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सिकंदरपुर

बलिया के सिकंदरपुर में ददर्ना’क हा’दसा, बाइक सवार तीन मजदूरों ने गवाई जान

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सिकन्दरपुर डेस्क : बलिया के सिकन्दरपुर में एक बेहद द’र्द’नाक हाद’सा सामने आया। आज शाम नगरा मार्ग पर डकिंग गंज चट्टी के समीप ट्रक के धक्के से बाइक सवार तीन लोगों की घटनास्थल पर ही मौ’त हो गई जिसके बाद ह’डकं’प मच गया। वहीँ सुचना मिलने पर पहुची पुलिस ने श’व को कब्जे में लेकर पीएम के लिए बलिया भेजा दिया।

शुरुवाती जानकरी के मुताबिक पकड़ी थाना क्षेत्र के घोड़सर गांव निवासी तीन व्यक्ति रमाकांत राजभर 45 वर्ष , किशन देव राजभर 40 वर्ष, रामाश्रय राजभर 36 वर्ष खेजुरी थाना क्षेत्र के भुराडीह गांव से मेहनत मजदूरी का काम करके हीरो हौंडा पैशन मोटरसाइकिल पर सवार होकर

घर वापस जा रहे थे वह जैसे ही डकिंग गंज चट्टी के समीप पहुंचे किक उसी दिशा में जा रहे ट्रक को ओवरटेक करते समय ट्रक से धक्का लग जाने से बाइक समेत ट्रक के नीचे आ गए, जिससे तीनों की घ’टनास्थल पर ही मौ’त हो गई।

जबकि घटना के बाद ट्रक चालक ट्रक समेत वहां से फरार हो गया ।मौके पर जुटे स्थानीय लोगों ने तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकन्दरपुर पहुंचाया तथा इसकी सूचना पुलिस को दी सूचना पाकर अस्पताल पहुंची पुलिस ने, तीनों के श’व को कब्जे में लेकर पो’स्ट’मा’र्टम के लिए बलिया भेज दिया, तथा जरूरी कार्रवाई में जुट गई।

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बलिया

बलिया -12 गांवों पर एक डॉक्टर वो भी नदारद, गरीब मरीज भटकने को मजबूर

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सिकन्दरपुर। प्रधानमंत्री मोदी से लेकर मुख्यमंत्री योगी विकास की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। मगर धरातल पर देखने के बाद मोदी-योगी के सारे दावे धराशायी हो जाते हैं। सीएम योगी लाख कोशिशों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सिस्टम को नहीं सुधार पा रहे। कोरोना महामारी में स्वास्थ्य विभाग की हालत और भी खराब हुई है। सरकार ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने का दावा कर रही है, लेकिन हकीकत दावों से मेल नहीं खा रही। यूं तो गांवों में इलाज की जिम्मेदारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सौंपी गई है, लेकिन यहां डॉक्टर ही नही हैं जो बीमारों को अपनी सेवाएं दे सके।

बलिया के सिकन्दरपुर तहसील क्षेत्र का बघुडी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। इलाके के करीब एक दर्जन गांवों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले इस प्राथमिक केंद्र पर पिछले एक पखवाड़े से कोई चिकित्सक नहीं है। यहां तैनात चिकित्सक अनिल सिंह का स्थानांतरण देवकली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कर दिया। तब यहां किसी को तैनात नही दी गई है। ले देकर एक चिकित्साधिकारी डॉक्टर नीरज के भरोसे यह अस्पताल चल रहा है। बता दें कि उक्त चिकित्साधिकारी को टीकाकरण समेत विभागीय कार्य की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

ज़रा सोचिए एक डॉक्टर विभागीय काम भी देख रहा है तो मरीजों को कौन देखेगा?विभागीय काम देखने के चलते डॉक्टर को आये दिन जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। इसके कारण आम लोगों को वे भी अपनी सेवाएं नही दे पाते हैं। क्षेत्रीय लोगों ने उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तत्काल चिकित्सक की तैनाती करने की मांग की है।

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सिकंदरपुर

Ballia – सिकंदरपुर में बनेगा मुंसिफ न्यायालय, जिला जज ने किया निरीक्षण

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बलिया। जिले के सिकंदरपुर तहसील में लम्बे समय से मुंसिफ न्यायालय खोलने की मांग हो रही थी जो की अब पूरी होती दिख रही है। इसी क्रम में जिला जज हुसेन अहमद अंसारी तथा मुख्य न्यायिक दंण्डाधिकारी सुरेंद्र प्रसाद ने सोमवार को स्थलीय निरीक्षण किया। बताते चलें कि सोमवार की दोपहर उपरोक्त दोनों अधिकारियों ने सिकंदरपुर तहसील प्रांगण में ग्रामीण न्यायालय को शुरू करने के लिए माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के निर्देश पर बन रहे भवन का निरीक्षण किया। उक्त उद्देश्य की पूर्ति के लिए भवन एवं कार्यालय दोनों पूरी तरह से तैयार है।

जिनको देखकर उपरोक्त दोनों अधिकारी संतुष्ट दिखे।लेकिन शौचालय तथा विश्राम कक्ष के निर्माण को और अधिक परिमार्जित करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सिकंदरपुर अभय कुमार सिंह, तहसीलदार राम नारायण वर्मा,एसएचओ सिकंदरपुर राजेश कुमार सिंह उपस्थित रहे। संबंधित प्रकरण में उक्त दोनों न्यायिक अधिकारियों के द्वारा अवगत कराया गया कि वादकारियों के हित में जल्द ही उक्त न्यायालय का गठन तहसील सिकंदरपुर पर कर दिया जाएगा।

बता दें की जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर स्थित सिकंदरपुर तहसील के पास मुंसिफ न्यायालय की स्थापना हो जाने से न केवल आसपास की जनता को छोटे मुकदमों के लिए जिला मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इस न्यायालय के जरिए मारपीट, जमीन से जुड़े मुकदमों की सुनवाई होकर यहीं से निस्तारित किया जाएगा। इस न्यायालय से सिकंदरपुर तहसील के अलावा आसपास की तहसीलों के भी इस तरह के मुकदमों की सुनवाई होगी।

 

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बलिया स्पेशल

SP की कारवाई नहीं आई रास तो नगरा पुलिस ने समाजसेवी के परिवार को बनाया आरोपी, पूर्व IPS ने की जांच की मांग

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बलिया। बलिया में पुलिस और गो तस्करों के बीच का रिश्ता किसी से छुपा नहीं है। जिसकी भनक लगने पर एसपी विपिन ताडा ने एसएचओ समेत सात लोंगो पर कार्रवाई भी की थी। लेकिन ऐसा लगता है कि एसपी की ये कारवाई नगरा पुलिस को रास नहीं आई और उसने समाजसेवी के परिवॉर के तीन लोंगो को गो तस्कर बताते हुए उठा ले गयी। पुलिस और गो तस्करों के बीच के रिश्तों को पिछले दिनों बसारिखपुर में हुए खुलासे ने इनके सांठगांठ को प्रमाणित भी कर दिया।

बता दें की शनिवार की रात नगरा पुलिस ने थाना क्षेत्र के गौरा मदनपुरा निवासी एक समाजसेवी के परिवॉर के तीन लोंगो को गो तस्कर करार देते हुए उठा ले गयी। इसमे एक महिला भी शामिल है। पीडि़त परिवार के एक सदस्य ने बताया कि नगरा पुलिस ने गो तस्करों के साथ मिलीभगत कर शनिवार की रात दो पिकअप लदे बछडों के साथ दरवाजे पर पहुंची और बछड़ो को उतार कर वीडियो बनाना शुरू कर दिया। यह देख जब इसका परिवार के सदस्यों ने विरोध किया तो पुलिस ने एक महिला समेत तीन लोंगों को ज़बरदस्ती गाड़ी में बैठा लिया।

आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने दरवाजे पर बंधी गायों को पिकअप में लाद ली। इस घटना के बाद से क्षेत्र में पुलिस के इस घिनौने कृत्य को लेकर काफी आक्रोश है। लोग इसे बसारिखपुर की घटना की प्रतिक्रिया बता रहे हैं। ज्ञात हो कि पिछले दिनों सिकन्दरपुर थाना क्षेत्र के बसारिखपुर गांव में बड़े पैमाने पर गो तस्करी का मामला उजागर करने में उसी व्यक्ति का अहम रोल था

जिसके परिजनों को पुलिस रात के अंधेरे में गो तस्कर बनाने में जुटी है। इनकी सूचना पर ही एसडीएम सिकन्दरपुर अभय कुमार सिंह और सीओ अशोक मिश्र ने छापेमारी कर बड़ी मात्रा में गो वंशियों को बरामद किया था। जिसके बाद स्थानीय पुलिस की जमकर किरकिरी भी हुई थी। यही नही इस मामले में एसपी विपिन ताडा ने एसएचओ समेत सात लोंगो पर कार्रवाई भी की थी।

क्या था पूरा मामला- सिकंदरपुर  तहसील क्षेत्र के बसारिकपुर गांव से बीते दो जून की भोर में तस्करी के लिए रखे गए करीब 90 गोवंशियों को बरामद किया गया था। मुखबिर की सूचना पर पहुंचे एसडीएम सिकन्दरपुर अभय कुमार सिंह व सीओ अशोक कुमार मिश्र ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर उक्त कार्रवाई को अंजाम दिया था। उक्त सभी गोवंशी बसारिकपुर स्थित एक हाते से बरामद किए गए थे। वहीं मौके का फायदा उठाकर आधा दर्जन तस्कर भागने में सफल हो गए थे। बरामद किए सभी गोवंशियों को जिगिड़सर, हड़सर और नगर पंचायत स्थित गो आश्रय केंद्रों में भेज दिया गया

था। मौके पर पहुंचे एसपी विपिन ताडा ने कार्रवाई से सन्तोष जताया था वहीं इस घन्धे मे लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को आदेशित किया था। यह क्षेत्र की अब तक की सबसे बड़ी घटना मानी जा रही है। सात दर्जन से अधिक पशुओं को एक साथ बरामद होने से इलाके का माहौल आज भी गर्म है। सीओ अशोक कुमार मिश्र ने बताया था कि लॉक डाउन के दौरान क्षेत्र में बड़ी मात्रा में गो तश्करी करने की सूचना मिली थी।

पिछले महीने ही पुलिस अधीक्षक ने गो तस्करी कि शिकायत का हवाला देकर कार्रवाई का आदेश दिया था।इसकी सूचना तत्काल सम्बन्धित एसएचओ को दी गयी लेकिन मामले को किसी ने गम्भीरता से नहीं लिया। मंगलवार की शाम को मुखबिर ने बसारिकपुर हाते में भारी मात्रा में गोवंशी रखे होने की सूचना दी थी। जिन्हें बुधवार को बिहार के रास्ते बंगाल भेजा जाना था। इसकी तत्काल एसडीएम अभय कुमार सिंह को दिया और प्लांनिग के तहत तड़के सुबह छापेमारी कर दी गयी।

इस दौरान हाते से निकले एक पिकअप चालक ने हमारी गाड़ी को धक्का देने का प्रयास किया। लेकिन उसी दौरान एसडीएम सिकन्दरपुर ने आगे से घेराबंदी कर ली। अपने को घिरता देख पिकअप में सवार आधा दर्जन तस्कर गाड़ी से कूद का भाग निकले। वहीं मौके से चार पिकअप व एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई थी।

थानाध्यक्ष सहित सात पुलिसकर्मी हुए थे लाइन हाजिर– बसारिखपुर गांव में एक साथ ९३ गौ पशुओं को पुलिस ने बरामद किया था। उसके बाद एसपी ने पूरे मामले की जांच सीओ को सौंपी थी। जांच पूरी होने के बाद एसपी विपिन टाडा ने थानाध्यक्ष सहित सात पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया था। जिसमें थानाध्यक्ष भी शामिल थे।

पूर्व आईपीएस ने की निष्पक्ष जांच की मांग– पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर व एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर ने ग्राम गौरा मदनपुरा निवासी खडकबहादुर यादव की थाना नगरा द्वारा गोकशी में गिरफ़्तारी की गोपनीय एवं निष्पक्ष जाँच की मांग की है। एसपी बलिया को भेजे अपने पत्र में उन्होंने कहा कि उन्हें दी जानकारी के अनुसार खडकबहादुर यादव ने कुछ ही दिनों पहले एसडीएम सिकंदरपुर अभय कुमार सिंह व सीओ अशोक कुमार मिश्रा को गोसाईपुर दियारा में गोवंश की तस्करी करने तथा गोकसी करने की शिकायत की थी जिसके बाद एसडीएम व सीओ ने इलाकाई पुलिस को बिना

सूचना दिए भारी मात्रा में गाय व बछड़े पकडे थे। इसके बाद एसपी बलिया ने इंस्पेक्टर व दरोगा सहित आधा दर्जन से अधिक पुलिस कर्मचारियों को लाइन हाजिर किया था. इसी बात के प्रतिशोध में खड़ा बहादुर यादव को फंसाया गया है। अमिताभ और नूतन ने कहा कि उन्हें वास्तविकता ज्ञात नहीं है, लेकिन उन्हें बताया गया है कि वास्तव में उनकी मात्र 07 गायें हैं। जिनपर टैग लगा है, शेष बछड़े उनके नहीं हैं। उन्होंने समस्त हालात के मद्देनजऱ मामले की निष्पक्ष एवं गोपनीय जांच की मांग की है।

रिपोर्ट- तिलक कुमार 

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