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बलिया की स्मृति सिंह बनीं भारत सरकार के अधीन कार्य करने वाली पंचायत परिषद की राष्ट्रीय सचिव

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बलिया डेस्क : रतसरकला ग्राम पंचायत की ग्राम प्रधान स्मृति सिंह को अखिल भारतीय पंचायत परिषद (AIPP) का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है। AIPP भारत सरकार के अधीन कार्य करने वाली स्वायत्तशासी संस्था है, जिसका काम देशभर की पंचायतों को मजबूत करना है।
स्मृति सिंह को AIPP के राष्ट्रीय सचिव पद पर मनोनीत किए जाने की जानकारी संस्था के राष्ट्रीय महासचिव एसएस विजय मिश्रा द्वारा एक पत्र के ज़रिए दी गई है।

स्मृति सिंह को AIPP का राष्ट्रीय सचिव बनाए जाने पर पूर्वांचल के पंचायत प्रतिनिधयों ने ख़ुशी ज़ाहिर की है। अखिल भारतीय पंचायत परिषद 1958 से कार्यरत है। इसका काम देशभर के पंचायतों को मज़बूती प्रदान करना है। इस संस्था के प्रथम अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री बलवंत राय मेहता थे। वहीं भारत रत्न जयप्रकाश नारायण, गुलजारीलाल नन्दा, लाल बहादुर शास्त्री आदि इसके सक्रिय सदस्य रह चुके हैं।

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ऐसी दिग्गज शख्सियतों की सदस्यता वाली संस्था में स्मृति सिंह को बतौर राष्ट्रीय सचिव मनोनीत किया जाना ज़िले के लिए गर्व की बात है। ये वही स्मृति सिंह हैं जिनके हाल ही में दिए गए एक सुझाव पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहमति जताई थी। स्मृति सिंह ने हेल्पलाइनो में क्षेत्रीय भाषाओं में बात करने का सुझाव दिया था।

कौन हैं स्मृति सिंह? स्मृति सिंह गड़वार ब्लॉक के रतसरकला की रहने वाली हैं और यहीं से वह प्रधान भी हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई लखनऊ विश्वविद्यालय से पूरी की है। स्मृति सिंह को ग्राम पंचायत में अपने बेहतर रचनात्मक व सामाजिक कार्यो के लिये जाना जाता है। इसके लिए उन्हें उत्तरप्रदेश का अति प्रतिष्ठित रानी लक्ष्मी बाई वीरता पुरस्कार भी मिल चुका है।

इतना ही नहीं उन्हें अपने बेहतरीन कार्यों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार भी मिल चुका है। इसके साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग सहित अनेकों विश्वविद्यालयों, समाजिक संस्थाओं से भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।
स्मृति सिंह के परिवार की बात करें तो उनके स्वर्गीय पिता अखण्डानन्द सिंह गड़वार ब्लाक के वर्षों ब्लाक प्रमुख तथा बाबा स्व. सहजानंद सिंह डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन बोर्ड के चेयरमैन रह चुके हैं। वहीं उनके पिता के बड़े भाई स्वर्गीय पद्मश्री शारदानंद सिंह भारतीय सेना में मेजर जनरल व गुजरात रिफाइनरी के प्रथम प्रबन्ध निदेशक रह चुके हैं।

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बलिया के साहित्यकारों ने बढ़ाया मान, मिला साहित्य अकादमी भाषा सम्मान

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बलिया के दो साहित्यकारों को संयुक्त अकादमी भाषा सम्मान की घोषणा की गई है। भोजपुरी भाषा में उत्कृष्ट लेखन के लिए साहित्यकार डॉ. अशोक द्विवेदी व अनिल ओझा ‘नीरद’ को संयुक्त रूप से साहित्य अकादमी भाषा सम्मान से नवाजा जाएगा। भोजपुरी में यह सम्मान, हरेराम द्विवेदी, मोती बीए और धरीक्षण मिसिर को पहले मिल चुका है।

साहित्य अकादमी के द्वारा शनिवार को 2020 के अनुवाद पुरस्कारों की घोषणा भी की गई है। इसमें 24 पुस्तकों को साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार 2020 के लिए अनुमोदित किया गया। यह घोषणा साहित्या अकादमी के द्वारा कामायनी सभागार में अकादमी अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर कंबार की अध्यक्षता में कार्यकारी मंडल की बैठक में की गई।

आपको बता दें कि अनिल ओझा ‘नीरद’ रुद्रपुर, गायघाट, बलिया के मूल निवासी हैं। वह फिलहाल पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में रहते हैं। वहीं डॉक्टर अशोक द्विवेदी बलिया शहर के निवासी है। दोनों ने बलिया का मान बढ़ाया है। विश्व भोजपुरी सम्मेलन के अध्यक्ष अजित दुबे ने इस पर कहा कि विगत 8 वर्षों के बाद गैर मान्यता प्राप्त भाषा की श्रेणी में भोजपुरी के साहित्यकारों का सम्मान भोजपुरी भाषा और साहित्य के लिए प्रोत्साहित करने वाला निर्णय है। इसमें सम्मान स्वरूप एक लाख रुपया और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।

24 भाषाओं के लेखक जो हुए पुरस्कृत

मान्यता प्राप्त 24 भाषाओं में पुरुस्कार दिए जाते हैं। जिसमें अपूर्व कुमार शइकीया-असमिया,  अंग्रेजी-अरुंधति सुब्रमण्यम, हिंदी-अनामिका, शंकर-बांग्ला, बोडो-स्व.धरणीधर औवारि, गुजराती-हरीश मीनाश्रू, कन्नड़-एम. वीरप्पा मोइली, कश्मीरी- स्व. हृदय कौल भारती, कोंकणी-आर. एस. भास्कर, मैथिली-कमलकान्त झा, नेपाली-शंकर देव ढकाल, उडिय़ा-यशोधरा मिश्रा, पंजाबी-गुरदेव सिंह रूपाणा, मलयालम-ओमचेरी एन.एन. पिल्लई, मणिपुरी-देवेन सिंह, राजस्थानी-भंवरसिंह सामौर,  संताली-रूपचंद हांसदा, सिंधी-जेठो लालवाणी, तमिल-इमाइयम, तेलगू-निखिलेश्वर,संस्कृत-महेश चन्द्र शर्मा गौतम, और उर्दू-हुसैन-उल-हक को सम्मानित किया गया है।

 

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बलिया में बिजली चोरों पर कार्यवाही, 14 लोगों पर केस दर्ज, 25 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे

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बलिया में बिजली चोरों का आतंक है। अब इनके आतंक को कम करने के लिए बिजली विभाग ने कमर कस ली है। लगातार विभागीय अधिकारियों के द्वारा अवैध रूप से विद्युत उपयोग करने वालों पर कार्यवाही की जा रही है। शनिवार को विद्युत विभाग के अधिकारियों व विजलेंस टीम ने नगर के अस्पताल रोड पर छापामारी कर विद्युत कनेक्शनों की जांच की। इस दौरान कुल 14 लोगों के खिलाफ बिजली चोरी का केस दर्ज करवाया। इसके अलावा 25 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए और बकाया बिल के एवज में साढ़े तीन लाख रुपये की वसूली की।

आपको बता दे कि बिजली चोरी पर रोक लगाने के लिए अब विभाग ने लाइन लॉस वाले फीडरों को चिन्हित किया है। इसके तहत ज़िले के विभिन्न इलाकों के फीडरों की चेकिंग की जा रही है। शनिवार को विशुनीपुर उपकेंद्र के अस्पताल रोड फीडर की जांच पड़ताल के लिए शनिवार को विद्युत विभाग के अवर अभियंता आशुतोष पांडेय के नेतृत्व में विजिलेंस टीम ने अस्पताल रोड स्थित आवासों के कनेक्शनों की जांच की।

इस दौरान कुल 10 लोग चोरी से बिजली का प्रयोग करते मिले जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। चार ऐसे उपभोक्ता मिले जिनकी बिजली बिल बकाया में काटी गई थी लेकिन वह बिजली का प्रयोग कर रहे थे, इनके खिलाफ भी जेई हिमालय चौहान ने विद्युत थाने में मुकदमा दर्ज करवाया। इस कार्यवाही से इलाके में हड़कंप मच गया। बिजली चोरों में अफरा तफरी का माहौल देखा गया। पूरी कार्यवाही के दौरान बिल बकाया होने के कारण 25 उपभोक्तओं की बिजली काटी गई और कुल साढ़े तीन लाख रुपये बकाया बिल के सापेक्ष वसूली भी की गई। वहीं विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता चंद्रेश उपाध्याय ने बताया कि लाइन लॉस वाले फीडरों के कनेक्शन आदि की जांच की जा रही है। यह कार्रवाई लगातार चलेगी।

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डी. फार्मा. की परीक्षा में शाहीन परवीन ने किया बलिया टॉप, शहबान मेमोरियल कॉलेज ने लहराया परचम

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शाहीन परवीन ने डी. फार्मा. की परीक्षा में बलिया जनपद में टॉप किया है।

उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा परिषद ने साल 2021 के मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। इस साल यह परीक्षा कोरोना महामारी की वजह से ऑनलाइन ही हुई थी। डिप्लोमा इन फार्मेसी में शाहीन परवीन ने पूरे बलिया जनपद में टॉप किया है। शाहीन परवीन ने डिप्लोमा इन फार्मेसी के अंतिम वर्ष की परीक्षा 90 फीसदी अंक हासिल किया है। शाहीन परवीन बलिया के नगरा स्थित मु. शहबान मेमोरियल कॉलेज ऑफ फार्मेसी की छात्रा हैं।

उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा परिषद की 2021 के परीक्षा में मु. शहबान मेमोरियल कॉलेज ऑफ फार्मेसी के छात्र छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। इस साल पूरे कॉलेज का रिजल्ट 96 फीसदी रहा है। कॉलेज में सबसे अधिक अंक शाहीन परवीन को मिला है। कॉलेज में दूसरा स्थान हासिल किया है नवाज़ अहमद ने। नवाज़ को 88 फीसदी अंक प्राप्त हुए हैं। संजीदा अतीक़ 86 फीसदी अंकों के साथ तीसरे स्थान पर काबिज हैं। जबकि विनीता रंजन और अभिषेक यादव क्रमशः 82.5 और 80.5 फीसदी अंकों के साथ चौथे और पांचवें स्थान पर हैं।

मु. शहबान मेमोरियल कॉलेज ऑफ फार्मेसी के प्रबंधक मुहम्मद इमरान ने कॉलेज के विद्यार्थियों की इस सफलता पर कहा कि “मैं अपनी संस्था की ओर से शाहीन परवीन को विशेष बधाई देता हूं। साथ ही अन्य परीक्षार्थियों को भी बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। बच्चों के परिवार वालों को भी बधाई।” उन्होंने आगे कहा कि “ऐसा पहली बार हुआ कि परीक्षा ऑनलाइन आयोजित की गई। इसमें इंटरनेट एक बड़ी चिंता थी। परीक्षा के दौरान भी कई बार परीक्षार्थियों को इंटरनेट की दिक्कतों से सामना करना पड़ा। लेकिन अंत में सफलता हासिल हुई।”

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