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बलिया स्पेशल

अब बलिया से चलेगी ‘सुहेलदेव’ और ‘बांद्रा’ एक्सप्रेस, रेलवे बोर्ड ने दी स्वीकृति

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बलिया- गाजीपुर से नयी दिल्ली के लिए चलने वाली सुहेलदेव एक्सप्रेस तथा बांद्रा को जाने वाली ‘बांद्रा एक्सप्रेस’ बहुत जल्द बलिया से चलेगी।

रेलवे बोर्ड की स्वीकृति के बाद डीआरएम स्तर पर इस दिशा में तैयारी तेज हो गयी है। उम्मीद की जा रही है कि एक महीने के अंदर ही दोनों ट्रेनों के बलिया से संचालन की तिथि व समय सारिणी घोषित हो जाएगी।

इनके अलावा छपरा से बलिया होते हुए वाराणसी के लिए एक नयी ईएमयू ट्रेन भी जल्द शुरू होने वाली है। बतौर रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने गाजीपुर से नयी दिल्ली के लिए सुहेलदेव एक्सप्रेस का संचालन शुरू कराया था। ट्रेन को वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरी झंडी दिखायी थी। इस ट्रेन को बलिया तक बढ़ाने की मांग उसी समय से चल रही थी।

बलिया के तत्कालीन सांसद भरत सिंह ने इसके लिए रेल मंत्रालय में पत्राचार भी किया। हालांकि बात नहीं बनी। केन्द्र में दोबारा भाजपा की सरकार बनी और बलिया से वीरेन्द्र सिंह मस्त सांसद चुने गए। पिछले दिनों मस्त ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद यादव से मिलकर सुहेलदेव एक्सप्रेस के साथ ही गाजीपुर से बांद्रा तक जाने वाली ट्रेन को भी बलिया से संचालित कराने की मांग की थी।

सुहेलदेव एक्सप्रेस गाजीपुर से सप्ताह में चार दिन रविवार, सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को चलती है। जबकि बांद्रा गाजीपुर से सप्ताह में दो दिन मंगलवार व रविवार को संचालित होती है। रेल सूत्रों की मानें तो रेलवे बोर्ड ने इसके लिए अपनी सहमति दे दी है।

इसके बाद डीआरएम स्तर पर प्रक्रिया तेज हो गयी है। दो दिन पहले डीआरएम के बलिया दौरे को भी इसी नजरिए से देखा जा रहा है। बलिया से फिलहाल सिर्फ भृगु एक्सप्रेस बलिया से नयी दिल्ली के लिए एकमात्र भृगु एक्सप्रेस का संचालन होता है।

यह ट्रेन बलिया से सप्ताह में एक दिन प्रत्येक रविवार को रवाना होती है। इसके अलावा नयी दिल्ली के लिए सद्भावना व सेनानी एक्सप्रेस बलिया होकर जाती है। भृगु एक्सप्रेस के बाद सुहेलदेव एक्सप्रेस के भी बलिया से संचालित होने पर यहां के लोगों को काफी राहत मिलेगी। इसी प्रकार मुम्बई के लिए भी एकमात्र पवन एक्सप्रेस बलिया होकर जाती है।

बांद्रा एक्सप्रेस के बलिया से संचालित होने पर आम लोगों के साथ ही व्यापारियों को काफी सहुलियत हो जाएगी।वेटिंग रूम में एसी, दूसरा प्रवेश द्वार होगा आकर्षकनयी ट्रेनों के संचालन के साथ ही बलिया रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में भी काम तेजी से हो रहा है। रेल विभाग के अधिकारियों के अनुसार स्टेशन पर बना फर्स्ट क्लास वेटिंग रूम, डॉरमेट्री व रेल कर्मचारियों के लिए बना रनिंग रूम अब पूरी तरह वातानुकूलित हो जाएगा।

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लोकसभा का टिकट मिले या न मिले स्वास्थ्य सेवा की मुहिम लागतार चलती रहेगी- राजेश सिंह दयाल

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दयाल फाउंडेशन Dayal Foundation

बलिया के पूर में शनिवार को  दयाल फाउंडेशन के तरफ से  स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।  यहाँ हजारों की संख्या में लोग इलाज कराने पहुचें थे। यूं तो इस क्षेत्र के लोग स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से परेशान थे, महंगे अस्पतालों की महगी दवाओं ने इस क्षेत्र को और कमजोर कर दिया था, वहीं सलेमपुर एक नेता ने साहस दिखाया और यहाँ के लोगों के जीवन में नई किरण बिखेर दी। उनके मुफ्त स्वास्थ्य कैंपो ने सिर्फ इसी क्षेत्र में डेढ़ लाख से अधिक मरीजों को नया जीवन दिया है। “मेडिसिन मैन” के नाम से प्रसिद्ध राजेश सिंह दयाल ने बलिया और देवरिया में गंभीर बीमारियों का न सिर्फ मुफ्त इलाज करवा बल्कि जनता के चेहरे पर मुस्कान ला दी है।

महीनो से राजेश सिंह दयाल सलेमपुर क्षेत्र में बड़े बड़े स्वस्थ कैम्प का आयोजन करवा रहें हैं। वह भाजपा में बड़े पद पर हैं और इस बार सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ सकतें हैं। उनकी इस पहल को देखते हुए, बलिया और देवरिया के भाजपा नेता और समर्थक भी उनके साथ खड़े हैं। शनिवार को जब बलिया में दयाल फाउंडेशन के डॉक्टर लोगों का मुफ्त इलाज कर रहे थे तब भाजपा के ज़िला अध्यक्ष संजय यादव भी स्थानीय गाँव में  मौजूद थे। इस कैम्प में 1500 मरीजों को मुफ्त स्वास्थ्य जाँच और मुफ्त दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। भाजपा के कार्यकर्ता भी इस कैप में लोगों कि मदद करते दिखे। संजय यादव ने भी सिविर में आए लोगों से बात कि और उनका हाल जाना।

इस कैम्प में लखनऊ से आए विशेषज्ञ डॉक्टरों ने लोगों की स्वास्थ्य जांच की और उन्हें आवश्यक सलाह दी। शिविर में ब्लड टेस्ट, ईसीजी, आंखों की जांच जैसी सुविधाएं भी मुफ्त में उपलब्ध थीं। पुरे क्षेत्र में जगह जगह राजेश सिंह दयाल फाउंडेशन द्वारा ऐसे कई निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते रहें हैं। अब तक ऐसी शिविरों में 1 हजार से अधिक मरीजों का मुफ्त मोतियाबिंद ऑपरेशन भी कराया गया है।

शनिवार के शिविर में बलिया के जिलाध्यक्ष की मौजूदगी ने कही न कही बड़ा सन्देश दिया हैं। दयाल सलेमपुर से भाजपा दावेदारों में सबसे मजबूत चहेरा माने जा रहें हैं। संजय यादव का इस मुफ्त स्वस्थ सिविर में रहना यह बताता है कि 2024 के चुनाव में बलिया और देवरिया के भाजपा कार्यकर्ता भी दयाल के नाम से सहमत हैं और सलेमपुर में राजेश सिंह दयाल के नाम पर बढ़ी घोषणा हो सकती हैं

इस कैम्प के दौरान राजेश सिंह दयाल ने पिछले 30 साल से भाजपा से अपने जुड़ाव को व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सामाजिक कार्य राष्ट्रहित से जुड़े हुए हैं। उन्होंने प्रेरणास्रोत के रूप में पीएम मोदी जी का नाम लिया और इसका श्रेय भारतीय जनता पार्टी को दिया। उन्होंने भाजपा को एक परिवार मानते हुए आपस में प्रेमभाव की भावना व्यक्त की।

2014 में दयाल के बड़े बेटे का निधन हो गया था। इसके बाद से वह सामाजिक कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेने लगे और राजनीति से परे, राजेश दयाल ने अपने निजी दुख को समाज सेवा में बदल दिया और इस क्षेत्र में कई बड़े काम करने लगे। उनका दयाल फाउंडेशन सालों से सलेमपुर के लोगों की मदद कर रहा हैं। टिकट मिलने कि बात पर उन्होंने कहा सेवा का कोई अंत नहीं, चाहे चुनावी टिकट मिले या न मिले। चुनाव को आधार बनाकर समाज सेवा के कार्यों को करने की बात पर दयाल ने स्पष्ट किया कि उनकी समाज सेवा और स्वास्थ्य सेवा की मुहिम निरंतर चलती रहेगी, टिकट मिले या न मिले ।

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अधिकारी बेलगाम ! दफ्तर पर ताला बलिया में धरने पर बैठे पार्षद, काम ठप

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बलिया जिले के चितबड़ागांव नगर पंचायत में सभासदों ने अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार पर 1 करोड़ 60 लाख रुपये का गबन करने का आरोप लगाकर कार्यालय में ताला लगा दिया है। सभासदों का कहना है कि अधिशासी अधिकारी ने आम जनता के करोड़ों रुपये का घोटाला किया है। कार्यालय बंद होने से चितबड़ागांव के लोगों को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, नाम खारिज दाखिल आदि के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अधिशासी अधिकारी यानी ईओ जो सरकारी अधिकारी होता है। नगर पंचायत के कार्यों की जिम्मेदारी इन्ही की होती है। नगर पंचायत के अध्यक्ष और सभासदों के साथ समन्वय बना कर नगर में स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, विकास आदि के क्षेत्रों में सुधार लाना उनका काम होता है । इन सभी कार्यों की जिम्मेदारी अधिशासी अधिकारी यानि ईओ की ही होता है। चितबड़ागांव नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार पर सभासदों ने करोड़ों के गबन के आरोप लगाए हैं।

जो लोग कहते हैं की इस सरकार में अधिकारी बेलगाम होते जा रहें है, उनकी बाते बलिया के चितबड़ागांव में साबित होती दिख रही हैं। इस बार के नगर पंचायत के चुनाव में भाजपा ने पूरी दमदारी से चुनाव लड़ा और नगर पंचायत में पहली बार कमल खिलाने में सफल हो गए। लेकिन भाजपा के अध्यक्ष और भाजपा की सरकार होने के बावजूद उनकी बातों को सरकारी अधिकारी अनसुना कर दे रहें हैं।

सभासदों ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी से जांच कराने की मांग की थी, जिसमें ईओ को दोषी पाया गया था। लेकिन अब तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वे यह भी कहते हैं कि ईओ ने अपने आप को बचाने के लिए अधिकारियों को रिश्वत दी है। खबरों के अनुसार, 29 अगस्त को जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अधिशासी अधिकारी के खिलाफ जांच की मांग की गई थी। जिसके बाद जिलाधिकारी ने त्रिस्तरीय जांच करवाई थी। जांच में सभी आरोप सही पाए गए थे। इसके बाद जिलाधिकारी ने 20 नवंबर को रिपोर्ट शासन को भेज दिया था। लेकिन अभी तक अधिशासी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसी से नाराज होकर सभासदों ने सोमवार को कार्यालय में ताला लगा दिया। सभासदों का कहना है कि अधिशासी अधिकारी ने कम्बल, डस्टबीन, कस्तूरबा गाधी आवासीय विद्यालय का सुन्दरीकरण,आदि में करोड़ों रुपये का घोटाला किया है।

पिछले पांच दिन से इस नगरपंचाय का कार्यालय बंद है और सभासद धरने पर हैं। दफ्तर में ताला बंद कर सरकारी कार्य में बाधा डालना सही नहीं है। लेकिन सभासदों का भी गुस्सा जायज है। जब उनके आरोपों की जांच हो चुकी है और आरोप सही पाए गए हैं, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? यह भी गौर करने की बात है कि अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार पर पहले भी कई आरोप लग चुके हैं। पिछले साल में भी उन पर गबन का आरोप लगा था। उस समय भी जांच में आरोप सही पाए गए थे। लेकिन तब भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार किसी के संरक्षण में हैं? क्या उनके खिलाफ कार्रवाई इसलिए नहीं हो रही है क्योंकि वे किसी ताकतवर नेता के करीबी हैं? या मामला कुछ और है ?

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उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले मंत्री दानिश, बलिया के लिए की ये मांग !

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उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री दानिश आजाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बलिया में अटल आवासीय विध्यालय बनाने का प्रस्ताव रखा है और अब इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। अब जल्दी ही आवासीय विद्यालय बनकर तैयार होगा, जिससे बलिया और आसपास के इलाकों के विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।

राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ बलिया के विकास के प्रति गंभीर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से बलिया में 500 से अधिक क्षमता के छात्र-छात्राओं के अध्ययन के लिए अटल आवासीय विद्यालय का निर्माण कराए जाने के संबंध में संबंधित को निर्देशित करने का निवेदन किया है।

बता दें कि श्रमिकों के बच्चों के लिए अटल आवासीय योजना के तहत निःशुल्क शिक्षा की सुविधा, रहने की सुविधा, खाने की सुविधा, स्वच्छ पेयजल की सुविधा, खेलकूद एवं मनोरंजन से जुड़ी सभी प्रकार की सुविधा, स्कूल ड्रेस एवं बच्चों के पढ़ाई संबंधित सभी प्रकार की सामग्री सुविधा मुहैया कराई जाएगी।

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