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बलिया स्पेशल

बाज़ार के अंग हैं रेहड़ी पटरी वाले उन्हें दिलाएँगे सरकारी योजनाओं का लाभ- बलिया डीएम

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बलिया:  बलिया के पटरी दुकानदारों को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना का लाभ दिलाने के लिए  जिले में गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डीएम ने कहा कि  पटरी व्यवसायी किसी भी कस्बे का आवश्यक अंग होता है। वह अपनी मेहनत के बूते समाज के बहुसंख्य लोगों तक सही दाम पर बुनियादी आवश्यकता की चीजों को उपलब्ध कराता है। इसीलिए भारत सरकार ने उनके सुव्यवस्थित व्यवसाय के लिए तमाम सुविधाएं दी है।

उन्होंने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य यही है कि पथ विक्रेता पीएम स्वनिधि के तहत आसानी से मिलने वाले लोन से व्यापार शुरू कर आर्थिक प्रगति करें। सरकार ने पटरी दुकानदारों के लिए दस हजार का सिक्योरिटी फ्री लोन, डिजिटल लेनदेन पर एक हजार दो सौ तक का कैशबैक, समय से भुगतान पर अगली बार बड़ा लोन व नियमित भुगतान पर सात प्रतिशत ब्याज सब्सिडी की सुविधा दी है। उन्होंने अपील किया कि व्यवस्थित व स्वच्छता का ध्यान रखते हुए व्यापार करें और समाज की जरूरत बनें रहें।

सीडीओ विपिन जैन ने आवाह्न किया कि पीएम स्वनिधि के लोन का समुचित उपयोग कर अपने व अपने परिवार को बेहतर बनाने के साथ एक प्रतिष्ठित व्यापारी की तरह लोन जमा कर अपनी क्रेडिट को कायम रखें। सिटी मजिस्ट्रेट नागेंद्र सिंह, ईओ दिनेश विश्वकर्मा व पीओ डूडा अरविंद पांडेय के विशेष प्रयास से यह आयोजन हुआ।

स्वच्छता सम्बन्धी अपील पर पटरी दुकानदारों ने दिया भरोसा

डीएम श्री शाही ने कहा कि पथ विक्रेताओं से मेरा पुराना नाता रहा है। बनारस नगर आयुक्त के रुप में तैनाती के दौरान पथ विक्रेताओं की देन रही कि महज एक वर्ष में स्वच्छता के क्षेत्र में बनारस की रैंकिंग में आश्चर्यजनक सुधार दिखा। तब वहां हर पटरी दुकानदार लाल व नीली डस्टबिन व दफ़्ती पर स्वच्छता जागरूकता सन्देश लेकर बैठता था। उसी जागरूकता की वजह से वह व्यापक सुधार हुआ। यहां भी आप सबके सहयोग से ऐसा हो सकता है। पटरी दुकानदारों ने सामूहिक रूप से तेज आवाज में आश्वस्त किया कि बलिया में भी हर ठेले पर ऐसा मिलेगा।

डिजिटल भुगतान की दी गई जानकारी

डूडा के परियोजना निदेशक अरविंद पांडेय ने डिजिटल ट्रांजेक्शन, जैसे क्यूआर कोड के जरिए कैसे कोई भुगतान प्राप्त करें, आदि के बारे में विस्तार से बताया। प्रेक्टिकल रुप में एक रुपये का ट्रांजेक्शन करके सबको दिखाया भी गया। कहा, इस डिजिटल युग में यह बहुत ही महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर सभी पटरी दुकानदारों में क्यूआर कोड का वितरण भी हुआ। बैंक से आए प्रतिनिधि ने बैंकों की ओर से कोई दिक्कत नहीं होने देने का भरोसा दिलाया। अभिलेख के रूप में स्ट्रीट वेंडर का प्रमाण पत्र, आधार कार्ड व दो फोटो लेकर ही बैंक जाने को कहा।

सैकड़ों पथ विक्रेताओं का हुआ पंजीकरण, प्रमाण-पत्र का वितरण

कैम्प में पथ विक्रेताओं का पंजीकरण हुआ और नगरपालिका की ओर से जारी प्रमाण-पत्र का वितरण जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही व सीडीओ विपिन जैन ने किया। कार्यक्रम में सिटी मजिस्ट्रेट नागेंद्र सिंह, चेयरमैन अजय कुमार, ईओ दिनेश विश्वकर्मा, पटरी दुकानदार समिति के सचिव विकास पांडेय लाला, उपाध्यक्ष अशोक कुमार व सैकड़ों की संख्या में पटरी दुकानदार मौजूद थे।

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सपा में सेंधमारी की कोशिश में बीजेपी, बलिया के दिग्गज नेता को ऑफर किया बड़ा पद!

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बलियाः उत्तरप्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है लेकिन राजनैतिक गलियारों में गर्माहट बनी हुई है। वजह है आगामी विधानसभा चुनाव। चुनाव आयोग ने जब से विस चुनाव की घोषणा की है, तब से ही अलग अलग राजनैतिक पार्टियों के नेता भूख-प्यास, ठंड सब भूल कर अपनी जीत सुनिश्चित करने को ऐड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। चुनाव को देखते हुए दलबदल की राजनीति भी जोरों पर है। बीजेपी, सपा, बसपा, कांग्रेस सभी दलों में विधायकों के आने-जाने का सिलसिला बना हुआ है।

मौजूदा पार्टी से नाराजगी जताते हुए कई नेता विपक्षी पार्टियों का हाथ थाम रहे हैं। इस दल-बदल के खेल में सबसे ज्यादा नुकसान बीजेपी का हुआ। सत्ताधारी दल के कई विधायकों ने पार्टी को अलविदा कह दिया और समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। अब बीजेपी अपने जख़्मों को भरने की कोशिश कर रही है। बीजेपी की यह कोशिश अन्य पार्टियों में सेंधमारी पर आकर खत्म हो रही है। जी हां, विधायक खोने के गम में पार्टी अब सपा में सेंधमारी कर रही है।

बलिया ख़बर सूत्रों के मुताबिक बलिया के एक दिग्गज नेता को बीजेपी ने बड़ा पद आफर किया है, वहीं इस बात की पुष्टि करने के लिए जब हमने संबंधित नेता से बात करने की कोशिश की तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। हालांकि उनके करीबियों का कहना है की ये एक कोरी अफवाह है। वहीं सूत्र बताते हैं की उक्त नेता ने अभी अपने पत्ते नही खोले हैं, दूसरी तरफ बीजेपी के सूत्रों का कहना है की जिले में जल्द बड़ा बदलाव  देखने को मिलेगा। वैसे अब तो आने वाला समय बताएगा कि बीजेपी अपने मकसद में कामयाब हो पाती है या नहीं।

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पूर्वांचल

Ballia News- गोरखपुर में तैनात बलिया के सिपाही ने किया सुसाइड

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बलिया। गोरखपुर जिले में बलिया के रहने वाले सिपाही आसिफ असलम ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने फांसी लगाकर अपनी जान दी। वह गोरखपुर के रामगढ़ ताल थाने में तैनात थे। आत्महत्या का कारण अब तक पता नहीं चल पाया है। सिपाही का शव कमरे में फंदे से लटका मिला था। घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों को घटना की सूचना भी दी गई। जिसके बाद परिजन गोरखपुर के लिए रवाना हुए।

गोरखपुर के रामगढ़ ताल थाने में तैनात सिपाही आसिफ असलम बलिया के गड़वार थाना क्षेत्र के हजौली गांव के निवासी थे। वह साल 2018 में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। भर्ती के बाद उन्हें रामगढ़ ताल थाने में तैनात किया गया था। और उन्होंने रामगढ़ ताल थाने के सामने सिद्धार्थ नगर मोहल्ले में कमरा किराए पर लिया था। वहीं रविवार की सुबह 10 बजे तक जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसी ने आवाज लगाई। अंदर से कोई जवाब नहीं मिलने पर लोगों ने रोशनदान से देखा तो पंखे में बंधे बेडशीट के सहारे आसिफ का शव लटक रहा था।

घटना की जानकारी मकान मालिक ने डायल 112 के साथ ही रामगढ़ ताल थाने पर दी। सूचना मिलते ही मुकामी पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। और शव को फंदे से उतारने के बाद जिला अस्पताल ले गई। जहां चिकित्सकों ने सिपाही को मृत घोषित कर दिया। तत्काल पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दी। फिलहाल आत्महत्या का कारण पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

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देश

बलिया का फिर बढ़ा मान, कोवैक्सीन रिसर्चर डॉ. संजय राय बने EPC के सदस्य

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बलिया। हमेशा चर्चाओं में रहने वाले बलिया जिले के डॉक्टर संजय राय ने एक और सफलता हासिल की है। कोरोना की वैक्सीन कोवैक्सीन के रिसर्चर और दिल्ली एम्स में सामुदायिक चिकित्सा विभाग के डाक्टर संजय राय को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत उच्चतम नीति निर्धारक और संचालक संस्थान EPC यानि इम्पावर्ड प्रोग्राम कमेटी का सदस्य बनाया गया है। इस समीति में देश के कई नाम भी शामिल हैं। दरअसल स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने एनएचएम के तहत ईपीसी का पुनर्गठन किया गया है।

18 सदस्यीय कमेटी में सचिव स्वास्थ्य और परिवार कल्याण अध्यक्ष हैं। नीति आयोग के सीईओ भी सदस्य हैं। विभिन्न मंत्रालयों के सचिव सदस्य हैं। अपर सचिव और NHM के निदेशक विकास शील ने डॉ. संजय राय को पत्र लिख कर उन्हें समिति का सदस्य बनाए जाने की जानकारी दी। डॉ. संजय राय को उनके समुदायिक स्वास्थ्य में हासिल अनुभव को देखते हुए EPC में जगह दी गई। संजय राय को भारत सरकार की इस महत्वपूर्ण समिति का सदस्य बनाए जाने पर बलिया जिले के लोग काफी खुश हैं।

कोवैक्सीन की उपलब्धि से सुर्खियों में आए- कोरोना जैसी महामारी को मात देने के लिए डॉ. संजय राय और उनकी टीम ने दिन-रात मेहनत कर कोवैक्सीन बनाई। जिसका सफलतपूर्वक ट्रायल हुआ। तीन चरणों में ह्यूमन ट्रायल सफल होने के बाद कोवैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस वैक्सीन को आईसीएमआर और भारत बायोटेक के साथ मिलकर बनाया गया है। इतना ही नहीं 15 से 18 साल के बच्चों पर भी ट्रायल सफल होने के बाद कोवैक्सीन ही लगाई है। जो बलिया निवासी और एम्स में सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रमुख ने अपनी टीम के साथ बनाई।

जिनकी हर तरफ तारीफ हुई। डॉ. संजय का अपने क्षेत्र से गहरा लगाव- डॉ. संजय राय बलिया के सिकंदरपुर कस्बे के निकट लिलकर गांव में पैदा हुए। इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई गांव में ही रहकर की है। बीएचयू से 1981 में चिकित्सा विज्ञान में ग्रेजुएट डॉ. संजय राय ने एमबीबीएस की पढ़ाई कानपुर मेडिकल कॉलेज से और एमडी बीएचयू से किया।

पढ़ाई पूरी करके बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में कुछ दिनों तक अध्यापन करने के बाद डॉ. संजय चंडीगढ़ एम्स होते हुए फिलहाल दिल्ली एम्स में कार्यरत हैं। चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ा नाम बन चुके डॉ. संजय राय अपनी जड़ों से लगातार जुड़े रहते हैं। उनका अपने गांव लिलकर आना-जाना लगा रहता है।

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