Connect with us

बलिया

बलिया के उभांव थाने का किसी आईजी ने पहली बार किया निरीक्षण

Published

on

आजमगढ़ डीआईजी और आईजी अखिलेश कुमार उभांव थाने का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पूरे थाने की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।

ये पहली बार है कि जब 1857 के एतिहासिक उभांव थाने का आईजी स्तर के अधिकारी ने निरीक्षण किया। इस दौरान डीआईजी अखिलेश कुमार ने उभांव थाना में असलहा से लेकर रजिस्टर तक के रखरखाव की व्यवस्था को परखा। साथ ही थाना भवन, बैरक, मालखाना, कार्यालय, सीसी टीएनएस, आवास, माल मुकदमा वाहन का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए।

इस दौरान कहा कि 1857 का थाना है, महत्वपूर्ण रहा होगा। जिसका निरीक्षण कर अच्छा लगा लेकिन इसका भवन पुराना है। नया थाना भवन बना है। जिसके मरम्मत के बाद नए भवन में उभांव थाना शिफ्ट होगा। चारदीवारी भी ठीक होगा और पुलिसिंग दुरुस्त करने के लिए एक पुलिस चैकी बढ़ाई जाएगी।

निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने पुलिसिंग दुरुस्त करने को लेकर क्षेत्रवासियों संग भी वार्ता की और आवश्यक सुझाव भी मांगे। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख आलोक सिंह ने उभांव थाना के मुख्य गेट को शहीद के नाम भव्य बनाने, क्षेत्र में पुलिसिंग दुरुस्त करने के लिए इंस्पेक्टर के लिए अलग से बेहतर वाहन उपलब्ध कराने और टंगुनिया पुलिस चैकी पर आवास निर्माण कराने को जरूरी बताया।

इसके अलावा उभांव थाना परिसर में सीयर ब्लाक द्वारा निर्मित माॅडल शौचालय को डीआईजी अखिेश कुमार ने सराहा। डीआईजी ने माॅडल शौचालय का निरीक्षण किया और उसके निर्माण की गुणवत्ता की प्रशंसा की। इस मौके पर एसपी एस आनंद, एएसपी दुर्गा प्रसाद तिवारी, सीओ मो. फहीम, उभांव इंस्पेक्टर डीके श्रीवास्तव, चैकी इंचार्ज देवेंद्र प्रजापति समेत अनेक पुलिस अधिकारी मौजूद रहें।

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

featured

पुलिस भर्ती पेपर लीक में बलिया का नीरज यादव गिरफ्तार, अभ्यर्थियों को व्हाट्सएप पर भेजे थे जवाब

Published

on

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में पेपर लीक की घटना सामने आने के बाद अब कार्रवाई शुरू हो गई है। सरकार ने भर्ती परीक्षा को रद्द कर दिया है, साथ ही साथ सीएम योगी आदित्यनाथ ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है। इसी बीच पुलिस ने बलिया के नीरज यादव को गिरफ्तार किया है, आरोप है कि नीरज ने भर्ती परीक्षा मामले में अभ्यर्थियों को सवालों के उत्तर व्हाट्सएप पर भेजे थे।

बताया जा रहा है कि मथुरा के रहने वाले एक उपाध्याय ने नीरज को पूरी परीक्षा की उत्तर कुंजी भेजी थी और इसी कुंजी में से उत्तर देख कर नीरज ने अभ्यर्थियों को व्हाट्सएप पर जवाब भेजे थे।
अब पुलिस मथुरा के उस शख्स की तलाश कर रही है, जिसके पास भर्ती परीक्षा की पूरी उत्तर कुंजी मौजूद थी। पुलिस इस बात का भी जवाब ढूंढ रही है कि आखिर परीक्षा की पूरी उत्तर कुंजी उसे शख्स के पास कैसे पहुंची।

जानकारी के मुताबिक, लखनऊ के कृष्णानगर के अलीनगर सुनहरा स्थित सिटी मॉडर्न अकेडमी स्कूल को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया था। 18 फरवरी को आयोजित परीक्षा की दूसरी पाली के दौरान शाम करीब 4:55 बजे कक्ष संख्या-24 के निरीक्षक वंदना कनौजिया और विश्वनाथ सिंह ने परीक्षार्थी सत्य अमन कुमार को पर्ची से नकल कर ओएमआर शीट भरते पकड़ा था। उन्होंने पर्ची बरामद कर ली थी। पुलिस टीम ने सत्य अमन को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में उसने बताया कि नीरज यादव नाम के शख्स ने उत्तरकुंजी व्हाट्सएप पर भेजी थी।

नीरज ने पुलिस को बताया कि मथुरा निवासी उपाध्याय ने उसको उत्तरकुंजी भेजी। व्हाट्सएप चैट से इसकी पुष्टि भी हुई। सूत्रों के मुताबिक उपाध्याय को जानकारी हो गई थी कि सत्य अमन पकड़ा गया है। इसलिए वह दबिश से ठीक पहले वह भाग निकला। वहीं आरोपी नीरज यादव मर्चेंट नेवी में था। वर्तमान में वह नौकरी छोड़ रखी है। सूत्रों के मुताबिक वह परीक्षाओं में सेंधमारी का काम कुछ वक्त से कर रहा है। इसके एवज में मोटी रकम वसूलता है।

अब तक इस जांच में कई अनसुलझे सवाल पैदा हुए हैं। सवाल यह है कि आखिर नीरज यादव का नेटवर्क कहां तक है और उसे कुंजी उपलब्ध करवाने वाले उपाध्याय को उत्तर कुंजी कहां से मिली। आखिर नीरज ने उत्तर कुंजी देने के बदले अमन से कितनी रकम मांगी थी और कितने अन्य लोगों को उत्तर कुंजी दी गई है। ये सभी सवाल अनसुलझे हैं, जिनका जवाब आने वाले वक्त में ही मिल पाएगा।

Continue Reading

बलिया

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती पेपर लीक के खिलाफ छात्रों ने किया प्रर्दशन

Published

on

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती के लिए 17 और 18 फरवरी को आयोजित परीक्षा लगातार विवादों में बनी हुई है। अभ्यर्थी लगातार आरोप लगा रहे हैं कि भर्ती का पेपर आउट हो गया था, इसलिए इस परीक्षा को दोबारा आयोजित कराया जाए। वहीं, दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर पेपर लीक के कई वीडियो और स्क्रीनशॉट वायरल हैं, लेकिन अभी तक सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया है। सरकार की कार्यप्रणाली से आहत होकर छात्र जगह जगह प्रदर्शन कर रहे हैं।

इसी बीच समाजवादी छात्र सभा बलिया के तत्वाधान में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के पेपर लीक के खिलाफ़ राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। छात्र सभा बलिया के जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की भ्रष्ट सरकार पेपर लीक कर गरीब छात्रों को भर्ती करने से वंचित करना चाहती हैं। यह कही न कही सरकार की विफलता और उसके भ्रष्टाचार का जीता जागता उदाहरण है। पूरे प्रदेश में समाजवादी छात्र सभा आज एकजुट होकर छात्रों के साथ हो रही नाइंसाफी के खिलाफ है एवं उनके आवाज़ को बुलंद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

वही प्रदेश सचिव आजाद आलम और राघवेंद्र गोलू ने कहा कि यह छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है, सरकार को जल्द पेपर निरस्त कर पुनः परीक्षा कराया जाना चाहिए। छात्रों ने मांगे पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

ज्ञापन सौपने में छात्र नेता साजीद कमाल, जिला महासचिव अखिलेश यादव, मन्नू कुमार, मुलायम खान, प्रभात मौर्या, पिंटू मौर्या, अजय शुक्ला, दिग्विजय पासवान,अमित उपाध्याय, मुकेश, दीपक गुप्ता व समाजवादी छात्र सभा के सभी साथी मौजूद रहे।

Continue Reading

बलिया

बलिया पुलिस के मनमानीपूर्ण रवैए से परेशान होकर भाजपा नेता ने दी आत्मदाह की चेतावनी

Published

on

बलिया में पुलिस के मनमानीपूर्ण रवैया से परेशान होकर भाजपा नेता ने आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। इस मामले ने सभी को चौंका कर रख दिया है। साथ ही साथ बलिया पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं।

बताया जा रहा है कि प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को समझाइश देकर जाम समाप्त करवाने का प्रयास करने वाले भाजपा नेता पर ही पुलिस ने फर्जी मुकदमा दर्ज कर लिया। इससे आहत होकर भाजपा नेता ने इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर करने की मांग करते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी है।

जानकारी के मुताबिक, मामला गढ़वार थाना क्षेत्र का है, जहां गड़वार निवासी भाजपा नेता और वरिष्ठ समाजसेवी मनु सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि तीन दिन पूर्व गड़वार कस्बा के एक मैरिज हॉल में शव मिला था। इसको लेकर परिजन और ग्रामीण ने थाना चौराहे पर मुख्य मार्ग को जाम कर दिए था।

इसके बाद गढ़वाल इंस्पेक्टर संजय शुक्ला ने मनु सिंह के साथ ग्रामीणों को समझाया और जाम समाप्त करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने धन्यवाद देने की जगह मनु सिंह पर ही केस दर्ज कर दिया। मनु सिंह के साथ अन्य लोगों पर भी फर्जी मुकदमा दायर किया गया है। इसको लेकर मनु सिंह का कहना है कि गलत मुकदमा लिखा जाने के जुर्म में इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर किया जाए, नहीं तो मैं 5 तारीख को थाना चौराहे पर आत्मदाह करूंगा और इसका जिम्मेदार प्रशासन होगा।

इस घटना के बाद सवाल खड़े हो रहे हैं कि भाजपा के राज में अगर भाजपा कार्यकर्ता का ये हाल है तो आखिर आम जनता का क्या हाल होगा।

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!