कृषि कानून वापसी बिल पर चर्चा की मांग की। लेकिन सरकार ने जिस तरह बिना बहस के ही तीन कृषि कानून बनाए थे उसी तरह बिना चर्चा के ही इसे वापस भी ले लिया।

इससे पहले भी वीरेंद्र सिंह मस्त की ऐसी तस्वीरें सामने आती रही हैं। इसी साल मार्च के महीने में संसद भवन के बाहर मुलायम सिंह यादव को सहारा देते नजर आए थे बलिया सांसद। उस फोटो में समाजवादी पार्टी के संरक्षक और मैनपुरी से लोकसभा सांसद मुलायम सिंह यादव को उनकी गाड़ी में चढ़ाने के लिए सहारा देते देखे गए थे। वीरेंद्र सिंह मस्त और मुलायम सिंह यादव की यह तस्वीर पीटीआई के ही फोटो पत्रकार अतुल यादव ने अपने कैमरे में कैद की थी।

वीरेंद्र सिंह मस्त और मुलायम सिंह यादव की तस्वीर (फोटो साभार: पीटीआई/अतुल यादव)

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